कर्नाटक : दलित हिंदू लड़के की मुस्लिम लडकी से दोस्ती करने पर कर दी गई हत्या

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कर्नाटक में एक नृशंस घटना प्रकाश में आई है, जिसमे एक १४ वर्षीय दलित हिंदू लड़के की हत्या कर दी गईं और उसके अंगों को बुरी नजर नष्ट किया गया है।

लड़के की गलती बस इतनी थी कि उसने  दोस्ती मुस्लिम लडकी से कर रखी थी और इसी की सजा उसको दी गईं मौत के रूप में ।
घटना कालबुर्गी जिले के नरीबोल गांव की है।

लडके का नाम महेश कोली है,लड़के के परिजन ने बताया कि २२ फरवरी को महेश मंदिर जाने का कहकर घर से निकला और जब वह देर तक नही आया तब उसके घरवालों ने उसकी तलाश शुरू की।

महेश को मुस्लिम लडकी के परिजनों की तरफ से धमकी दी गई थीं कि वो उनकी लड़की से दोस्ती न रखे ।

जब महेश के परिजन उस लड़की के घर गए तब इस लड़की ने एक फोन उनको दिया जो उसे महेश ने  दिया था और उसके बाद लडकी की मां ने उन दोनो को वहां से भगा दिया ।

इसके बाद लड़के के परिजनों ने उसकी थाने में  रिपोर्ट दर्ज कराई।

२५ फरवरी को शाम के ५ बजे गांववालो को भीमा नदी के किनारे एक बोरी मिली जिसमे महेश की लाश थी ।

पुलिस के मुताबिक लड़के के गुप्तांग और नाक को काट दिया गया था।
पुलिस ने लड़की की मां और उसके मित्र महबूब को गिरफ्तार कर लिया।

महेश कक्षा ९ का छात्र था और मुस्लिम लडकी भी उसी स्कूल में पढ़ती थी और वो उसकी जूनियर कक्षा में थी ।

लड़के के परिजनों ने बताया कि लड़के को जहर दिया गया था और लडके के परिजनों को इस बात पर गुस्सा आ रहा है कि लडकी के घर के लोगो ने उन्हे अगर बता दिया होता कि उन्हें महेश के लडकी से दोस्ती करने पर आपत्ति है तो वो अपने बेटे को समझाते।

एक तरफ तो इन जिहादी लोगो को समस्या है कि इनकी लड़कियो से कोई दूसरे धर्म का लड़का बात न करे और खुद इनके जिहादी लड़के दूसरे धर्म की लडकियों के साथ लव जिहाद करते है तो उस पर इन्हे कोई दिक्कत नही है ।

कल को यदि हिन्दुओं ने भी ऐसे ही जिहादी लोगो को मारना शुरू कर दिया तो देखना कैसे रोना शुरु कर देगें ये जिहादी लोग

लेकिन हैरानी की बात यह है कि लड़का दलित था तो कोई भी भीम आर्मी वाला नही आया उसके पक्ष में बोलने को, न मीडिया का कोई हंगामा हुआ।
न कोई मानव अधिकार वाले लोग आए , ना कोई नेता आया , न किसी नेता का बयान आया ।

अरे भाई मरने वाला तो दलित था लेकिन मारने वाले विशेष समुदाय से थे तो किसी ने कुछ करने की हिम्मत नही दिखाई। आखिर वोट बैंक का सवाल है ।

कई समाचार पत्रों  में तो आरोपियों के धर्म के बारे में कुछ बताया नही गया।
सारा कसूर दलित लड़के पर मढ दिया गया।

इस घटना को हल्के में मत लीजिए यह घटना इस बात का संकेत है कि जिहादी लोग जो चाहते है वो करेंगे भले ही उससे दूसरो को तकलीफ पहुंचे लेकिन कोई उनके अनुसार नही चला तो उसको वो मार डालेंगे ।

जिहादी लड़के जिस तरह से हिंदू लड़कियों को फसाते है लव जिहाद में अगर उनके साथ भी वैसा ही व्यवहार किया जाए जो महेश के साथ हुआ था यकीन मानिएगा सारा झमेला ही खत्म हो जाएगा और इनकी अक्ल ठिकाने पर आ जाएगी।

लेकिन पता नही कब हिन्दुओं को यह बात समझ में आएगी कि हम इन जिहादी लोगो के साथ नही रह सकते है ।

ये न कभी हमारे थे और न कभी हमारे होंगे ।

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