मंत्रिपरिषदं दत्तानि त्र्यान् कृषि विधेयकान् निरस्तस्य अनुमतम्, शीतकालीन सत्रे प्रस्तुतं करिष्यते कृषि विधेयकं निरस्तं विधेयकं २०२१ ! कैबिनेट ने दी तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की मंजूरी, शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा कृषि कानून निरस्त विधेयक 2021 !

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदिण: घोषणायाः अनंतरम् केंद्रीय मंत्रिमंडळं अद्य त्र्यान् विवादास्पद कृषि विधेयकान् निरस्तस्य केंद्र सर्वकारस्य प्रस्तावमनुमतम् दत्त: !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है !

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर: ज्ञापित: तताद्य पीएम इतस्य नेतृत्वे केंद्रीयमंत्रिमंडळं त्र्यान्कृषि विधेयकान् निरस्तस्य औपचारिकता: पूर्णतं ! संसदस्य अग्रिम सत्रस्य काळम् एतान् त्र्यान् विधेयकान् पुनर्नीतं अस्माकं प्राथमिकता भविष्यति !

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि आज पीएम के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की औपचारिकताएं पूरी की ! संसद के आगामी सत्र के दौरान इन तीन कानूनों को वापस लेना हमारी प्राथमिकता होगी !

मोदी सर्वकारः पूर्व एकेण वर्षेण चरितं कृषक आंदोलनस्य दृष्टिगत कृषक उपज विपणनं वाणिज्यं (संवर्धनं सरलीकरणं च्) च् विधेयकं, कृषि मूल्य आश्वासनं (सशक्तिकरणं संरक्षणं च्) कृषि सेवा करारं च् विधेयकम् आवश्यक वस्तु संशोधन च् विधेयकम्, २०२० इतम् पुनर्नियस्य निर्णयम् कृतं !

मोदी सरकार ने पिछले एक साल से जारी किसान आंदोलन के मद्देनजर कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) कानून, कृषि (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार कानून और आवश्यक वस्तु संशोधन कानून, 2020 को वापस लेने का फैसला किया है !

अद्याभवत् मंत्रिपरिषदस्य गोष्ठ्यां कृषि विधेयक निरसन विधेयकं २०२१ तमे स्वीकृतं ! कथ्यते तत केंद्रीय कृषि मंत्रालयं प्रधानमंत्री कार्यालयेण (पीएमओ) सह परामर्शस्यानंतरम् इति विधेयकम् अंतिमरूपम् दत्तं ! कृषि विधेयक निरसन विधेयकम् २०२१ तमस्योद्देश्यं पूर्व वर्षं पारितं त्र्यान् विधेयकान् पुनर्नीतमस्ति !

आज हुई कैबिनेट की बैठक में कृषि कानून निरसन विधेयक 2021 पर मुहर लगाई गई ! कहा जाता है कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के साथ परामर्श करने के बाद इस विधेयक को अंतिम रूप दिया है ! कृषि कानून निरसन विधेयक, 2021 का उद्देश्य पिछले साल पारित किए गए तीन विधेयकों को वापस लेना है !

यस्यातिरिक्तं संसदस्य शीतकालीन सत्राय २६ विधेयकमनुक्रमणिका युक्तं कृतवन्तः, यस्मिन् त्र्यान् कृषि विधेयकान् निरस्तकं विधेयकमपि सम्मिलिता: अस्ति ! लोकसभा सचिवालयस्य सूचनायाः अनुसारं सत्रस्य काळम् त्र्यान् कृषि विधेयकान् निरस्तेण संबंधितं विधेयकं प्रस्तुतुमनुक्रमणिका युक्तमस्ति !

इसके अलावा संसद के शीतकालीन सत्र के लिए 26 विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं, जिसमें तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने वाला विधेयक भी शामिल है ! लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन के अनुसार, सत्र के दौरान तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने से संबंधित विधेयक पेश किये जाने के लिये सूचीबद्ध है !

यस्मात् पूर्व १९ नवंबरम् राष्ट्रम् संबोधयन् पीएम मोदी कथित: तताहमद्य देशवासिभिः क्षमा याचयन् सत्यमनसा पवित्र हृदयेण च् कथितुमिच्छामि तत संभवतः अस्माकं तपस्यायां इव कश्चित न्यूनता रमितुम् भविष्यति यस्य कारणं दीपस्य प्रकाशं यथा सत्य स्वयं कृषक भ्रातृन् वयं अवगम्यतुं न शक्नुता: !

इससे पहले 19 नवंबर को राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज देशवासियों से क्षमा मांगते हुए सच्‍चे मन से और पवित्र हृदय से कहना चाहता हूँ कि शायद हमारी तपस्‍या में ही कोई कमी रही होगी जिसके कारण दिए के प्रकाश जैसा सत्‍य खुद किसान भाइयों को हम समझा नहीं पाए !

अद्य गुरु नानक देव महाशयस्य पवित्र प्रकाश पर्वम् अस्ति ! इदम् काळम् कश्चितमपि अघम् दत्तस्य न अस्ति ! अद्याहम् भवतः संपूर्ण देशमिदम् ज्ञापितुम् आगत: तत वयं त्र्यान् कृषि विधेयकान् पुनर्नियस्य निरस्तस्य निर्णीता: !

आज गुरु नानक देव जी का पवित्र प्रकाश पर्व है ! ये समय किसी को भी दोष देने का नहीं है ! आज मैं आपको पूरे देश को ये बताने आया हूँ कि हमने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का, रद्द करने का निर्णय लिया है !

इति मासस्य अंते आरंभितं संसदसत्रे वयं एतान् त्र्यान् कृषि विधेयकान् निरस्तस्य संवैधानिक प्रक्रियां पूर्णम् कर्तुम् दाष्यामः ! अहमद्य स्व सर्वा: आंदोलनरता: कृषक सखाभिः आग्रहम् करोमि !

इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में हम इन तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की संवैधानिक प्रक्रिया को पूरा कर देंगे ! मैं आज अपने सभी आंदोलनरत किसान साथियों से आग्रह कर रहा हूँ !

अद्य गुरुपर्वस्य पवित्र दिवसमस्ति ! सम्प्रति भवन्तः स्व-स्व गृहाणि पुनर्गच्छन्तु, स्वकृषि क्षेत्रे पुनर्गच्छन्तु, स्वकुटुंबस्य मध्य पुनर्गच्छन्तु ! आगच्छन्तु एकम् नव आरंभम् कुर्वन्ति ! नव रूपेणाग्रम् बर्धयन्ति !

आज गुरुपर्व का पवित्र दिन है ! अब आप अपने-अपने घर लौटें, अपने खेत में लौटें, अपने परिवार के बीच लौटें ! आइए एक नई शुरूआत करते हैं ! नए सिरे से आगे बढ़ते हैं !

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