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Tuesday, June 28, 2022

शिवसेनायाः मुखपत्र सामना कांग्रेसम् ज्ञापितं जर्जर भवनम्, का इदम् केवलं राजनैतिक लक्ष्यम् अंतर्विरोधम् च् ?शिवसेना के मुखपत्र सामना ने कांग्रेस को बताया जर्जर इमारत, क्या यह सिर्फ सियासी निशाना या मनमुटाव ?

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का महाविकास अघाड़ी सर्वकारे सर्वा: सम्यक् न अस्ति ! वस्तुतः इदम् प्रश्नम् प्रथमदा नोत्थितं, काले काले इति वार्तायाः चर्चाम् भवितुम् रमति तत महाविकास अघाड़ीत्ये कांग्रेसम् स्वम् बहिस्कृतं अनुभवति !

क्या महाविकास अघाड़ी सरकार में सबकुछ ठीक नहीं है ! दरअसल यह सवाल पहली बार नहीं उठा है, समय समय पर इस बात की चर्चा होती रही है कि महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस अपने आपको अलग थलग महसूस करती है !

तु भाजपायाः विरुद्धम् तेन स्वरम् स्वरितुम् धृतमस्ति कारणेन उद्धव ठाकरे सर्वकारे उपस्थितिम् विवशतां अस्ति ! सामना यदा कांग्रेसम् जर्जर भवनम् ज्ञापितं तर्हि कलहम् कटुतां च् द्वे बर्धितं !

लेकिन बीजेपी के खिलाफ उसे आवाज बुलंद रखना है लिहाजा उद्धव ठाकरे सरकार में बने रहना मजबूरी है ! सामना ने जब कांग्रेस को जर्जर इमारत बताया तो विवाद और खटास दोनों बढ़ गया !

तु अंततः इदृशं काभवत् तत कांग्रेसम् स्वैव सर्वकारस्य विरुद्धमुच्चन्यायालयं गतं ! वस्तुतः कांग्रेसम् २८ दिसंबरम् शिवाजी उद्याने जनसभा कर्तुमिच्छति ! तु मुम्बै: आरक्षकं प्रत्येनाज्ञाम् न ळब्धं !

लेकिन आखिर ऐसा क्या हुआ कि कांग्रेस अपने ही सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट गई है ! दरअसल कांग्रेस 28 दिसंबर को शिवाजी पार्क में रैली करना चाहती थी ! लेकिन मुंबई पुलिस की तरफ से इजाजत नहीं मिली !

आज्ञाम् न ळब्धे कांग्रेसमुच्चन्यायालयस्य द्वारम् गतं ! इति प्रकरणे यदा राजनीति तीव्रमभवत् तर्हि एनसीपी इतम् प्रति नवाब मलिक: कथनम् दत्त: ! सः कथित: तत शिवाजी उद्याने जनसभाय केचन नियममभवन् ! इति वार्ताम् प्रत्येकं अवगम्यनीयं !

इजाजत नहीं मिलने पर कांग्रेस ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है ! इस मुद्दे पर जब सियासत तेज हुई तो एनसीपी की तरफ से नवाब मलिक ने बयान दिया ! उन्होंने कहा कि शिवाजी पार्क में रैली के लिए कुछ नियम बने हुए हैं ! इस बात को हर किसी को समझना चाहिए !

यत्रैव कांग्रेसस्य वार्तास्ति तर्हि वयं विपक्षे नापितु सर्वकारे सन्ति विधिविधानम् चवगम्यतुं भविष्यति ! आम्, यदि उच्चन्यायालयं प्रति जनसभायाः आज्ञाम् ळब्धति तर्हि कश्चितमपि आपत्तिम् भवितुम् न शक्नुत: !

जहां तक कांग्रेस की बात है तो हम सब विपक्ष में नहीं बल्कि सरकार में हैं और नियम कायदों को समझना पड़ेगा ! हां, अगर हाईकोर्ट की तरफ से रैली की इजाजत मिलती है तो किसी को भी आपत्ति नहीं हो सकती !

विदुषाम् कथनमस्ति तत यदि भवन्तः पश्यन्तु तर्हि महाविकास अघाड़ी विसदृश गठबन्धनमस्ति, इति गठबंधने सम्मिलकानि दलानां स्व स्व विवशतासीत् ! भवान् स्वाभाविक गठबंधनम् कथितुं न शक्नोन्ति !

जानकारों का कहना है कि अगर आप देखें तो महाविकास अघाड़ी बेमेल गठबंधन है, इस गठबंधन में शामिल होने वाले दलों की अपनी अपनी मजबूरी थी ! आप स्वाभाविक गठबंधन नहीं कह सकते हैं !

राजनित्या: क्षेत्रे सर्वान् दलान् स्व प्रभावबर्धनस्य अधिकारमस्ति यदा च् तेन कारणेन राजनीतिक दलानि विचार्यन्ति तर्हि इति प्रकारस्य कथनानां आगमनम् स्वाभाविकमस्ति ! महाराष्ट्रे एनसीपी, शिवसेना कांग्रेसानां च् सम्मिलितानि सर्वकारः अस्ति !

राजनीति के मैदान में सभी दलों को अपने प्रभाव बढ़ाने का अधिकार है और जब उस हिसाब से राजनीतिक दल सोचते हैं तो इस तरह के बयानों का आना स्वाभाविक है ! महाराष्ट्र में एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस की मिलीजुली सरकार है !

तु यदि शिवसेना एनसीपी वा महाराष्ट्रस्य बाह्य विस्तारम् प्रति विचार्यत: तर्हि निश्चितरूपे कांग्रेसम् तस्य विरोधिन: इव भविष्यति इदृशेषु च् कांग्रेसे राजनीतिक लक्ष्यम् लक्ष्यतुं इव भविष्यन्ति !

लेकिन अगर शिवसेना या एनसीपी महाराष्ट्र के बाहर विस्तार के बारे में सोचती है तो निश्चित तौर पर कांग्रेस उसका विरोधी ही होगी और ऐसे में कांग्रेस पर राजनीतिक निशाने साधे ही जाएंगे !

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