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Thursday, May 26, 2022

यत्र दीपावल्यां प्रस्फोटदग्धे भवितं कारागारं, तदा कथितुम् भवति, अंततः वयं कश्चित देशे रमाम: ? हिंदुस्ताने पकिस्ताने वा ? जहां दीपावली पर पटाखे जलाने पर हो जाये जेल, तब कहना पड़ता है, आखिर हम किस देश में रहते हैं ? हिंदुस्तान या पाकिस्तान में ?

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फोटो साभार आप इंडिया

अद्य अहमेकम् कार्यक्रमम् दर्शयामि स्म, सम्भवतः पुरातनमासीत्, तस्य प्रस्तुतकर्ता अजित अंजुम: यत् एकः वरिष्ठ: वार्ताकार: अपि सन्ति तस्मिन् एकः मुल्ला महोदयः संस्कृतस्य श्लोकम् यत् कश्चित प्रकारम् वाचनम् करोति, प्रस्तुतकर्ता महोदयः बहु प्रशंसति साधु बहु सम्यकमस्ति इत्यादयः !

आज हम एक शो देख रहे थे, शायद पुराना था, उसकी एंकरिंग अजित अंजुम जो एक वरिष्ठ पत्रकार भी हैं उसमें एक मुल्ला जी संस्कृत का श्लोक जो किसी तरह वाचन कर देते हैं, एंकर महोदय बड़ी तारीफ करते हैं वाह बहुत अच्छा है आदि आदि !

मुल्ला महोदयः स्पष्टेषु शब्देषु ममता बनर्जिम् देवी कथ्यति तत सा कदापि हिन्दू मुस्लिमयो अन्तरम् न अवगम्यति तर्हि पुनः इदम् किं अस्ति ? पश्चिम बंगस्य कलिकातायां आरक्षकः हिन्दुनां दीपोत्सवस्य अवसरे प्रस्फोटदग्धकानां विरुद्धम् कार्यवाहिम् कृतमस्ति !

मुल्ला जी खुले शब्दों में ममता बनर्जी को देवी कह देते हैं कि वह कभी हिन्दू मुस्लिम में अंतर नहीं समझती हैं तो फिर यह क्या है ? पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पुलिस ने हिंदुओं के त्योहार दिवाली के मौके पर पटाखा फोड़ने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है !

कलिकातारक्षकः दीपोत्सवे संपूर्ण रात्रिम् चालित: अभियाने समस्त ७२० जनान् बंधने कृतः ! साल्ट लेकस्य तस्यार्श्व पार्श्व न्यूनात्न्यूनम् ७५ जनान् बंधने कृतः ! कलिकातारक्षकस्य एकः अधिकारी ज्ञापित: तत पूर्व वर्षम् नगरे ६०५ जनान् बंधने कर्तुम् गत: स्म !

कोलकाता पुलिस ने दिवाली में रात भर चलाए गए अभियान में कुल 720 लोगों को गिरफ्तार किया ! साल्ट लेक और उसके आसपास कम से कम 75 लोगों को गिरफ्तार किया गया ! कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले साल शहर में 605 लोगों को गिरफ्तार किया गया था !

भो भ्रात: यै: कानि पातकानि कृता: स्म, कं सीमा पारम् कृत्वा आगता: स्म यत् येषां बंधनमभवत्, केवलं प्रस्फोटदग्धैव येषां पातकमस्ति तदा तर्हि ममता महोदया भवतीम् मार्गे नमाज पाठकेषु अपि प्रतिबंधनीयं कुत्रचित यदा मार्गे नमाज पठ्यते, तर्हि साधारण जनान् बहु पीड़ाम् भवति !

अरे भाई इन्होंने कौन सा जुर्म किया था, कौन सा बार्डर पार करके आये थे जो इनकी गिरफ्तारी हुई, केवल पटाखा जलाना ही इनका जुर्म है तब तो ममता जी आपको रास्ते पर नमाज पढ़ने वालों पर भी प्रतिबंध लगाना चाहिए क्योंकि जब रास्ते पर नमाज पढ़ी जाती है, तो आम नागरिकों को बहुत परेशानी होती है !

ममता महोदया समस्त ज्ञानम् समस्त विधिम् केवलं हिन्दुभ्यः अस्ति ! भवताम् विचारम् किमस्ति हिन्दू स्वोत्सवान् मान्यतुम् त्यजतु, भवती कदापि मुस्लिम उत्सवेषु तर्हि कश्चित विधिज्ञान न प्रदर्शयति ! मस्जिदेषु कर्णौ पीड़ादत्तका: लाउडस्पीकर इत्ये कदापि भवताम् ध्यानम् गता: !

ममता जी सारा ज्ञान सारा कानून केवल हिंदुओं के लिए है ! आप लोगों की सोंच क्या है हिन्दू अपने त्योहारों को मनाना छोड़ दें, आप ने कभी मुस्लिम त्योहारों पर तो कोई कानूनी ज्ञान नहीं प्रदर्शित करती हैं ! मस्जिदों पर कान को तकलीफ देने वाले लाउडस्पीकर पर कभी आप लोगों का ध्यान गया है !

लाउडस्पीकरतः अति भयावहरवं भवति, यान् सह्यतुम् कठिनम् भवति, यस्मात् ध्वनि प्रदूषणम् भवति, यस्मिन् कदापि दृष्टा, इदम् एकस्य दिवसस्य कार्यम् नास्ति प्रतिदिनस्य कार्यमस्ति, नित्यमेव ध्वनि प्रदूषणम् भवति, तस्मिन् कदापि कार्यवाहिम् कृतस्य यत्नम् करोतु !

लाउडस्पीकर से इतनी भयावह आवाज होती है, जिसको बर्दाश्त करना मुश्किल होता है, जिससे ध्वनि प्रदूषण होता है, इस पर कभी गौर किया है, यह एक दिन का कार्य नहीं है रोज का कार्य है, नित्य ही ध्वनि प्रदूषण होता है, उस पर कभी कार्यवाही करने का यत्न कर देती !

इदम् तैव वार्ताभवत् तत धर्मनिरपेक्षताया: ओटे भवती हिंदून् सम्पादितस्य योजनां निर्मयन्ति, केचन जनाः येन प्रदूषणकर्ता कथ्यन्ति, किं यदा दीपोत्सव यथा हिन्दुनां पर्वाणि आगच्छति तदापि प्रदूषणस्य जन्म भवति, मुस्लिमानां ईसाईनां वा पर्वेषु प्रदूषणम् मध्यग: नेतृणाम् सम्पुटेषु वसति ?

यह वही बात हुई कि धर्मनिरपेक्षता के आड़ में आप हिन्दुओं को समाप्त करने की योजना बना रही हैं, कुछ लोग इसे प्रदूषण करने वाला कहते हैं, क्या जब दीपावली जैसे हिन्दुओं के पर्व आते हैं तभी प्रदूषण का जन्म होता है, मुस्लिमों व ईसाइयों के पर्व पर प्रदूषण दलाल नेताओं के बक्सों में रहता है ?

शीघ्रमेव महाराष्ट्रे एकस्य नर्तकस्य पुत्र मद्यक: कारागारतः मुक्त: तर्हि अति प्रस्फोटदग्धितानि, यति संपूर्ण महाराष्ट्रे दीपवळ्यां न दग्धुम् भविष्यति, तदा प्रदूषणम् कुत्र गतवान स्म, कांग्रेसस्य नेता नवाब मलिकस्य गृहे ? केवलं हिन्दूत्सवानां आगमनमसि, तत ज्ञान गंगा प्रवाहितं भवति !

जल्द ही महाराष्ट्र में एक नचनियां का पुत्र नशेड़ी जेल से छूटा तो इतने पटाखे जलाए गए, जितने पूरे महाराष्ट्र में दीपावली पर नहीं जलाए गए होंगे, तब प्रदूषण कहाँ चला गया था, कांग्रेस के नेता नवाब मलिक के घर में ? बस केवल हिन्दू त्योहारों का आगमन हो, कि ज्ञान गंगा प्रवाहित होने लगती है !

होलिकायां जलस्य रूदनम्, दीपवळ्यां प्रदूषणस्य रूदनम्, तु इदृशा: निम्नतरा: नेतृन् कदापि बकरीदे निरीह पशवानां कर्तने ज्ञानं दत्तन् न दर्शितं, मस्जिदै: नित्यं ध्वनि प्रदूषणम् प्रसारे कदापि ज्ञानम् दत्तन् न दर्शितं ! इदमेव तर्हि धर्मनिरपेक्षतामस्ति !

होली पर पानी का रोना, दीपावली पर प्रदूषण का रोना, मगर ऐसे तुच्छ नेताओं को कभी बकरीद पर निरीह जानवरों के कटने पर ज्ञान देते हुए नहीं देखा, मस्जिदों द्वारा रोज ध्वनि प्रदूषण फैलाने पर ज्ञान देते हुए नहीं देखा, रास्ते पर नमाज पर कभी ज्ञान देते हुए नहीं देखा ! यही तो धर्मनिरपेक्षता है !

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