जहांगीरपुरी हिंसायां आहत: एएसआई अरुण कुमार: कथित: प्रस्तराणां वर्षामभवत्, घातका: बांग्लायां अपशब्दानि ददान्ति स्म ! जहांगीरपुरी हिंसा में घायल एएसआई अरुण कुमार ने कहा पत्थरों की बारिश हुई, हमलावर बांग्ला में गाली दे रहे थे !

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देहल्या: जहांगीरपुर्यां शनिवासरम् अभवत् हिंसायां अष्टारक्षककर्मिण: अपि आहताः ! देहली आरक्षकः प्रकरणे १४ जनान् बंधने कृतः ! हिंसायाः काळम् गुलिकाघाते आहत: एसआई मेदालाल: मीडियातः वार्तालापे वृहतभिज्ञानम् दत्त: !

दिल्ली के जहांगीर पुरी में शनिवार को हुई हिंसा में 8 पुलिसकर्मी भी घायल हुए ! दिल्ली पुलिस ने मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है ! हिंसा के दौरान फायरिंग में घायल हुए एसआई मेदालाल ने मीडया से बातचीत में बड़ी जानकारी दी !

मेदालाल: कथित: तत मस्जिदस्य संमुखम् वार्तालापस्य अनंतरम् हिंसाभवत्, भवनस्योपरितः संमुखेण च् प्रस्तरप्रहारम् भवति स्म ! केचन उत्पातकानां हस्तेषू खड्ग, केचनस्य हस्तेषू दंडम् आसन् ! सी खण्डम् प्रत्या ७-८ क्रमानुसारम् गुलिका घातमभवत् !

मेदालाल ने कहा कि मस्जिद के सामने बहस के बाद हिंसा हुई, छत से और सामने से पत्थरबाजी हो रही थी ! कुछ दंगाइयों के हाथ में तलवार, कुछ के हाथ में डंडे थे ! सी ब्लॉक की तरफ से 7-8 राउंड फायरिंग हुई !

सः कथित: तत आरक्षकः द्वे पक्षे अवगम्यित: ! वयं कुशल चौक निःसृताः, अनुभूता: शांतिमभवत् ! अनंतरे सम्मर्द: आगतं प्रस्तरप्रहारम् चभवत् ! कुशल चौके इव मया गुलिकाहत: ! सम्मर्दे कश्चितस्य मुखम् न दर्शित: !

उन्होंने कहा कि पुलिस स्टाफ ने दोनों पक्षों को समझाया ! हम कुशल चौक निकल गए, लगा कि शांति हो गई ! बाद में पब्लिक आई और पत्थरबाजी हुई ! कुशल चौक पर ही मुझे गोली लगी ! भीड़ में किसी का चेहरा नहीं दिखा !

तत्रैव हिंसायां आहत: एएसआई अरुण कुमार: कथित: ततेदम् कुचक्रमनुभवति ! एकेण सह इयत् जनाः कीदृश: आगतं ! सी खण्ड क्षेत्रात् प्रस्तर आगच्छति स्म, काचकूपकानि अपि आगच्छति स्म !

वहीं हिंसा में घायल हुए एएसआई अरुण कुमार ने कहा कि ये साजिश लगती है ! एक साथ इतने लोग कैसे आ गए ! सी ब्लॉक साइट से पत्थर आ रहे थे, बोतलें भी आ रही थीं !

इयत् प्रस्तर अक्षिपन् ज्ञातम् न कुत्रात्- कुत्रात् आगच्छति स्म ! सहस्राणि जनाः आसन् ! इयत् प्रस्तर आगच्छति स्म यथा वर्षाम् भवति, घातकाः बांग्लायां अपशब्दानि ददान्ति स्म ! मम स्कंधे मुखे च् प्रस्तर घातितः !

इतने पत्थर फेंके गए पता नहीं कहां-कहां से आ रहे थे ! हजारों लोग थे ! इतने पत्थर आ रहे थे जैसे बारिश हो रही हो, हमलावर बांग्ला में गाली दे रहे थे ! मेरे कंधे और जबड़े पर पत्थर लगा !

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