अंततः आडवाणिम् दुर्नामस्य नामनि कांग्रेसं स्वीकृतं तत कश्मीरीपंडितेषु उत्पीडनमभवत् ! आखिरकार आडवाणी को बदनाम करने के नाम पर कांग्रेस ने स्वीकार किया कि कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार हुआ !

0
222

चलचित्र द कश्मीर फाइल्स इत्यां बहु राजनितिं भवति ! कदापि भाजपा तर्हि कदापि कांग्रेसम् इति चलचित्रस्य माध्यमेण परस्परं प्रहारके भवतः ! चलचित्रस्य माध्यमेण १९९० तमे कश्मीरे अभवन् कश्मीरी पंडितान् नरसंहारम् तेषां पलायनम् एकदा पुनः चर्चायां आगतं !

फिल्म द कश्मीर फाइल्स पर अब जमकर राजनीति हो रही है ! कभी बीजेपी तो कभी कांग्रेस इस फिल्म के माध्यम से एक-दूसरे पर हमलावर हो रही हैं ! फिल्म के माध्यम से 1990 में कश्मीर में हुए कश्मीरी पंडितों का नरसंहार और उनका पलायन एक बार फिर चर्चा में आ गया है !

अधुना कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला भाजपाम् इति प्रकरणे अवरुद्धयति ! सः कथित: तताडवाणी महोदयः विभाजकं रथयात्राम् चालयति स्म ! यदा उत्पीडनम् भवति स्म तदा वीपी सिंह सर्वकारः दर्शितुं रमित: रथयात्रायां च् मोदी महोदयः अपि आडवाणी महोदयेण सह रथयात्राम् निस्सरति स्म !

अब कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी को इस मसले पर घेरा है ! उन्होंने कहा कि आडवाणी जी बंटवारे वाली रथ यात्रा चला रहे थे ! जब अत्याचार हो रहा था तब वीपी सिंह सरकार देखती रही और रथ यात्रा में मोदी जी भी आडवाणी जी के साथ रथ यात्रा निकाल रहे थे !

हिंदुस्तानचलचित्रेषु न चरिष्यति, शासनेण नित्या च् चरिष्यति ! तत काळम् केवलं एकं दळं विरोधं कृतं, सः विपक्षस्य नेतासीत् राजीव गांधिन्, येन संसदम् अवरुद्धं, सः अपि कश्मीरी पंडितस्य कुटुंबतः सन्ति ! यस्मात् पूर्वम् भौमवासरम् सुरजेवाला एकस्यानंतरमेकं बहु ट्वीतं कृत्वा सर्वकारे लक्ष्यम् लक्षित: स्म !

हिंदुस्तान फिल्मों से नहीं चलेगा, शासन और नीति से चलेगा ! उस समय सिर्फ एक दल ने विरोध किया, वो विपक्ष के नेता थे राजीव गांधी, जिन्होंने संसद को घेरा, वो भी कश्मीरी पंडित के परिवार से हैं ! इससे पहले मंगलवार को सुरजेवाला ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा था !

सः कथित: तत मोदी महोदयः ज्ञापयतु, यदा १९९० तमे कश्मीरी पंडितातंकस्य बर्बरतायाः चधो पलायनं विवश: अभवत्, तदा भाजपायाः ८५ सांसदा:, येषां समर्थनेण केंद्रस्य वीपी सिंह सर्वकारः चरति स्म, का करोति स्म ? मुख्यमंत्रिम् निर्वर्तित्वा तस्य स्थापित: राज्यपाल: सुरक्षादत्तस्यापेक्षा पंडितान् पलायितुं किं उद्दत: ?

उन्होंने कहा कि मोदी जी बताएं, जब 1990 में कश्मीरी पंडित आतंक और बर्बरता के साये में पलायन को मजबूर हुए, तब भाजपा के 85 सांसद, जिनके समर्थन से केंद्र की वीपी सिंह सरकार चल रही थी, क्या कर रहे थे ? CM को हटाकर उनके बिठाए राज्यपाल ने सुरक्षा देने की बजाय पंडितों को पलायन के लिए क्यों उकसाया ?

स्मरन्तु, भाजपा समर्थित सर्वकारे यदा कश्मीरी पंडितान् उत्पीडनम् पलायनम् च् भवन्ति स्म तदा राजीव गांधी महोदयः संसदस्य परितः अवरुद्ध:, तस्य स्वरम् उत्थित: ! यदि भाजपामिति त्रासदिम् मौन समर्थनम् दत्तं, राजनीतिक लाभाय रथयात्राम् निःसृतुं रमितं !

याद करें, भाजपा समर्थित सरकार में जब कश्मीरी पंडितों का उत्पीड़न और पलायन हो रहा था तब राजीव गांधी जी ने संसद का घेराव किया, उनकी आवाज उठायी ! मगर भाजपा ने इस त्रासदी को मौन समर्थन दिया, राजनीतिक फायदे के लिए रथ यात्रा निकालते रहे !

इदम् तदापि तादृशं आसीतधुनापि च् तादृशमेव सन्ति ! सः कथित: तत ८ वर्षेषु मोदी सर्वकारः कश्मीरी पंडितान् पुनर्वासाय का कृतं ? कश्मीरे पुनः स्थितिं भयावह अभवत्, हिंसा बर्धितं सहस्रान् कश्मीरिन् पलायन कर्तुं अभवन् !

ये तब भी वैसे थे और अब भी वैसे ही हैं ! उन्होंने कहा कि 8 सालों में मोदी सरकार ने कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए क्या किया ? कश्मीर में फिर से हालात बद्तर हुए, हिंसा बढ़ी और हजारों कश्मीरियों को पलायन करना पड़ा !

यदा कश्मीरी पंडितेभ्यः केचन कर्तुं न शक्नुतं तर्हि चलचित्र दर्शाये संलग्नम् ? द्वेषस्य कृष्या लाभस्य शष्यं कदैव ? यदा कश्मीरी पंडिताः पलायनं विवश: आसन्, यदा भवताम् समर्थनेण इंदप्रस्थस्य सर्वकारः चरति स्म !

जब कश्मीरी पंडितों के लिए कुछ नहीं कर सके तो फिल्म दिखाने में जुट गए ? नफरत की खेती से फायदे की फसल कब तक ? जब कश्मीरी पंडित पलायन को मजबूर थे, जब आपके समर्थन से दिल्ली की सरकार चल रही थी !

यदा मुख्यमंत्रिम् निर्वर्तित्वा भवतः नेता जगमोहन: राज्यपाल: आसीत् सः जिम्मेवार्या पृथकं जात: स्म, यदा भाजपाम् आडवाणी महोदयः च् रथयात्रायां निरताः स्म ! तत रथयात्रायाः संचालक:/इवेंट मैनेजर मोदी महोदयः आसीत् !

जब CM को हटाकर आपके नेता जगमोहन गवर्नर थे और उन्होंने जुम्मेवारी से पल्ला झाड़ लिया था, जब भाजपा और आडवाणी जी रथ यात्रा में व्यस्त थे ! उस रथ यात्रा के संचालक/इवेंट मैनेजर मोदी जी थे !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here