28.1 C
New Delhi
Thursday, August 5, 2021

उद्धव ठाकरे: सर्वकारस्य षोडश मासा: चत्वारः वृहद प्रश्ना: ! उद्धव ठाकरे सरकार के 16 महीने और चार बड़े सवाल !

Must read

राजनीतिम् प्रत्ये कथ्यते तत राजनीत्या: क्षेत्रे कथोपकथनं कृतम् बहु सरलं भवति ! वस्तुतः नेता भिन्न भिन्न प्रकारे कथ्यति द्वितीय नेतारम् उत्तरं दत्तुम् भवति !

राजनीति के बारे में कहा जाता है कि सियासत की पिच पर बैटिंग से बोलिंग करना ज्यादा आसान होता है ! दरअसल बोलर अलग अलग अंदाज में बोलिंग करता है और बैट्समैन को जवाब देना पड़ता है !

यदि महाराष्ट्रस्य वार्ता करोतु तदा सरकारे आगतेन पूर्व तत् उद्धव ठाकरे स्वैव गठबंधनेण प्रश्नम् क्रियेत् स्म ! तु तस्य षोडश मासानां कार्यकाले चत्वारः इदृशं वृहद प्रश्ना: संमुखम् आगतानि यस्मात् तेन संकटेन समाघातम् भवितम् !

अगर बात महाराष्ट्र की करें तो सरकार में आने से पहले वो उद्धव ठाकरे अपने ही गठबंधन से सवाल किया करते थे ! लेकिन उनके 16 महीने के कार्यकाल में चार ऐसे बड़े सवाल सामने आए जिससे उन्हें दो चार होना पड़ा !

यदि प्रश्नानां संख्यायाः वार्ताम् करोतु तदा तत् अनुक्रमणिका बहु दीर्घास्ति ! तु चत्वारः इदृशं प्रश्ना: यथा कोरोना, सुशांत, कंगना राणावत एंटीलिया च् सन्ति येन गृहित्वा तेन बहु प्रकारस्य संकटानां समाघातम् कर्तुम् भवित: !

अगर सवालों की फेहरिश्त की बात करें तो वो लिस्ट बहुत लंबी है ! लेकिन चार ऐसे सवाल जैसे कोरोना, सुशांत, कंगना राणावत और एंटीलिया हैं जिसे लेकर उन्हें तमाम तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा !

२८ नवंबर २०१९ तमम् उद्धव ठाकरे: भगवा वस्त्रेषु मराठी भाषायाम् शपथम् नीत: स्म ! शपथात् पूर्व तेन पातोत्पातस्य कालस्य समाघातितः तदा अस्य वार्तायाः ज्ञानम् न भविष्यते तत सत्तायाः मधुर स्वादस्य स्थानम् कटु स्वादस्य समाघातम् कर्तुम् भविष्यते !

28 नवंबर 2019 को उद्धव ठाकरे ने भगवा कपड़े में मराठी भाषा में शपथ ली थी ! शपथ से पहले उन्हें उठापठक के दौर का सामना करना पड़ा तो इस बात का भान नहीं रहा होगा कि सत्ता की मीठी स्वाद की जगह कड़वी स्वाद का सामना करना पड़ेगा !

कोरोना विषाणु संपूर्ण विश्वम् विभेतीति स्म तदा भारते सर्वातधिकम् भयावह चित्रम् महाराष्ट्रस्य आसीत् ! विपक्ष तेन प्रश्ना: पृच्छति स्म तत अंततः देशस्य अन्य राज्येषु येन प्रकारेण कोरोनायाः निवृत्तस्य तत्प्रतां अभवत् ! तं प्रकारस्य व्यवस्थाम् कृते सरकार: असफल किं रमित: !

कोरोना वायरस पुरी दुनिया को दहला रहा था तो भारत में सबसे ज्यादा भयावह तस्वीर महाराष्ट्र की थी ! विपक्ष उनसे सवाल पूछ रहा था कि आखिर देश के दूसरे राज्यों में जिस तरह से कोरोना से निपटने की तैयारी हुई ! उस तरह की व्यवस्था करने में राज्य सरकार नाकाम क्यों रही !

कोरोना महामार्या: मध्य सुशांत सिंह राजपूतस्य अभियोगे न केवलं बॉलीवुड आतंकितम् अपितु राजनीत्यामपि आवेगम् आगतम् ! इदम् प्रश्नम् उत्थिष्यते तत किं सुशांत सिंह राजपूतस्य दिशा सालियानस्याभियोगम् राजनीतिकाप्यास्ति !

कोरोना महामारी के बीच सुशांत सिंह राजपूत के केस में ना सिर्फ बॉलीवुड दहल गया बल्कि राजनीति में भी उफान आ गया ! यह सवाल उठने लगे कि क्या सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान का केस राजनीतिक भी है !

येन सह यदा बिहार आरक्षकं प्रत्येन प्राथमिकी पंजीकृतमक्रियते तदापि कलहम् बर्धितं ! उद्धव ठाकरेम् कथितुम् भवितः तत अस्य प्रकरणे ज्ञानपूर्वम् राजनीतिम् करोतीति !

इसके साथ जब बिहार पुलिस की तरफ से एफआईआर दर्ज की गई तो भी बवाल बढ़ा ! उद्धव ठाकरे को कहना पड़ा कि इस मुद्दे पर जानबूझकर सियासत की जा रही है !

सुशांत सिंह राजपूत अभियोगम् यदा वार्तासु आसीत् तदा तं कालम् महाराष्ट्र सर्वकारस्य सर्वात् मुखरालोचकस्य रूपे कंगना राणावत उद्भाविता ! सा यदा कथिता तत मुंबई तदा पाकाधिकृत कश्मीरस्य यथा परिलक्ष्यति तदा राजनीति उत्तप् भवितं !

सुशांत सिंह राजपूत केस जब खबरों में था तो उस समय महाराष्ट्र सरकार की सबसे मुखर आलोचक के तौर पर कंगना राणावत उभरीं ! उन्होंने जब कहा कि मुंबई तो पाक अधिकृत कश्मीर की तरह लगता है तो सियासत गरमा गई !

शिवसेना तस्या: उपरि प्रहारक: अभवत् तस्य प्रभावं इदम् अभवत् तत अवैध अतिक्रमणस्य वार्ता कथ्यमानः तस्या: कार्यालयं अपातयत् ! कलहस्य इदम् यात्रामद्यापि अनवरितम् ! यदा कदा कंगना राणावत शिवसेना सर्वकारस्य कार्य प्रणाल्यां लक्ष्यम् लक्ष्यन्ति !

शिवसेना उनके ऊपर हमलावर हुई और उसका असर यह हुआ कि अवैध अतिक्रमण का हवाला देते हुए उनके ऑफिस को गिरा दिया गया ! विवाद का यह सफर आज भी जारी है ! गाहे बेगाहे कंगना रनावत शिवसेना सरकार के कार्यप्रणाली पर निशाना साधती रहती हैं !

अस्य कालम् एंटीलिया अभियोगस्य कारणेन उद्धव ठाकरे सर्वकार: चर्चायामस्ति ! अस्य अभियोगे यत् ज्ञानम् अधुनैव संमुखम् आगतम् तस्यानुरूपम् विपक्षस्य कथनमस्ति तत उद्धव ठाकरे: आरोपीनां रक्ष्यन्ति !

इस समय एंटीलिया केस की वजह से उद्धव ठाकरे सरकार चर्चा में है ! इस केस में जो जानकारी अब तक सामने आई है उसके मुताबिक विपक्ष का कहना है कि उद्धव ठाकरे आरोपियों को बचा रहे हैं !

ज्ञापयन्तु तत अस्य अभियोगे क्रिमिनल इंटेलिजेंस यूनिट इत्यस्य एपीआई सचिन वझे: एनआईए इत्यस्य बंधने अस्ति तस्य उष्णतायाम् च् मुंबई आरक्षकायुक्त: रमित: परमबीर सिंह: दग्धितः ! तस्य स्थानांतरण डीजी होमगार्ड्स इत्ये कृतम् !

बता दें कि इस केस में क्रिमिनल इंटेलिजेंस यूनिट का एपीआई सचिन वझे एनआईए की गिरफ्त में हैं और उसकी लपट में मुंबई पुलिस के कमिश्नर रहे परमबीर सिंह झुलस चुके हैं ! उनका तबादला डीजी होमगार्ड्स पर किया गया है !

एंटीलिया अभियोगे महाराष्ट्र सर्वकारे गृहमंत्री अनिल देशमुख: कथितः तत परमबीर सिंहस्य स्थानांतरण विधि अंतर्गत स्थानांतरण नास्ति ! अपितु येन प्रकारेण केचन गम्भीर्यानपेक्षा संमुखम् आगतम् तस्यानंतरम् निर्णयम् कृतम् !

एंटीलिया केस में महाराष्ट्र सरकार में गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि परमबीर सिंह का ट्रांसफर रूटीन ट्रांसफर नहीं है ! बल्कि जिस तरह से कुछ गंभीर लापरवाही सामने आई उसके बाद फैसला किया गया !

अस्य प्रकरणे भाजपाम् महाविकासाघाड़ी सर्वकारे विशेषरूपे प्रहारकरस्ति ! भाजपाया: कथनमस्ति तत महाराष्ट्र सर्वकारम् परमबीर सिंहस्य भूमिकाम् प्रत्ये ज्ञापितस्य आवश्यकतां अस्ति !

इस मुद्दे पर बीजेपी महाविकास अघाड़ी सरकार पर विशेष तौर पर हमलावर है ! बीजेपी का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार को परमबीर सिंह की भूमिका के बारे में बताने की जरूरत है !

Disclaimer The author is solely responsible for the views expressed in this article. The author carry the responsibility for citing and/or licensing of images utilized within the text. The opinions, facts and any media content in them are presented solely by the authors, and neither Trunicle.com nor its partners assume any responsibility for them. Please contact us in case of abuse at Trunicle[At]gmail.com

- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest article