सर्वकारः संसदे किं कथित:, भगत सिंहस्य, सुखदेवस्य, राजगुरो: प्रतिष्ठां कश्चितापि पुरस्कारेण, उपाध्या कुत्रैवोपरि ! सरकार ने संसद में क्यों कहा, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु का कद किसी भी पुरस्कार, उपाधि से कहीं ऊपर !

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सर्वकारः लोकसभायां कथितमस्ति तत भगतसिंहेण सुखदेवेण राजगुरुणा च् सह स्वतंत्रता सेनानीनां बलिदानम् एकं तथ्यमस्ति आधिकारिकाभिलेखस्य चनुमानित उपस्थित्यां अनुपस्थित्यां च् निर्भरम् नास्ति ! तस्य प्रतिष्ठाम् कश्चितापि पुरस्कारेण, शीर्षकेण पदेण वा बहु उपरि अस्ति !

सरकार ने लोकसभा में कहा है कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सहित स्वतंत्रता सेनानियों की शहादत एक तथ्य है और आधिकारिक रिकॉर्ड की अनुमानित उपस्थिति या अनुपस्थिति पर निर्भर नहीं है ! उनका कद किसी भी पुरस्कार, शीर्षक या पद से बहुत ऊपर है !

एकस्य सदस्यस्यैकस्य प्रश्नस्य लिखितोत्तरे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्र: कथित: तत स्वतंत्रतासंग्रामस्य काळं स्वप्राणदाताः वीर भारतस्य स्वतंत्रता लब्धुम् हुतात्माभवन् !

एक सदस्य के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपनी जान गंवाने वाले वीर भारत की स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए शहीद हो गए !

मिश्र: कथित: ततैतेषां स्वतंत्रता सेनानीनां बलिदानं भारतस्य च् स्वतंत्रतासंग्रामे तेषां अमूल्ययोगदानम् देशस्य स्वतंत्रतायाः रणे एकमविभाज्य अंशमस्तीदम् च् भारतस्येतिहासे सम्यक् प्रकारेण ज्ञायते !

मिश्र ने कहा कि इन स्वतंत्रता सेनानियों की शहादत और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनका अमूल्य योगदान देश की आजादी की लड़ाई में एक अविभाज्य हिस्सा है और यह भारत के इतिहास में अच्छी तरह से जाना जाता है !

सः कथित: तत स्वतंत्रतायाः सर्वोच्च राष्ट्रीयोद्देश्ये तेषां बलिदानमेकं तथ्यमस्तीदम् चाधिकारिक अभिलेखस्यानुमानितोपस्थित्यां अनुपस्थित्यां वा निर्भरम् नास्ति ! तेषां प्रतिष्ठामिति संबंधे दत्तवान कश्चितापि पुरस्कारेणोपाध्या वा पदेण वा बहु उपरि अस्ति !

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के सर्वोच्च राष्ट्रीय उद्देश्य में उनकी शहादत एक तथ्य है और यह आधिकारिक रिकॉर्ड की अनुमानित उपस्थिति या अनुपस्थिति पर निर्भर नहीं है ! उनका कद इस संबंध में दिए गए किसी भी पुरस्कार या उपाधि या पद से बहुत ऊपर है !

भाजपा सांसद: ज्योतिर्मय सिंह महतो प्रश्नम् कृतः स्म तत का सर्वकारः स्वतंत्रतासंग्रामे स्वप्राणदाता: भगत सिंह:, राजगुरु, सुखदेव: यथा वीरान् हुतात्मायाः स्थानम् दत्त: ! मंत्रिन् कथित: तत देशम् सदैव शहीद भगत सिंहस्य, सुखदेवस्य, राजगुरो: च् आभरिन् रमिष्यति !

भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने सवाल किया था कि क्या सरकार ने स्वतंत्रता संग्राम में अपनी जान गंवाने वाले भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव जैसे वीरों को शहीद का दर्जा दिया है ! मंत्री ने कहा कि देश हमेशा शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का आभारी रहेगा !

यै: भारतस्य सम्यक् भविष्याय स्वप्राणदत्ता: तेषां च् नाम भारतीयेतिहासे सदैव स्वर्णशब्देषु लेखिष्यते ! सर्वकारः पूर्णदेशम् च् भारतस्य स्वतंत्रताळब्धुम् स्वतंत्रतासंग्रामस्य काळम् तेषां अमूल्ययोगदानम् मान्यताम् ददाति !

जिन्होंने भारत के बेहतर भविष्य के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए और उनके नाम भारतीय इतिहास में हमेशा सुनहरे शब्दों में लिखे जाएंगे ! सरकार और पूरा देश भारत की स्वतंत्रता की प्राप्ति के लिए स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनके अमूल्य योगदान को मान्यता देता है !

संस्कृति मंत्रालयेण प्रकाशितं १८५७ तः १९४७ एव भारतस्य स्वतंत्रतासंग्रामस्य हुतात्मानां शब्दकोषे भगत सिंहेण, राजगुरुणा, सुखदेवेण सह एतेषां सर्वानां स्वतंत्रतासेनानीनां नाम पंजीकृता: सन्ति !

संस्कृति मंत्रालय द्वारा प्रकाशित 1857 से 1947 तक भारत के स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों के शब्दकोश में भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव सहित इन सभी स्वतंत्रता सेनानियों के नाम दर्ज हैं !

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