32.1 C
New Delhi

अखिलेश यादव का हताश भरा ट्वीट, नतीजे आने से पहले ईवीएम हैक होने का किया बहाना।

Date:

Share post:

10 मार्च को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने वाले हैं अभी तक किसी को नहीं पता है कि किसकी सरकार बनेगी और किस को पूर्ण बहुमत मिलेगा और कौन विपक्ष में बैठेगा लेकिन उसके पहले ही कई नेताओं का रोना  शुरू हो गया है ।


वह भी ईवीएम को लेकर जैसा अक्सर हर चुनाव में होता है, हैरानी की बात यह है कि यह ईवीएम का रोना हमेशा चुनावों के नतीजे के बाद होता था।
लेकिन इस बार यह रोना  चुनाव के नतीजे आने के पहले ही हो गया है।


समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करके अपने हर युवा मतदाताओं से अपील की है कि वह मतगणना केंद्र की किलेबंदी कर दें, और ढोल मंजीरा लेकर आजादी के अफसाने गाए।


किसानों की तरह उन्हें भी लोकतंत्र के लंगर लगाने होंगे, दुनिया देखेगी किस तो लोकतंत्र को बचाया जाता है।


उन्होंने एक और ट्वीट में यह लिखा कि वाराणसी में ईवीएम पकड़े जाने का समाचार उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा और चौकन्ना रहना संदेश दे रहा है। मतगणना में धांधली की कोशिश को नाकाम करने के लिए सपा गठबंधन के सभी प्रत्याशी और समर्थक अपने-अपने कैमरों के साथ तैयार रहें।


पहली बात तो यह अखिलेश यादव जी को कैसे पता चला कि वाराणसी में ईवीएम पकड़ी गई है ? और अभी से मतगणना में धांधली हो रही है ?


वह तो चुनाव के पहले हमेशा कहते आए हैं कि सरकार उनकी बनेगी और पूर्ण बहुमत मिलेगा। लेकिन ऐसा क्या होगा कि चुनाव नतीजे आने के पहले उनके सुर बदल गए।
वह अब ईवीएम पर हैक होने का आरोप लगा रहे हैं और यह कह रहे हैं कि मतगणना में धांधली होगी ।


इसका आखिर कारण क्या है? कारण स्पष्ट है कि चुनाव नतीजे आने के पहले एग्जिट पोल के रुझान आए, जिसमें यह बताया गया कि बीजेपी पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने वाली है और सपा पार्टी की इस बार सरकार नहीं बन पाएगी।


इसी डर के कारण से अखिलेश यादव जी का हताश होना बनता है, लेकिन हार के डर से वह अपनी हार का सारा ठीकरा मतगणना और ईवीएम पर फोड़ना चाह रहे हैं।


जो अक्सर इस समय हर पार्टी का व्यक्ति करता है। दरअसल समाजवादी नेता पहले समझ गए हैं कि उनकी सरकार नहीं बनने वाली है और उनको पता है कि सरकार नहीं बनने पर उनके ऊपर क्या क्या कानूनी कार्रवाई होने वाली है।


जो भी उनकी सरकार के कार्यकाल के दौरान गलत काम हुए थे उसका सारा हिसाब खुद योगी आदित्यनाथ जी करेंगे,और पूरी तरह से उनके सारे काले कारनामों को बेनकाब किया जा रहा है ।
उनके सारे गुंडे  अब जिलों के बाहर भाग गए हैं। जिनको उम्मीद थी कि वह इस चुनाव में जीतकर वापस गुंडागर्दी करने आ जाएंगे, अब उनके सपनों पर पानी फिरने लग गया है ।


अखिलेश यादव ने पहले ही अपनी हार को स्वीकार कर लिया है वो बस बताना नहीं चाहते कि मैं चुनाव में हार गया हूं। उनको लगता था कि उन्होने जितने भी समीकरण किए थे, खुद को एक हिंदू नेता साबित करने के और योगी जी को हर तरह से हराने के हथकंडे अपनाए थे, वह सब विफल हो गए हैं।


जो उन्होंने दुष्प्रचार किया था चुनावों के दौरान उसको  जनता  अस्वीकार कर चुकी है ।
अखिलेश यादव जी इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं कि वह कल का चुनाव  हारने वाले हैं, और दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बन सकते ।
अखिलेश यादव अपने इस ट्वीट के माध्यम से अपने कार्यकर्ताओं को माहौल खराब करने के लिए उकसा रहे हैं।


उन्हें पता है कि यदि कल वह चुनाव हार जाते हैं तो उसके बाद जिस तरह पिछले 5 वर्षों में उनके कार्य काल में जो गुंडाराज को खत्म किया जा रहा था योगी आदित्यनाथ जी द्वारा उसके बाद अब नंबर उनका भी आने वाला है।


क्योंकि सपा प्रमुख के कार्यकाल में कई बड़े घोटाले हुए और उनके राज्य में गुंडों की तूती बोलती थी ,लेकिन पिछले 5 वर्षों में जिस तरह से योगी आदित्यनाथ जी ने सत्ता को संभाला है और गुंडों की खुलेआम एनकाउंटर कराए गए हैं,उससे इन गुंडों के अंदर डर बैठ गया था और उनको लगता था कि सपा सरकार के आते ही वो वापस अपने पुराने रंग में लौट आएंगे।


लेकिन ऐसा हुआ नहीं सपा प्रमुख का  यह हताश भरा ट्वीट इस बात को जाहिर करता है कि उनका जो चुनावी समीकरण था ,मुस्लिम – यादव का वह पूरी तरह विफल होता नजर आ रहा है ।

उन्होंने चुनाव के पहले खुद को हिंदू नेता साबित करना चाहा, मंदिरों में जाकर तिलक लगाया, पूजा अर्चना की, बहुत कुछ उन्होंने हथकंडे अपनाए ।


इसको पूरा हिन्दुओं ने अस्वीकार कर दिया है, यूपी की जनता भी जानती है कि अगर उनका शासन आता तो क्या हाल होगा उनका।
  इसलिए अखिलेश यादव जी का  हताशा भरा ट्वीट कर रहे हैं।
वह अपनी हार का सारा ठीकरा ईवीएम पर डालना चाहते हैं

अखिलेश यादव यह स्वीकार ही नहीं करना चाहते कि जनता उन्हें पूरी तरह से नकार चुकी है ।
उनको लगता था कि वह दोबारा मुख्यमंत्री बन जाएंगे और वापस से  यूपी में गुंडाराज लागू कर देंगे।


लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है ,उनको वोट बैंक की फिक्र थी लेकिन जनता को विकास की चिंता थी और जनता ने अपने विकास और सुरक्षा को चुना।
इसलिए जनता ने उनको पूरी तरह से एक हारने का संदेश दे दिया है।


बस जनता की इसी संदेश को वह स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और भी तो केवल एग्जिट पोल के नतीजे रुझान आने पर ही  इतना चिल्ला रहे हैं ,जिस दिन नतीजे आ गए उस दिन बाद देखना उनके साथ साथ कौन-कौन से नेता लोग हंगामा शुरू कर देंगे ईवीएम का।

https://twitter.com/yadavakhilesh/status/1501189225487933440?t=23_nZbL6IcwZBcgB9U_frA&s=19

Raunak Nagar
Raunak Nagar
हिन्दू हूं मुझे इसी बात पर गर्व है ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Related articles

कन्हैया लाल तेली इत्यस्य किं ?:-सर्वोच्च न्यायालयम् ! कन्हैया लाल तेली का क्या ?:-सर्वोच्च न्यायालय !

भवतम् जून २०२२ तमस्य घटना स्मरणम् भविष्यति, यदा राजस्थानस्योदयपुरे इस्लामी कट्टरपंथिनः सौचिक: कन्हैया लाल तेली इत्यस्य शिरोच्छेदमकुर्वन् !...

१५ वर्षीया दलित अवयस्काया सह त्रीणि दिवसानि एवाकरोत् सामूहिक दुष्कर्म, पुनः इस्लामे धर्मांतरणम् बलात् च् पाणिग्रहण ! 15 साल की दलित नाबालिग के साथ...

उत्तर प्रदेशस्य ब्रह्मऋषि नगरे मुस्लिम समुदायस्य केचन युवका: एकायाः अवयस्का बालिकाया: अपहरणम् कृत्वा तया बंधने अकरोत् त्रीणि दिवसानि...

यै: मया मातु: अंतिम संस्कारे गन्तुं न अददु:, तै: अस्माभिः निरंकुश: कथयन्ति-राजनाथ सिंह: ! जिन्होंने मुझे माँ के अंतिम संस्कार में जाने नहीं दिया,...

रक्षामंत्री राजनाथ सिंहस्य मातु: निधन ब्रेन हेमरेजतः अभवत् स्म, तु तेन अंतिम संस्कारे गमनस्याज्ञा नाददात् स्म ! यस्योल्लेख...

धर्मनगरी अयोध्यायां मादकपदार्थस्य वाणिज्यस्य कुचक्रम् ! धर्मनगरी अयोध्या में नशे के कारोबार की साजिश !

उत्तरप्रदेशस्यायोध्यायां आरक्षकः मद्यपदार्थस्य वाणिज्यकृतस्यारोपे एकाम् मुस्लिम महिलाम् बंधनमकरोत् ! आरोप्या: महिलायाः नाम परवीन बानो या बुर्का धारित्वा स्मैक...