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बिहारे मुकेश सहनी मूर्खोजात:, भाजपायाः कार्येण परिवर्तिष्यति राजनीतिक समीकरणम् ! बिहार में मुकेश सहनी खा गए गच्चा, भाजपा के दांव से बदलेंगे राजनीतिक समीकरण !

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बिहारे मुकेश सहनिन् त्रीणि विधायकान् भाजपायां सम्मिलित्वा दळम् एकेन सह द्वे लक्ष्ये लक्षितं ! एकं तर्हि यूपी निर्वाचनस्य कालेण भाजपायाः स्पष्ट्वा विरोधम् क्रियेत् विकासशील इंसान दलस्य प्रमुख: मुकेश सहनिम् तस्य दले इवैकल कृतः, द्वितीय तत बिहारस्य प्रथम दळम् भवितं !

बिहार में मुकेश सहनी के तीन विधायकों को भाजपा में शामिल कर पार्टी ने एक साथ दो निशाने साधे हैं ! एक तो यूपी चुनाव के समय से भाजपा का खुलकर विरोध कर रहे विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी को उनकी पार्टी में ही अकेला कर दिया, दूसरा वह बिहार की नंबर वन पार्टी बन गई है !

अर्थतः अधुना तत केवलं, बिहारे एनडीए इत्या: प्रथम दळम् नास्ति अपितु राजदम् पश्चकृत्वा स्वयं प्रथम तिष्ठं ! इति परिवर्तनस्य निश्चितरूपे राज्यस्य भविष्य राजनित्यां प्रभावोत्पादकमस्ति ! नवंबर २०२० तमस्य बिहार विधानसभानिर्वाचनेषु राष्ट्रीय जनता दलमासनेण सह सर्वात् वृहत् दळमभवत् स्म !

यानी अब वह केवल, बिहार में एनडीए की नंबर वन पार्टी नहीं है बल्कि राजद को पछाड़कर खुद नंबर वन बैठी है ! इस बदलाव का निश्चित तौर पर राज्य की भविष्य राजनीति में असर होने वाला है ! नवंबर 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनता दल 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी !

भाजपा ७४ आसनै: सह द्वितीय सर्वात् वृहत् दळम् अभवत् स्म ! यद्यपि जनता दल (यू) इत्या: पार्श्व ४५ आसनाणि सन्ति ! तत्रैव मुकेश सहनिण: वीआईपी इतम् ४ आसनेषु जयळब्धं अभवत् स्म ! तु बुधवासरं वीआईपी दलस्य त्रयाणां विधायकानां भाजपायां सम्मिलितेन राजनीतिक समीकरणम् परिवर्तितं !

भाजपा 74 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई थी ! जबकि जनता दल (यू) के पास 45 सीटें हैं ! वही मुकेश सहनी की वीआईपी को 4 सीटों पर जीत हासिल हुई थी ! लेकिन बुधवार को वीआईपी पार्टी के तीनों विधायक के भाजपा में शामिल होने से राजनीतिक समीकरण बदल गया है !

अधुना भाजपायाः पार्श्व विधायकानां संख्या ७७ अभवत् ! तताधुना राज्यस्य सर्वात् वृहत् दळम् अभवत् ! केवल चत्वारि वर्षाणि पूर्वम् २०१८ तमे विकासशील इंसान दळम् निर्मित्वा बिहारस्य राजनित्यामवतरकः मुकेश सहनी २०१४ लोकसभा निर्वाचनेषु भाजपायै प्रचारम् कृतवान स्म !

अब भाजपा के पास विधायकों की संख्या 77 हो गई है ! वह अब राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है ! महज चार साल पहले 2018 में विकासशील इंसान पार्टी बनाकर बिहार की राजनीति में उतरे वाले मुकेश सहनी ने 2014 लोकसभा चुनावों में भाजपा के लिए प्रचार किया था !

तु २०१९ तमे सः दलपरिवर्तित्वा राष्ट्रीय जनतादलेन सह निर्वाचनम् रणितं ! पुनः २०२० तमे एकदा पुनः सः एनडीए इत्या सहागत: ! भाजपा स्वकोषेण तेन ११ विधानसभासनेषु निर्वाचनम् रणितं तस्य च् त्रीणि चत्वारि विधायकाः निर्वाचनम् जित्वागताः ! तु येषुतः मिश्रीलाल यादव:, राजू सिंह:, स्वर्णा सिंह पुनः भाजपायां सम्मिलिता: !

लेकिन 2019 में उन्होंने पाला बदलकर राष्ट्रीय जनता दल के साथ चुनाव लड़ा ! फिर 2020 में एक बार फिर वह एनडीए के साथ आ गए ! भाजपा ने अपने कोटे से उन्हें 11 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ाया और उनके तीन चार विधायक चुनाव जीतकर आए ! लेकिन इसमें से मिश्रीलाल यादव, राजू सिंह, स्वर्णा सिंह फिर से भाजपा में शामिल हो गए है !

यद्यपि बेचहांतः विधायक मुसाफिर पासवानस्य निधनमभवत् ! वास्तविकतायां दलपरिवर्तनस्य प्रवृत्ति मुकेश सहनी इत्याय इतिदा बहु भारम् जात: ! प्रथम सः एनडीए इत्यां रममाण: उत्तरप्रदेशे भाजपायाः विरुद्धम् ५३ आसनेषु निर्वाचनम् रणित: ! द्वितीय बेंचहा उप निर्वाचने भाजपायाः न कृतस्यानंतरम् स्व प्रत्याशिन् निर्वाचनक्षेत्रे अवतरितं !

जबकि बेचहां से विधायक मुसाफिर पासवान का निधन हो चुका है ! असल में पाला-बदलने की प्रवृत्ति मुकेश सहनी के लिए इस बार भारी पड़ गई है ! पहले उन्होंने एनडीए में रहते हुए उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ 53 सीटों में चुनाव लड़ा ! दूसरा बेंचहा उप चुनाव में भाजपा के मना करने के बाद अपना प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है !

अप्रैल इत्यां अत्र उपनिर्वाचनम् भवितमस्ति ! स्पष्टम् अस्ति ततेति निर्णयस्यानंतरम् मुकेश सहनी बिहार एमएलसी निर्वाचनेषु भाजपाया विरुद्धमभवत् ! येन प्रकारम् मुकेश सहनी अधुना स्वदले एकल विधायक: अवशेषमस्ति !

अप्रैल में यहां उप चुनाव होना है ! साफ है कि इस फैसले के बाद मुकेश सहनी ने भाजपा के लिए रास्ता खोल दिया ! इसके अलावा सहनी ने बिहार एमएलसी चुनावों में भाजपा से बागी तेवर दिखाए !
जिस तरह मुकेश सहनी अब अपनी पार्टी में अकेले विधायक (एमएलसी) बचे हैं !

इदृशेषु इति वार्तायाः आकलनम् कुर्वन्ति तत तेन शीघ्रमेव एनडीए इत्या बाह्य करिष्यते ! यदि इदृशं भवति तर्हि तस्मै मंत्रिमंडले रमितमपि संभवम् न परिलक्ष्यति ! यद्यपि इति मध्य सहनी संकेतम् दत्त: तत सः मंत्री पदतः त्यागपत्रम् न दाष्यति ! यस्य निर्णयम् सीएम नीतीश कुमारम् कृतमस्ति तत सर्वकारे कः मंत्री भविष्यति !

ऐसे में इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें जल्द ही एनडीए से बाहर कर दिया जाएगा ! अगर ऐसा होता है तो उनके लिए मंत्रिमंडल में रहना भी संभव नहीं दिखता है ! हालांकि इस बीच सहनी ने संकेत दिया है कि वह मंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगे ! इसका फैसला सीएम नीतीश कुमार को करना है कि सरकार में कौन मंत्री होगा !

इति मध्येदमपि महत वार्तास्ति तत सहनिण: एमएलसी इत्या: कार्यकालम् २१ जुलै २०२२ तमम् संपादयति परिवर्तित परिस्थित्यां च् तस्मै एमएलसी रमितं असंभव भवितुं शक्नोति ! सहनिण: त्रयाणां विधायकानां भाजपायां सम्मिलितेन नीतीश सर्वकारे कश्चित प्रभावम् न भविष्यति !

इस बीच यह भी अहम बात है कि सहनी का MLC का कार्यकाल 21 जुलाई 2022 को खत्म हो रहा है और बदली परिस्थिति में उनके लिए एमएलसी रहना मुश्किल हो सकता है ! सहनी के तीनों विधायकों के भाजपा में शामिल होने से नीतीश सरकार पर कोई असर नहीं होगा !

कुत्रचित २४३ आसनकानां बिहार विधानसभायां बहुमताय १२२ आसनानां आवश्यकतामस्ति अधुना च् भाजपा जदयू च् मेलित्वा बहुमतस्य अंकम् ळब्धयत: ! यस्यातिरिक्तं जीतन राम मांझिण: दळम् हिंदुस्तानी आवाम मोर्चायाः ४ सदस्यानां एकस्य निर्दलीय विधायकस्य चपि समर्थनम् ळब्धमस्ति !

क्योंकि 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में बहुमत के लिए 122 सीटों की जरूरत है और अब भाजपा और जदयू मिलकर बहुमत का आंकड़ा हासिल कर ले रहे हैं ! इसके अलावा जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के 4 सदस्य और एक निर्दलीय विधायक का भी समर्थन हासिल है !

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