प्रधानमन्त्री आवास योजना (ग्रामीण), ५.२१ लाख परिवारों को मिलेगा पक्का मकान। शिवराज मामा बनेंगे इसके साक्षी।

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हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना खुद का घर हो छोटा हो या बड़ा इससे नहीं फर्क पड़ता है। खुद का एक घर हो तो वह घर केवल घर न होकर ,जीवन जीने का केंद्र बिंदु बन जाता है।

जीवन की सारी गतिविधियां उसके इर्द-गिर्द आ ठहरती  रहती हैं । खुद का घर होने  कि जो खुशी होती है वो अलग ही होती है।


ऐसे में  जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश के ५.२१ लाख परिवारों को उनका घर सौंपेंगे, तो यह केवल एक शासकीय आयोजन ना होकर, इन परिवारों के लिए जीवन का सबसे बड़ा उत्सव बन जाएगा।


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी प्रजा को मिल रही सौगात के अवसर के साक्षी बनेंगे ।


मध्य प्रदेश में उन तमाम योजनाओं को लेकर बेहतर काम हो रहा है, जो केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को अग्रेषित की जाती हैं।

केंद्र सरकार जो जन सामान्य के लिए बेहतर योजनाएं बनाता है ,उसे क्रियान्वित करने के लिए राज्य सरकारों को धनराशि का आवंटन करता है और फिर जमीन पर हुए काम का फॉलोअप भी करता है।


किंतु इन योजनाओं की सफलता का दारोमदार राज्य सरकारों के कंधों पर होता है। जमीन उपलब्ध करवाने, दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने, ठेकेदार तय करने से लेकर अन्य तमाम मैदानी काम राज्य सरकार ही देखरेख में करती है।


ऐसे में  प्रदेश के लाखों परिवारों में से ५.२१ लाख सच्चे परिवारों को चुनना, उनके दस्तावेज  की प्रक्रिया पूरी करना।
उनके घर बनाने के लिए जमीन तय करना, उस पर मकान का ढांचा तैयार करना, रंग रोगन करना और अब उन्हें सौंपने तैयारी करना।


यह सब एक कठोर परिश्रम की प्रक्रिया  का हिस्सा होता है इस प्रक्रिया का लाभ निश्चित ही उन परिवारों को मिलेगा जो अब तक झोपड़ियों, तंबू , झुग्गियों में रह रहे थे, उनके जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आएगा।


यह भी सच बात है कि विपक्ष इन सब बातों का विरोध करेगा क्योंकि उसका आरोप रहेगा कि आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए सब किया जा रहा है।


उन्हें कहना भी चाहिए क्योंकि सरकार के कार्य पर नजर रखना और सही प्रश्न उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है, किंतु जब सब कुछ संविधान के तहत हो रहा हो, तथा उससे आम जनता का लाभ हो तो, इसे राजनीति से परे रखकर भी देखा जाना चाहिए


अगर आप इसको यह कहते हैं कि  चुनावी तैयारी का हिस्सा है तो यह भी गलत नहीं है, क्योंकि हर सरकार का यह उद्देश्य है कि वह अपने जनहित के कार्यों से जनता का दिल जीत ले ।


वह उन्हें अपने पक्ष मत देने के लिए प्रेरित करें, अतः गरीब और झुग्गी वासियों को आवाज देना किसी भी दृष्टि से  प्रश्न चिन्ह उठाने जैसा नहीं है।


प्रधानमंत्री आवास योजना के अभियान को इस दृष्टि से भी देखा जाना चाहिए कि तेजी से शहरों की झुग्गियों को पक्का और मजबूत मकानों में  बदला जा रहा है।


जो आज हमारे महानगरों में एक ऐसा वर्ग है जो झोपड़पट्टी में रहता है जिसके कारण शहर के लोगों ने तिरस्कृत नजरों देखते हैं, अब उनको भी पक्का और साफ सुथरा मकान मिलेगा जिससे उनकी जीवनशैली में बदलाव आएगा।

https://twitter.com/ChouhanShivraj/status/1508660306851287040?t=wNXAChT-YFqz6gBebgxWmg&s=19

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