सिखानां बलिदानम् स्मृत्वा बदित: पीएम मोदी- औरंगजेबस्य विरुद्धम् गुरु तेगबहादुरस्य संघर्षम् आतंकेण रणितुम् शिक्षयति ! सिखों के बलिदान को याद कर बोले PM मोदी- औरंगजेब के खिलाफ गुरु तेग बहादुर का संघर्ष आतंक से लड़ना सिखाता है !

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भारतस्य स्वतन्त्रतायां राष्ट्रनिर्माणे सिख समुदायस्य योगदानं रेखांकयन्, प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी शनिवासरं कथित: तत गुरु तेगबहादुरस्य वीरता औरंगजेबस्य विरुद्धम् तस्यबलिदानम् च् शिक्षयति तत देशम् केन प्रकारेण आतंकस्य धार्मिकातिवादस्य च् विरुद्धम् रणित: !

भारत की आजादी और राष्ट्र निर्माण में सिख समुदाय के योगदान को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि गुरु तेग बहादुर की वीरता और औरंगजेब के खिलाफ उनका बलिदान सिखाता है कि देश किस तरह से आतंकवाद और धार्मिक अतिवाद के खिलाफ लड़ा !

गुजरातस्य कच्छे गुरुद्वारा लखपत साहिबे गुरुपर्व समारोहम् वर्चुवल माध्यमेण संबोध्यन् प्रधानमंत्री कथित: अद्य यदाहमिति पावन स्थानेण संयुक्तामि तर्हि मया स्मरामि ततातीते लखपत महाशयः कीदृशं कीदृशं झंझावतान् दर्शित: !

गुजरात के कच्छ में गुरुद्वारा लखपत साहिब में गुरुपर्व समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा आज जब मैं इस पवित्र स्थान से जुड़ रहा हूँ तो मुझे याद आ रहा है कि अतीत में लखपत साहब ने कैसे कैसे झंझावतों को देखा है !

२००१ तमस्य भूकंपस्यानंतरम् गुरुकृपायैति पावन स्थानस्य सेवायाः सौभाग्यम् ळब्धं स्म ! मया स्मरणं अस्ति, तदा देशस्य भिन्न-भिन्न अंशभिः आगता: शिल्प्य: इति स्थानस्य मौलिक गौरवम् संरक्षिता: ! पीएम मोदी कथित: अद्य देशम् सर्वानां सहाय्य, सर्वानां विकासम् सर्वानां विश्वासस्य च् मंत्रे अग्रम् बर्धयति !

2001 के भूकंप के बाद मुझे गुरु कृपा से इस पवित्र स्थान की सेवा करने का सौभाग्य मिला था ! मुझे याद है, तब देश के अलग-अलग हिस्सों से आए शिल्पियों ने इस स्थान के मौलिक गौरव को संरक्षित किया ! पीएम मोदी ने कहा आज देश सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है !

इति मंत्रेण सहाद्य देशम् सर्वानां प्रयासम् स्वशक्तिम् निर्म्यते ! आंग्लानां शासने अपि अस्माकं सिख भ्रातरः भगिन्य: येन वीरताया सह देशस्य स्वतंत्रताय संघर्षम् कृतवान, अस्माकं स्वतंत्रतायाः संग्राम, जलियांवालाबागस्य तत धरा, अद्यापि एतेषां बलिदानानां साक्षिमस्ति !

इस मंत्र के साथ आज देश सबका प्रयास को अपनी ताकत बना रहा है ! अंग्रेजों के शासन में भी हमारे सिख भाइयों बहनों ने जिस वीरता के साथ देश की आजादी के लिए संघर्ष किया, हमारा आजादी का संग्राम, जलियांवाला बाग की वो धरती, आज भी उन बलिदानों की साक्षी है !

औरंगजेबस्य विरुद्धम् गुरुतेगबहादुरस्य पराक्रमम् तस्य च् बलिदानमस्माभिः शिक्षयति ततातंकेण धार्मिककटुताया च् देशम् कीदृशा: रणति ! इदमेव प्रकारम्, दशमगुरु गुरु गोबिंद सिंह साहिबस्य जीवनं अपि पगे-पगे तपस्य बलिदानस्य च् एकम् जीवितुम् उदाहरणमस्ति !

औरंगजेब के खिलाफ गुरु तेग बहादुर का पराक्रम और उनका बलिदान हमें सिखाता है कि आतंक और मजहबी कट्टरता से देश कैसे लड़ता है ! इसी तरह, दशम गुरु गुरु गोबिन्द सिंह साहिब का जीवन भी पग-पग पर तप और बलिदान का एक जीता जागता उदाहरण है !

प्रधानमंत्री मोदी कथित: यं प्रकारम् गुरुतेगबहादुर महोदयः मानवताम् प्रति स्वविचारेभ्यः सदैवाडिग: रमित:, ततास्माभिः भारतस्यात्मायाः दर्शनं कारयति ! यं प्रकारम् देशम् तै: हिंदस्यचादर इतस्य स्थानम् दत्त:, ततास्माभिः सिख परंपरां प्रति प्रत्येक भारतवासिण: प्रीतिम् दर्शयति !

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा जिस तरह गुरु तेगबहादुर जी मानवता के प्रति अपने विचारों के लिए सदैव अडिग रहे, वो हमें भारत की आत्मा के दर्शन कराता है ! जिस तरह देश ने उन्हें हिन्द की चादर की पदवी दी, वो हमें सिख परंपरा के प्रति हर एक भारतवासी के जुड़ाव को दिखाता है !

अस्माकं गुरुणां योगदानम् केवलं समाजैवाध्यात्मैव च् सीमितम् नास्ति, अपितु अस्माकं राष्ट्र, राष्ट्रस्य चिंतनम्, राष्ट्रस्यास्थाखंडताम् चद्य सुरक्षितमस्ति, तर्हि तस्यापि मूलेसिख गुरुणां महान तपश्चर्यामस्ति !

हमारे गुरुओं का योगदान केवल समाज और अध्यात्म तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हमारा राष्ट्र, राष्ट्र का चिंतन, राष्ट्र की आस्था और अखंडता अगर आज सुरक्षित है, तो उसके भी मूल में सिख गुरुओं की महान तपस्या है !

कोरोनायाः तीक्ष्ण काले अस्माकं गुरुद्वारा: यं प्रकारं सेवायाः जिम्मेवारिमुत्थिता:, तत गुरुमहाशयस्य कृपायाः तस्यादर्शानां चिव प्रतीकमस्ति, प्रधानमंत्री मोदी गुरुद्वारानां उल्लेख्यन् कथित: इदमेव प्रकारम् गुरु अर्जुन देव महोदयः पूर्ण देशस्य संतानां सद्विचारान् संगठित: संपूर्ण देशमपि च् एकतायाः सुत्रे संगठित: !

कोरोना के कठिन समय में हमारे गुरुद्वारों ने जिस तरह सेवा की जिम्मेदारी उठाई, वो गुरु साहब की कृपा और उनके आदर्शों का ही प्रतीक है,प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुद्वारों का जिक्र करते हुए कहा इसी तरह गुरु अर्जुन देव जी ने पूरे देश के संतों के सद्विचारों को पिरोया और पूरे देश को भी एकता के सूत्र में जोड़ दिया !

इंद्रप्रस्थस्य गुरुद्वारा बंगला साहबे सः पीड़ितजनानां आमनिवारित्वा मानवतायाः यत् मार्गम् दर्शित: स्म, तत अद्यापि प्रत्येक सिखेभ्यः प्रत्येक भारतवासिभिः च् प्रेरणामस्ति ! गुरु नानकदेव महोदयः तस्यानंतरम् च् अस्माकं भिन्न-भिन्न गुरवः भारतस्य चेतनाम् तर्हि प्रज्वलितं तर्हि धृतारेव भारतमपि सुरक्षितं धृतस्य मार्गम् निर्मिता: !

दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहब में उन्होंने दुखी लोगों का रोग निवारण कर मानवता का जो रास्ता दिखाया था, वो आज भी हर सिख और हर भारतवासी के लिए प्रेरणा है ! गुरु नानक देव जी और उनके बाद हमारे अलग-अलग गुरुओं ने भारत की चेतना को तो प्रज्वलित तो रखा ही भारत को भी सुरक्षित रखने का मार्ग बनाया !

इदम् गुजराताय सदैव गौरवस्य वार्ता रमति तत खालसापंथस्य स्थापनायां महतभूमिका निर्वहका: पंजप्यारेषु तः चतुर्थ गुरसिख:, भातृ मोकहम सिंह महोदयः गुजरातस्येवासीत् ! देवभूमि द्वारकायां तस्य स्मृत्यां गुरुद्वारा बेट द्वारका भातृ मोहकम सिंहस्य निर्माणमभवत् !

ये गुजरात के लिए हमेशा गौरव की बात रही है कि खालसा पंथ की स्थापना में अहम भूमिका निभाने वाले पंज प्यारों में से चौथे गुरसिख, भाई मोकहम सिंह जी गुजरात के ही थे ! देवभूमि द्वारका में उनकी स्मृति में गुरुद्वारा बेट द्वारका भाई मोहकम सिंह का निर्माण हुआ है !

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