25.1 C
New Delhi
Sunday, October 24, 2021

२०२१ तमे काभ्याम् एम इत्यो सहयोगम् दाष्यति पश्चिमबङ्गम् ! 2021 में कौन से M का साथ देगा पश्चिम बंगाल ?

Must read

मां,मृत्तिका मानवस्य च् उद्घोषेन तेजयुक्त नेत्री ममता बनर्जी अद्यात् ११ वर्ष पूर्व बंगस्य राजनीते स्थानम् निर्मयति स्म ! तस्य परिणाम: च् २०११ तमस्य विधानसभा निर्वाचने दृष्टिमपि आगतवान !

मां,माटी और मानुष के नारे के जरिए फायर ब्रांड नेता ममता बनर्जी आज से 11 साल पहले बंगाल की राजनीति में जगह बना रही थीं और उसका नतीजा 2011 के विधानसभा चुनाव में नजर भी आया !

निर्वाचनी परिणामेषु ममता बनर्जी लेफ्ट इत्यस्य पराजयते यत् कश्चित इंद्रजालेन न्यून नासीत् ! २०११ इत्ये यत् सफलताम् तयाप्राप्यत् तेन २०१६ इत्यैपि पुनरावृतिम् कृतवान ! तु तैव मध्य केन्द्रस्य राजनीते एकम् नव रूपम् प्रवेश्यते यस्य परिचयं गुजरातस्य सीएम नरेंद्र मोदियाः रूपैसीत् !

चुनावी नतीजों में ममता बनर्जी ने लेफ्ट का किला ढहा दिया जो किसी अचंभे से कम ना था। 2011 में जो कामयाबी उन्हें मिली उसे 2016 में भी दोहराया ! लेकिन उसी बीच केंद्र की सियासत में एक नए चेहरे ने एंट्री ली जिनकी पहचान गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी के तौर पर थी !

एनडीए इत्यस्य नेतृत्वे भाजपा इन्द्रप्रस्थस्य सत्तायाम् अधिष्ठितभव्यते दलस्य च् दृष्टिम् बंगस्य राज्यैगच्छति यत्र ता स्व ध्वजम् उन्नत्त पश्येन् इच्छति स्म !

एनडीए की अगुवाई में बीजेपी दिल्ली की सत्ता पर काबिज हो गई और पार्टी की नजर बंगाल के सूबे पर पड़ी जहां वो अपने झंडे को बुलंद देखना चाहते थे।

२०१४ तमस्य लघु निर्वाचने भाजपा साधु प्रदर्शन कृते सफलं नाभवत् ! तु २०१६ इत्यस्य निर्वाचने मत प्रतिशतेन भाजपाया: प्राप्त बंगस्य ग्रामाणि एवाभवत्त ! तस्मिन् २०१९ तमस्य लघु निर्वाचनस्य परिणाम चिन्हमपि स्थापयन्ति !

2014 के आम चुनाव में बंगाल में बीजेपी बेहतर प्रदर्शन करने में कामयाबी नहीं हुई ! लेकिन 2016 के चुनाव में वोट प्रतिशत के जरिए बीजेपी की पहुंच बंगाल के गांवों तक हुई जिस पर 2019 के आम चुनाव के नतीजे मुहर भी लगाते हैं !

२०१९ तमे भाजपा १९ आसनानि विजयित्वा सन्देशम् दत्तवान तत अधुना तापि लोड़बो, कोरबो इत्यस्य मार्गे चरिष्यन्ति तम् दिशायाम् च् भाजपाया: प्रचंड राजनीतिक अभियानम् संचरति ! इति सर्वस्य मध्य अधुना वृहद प्रश्नम् अयमस्ति तत २०२१ इत्यस्य निर्वाचनी परिणामेषु विजयस्य वल्कम् कस्य मस्तकम् बन्धिष्यत: !

2019 में बीजेपी ने 19 सीटें जीतकर संदेश दिया कि अब वो भी लोड़बो,कोरबो के रास्ते पर चलेंगे और उस दिशा में बीजेपी का प्रचंड राजनीतिक अभियान जारी है ! इन सबके बीच अब बड़ा सवाल यह है कि 2021 के चुनावी नतीजों में जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा !

पश्चिम बंगस्य प्रति मूलरूपे मान्यति तत तत्रस्य जनाः बहु शीघ्रे परिवर्तनं न कुर्वन्ति तस्य पश्च च् वाम दलानां दीर्घकालम् उदाहरण रूपे प्रस्तुत कारयते ! तु येन सह २०११ तः २०२० तमस्य कालखण्डस्य उल्लेखितमानः कथ्यन्ति तत अधुना बहु केचन परिवर्तनं भवशक्नोति !

पश्चिम बंगाल के बारे में आमतौर पर माना जाता रहा है कि वहां के लोग बहुत जल्दबाजी में बदलाव नहीं करते हैं और उसके पीछे वाम दलों के लंबे शासन को उदाहरण के तौर पर पेश किया जाता है ! लेकिन इसके साथ 2011 से 2020 के कालखंड का जिक्र करते हुए कहते हैं कि अब बहुत कुछ बदलाव हो सकता है !

वस्तुतः २०१६ तमस्य विधानसभा निर्वाचने भाजपाम् आसनानां रूपे वृहद सफलताम् वस्तुतैव न प्राप्तमसि तु २०१९ तमे न केवलं भाजपाया: मत प्रतिशते वृद्धिमभवत् अपितु सांसदानां संख्यावृध्यते ! अयम् द्वयो उदाहरणं इदृशं सन्ति यत् बंगस्य जनस्य मानसम् बदन्ति !

मसलन 2016 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सीटों के तौर पर बड़ी कामयाबी भले ही ना मिली हो लेकिन 2019 में ना सिर्फ बीजेपी के वोट शेयर में बढ़ोतरी हुई बल्कि सांसदों की संख्या बढ़ गई ! ये दोनों उदाहरण ऐसे हैं जो बंगाल की जनता के मानस को बताते हैं !

पीएम नरेंद्र मोदियाः रूपे भाजपाया: पार्श्व चमत्कारिक: मुखमस्ति ! अधुना पीएम मोदियाः छवि: चमत्कारिक: किमस्ति इति प्रश्नस्य उत्तरे ज्ञानीजनाः बदन्ति तत भवान् यदि अपश्यत् तर्हि यथा लघु निर्वाचनमसि प्रादेशिक निर्वाचनमसि वा भाजपा परिस्थिति तः अधिकं पीएम मोदियाः मुखे विश्वासम् करोति !

पीएम नरेंद्र मोदी के रूप में बीजेपी के पास करिश्माई चेहरा है। अब पीएम मोदी की छवि करिश्माई क्यों है इस सवाल के जवाब में जानकार बताते हैं कि आप अगर देखें तो चाहे आम चुनाव हो या प्रादेशिक चुनाव हों बीजेपी हद से अधिक पीएम मोदी के चेहरे पर भरोसा करती रही है !

जनाः अपि तम् विश्वासम् ट्रोटनम् न दत्तवान ! भाजपाया: पार्श्व चमत्कारिक मुखम् भवेन सह सह उच्चकोटियाः सेनानायक: अपि सन्ति ! भवान् यदि बंगस्य वर्तमान राजनीतिम् अनन्तरं अपि भाजपा नेतृणाम् उत्साह न विवर्णीभवति !

लोगों ने भी उस भरोसे को टूटने नहीं दिया। बीजेपी के पास करिश्माई चेहरा होने के साथ साथ उच्च कोटि के सेनापति भी हैं ! आप अगर बंगाल की मौजूदा राजनीति को देखें को कार्रकर्ताओं की हत्या के बाद भी बीजेपी नेताओं का जोश फीका नहीं पड़ता है !

अपितु द्विगुणित उत्साहेन ता क्षेत्रे अवतरन्ति ! पीएम मोदीयाम् वर्तमानैवे यदा विश्वभारती विश्वविद्यालयस्य समारोहे उत्साहेन युक्तम् विचाराणि धृते तर्हि समारोहे तस्य प्रभावः भाजपाया: भूमिस्तरम् तत्परताषु परिलक्षितवान !

बल्कि दोगुने जोश के साथ वो मैदान में उतरते हैं ! पीएम मोदी में हाल ही में जब विश्व भारती विश्वविद्यालय के समारोह में जोश से लबरेज विचारों को रखा तो उसका असर बीजेपी की जमीनी तैयारियों पर दिखाई दिया !

विदानां कथनमस्ति तत यदि पीएम मोदियाः चमत्कारिक व्यक्तित्वमस्ति तर्हि ममता बनर्जीम् न्यूनम् न मान्यशक्नोति सामान्य वेशभूषायुक्तम् ममता बनर्जीयाः कर्मठरूपम् सर्वाणि अपश्यत् !

जानकारों का कहना है कि अगर पीएम मोदी का करिश्माई व्यक्तित्व है तो ममता बनर्जी को कमतर नहीं आंका जा सकता है सामान्य वेशभूषा वाली ममता बनर्जी के जुझारू तेवर को सबने देखा है !

ममतायाम् भाजपा एतावत् प्रहारक: भवति ता इत्येव मुखरा भूत्वा विरोधम् कुर्वन्ति तस्य च् दृश्यम् बोलपुर मार्गसभायामपरिलक्ष्यते !

ममता पर बीजेपी जितना हमलावर होती है वो उतना ही मुखर होकर विरोध करती हैं और उसका नजारा बोलपुर रोडशो में भी दिखाई दिया !

ममता बनर्जी स्व सर्वाणि सभाषु कथ्यति तत कीदृशेन केंद्र सरकारेण,राज्यपालेन,अन्य संस्थानै: तां पीड़ित कृतस्य प्रयत्नम् क्रियते !

ममता बनर्जी अपनी सभी सभाओं में कहती हैं कि किस तरह से केंद्र सरकार, राज्यपाल और अन्य एजेंसियों के जरिए उनको परेशान करने की कोशिश की जाती है !

तु तस्य इच्छाशक्ति कश्चितापि स्थिते क्षीणं नास्ति ! लोकतन्त्रे जनाः जनार्दनैव कश्चितस्य पराजयस्य जयस्य वा कारणं निर्मयन्ति इदृशे ममता बनर्जीयाम् नरेंद्र मोदीयाम् मध्य का वृहत्तरभविष्यति पश्यन् वल्गु भविष्यति !

लेकिन उनकी इच्छाशक्ति किसी भी माएने में कमजोर नहीं है ! लोकतंत्र में जनता जनार्दन ही किसी की हार या जीत की वजह बनते हैं ऐसे में ममता बनर्जी बनाम नरेंद्र मोदी में कौन पड़ेगा भारी देखना दिलचस्प होगा !

Disclaimer The author is solely responsible for the views expressed in this article. The author carry the responsibility for citing and/or licensing of images utilized within the text. The opinions, facts and any media content in them are presented solely by the authors, and neither Trunicle.com nor its partners assume any responsibility for them. Please contact us in case of abuse at Trunicle[At]gmail.com

- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest article