सेंट्रल एशिया सम्मेलने अफगानिस्ताने पीएम नरेंद्र मोदिन् कथित: विशेषवार्ता ! सेंट्रल एशिया समिट में अफगानिस्तान पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कही खास बात !

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पीएम नरेंद्र मोदिन् कथित: तत भारत सेंट्रल एशिया च् देशानां राजनैतिक संबंधानि ३० सार्थक वर्षाणि पूर्णितानि ! पूर्व त्रिषु दशकेषु अस्माकं सहाय्यं बहु साफल्यानि ळब्धानि, अधुना चेति महत्वपूर्णावस्कंदे अस्माभिः आगतानि वर्षेभ्यः अपि एकं महत्वाकांक्षिन् उद्देश्य परिभाषणीयं !

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और सेंट्रल एशिया देशों के डिप्लोमेटिक संबंधों ने 30 सार्थक वर्ष पूरे कर लिए हैं ! पिछले तीन दशकों में हमारे सहयोग ने कई सफलताएं हासिल की हैं, और अब इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर हमें आने वाले सालों के लिए भी एक महत्वाकांक्षी विजन परिभाषित करना चाहिए !

क्षेत्रीय सुरक्षायास्माकं चिंतानि उद्देश्यं च् एकं समम् सन्ति ! अफगानिस्तानस्य घटनाक्रमेण वयं चिंतितं सन्ति ! इति संदर्भे अपि अस्माकं सहाय्याय, क्षेत्रीय सुरक्षाय स्थिरताय चति महत्वपूर्णम् भवित: ! द्वितीय उद्देश्यं अस्माकं सहाय्यं एकं प्रभाविन् प्रारूपं दत्तमस्ति !

क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए हम सभी की चिंताएं और उद्देश्य एक समान हैं ! अफगानिस्तान के घटनाक्रम से हम सभी चिंतित हैं ! इस सन्दर्भ में भी हमारा आपसी सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए और महत्वपूर्ण हो गया है ! दूसरा उद्देश्य हमारे सहयोग को एक प्रभावी स्ट्रक्चर देना है !

यस्मात् विभिन्न स्तरेषु विभिन्न स्टॉक होल्डर इत्यानां मध्य च् निरंतर पारस्परिक प्रभावस्य एकं प्रारूपं स्थापितं भविष्यति, तृतीयोद्देश्यं चस्माकं सहाय्याय एकं महत्वाकांक्षिन् प्रारूपं निर्माणमस्ति ! भारतं प्रत्येनाहमिदम् स्पष्टम् कर्तुमेषिष्यामि तत मध्यैशिया भारताय किं महत्वपूर्णम् सन्ति !

इससे विभिन्न स्तरों पर और विभिन्न स्टॉक होल्डर्स के बीच, रेगुलर इंटरेक्शन का एक ढांचा स्थापित होगा और तीसरा उद्देश्य हमारे सहयोग के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप बनाना है ! भारत की तरफ से मैं यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि मध्य एशिया भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं !

अद्यस्य सम्मेलनस्य त्रीणि प्रमुखोद्देश्याणि सन्ति ! प्रथमेदम् कृतं तत भारत सेंट्रल एशियायाः च् परस्पर सहाय्यं क्षेत्रीय सुरक्षाय समृद्धये चनिवार्यमस्ति ! द्वितीयोद्देश्यं अस्माकं सहाय्यं एकं प्रभाविन् प्रारूपं दत्तमस्ति ! यस्मात् विभिन्न स्तरेषु, विभिन्न अंशदाराणां च् मध्य, नियमितरूपे सरल संवादस्य एकं प्रारूपं स्थापितुं भविष्यति !

आज की समिट के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं ! पहला यह स्पष्ट करना कि भारत और सेंट्रल एशिया का आपसी सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा और समृद्धि के लिए अनिवार्य है ! दूसरा उद्देश्य हमारे सहयोग को एक प्रभावी स्ट्रक्चर देना है ! इससे विभिन्न स्तरों पर, और विभिन्न साझेदारों के बीच, नियमित तौर पर सीधा संवाद का एक ढांचा स्थापित होगा !

तृतीयोद्देश्यं अस्माकं सहाय्याय एकं महत्वाकांक्षिन् प्रारूपं निर्माणमस्ति ! अफगानिस्तानस्य भौगोलिक स्थितिम् यदि दर्शयेत् तर्हि तत मध्यैशियायाः द्वितीय देशै: सह भारतस्य सम्यक् संबंधानि रमन्ति ! तै: देशै: सह न केवलं सांस्कृतिकापितु सदिभिः राजनीतिक संबंधानि रमन्ति !

तीसरा उद्देश्य हमारे सहयोग के लिए एक महत्वकांक्षी रोडमैप बनाना है ! अफगानिस्तान की भौगोलिक स्थिति को अगर देखा जाए तो वो मध्य एशिया के दूसरे देशों के साथ सेतु का काम करता है। मध्य एशिया के दूसरे देशों के साथ भारत के बेहतर संबंध रहे हैं ! उन देशों के साथ ना सिर्फ सांस्कृतिक बल्कि सदियों से राजनीतिक संबंध रहे हैं !

यदि अफगानिस्तानम् दर्शयन्तु तर्हि अत्रे कबीलियाई संस्कृत्या: प्रचलनमस्ति तस्य च् मध्य कलहं भवितुं रमति ! इति काळमफगानिस्ताने तालिबानस्य अधिपत्यमस्ति तालिबानस्य च् स्थितिम् भारतं गृहीत्वा सम्यक् न रमति ! यद्यपि तालिबानस्य कथनमस्ति तत तः भारतेण सह मित्रवत् व्यवहारम् निर्मितुमिच्छति !

अगर अफगानिस्तान को देखें तो यहां पर कबीलियाई संस्कृति का बोलबाला है और उनके बीच टकराहट होती रही है ! इस समय अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा है और तालिबान का रुख भारत को लेकर सही नहीं रहा है ! हालांकि तालिबान का कहना है कि वो भारत के साथ दोस्ताना व्यवहार बनाना चाहता है !

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