सावरकरस्य सुषमा स्वराज्या: नाम्नो: निर्मिष्यत: डीयू इतस्य नव विद्यालयानि, इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय इतस्य गोष्ठ्यां महत्वपूर्णम् निर्णयम् ! सावरकर और सुषमा स्वराज के नाम पर बनेंगे डीयू के नए कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय की बैठक में अहम फैसला !

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इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालयं स्व एक्जीक्यूटिव काउंसिल इतस्य गोष्ठ्यां इदम् निर्णीतं ततागतेषु दिवसेषु इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालयस्य नव विद्यालयाणां केंद्राणां च् नाम वीर सावरकरस्य दिवगंत भाजपा नेता सुषमा स्वराज्या: नाम्नो: धृतिष्यतः !

दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपनी एक्जीक्यूटिव काउन्सिल की बैठक में ये निर्णय लिया कि आने वाले दिनो में दिल्ली विश्वविद्यालय के नए कॉलेजों और सेंटरो का नाम वीर सावरकर और दिवंगत भाजपा नेता सुषमा स्वराज के नाम पर रखा जाएगा !

डीयू वीसी योगेश सिंहस्यानुसारम् तर्हि अगस्ते सर्व सम्मत्या इदम् प्रस्तावम् एके गोष्ठ्यां पारितं स्म ! कार्यकारिणी परिषदस्य गोष्ठिमगस्ते अभवत् स्म यस्मिन् विश्वविद्यालयस्य नव निर्मितका: विद्यालयाणां केंद्राणां वा नामानि सरदार पटेले !

डीयू वीसी योगेश सिंह की माने तो अगस्त में सर्वसम्मति से ये प्रपोजल एक बैठक में पारित किया गया था ! कार्यकारिणी परिषद की बैठक अगस्त में हुई थी जिसमें यूनिवर्सिटी के नए बनने वाले कॉलेजों व सेंटरों के नाम सरदार पटेल !

सुषमा स्वराज्यां, स्वामी विवेकानंदे वीर सावरकरे धृतानां उपदेशम् दत्तं स्म ! गोष्ठ्यां परामर्शसभाम् अटल बिहारी वाजपेयिण:, सावित्री बाई फुलेस्य अरुण जेटलिण: नाम्नामपि उपदेशम् दत्तं स्म !

सुषमा स्वराज, स्वामी विवेकानंद और वीर सावरकर पर रखने का सुझाव दिया गया था ! बैठक में काउंसिल ने अटल बिहारी वाजपेयी, सावित्री बाई फुले, अरुण जेटली के नाम का भी सुझाव दिया था !

यस्मिन् अंतिम निर्णयम् नीतस्य अधिकार: कुलपतिं दत्तं स्म ! कुलपति योगेश सिंह: शुक्रवासरमभवत् ईसी इतस्य गोष्ठ्यां पूर्व गोष्ठ्याः समस्त निर्णयान् अनुधन् इदम् निश्चितं तत सम्प्रति यत् नव केन्द्राणि विद्यालयाणि वा निर्मितानि तेषां नाम वीर सावरकरे सुषमा स्वराज्याम् च् धृतिष्यतः !

इस पर अंतिम फैसला लेने का अधिकार कुलपति को दिया गया था ! कुलपति योगेश सिंह ने शुक्रवार को हुई ईसी की बैठक में पिछली बैठक के सारे फैसलों को मंजूरी देते हुए ये तय किया है कि अब जो नए सेंटर व कॉलेज बनेंगे उनका नाम वीर सावरकर और सुषमा स्वराज पर रखा जाएगा !

दृष्टिगतम् सन्ति तत वीरसावरकरम् गृहीत्वा पूर्व दिवसानि राजनीतिक वीथिसु वादम् दर्शनम् ळब्धं स्मास्यैव च् शुक्रवासरमभवत् गोष्ठ्यां बहु कार्यकारी परिषदस्य सदस्या: अपि आपत्तिम् व्यक्त: !

गौरतलब हैं कि वीर सावरकर को लेकर पिछले दिनों राजनीतिक गलियारों में बहस देखने को मिली थी और इसी पर शुक्रवार को हुई बैठक में कई कार्यकारी परिषद के सदस्यों ने भी आपत्ति जताई !

सदस्य प्रवक्ता राजपाल सिंह पवारस्यानुसारम् तर्हि डीयू केंद्र सर्वकारस्य चीयरलीडर इतस्य प्रकारम् व्यवहरति ! विद्यालयस्य नाम तान् जनानां नामनि ध्रीति यस्य इतिहासम् बालकान् पाठितुम् शक्नुत:, डीयू इत्येन इदृशं बहवः विद्वाना: निःसृता: !

मेम्बर प्रोफेसर राजपाल सिंह पवार की मानें तो डीयू केंद्र सरकार के चीयरलीडर की तरह व्यवहार कर रहा हैं ! कॉलेज का नाम उन लोगों के नाम पर रखा जाता हैं जिनका इतिहास बच्चों को पढ़ाया जा सके, डीयू से ऐसे कई विद्वान निकले हैं !

तु कश्चितैव इदृशं जनानां नामनि विद्यालयानि नाम धृतानि यस्य डीयू इतस्य इतिहासेण कश्चित योगदानं न मया तेषु आपत्तिम् सन्ति ! अहम् सरदार पटेल:, ज्योतिबा फुले, साहेब सिंह वर्मा एतेषु नामसु विद्यालयाणां नाम धृतस्य वार्ता कथित: स्म !

लेकिन किसी ऐसे व्यक्ति के नाम पर कॉलेज का नाम रखना जिसका डीयू की हिस्ट्री से कोई लेना नहीं हमें उस पर आपत्ति हैं ! हमने सरदार पटेल, ज्योतिबा फुले, साहेब सिंह वर्मा इन सबके नाम पर कॉलेज का नाम रखने की बात कही थी !

इति प्रकरणे सम्प्रति कार्यकारी परिषदस्य भिन्न भिन्न सदस्यानां उपदेशम् संमुखमागच्छन्ति ! प्रवक्ता वीएस नेगिण: अनुसारम् बहु शिक्षका: राजनित्या प्रेरित्वा यस्य विरोधम् कुर्वन्ति !

इस मामले में अब कार्यकारी परिषद के अलग अलग मेम्बर्ज की राय सामने आ रही हैं ! प्रोफेसर वीएस नेगी की माने तो कई शिक्षक राजनीति से प्रेरित होकर इसका विरोध कर रहे हैं !

देशस्य अन्संग हीरोज इतम् प्रत्ये जनान् ज्ञानीयं इदम् च् काळमस्ति तताहम् तै: सम्मानम् ददान्तु ! बहु सदस्या: निर्विरोधम् कथिता: तत ताः इच्छन्ति तत वीर सावरकरस्य नामनि विद्यालयाणि असि येन च् शीघ्रमेव प्रयोगमानिष्यति !

देश के अन्संग हीरोज के बारे में लोगों को पता होना चाहिए और ये समय है कि हम उन्हें सम्मान दें ! कई मेम्बर्ज ने निर्विरोध कहा हैं कि वो चाहते हैं कि वीर सावरकर के नाम पर कॉलेज हो और इसे जल्द ही अमल में लाया जाएगा !

भाजपायाः राष्ट्रीय महामंत्री महिला सभायाः डूसू इतस्य च् पूर्व सचिव दीप्ति रावत कथिता, डूसू विद्यालयाणां नाम वीर सावरकरस्य सुषमा स्वराज्या: च् नाम्नो: धृत्यो निर्णयस्याहम् स्वागतम् करोमि ! अस्माकं आगन्तुका: वंशानिदम् ज्ञानीयं तत देशाय का का त्यजितं बलिदानम् च् कृतं !

भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री महिला मोर्चा और डूसू की पूर्व सचिव दीप्ति रावत ने कहा, डूसू कॉलेजों का नाम वीर सावरकर और सुषमा स्वराज के नाम पर रखने के फैसले का हम स्वागत करते हैं ! हमारी आने वाली पीढ़ियों को ये पता चलना चाहिए कि देश के लिए किस किसने त्याग किया और बलिदान किया है !

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