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Thursday, May 26, 2022

अमर जवान ज्योत्या: विलये कलहम्, शीते बर्धितं राजनैतिकोष्णतां, कथनानां भविष्यन्ति वर्षाम् ! अमर जवान ज्योति के विलय पर विवाद, ठंड में चढ़ा सियासी पारा, बयानों की लगी झड़ी !

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अमर जवान ज्योत्या: विलयं नेशनल वार मेमोरियल इतस्य ज्योत्या करिष्यते ! तु सम्प्रति यस्मिन् कलहम् अस्ति, कांग्रेसस्य कथनमस्ति तत पंचदशकै: यत् ज्योति प्रज्जवलति स्म तेन विशदिकरोति !

अमर जवान ज्योति का विलय नेशनल वार मेमोरियल की ज्योति से किया जाएगा ! लेकिन अब इस पर विवाद है, कांग्रेस का कहना है कि पांच दशक से जो लौ जल रही थी उसे बुझाया जा रहा है !

कांग्रेस सांसद: राहुल गांधी कथित: यदा सर्वकारे आगमिष्यति तदा ततज्योतिं प्रज्जवलिष्यति यद्यपि सर्वकारं प्रत्येन कथनमागत: तत ज्योति विशदि न अपितु तस्य विलयं क्रियते ! इति विषये राजनीतिक कथानकानां मध्य रक्षाक्षेत्रेण संलग्ना: जनाः अपि स्व प्रतिक्रियाम् दत्त: !

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा जब सरकार में आएंगे तो उस ज्योति को फिर से जलाएंगे हालांकि सरकार की तरफ से बयान आया है कि ज्योति बुझाई नहीं बल्कि उसका विलय किया जा रहा है ! इस विषय पर राजनीतिक बयानबाजी के बीच रक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है !

भाजपा नेता कपिल मिश्र: कथित: तत इंडिया गेट इत्ये अमर ज्योति गांधी कुटुंबस्याकर्मण्यतायाः सैन्यस्य सैनिकानां बलिदानम् प्रति प्रमादस्य च् प्रतीकमासीत्, स्वस्मै दीर्घ-दीर्घ समाध्य: सैन्याय च् आंग्लानां निर्मितं इंडिया गेट इतस्याधो ज्योतिं धृत्वा कार्यकृतं सम्प्रति अमर जवान ज्योतिं सम्यक् सम्मानपूर्णम् स्थानम् ळब्धति !

बीजेपी नेता कपिल मिश्र ने कहा कि इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति गांधी खानदान के निकम्मेपन और सेना के जवानों के बलिदान के प्रति लापरवाही का प्रतीक था, खुद के लिए बड़ी-बड़ी समाधियां और सेना के लिए अंग्रेजो के बनाये इंडिया गेट के नीचे ज्योति रख कर काम चलाना अब अमर जवान ज्योति को सही सम्मानजनक स्थान मिल रहा है !

आरजेडी सांसद: मनोज झा कथित: ततेदम् अवगम्यतुं आगच्छति तत वर्तमानशासने अतीतस्य महिमाया सह प्रीत्या: भावनाम् भवितुं न शक्नोति, तु यदा भवन्तः इदृशमेव स्मृति परिमर्जनस्य रणनीत्या: आधारम् नयन्ति तर्हीदमवगम्येण भिन्नम् अस्ति ! इदम् न तर्हि साधु राजनीतिमस्ति नैव च् साधु प्रकाशिकी !

आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि यह समझ में आता है कि वर्तमान शासन में अतीत की महिमा के साथ लगाव की भावना नहीं हो सकती है, लेकिन जब आप ऐसी स्मृति मिटाने की रणनीति का सहारा लेते हैं तो यह समझ से परे है ! यह न तो अच्छी राजनीति है और न ही अच्छा प्रकाशिकी !

मल्लिकार्जुन खड़गे इतस्य कथनम्, आरएसएस सैद्धांतिकरूपेण बलिदानमादर्श नापितु एकं भयावह असाधुता मान्यति, अत्र गोलवलकरस्य बंच ऑफ थॉट्स इतस्य अंशम्, यै: सम्प्रति तस्य वेबसाइट इत्येन निर्वर्तितं ! इदमेव कारणमस्ति तत मोदी सर्वकारः अद्यार्ध सद्या: अनंतरम् अमर ज्योतिं विशदिकरोति !

मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान, आरएसएस सैद्धांतिक रूप से शहादत को आदर्श नहीं बल्कि एक घातक दोष मानता है, यहाँ गोलवलकर के बंच ऑफ थॉट्स के अंश, जिन्हें अब उनकी वेबसाइट से हटा लिया गया है ! यही कारण है कि मोदी सरकार आज आधी सदी के बाद अमर जवान ज्योति को बुझा रही है !

मनीष तिवारिण: कथनम्, अमर जवान ज्योतिं नमन कृत्वा वयं वय: अभवतिदं का कर्तुमिच्छति सर्वकारः ? इदम् राष्ट्रीय संकटमस्ति ! राष्ट्रपतिम् यस्मिन् हस्तक्षेपम् करणीयं कुत्रचित् तः सर्वानां सैन्यानां प्रमुख: सन्ति ! भारते बहुस्थानम् वॉर मेमोरियल अस्ति, इदम् किं सिद्धांतमस्ति ? ३४९० हुतात्मान् श्रद्धांजलिम् ददातीदम् अमर जवान ज्योतिं !

मनीष तिवारी का बयान, अमर जवान ज्योति को नमन करके हम बड़े हुए ये क्या करना चाहती है सरकार ? ये राष्ट्रीय आपदा है ! राष्ट्रपति को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए क्योंकि वो सभी सेना के प्रमुख हैं ! भारत में कई जगह वॉर मेमोरियल है, ये क्या लॉजिक है ? 3490 शहीद को श्रद्धांजलि देती है ये अमर जवान ज्योति !

अमर जवान ज्योतिं विशदिकृतं, तेषां योद्धानां शौर्यस्य बलिदानस्य चपमानमस्ति, यै: १९७१ तमस्य युद्धे पकिस्तानस्य द्वे खंडे कृतवान स्म ! ओजस्य इतिहासम् मर्जनस्य भाजपाई इति कुचक्रम् कश्चित देशभक्त: स्वीकारम् न करिष्यति !

अमर जवान ज्योति को बुझाना, उन वीरों के साहस और बलिदान का अपमान है, जिन्होंने 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के दो टुकड़े किए थे ! वीरता के इतिहास को मिटाने की भाजपाई साजिश को कोई देशभक्त बर्दाश्त नहीं करेगा !

हुतात्मानां अपमानस्य मोदी सर्वकारस्येदमाचरणम् बहु घृणितमस्ति ! इंडिया गेट इत्ये अमर जवान ज्योतिं विशदिकृतस्य भाजपा सर्वकारस्य निर्णयम् १९७१ तमस्य युद्धस्य हुतात्मानां अपमानमस्ति, किं शाश्वत ज्वाल भाजपायाः नेत्रानि पीड़ितं करोति ?

शहीदों के अपमान का मोदी सरकार का ये रवैया बहुत घृणित है ! इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति को बुझाने का भाजपा सरकार का फैसला 1971 के युद्ध के शहीदों का अपमान है, क्या शाश्वत ज्वाला भाजपा की आंखों को परेशान करती है ?

किं इदम् सेंट्रल विस्टा योजनाभिः सह साधु प्रकारम् उपयुक्तं नास्ति ? भाजपाम् शौर्यस्य ज्वालान् विशदि कृतस्यापेक्षा चिनेण स्वनागरिकान् सीमा: च् सुरक्षितं कृते ध्यानम् दानीयं !

क्या यह सेंट्रल विस्टा योजनाओं के साथ अच्छी तरह फिट नहीं है ? भाजपा को शौर्य की लपटों को बुझाने के बजाय चीन से अपने नागरिकों और सीमाओं को सुरक्षित करने पर ध्यान देना चाहिए !

आप दलस्य कथनम्, मोदी महोदयः भवतः न कृषकस्य अस्ति न सैनिकस्य १९७१ तमस्य भारत- पाक युद्धे अस्माकं सैनिका: स्वबलिदानम् दत्ता: तस्य स्मरणे ५० वर्षभिः इदम् अमर जवान ज्योतिं विशदिकृत्वा वीर सैनिकानां बलिदानस्यापमानम् कुर्वन्ति ! अयम् देश भवतां क्षन्त न करिष्यति !

आप पार्टी का बयान, मोदी जी आप न किसान के हैं न जवान के 1971 के भारत-पाक युद्ध में हमारे जवानों ने अपनी शहादत दी उनकी याद में 50 वर्षों से ये अमर जवान ज्योति जल रही है ! आप उस ज्योति को बुझाकर वीर जवानों की शहादत का अपमान कर रहे हैं। यह देश आप को माफ नहीं करेगा !

लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया (सेवानिवृत्त), पूर्व डीजीएमओ कथित: तताद्य एकं महत् अवसरमस्ति, इंडिया गेट इत्ये अमर जवान ज्योत्या: राष्ट्रीय युद्ध स्मारकेण सह विलयितं ! इदम् एकं साधु निर्णयम् अस्ति ! अमर जवान ज्योतिं राष्ट्रीय युद्धस्मारके संलग्नस्य काळमागतं !

लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया (सेवानिवृत्त), पूर्व डीजीएमओ ने कहा कि आज एक महान अवसर है, इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति का राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के साथ विलय कर दिया गया है ! यह एक अच्छा फैसला है ! अमर जवान ज्योति को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में मिलाने का समय आ गया है !

मया इति वार्तायाः बहु सन्तोषमस्ति तत इंडिया गेट इत्ये अमर जवान ज्योत्या: शाश्वत ज्योतिं राष्ट्रीय युद्ध स्मारके मेलयति ! कश्चित इदृशमेव जनस्य रूपे येन एनडब्ल्यूएम इतस्य रेखाचित्रचयनम् निर्माणम् चग्रम् बर्धितं स्म, अहम् सदैवतः इति दृष्टिकोणस्य रमामि !

मुझे इस बात का बहुत संतोष है कि इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति की शाश्वत ज्योति को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में मिला दिया जा रहा है ! किसी ऐसे व्यक्ति के रूप में जिसने एनडब्ल्यूएम के डिजाइन चयन और निर्माण को आगे बढ़ाया था, मैं हमेशा से इस दृष्टिकोण का रहा हूँ !

पूर्वसैन्यप्रमुख: विपिन मलिक: कथित: तत सम्प्रति स्वाभाविक वार्तैदमस्ति तत युद्धस्मारकस्य स्थापनां अभवत् कार्यवाह्यां चहनन् सैनिकानां स्मरणेन सम्मानेण च् संबंधितानि सर्वाणि समारोहम् तत्र आयोज्यन्ते !

पूर्व आर्मी चीफ विपिन मलिक ने कहा कि अब स्वाभाविक बात यह है कि राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की स्थापना हो चुकी है और कार्रवाई में मारे गए सैनिकों के स्मरण और सम्मान से संबंधित सभी समारोह वहां आयोजित किए जा रहे हैं !

अमर जवान ज्योत्या: ज्वालाम् गृहीत्वा भांति-भांति प्रकारस्य भ्रांत्य: प्रसरन्ति ! अत्र सद् दृष्टिकोणमस्ति, अमर जवान ज्योत्या: ज्वालाम् न विशदिकरोति ! इदम् दर्शितं अद्भुतमासीत् तत अमर जवान ज्योत्या: ज्वालाम् १९७१ अन्य च् युद्धानां हुतात्मान् श्रद्धांजलिम् दत्तं, तु तस्य कश्चित नाम तत्रोपस्थितं नास्ति !

अमर जवान ज्योति की लौ को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियां फैल रही हैं ! यहाँ सही दृष्टिकोण है, अमर जवान ज्योति की लौ बुझ नहीं रही है ! इसे राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में ज्वाला में विलीन किया जा रहा है !यह देखना अजीब था कि अमर जवान ज्योति की लौ ने 1971 और अन्य युद्धों के शहीदों को श्रद्धांजलि दी, लेकिन उनका कोई नाम वहां मौजूद नहीं है !

इंडिया गेट इत्ये अंकित नाम केवलं केचन हूतात्मानां सन्ति यै: प्रथम विश्व युद्धे एंग्लो-अफगान युद्धे च् आंग्लेभ्यः रणम् रणिता: स्म इति प्रकारम् चिदम् अस्माकं औपनिवेशिकातीतस्य प्रतीकमस्ति ! १९७१ तमस्य तस्य पूर्वस्य चनंतरस्य च् युद्धै: सह सर्वानां युद्धानां सर्वानां भारतीय हुतात्मानां राष्ट्रीय युद्ध स्मारके धृतानि !

इंडिया गेट पर अंकित नाम केवल कुछ शहीदों के हैं जिन्होंने प्रथम विश्व युद्ध और एंग्लो-अफगान युद्ध में अंग्रेजों के लिए लड़ाई लड़ी थी और इस प्रकार यह हमारे औपनिवेशिक अतीत का प्रतीक है ! 1971 और उसके पहले और बाद के युद्धों सहित सभी युद्धों के सभी भारतीय शहीदों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में रखे गए हैं !

अतएव तत्र हुतात्मान् श्रद्धांजलिमर्पितं एकं सद् श्रद्धांजलिमस्ति ! बिडंबनैदमस्ति तत यै: जनाः सप्त दशकानि एव राष्ट्रीय युद्ध स्मारकं नारचयत्, ते अधुना अस्माकं हुतात्मान् स्थायी उचितं च् श्रद्धांजलिम् दत्ते उत्पातं कुर्वन्ति !

इसलिए वहां शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना एक सच्ची श्रद्धांजलि है ! विडम्बना यह है कि जिन लोगों ने 7 दशकों तक राष्ट्रीय युद्ध स्मारक नहीं बनाया, वे अब हमारे शहीदों को स्थायी और उचित श्रद्धांजलि देने पर हंगामा कर रहे हैं !

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