द्वयतः अधिकं शिशवः किं सन्ति ? मध्यप्रदेशस्य विदिषायां शिक्षकान् प्रेषितं सूचनापत्रं ! दो से अधिक बच्‍चे क्‍यों हैं ? मध्‍य प्रदेश के विदिषा में शिक्षकों को भेजा गया नोटिस !

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मध्यप्रदेशस्य विदिषायां शिक्षकान् सूचनापत्रं प्रेषितं ! येन कारणं न तै पाठने अल्पता कृता: यस्य कश्चित वा शिक्षासंबंधिन् कारणमस्ति ! तै: सूचनापत्रं तृतीय चतुर्थ शिशून् च् गृहीत्वा प्रेषितं, यस्यानंतरेण शिक्षकानां मस्तिष्कमपि पीड़िता: !

मध्‍य प्रदेश के विदिशा में शिक्षकों को नोटिस भेजा गया है ! इसलिए नहीं कि उन्‍होंने पढ़ाने में कोताही की या इसका कोई शि‍क्षा संबंधी कारण है ! उन्‍हें नोटिस तीसरे या चौथे बच्‍चे को लेकर भेजा गया है, जिसके बाद से शिक्षकों का दिमाग भी चकरा गया है !

ते अवगम्यन्ते तताधुना यस्य किं कुर्वन्तु प्रशासनम् च् कीदृशं उत्तरम् ददान्तु ! इदृशेषु अधुना ते स्वैव संततिं गृहीत्वा भांति-भांति प्रकारस्य कारणं ददान्ते ! त्रयान् शिशुन् गृहीत्वा प्रशासनम् प्रत्येन सूचनापत्रं ळब्धस्य अनंतरम् प्रत्येकं कार्यवाह्या भीता: !

वे समझ नहीं पा रहे हैं कि अब इसका क्‍या करें और प्रशासन को कैसे जवाब दें ! ऐसे में अब वे अपनी ही संतान को लेकर तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं !तीन बच्‍चे होने को लेकर प्रशासन की ओ‍र से नोटिस मिलने के बाद हर कोई कार्रवाई से डर गया है !

कश्चितेदम् कथ्यति तत सः तृतीय शिशूनां प्लान इति न कृतः स्म यदा च् इदम् भवितं तर्हि ते का कर्तुं शक्नोति ! तत्रैव कश्चितेदमपि कथ्यति तत सः स्व तृतीय शिशुन् दत्तकपुत्र: रूपे दत्त: तर्हि शिक्षका: इदं अपि तर्कम् ददान्ति तत यदा तेषां नियुक्तिपत्रे इदृशं केचन न लिखितमस्ति तर्हि सूचनापत्रं केन वार्तायाः कार्यवाहिम् च् किं ?

कोई यह कह रहा है कि उन्होंने तीसरे बच्‍चे का प्लान नहीं किया था और जब यह हो गया तो वे क्‍या कर सकते हैं ! वहीं कोई यह भी कह रहा है कि उन्‍होंने अपने तीसरे बच्‍चे को किसी को गोद दे दिया तो शिक्षक यह भी तर्क दे रहे हैं कि जब उनके नियुक्ति पत्र में ऐसा कुछ नहीं लिखा है तो नोटिस किस बात का और एक्‍शन क्‍यों ?

मध्यप्रदेशे विदिषा जनपदस्य बहुसर्वकारी शिक्षकान् कर्मचारिण: चिदम् सूचनापत्रम् जनपद शिक्षा अधिकारिन् प्रत्येन प्रेषितं, तस्मिन् तानि द्वयतः अधिकं बालकान् गृहीत्वा प्रश्नम् कृतवान येन च् गृहीत्वा स्पष्टकृतं कथितं !

मध्‍य प्रदेश में विद‍िशा जिले के कई सरकारी शिक्षकों और कर्मचारियों को यह नोटिस जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की ओर से भेजा गया है, जिसमें उनसे दो से अधिक बच्‍चों को लेकर सवाल किया गया है और इसे लेकर कारण स्‍पष्‍ट करने को कहा गया है !

विदिशायाः डीईओ एके मोदगिल: ज्ञापित: वयं तै: कारणज्ञापयन्तु सूचनापत्रं प्रेषितं, यस्यानंतरं बहुणा इदम् तर्कम् दत्ता: तत तेषां नियुक्तिपत्रे यस्य कश्चित उल्लेखम् नासीत् ! अधिकारिन् अनुरूपम् यान् जनान् सूचनापत्रं प्रेषितं !

विदिशा के DEO एके मोदगिल ने बताया हमने उन्‍हें कारण बताओ नोटिस भेजा, जिसके बाद कई ने यह तर्क दिया है कि उनके नियुक्ति-पत्र में इसका कोई जिक्र नहीं था ! अधिकारी के मुताबिक, जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है !

तेषुतः केचनस्य कथनमस्ति तत ते द्वयतयः अधिकं बालकान् गृहीत्वा कश्चित प्लान इति न कृतवान स्म तृतीय शिशुम् च् ते कश्चितं दत्ता: ! तत्रैव यान् जनान् द्वयतः अधिकं बालकान् गृहीत्वा सूचनापत्रं प्रेषितं, ते पृथकाहत: भवन्ति !

उनमें से कुछ का कहना है कि उन्‍होंने दो से अधिक बच्‍चों को लेकर कोई प्‍लान नहीं किया था और तीसरे बच्‍चे को उन्‍होंने किसी को दे दिया है ! वहीं जिन लोगों को दो से अधिक बच्‍चों को लेकर नोटिस भेजा गया है, वे अलग आहत हो रहे हैं !

तेषां कथनमस्ति तत यस्याधारे कार्यवाहिम् केवलं तेषां विरुद्धमेव भवनीयं येषां नियुक्तिपत्रे इदृशं केचनालिखन् ! मोहन सिंह कुशवाहा नाम्न: एक: शिक्षक: स्वपीड़ा वर्णयन् कथित: मया कारण ज्ञापयतु सूचनापत्रं प्रस्तुतं !

उनका कहना है कि इसके आधार पर कार्रवाई केवल उनके खिलाफ ही होनी चाहिए जिनके नियुक्ति पत्र में ऐसा कुछ लिखा हुआ है ! मोहन सिंह कुशवाहा नाम के एक श‍िक्षक ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा हमें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया !

मया अधिकारिण: सूचितं तत अस्माकं नियुक्ति पत्रे इदृशं कश्चित नियमस्य कश्चित उल्लेखम् नास्ति ! वयं भीता: केचनापि च् न अवगम्यन्ते तत अंततः इदम् का भवति ! कार्यवाहिम् तेषां विरुद्धम् भवनीयं, येषां नियुक्ति पत्रे इदृशं कश्चित नियमस्योल्लेखमस्ति !

हमने अधिकारियों को सूचित किया है कि हमारे नियुक्ति पत्र में ऐसे किसी नियम का कोई उल्लेख नहीं है ! हम डरे हुए हैं और कुछ भी समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर ये हो क्‍या रहा है ! कार्रवाई उन्‍हीं लोगों के खिलाफ होनी चाहिए, जिनके नियुक्ति पत्र में ऐसे किसी नियम का उल्लेख है !

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