बैंगलोर प्रसंगम् किं, कास्ति पूर्ण प्रकरणम् ? बैंगलोर घटना क्यों, क्या है पूरा प्रकरण ?

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बैंग्लोरे आरक्षक कार्यालयम् कांग्रेस विधायक श्री निवास मूर्तिस्य आवासे च् अभवत् प्रहारस्य ज्ञानम् भवताम् मिलन्ति, अस्य प्रहारस्य च् कारणस्य ज्ञानमपि भवताम् टी वी इत्यस्य माध्यमेन मिलिष्यन्ति तत इयम् प्रहारम् एकम् आपत्तिजनक लेखस्य कारणम् अक्रियते यत् विधायकस्य भातृजः अकरोत् स्म !

बैंगलोर में पुलिस स्टेशन और कांग्रेस विधायक श्री निवास मूर्ति के आवास में हुए हमले की जानकारी आप लोगों को मिल रही है,और इस हमले के कारण की जानकारी भी आप लोगों को टी वी के माध्यम से मिल ही रही होगी कि यह हमला एक आपत्तिजनक पोस्ट के कारण किया गया जो विधायक के भतीजे ने किया था !

तु टी वी इत्येन प्राप्यति ज्ञानम् अर्ध अस्ति, कुत्रचित टी वी इते इयम् तर्हि बत्नोति, तत प्रहारस्य कारणम् तस्य तथाकथित नबिस्य प्रत्ये अकरोत् आपत्तिजनकम् टिप्पणीम् आसीत्, तु बहैव कुहुकेन इयम् गोप्यते तत इयम् टिप्पणिका केन संदर्भे क्रियते स्म !

लेकिन टी वी द्वारा दी जा रही जानकारी अधूरी है, क्योंकि टी वी पर यह तो बताया जा रहा है, कि हमले का कारण उनके तथाकथित नबी के बारे में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी थी, लेकिन बहुत ही चालाकी से यह छुपा लिया गया है कि यह टिप्पणी किस संदर्भ में किए गए थे !

वास्तवे अस्य पूर्ण कथानकम् इति प्रकारम् अस्ति !

असल में इसकी पूरी कहानी इस तरह है !

एकम् लेखे मां लक्ष्मा: नग्न चित्रम् मोदिम् सह च् तस्य नग्न आपत्तिजनकम् चित्रम् स्थापस्य असाधु बचनम् कथ्यते स्म तर्हि तम् बालकः पी. नवीन: उत्तरे आगत्वा आयशा पैगम्बरस्य च् सत अवदत् तत मोहम्मद साहब: ६५ वर्षस्य उम्रे ९ वर्षस्य आयशया निकाहम् अकरोत् स्म !

एक पोस्ट पर मां लक्ष्मी की नंगी तस्वीर और मोदी के साथ उनकी नंगी आपत्तिजनक तस्वीर लगा के अपशब्द कहे जा रहे थे तो उस लड़के पी. नवीन ने जबाब में आकर आयशा और पैगम्बर का सच बोल दिया कि मोहम्मद साहब ने 65 साल की उम्र में 9 साल की आयशा से निकाह किया था !

इति वार्तेन ते जनानां स्व नबिस्य अपमानम् अलगत् ते च् ८०० – १००० जनानि एकत्रित्वा प्रहारम् अकरोत् !

इसी बात से उन लोगों को अपने नबी का अपमान लगा और उन्होंने 800 – 1000 लोगों को जुटा कर हमला कर दिया !

एकेन प्रकारेण ते इति प्रहारेण इयम् सन्देशम् अददात् तत वयं त्वया आराध्यम् प्रति किमपि बद शक्नोति तु त्वम प्रतिउत्तरम् किमपि बदिष्यसि तर्हि वयं त्वम हनिष्यामि अतएव त्वया किमपि न बदनमस्ति अपितु केवलं तस्य शृणुनमस्ति अपमानम् सहनमस्ति च् !

एक तरह से उन्होंने इस हमले के जरिए ये संदेश दिया है कि हम तुम्हारे आराध्य के बारे में कुछ भी बोल सकते हैं, कुछ भी कर सकते हैं, मंदिरें तोड़ सकते हैं लेकिन तुम पलट कर कुछ बोलोगे तो हम तुम्हें मारेंगे इसीलिए तुम्हें कुछ नहीं बोलना है बल्कि सिर्फ उनकी सुननी है और अपमान सहना है !

ध्यानम् अरहत् अस्य पूर्वे तस्य नेतृ ओवैसी: अपि अज्ञापयते तत यदपि वयं सख्तम् भविष्यामः तर्हि न्यायलयस्य आदेशस्य उपरांत निर्मितम् मन्दिरमपि त्रोटित्वा मस्जिदम् निर्मिष्यामः !

ध्यान रहे कि इसके पहले उनके नेता ओवैसी ने भी बता ही दिया है कि जब भी हम मजबूत हो जाएंगे तो अदालत के फैसले के बाद बनी मंदिर को भी तोड़कर मस्जिद बनाएंगे !

विचारयतु ज्ञायतु च् तत त्वया गंगा – जमुनी परम्पराम्, भातृत्वम् सामाजिक सद्भावम् च् त्वया कुत्र नीयसे !

सोचो और समझो कि तुम्हारी गंगा – जमुनी तहजीब, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव तुम्हें कहाँ ले जा रही है !

उच्छरस्य – उच्छरस्य नित्यम् जयतु भीम जयतु मिमस्य उद्घोषम् कृतं जनानि अपि एकम् ज्ञानम् दत्तानि तत पी. नवीन विधायकपि च् दलित समुदायेनेव आगच्छतः !

उछल – उछल के रोज जय भीम जय मीम का नारा लगाने वाले लोगों को भी एक जानकारी दे दूँ कि पी. नवीन और विधायक भी दलित समुदाय से ही आते हैं !

अर्थतः ज्ञानम् स्पष्टम् अस्ति तत यदैव त्वम स्व देवी देवतां भगवतम् च् अपशब्दम् दास्यसि तदैव जयतु भीम जयतु मीम अस्ति अज्ञानेनपि त्वम तस्य प्रति किमपि अबदत् तर्हि स्व विचारेधि !

अर्थात मैसेज साफ है कि जब तक तुम अपने देवी देवता और भगवान को गाली दोगे तभी तक जय भीम जय मीम है भूल से भी तुमने उनके बारे में कुछ बोल दिया तो अपना सोच लेना !

कुत्रचित त्वम किं न तेन मित्रताम् निर्वहनाय स्व धर्मम् अराध्यम् च् अपशब्दम् बद तु ते त्वया मित्रताय स्व धर्मम् अराध्यम् च् अपशब्दम् न ददातुम् ! सम्प्रति पश्य शाहजेब रिजवी: उक्त बालकस्य शिरस्य उच्छेदने ५१ लक्ष रूप्यकस्य पारितोषिकमपि घोषितम् अकरोत् !

क्योंकि तुम भले ही उनसे मित्रता निभाने के लिए अपने धर्म और आराध्य को गाली दो
लेकिन वे तुम्हारी मित्रता के लिए अपने मजहब और आराध्य को गाली नहीं देने वाले ! अब देखिए शाहजेब रिजवी ने उक्त बालक के सर को काटने पर 51 लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया है !

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