कृषकमहापंचायते प्रियंकायाः रौद्ररूपम्,सम्प्रति तदा स्पष्टम् तत कृषकान्दोलनम् नापितु कांग्रेसस्यान्दोलनमस्ति ! किसान महापंचायत में प्रियंका का रौद्र रूप,अब तो स्पष्ट हो गया कि किसान आंदोलन नहीं बल्कि कांग्रेस का आंदोलन है !

0
273

कृषि विधेयकानां विरुद्धम् कांग्रेसम् सम्प्रति स्पष्ट्वा संमुखे आगतम् ! कांग्रेसस्य सर्वाणि नेतारः एकेस्वरे मोदी सर्कारस्य नीतिनां विरोधम् कुर्वन्ति !

कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस अब खुलकर मैदान में आ चुकी है ! कांग्रेस के सभी नेता एकसुर में मोदी सरकार की नीतियों की मुखालफत कर रहे हैं !

मुजफ्फरनगरस्य बघरायाम् कृषकमहापंचायते प्रियंका गांधी केंद्र सर्कारस्य नीतिषु प्रश्नम् उत्थायता कथिता च् तत यत् सरकार: अन्नदातानां विरुद्धम् वार्ता करोति ताः कश्चितस्य स्व भवितुम् न शक्नोति !

मुजफ्फरनगर के बघरा में किसान महापंचायत में प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया और कहा कि जो सरकार अन्नदाताओं के खिलाफ बात करती हो वो किसी की अपनी नहीं हो सकती है !

सा कथिता तत याः कृषकाणाम् पुत्रा: सीमायाम् रक्षणम् कुर्वन्ति याः कृषकान् आतंकी बदितम् बहु अपकारमस्ति ! अद्य यत् जनाः मार्गेषु अवर्तित्वा स्वाधिकारस्य वार्ता कुर्वन्ति किं ताः देशविरोधिन् सन्ति !

उन्होंने कहा कि जिन किसानों के बेटे बार्डर की हिफाजत करते हैं उन किसानों को आतंकी बताना घोर अपमान है ! आज जो लोग सड़कों पर उतरकर अपने हक की बात करते हैं क्या वो देशविरोधी हैं !

प्रियंका गांधी कथिता तत कृषकाणाम् रणे तस्य दलम् सदैव सहास्ति ! नरेंद्र मोदिणा: सरकारः स्वपक्षे आगता निर्वाचनी परिणामम् जनानां हस्ताक्षरम् ज्ञापयति तदा पंजाबे येन प्रकारेण भाजपाया: तीक्ष्ण पराजयाभवत् !

प्रियंका गांधी ने कहा कि किसानों की लड़ाई में उनकी पार्टी हमेशा साथ है ! नरेंद्र मोदी की सरकार अपने पक्ष में आने वाले चुनावी नतीजों को जनता का मुहर बताती है तो पंजाब में जिस तरह से बीजेपी की करारी हार हुई है !

तस्यानंतरम् भाजपाम् स्वीकारणीयम् तत कृषि विधेयकेषु अल्पतास्ति ! यदा देशस्य बहवः कृषकः सर्कारस्य विधेयकानां विरोधम् कुर्वन्ति तदा मोदी सरकारः दृढ़तायाम् किं अडिग: !

उसके बाद बीजेपी को मान लेना चाहिए कि कृषि कानूनों में खामी है ! जब देश के ज्यादातर किसान सरकार के कानूनों की मुखालफत कर रहे हैं तो मोदी सरकार जिद पर क्यों अड़ी हुई है !

यद् युवा अस्य देशस्य सीमाम् सुरक्षितं ध्रीति, ताः युवा कृषकस्य पुत्रास्ति ! तं युवायाः सम्मानं करणीय:,कृषकस्य सम्मानं करणीय: !

जो जवान इस देश की सीमा को सुरक्षित रखता है,वो जवान किसान का बेटा है ! उस जवान का आदर करना चाहिए,किसान का आदर करना चाहिए !

येन प्रकारम् अस्य सरकारः सम्पूर्ण देशम् विक्रय:,तैव प्रकारेण भवताम् कृषिम्,भवताम् अर्जनम् अयम् स्व खरबपति मित्राणि विक्रितुम् इच्छन्ति ! एत नव विधेयकानां अनुरूपम् न्यूनतम् समर्थनमूल्यम् सम्पादितम् भविष्यति,सरकारिन् आपणा: सम्पादितम् भविष्यन्ति,भवताम् अधिकारम् सम्पादितम् भविष्यन्ति !

जिस तरह इस सरकार ने पूरे देश को बेचा है, उसी प्रकार से आपकी खेती को,आपकी कमाई को ये अपने खरबपति मित्रों को बेचना चाह रहे हैं ! इन नये कानूनों के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म होगा,सरकारी मंडियां खत्म होंगी, आपके हक खत्म होंगे !

प्रथम विधेयकम्-व्यक्तिगत आपणा: चरिष्यन्ति सरकारी आपणेषु च् यत् विक्रयकर नीयते,ताः व्यक्तिगत आपणेषु न नीयष्यते ! अस्यार्थ इदम् अस्ति तत शनैः-शनैः सरकारी आपणा: सम्पादितम् भविष्यन्ति !

पहला कानून-प्राइवेट मंडियां लगेंगी और सरकारी मंडियों में जो टैक्स लिया जाता है,वो प्राइवेट मंडियों में नहीं लिया जायेगा ! इसका मतलब ये है कि आहिस्ते-आहिस्ते सरकारी मंडियां खत्म हो जाएंगी !

द्वितीय विधेयके अनुबंधयुक्तकृषिम् प्रति लिखितम् ! भवताम् शृणुनम् नास्ति,भवन्त: न्यायालये गच्छतुम् न शक्नोन्ति,भवन्त: स्व आधिकाराय रणितुम् न शक्नोन्ति ! सरकारी आपणेषु भवतः न्यूनतम् समर्थनमूल्यम् लभ्धन्ति !

दूसरे कानून में कांट्रेक्ट फार्मिंग के बारे में लिखा गया है ! आपकी सुनवाई नहीं है,आप अदालत में नहीं जा सकते,आप अपने हक के लिए लड़ नहीं सकते ! सरकारी मंडियों में आपको न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलता है !

व्यक्तिगत आपणानां अनावृतेन तां च् तीक्ष्ण निर्माणेन वृहद-वृहद खरबपतिनां स्वेच्छाम् भविष्यति,यत् मूल्यम् ताः इच्छिष्यन्ति तैव दाष्यन्ति,यदा क्रीणितुम् इच्छिष्यन्ति तदापि क्रीणिष्यन्ति !

प्राइवेट मंडियों के खुलने और उनको मजबूत बनाने से बड़े-बड़े खरबपतियों की मनमानी होगी,जो दाम वो चाहेंगे वही देंगे,जब खरीदना चाहेंगे तभी खरीदेंगे !

प्रधानमंत्रिणा: राजनीति स्वस्मै स्व खरबपतय: मित्रेभ्यः चस्ति ! यदा कृषकः प्रताडितम् भवति, तेन भुगतानं न क्रियते,इदृशं काले एतानि मित्राणि कति पणम् अर्जितम्,तदा भवन्त: क्षुभ्यिष्यन्ते !

प्रधानमंत्री की राजनीति अपने लिए और अपने खरबपति मित्रों के लिए है ! जब किसान प्रताड़ित हो रहा है,उन्हें भुगतान नहीं किया जा रहा है,ऐसे समय में इन्हीं मित्रों ने कितना पैसा कमाया,तो आप चौंक जाओगे !

इंद्रप्रस्थस्य सीमा प्रधानमंत्रिणा: गृहात् ५-६ किमी इति द्रुतम् भविष्यति ! तैव प्रधानमंत्री यत् अमेरिका गच्छशक्नोति स्म,पकिस्तान गच्छ शक्नोति स्म,चिन गच्छशक्नोति स्म ! येन सम्पूर्ण विश्वे भ्रमणतः ! तः लक्षाणां कृषकाणाम् पार्श्व गत्वा तेषां अश्रु प्रोच्छतुम् न स्वीकृत: !

दिल्ली का बॉर्डर प्रधानमंत्री के घर से 5-6 किमी दूर होगा ! वही प्रधानमंत्री जो अमेरिका जा सकते थे,पाकिस्तान जा सकते थे,चीन जा सकते थे ! जिन्होंने पूरी दुनिया में भ्रमण किया ! वो लाखों किसानों के पास जाकर उनके आंसू नहीं पोंछ पाये !

पीडाज्वाल तैल भवताम् पूर्वम् ६० रूप्यके लभ्धति स्म अद्य कुत्रैव ८० तदा कुत्रैव ९०, डीएपी इति ११०० इत्ये लभ्धति स्म,अद्य १२०० इत्यस्यास्ति,विद्युतस्य मूल्य बर्धन्ति ! तु भवताम् इक्षुनाम् मूल्य भवतः न लभ्धन्ति !

डीजल आपको पहले 60 रुपये में मिलता था ! लेकिन आज कहीं 80 तो कहीं 90,डीएपी 1100 में मिलता था,आज 1200 का है, बिजली के बिल बढ़ते जा रहे हैं ! लेकिन आपके गन्ने के दाम आपको नहीं मिल रहे हैं !

भाजपा सरकारः पीडाज्वाल तैले करानुबंधित:, तस्मात् त्र्यार्ध लक्ष कोटि रूपकाणि अर्जित: ! इमानि रूप्यकाणि कुत्र गतानि ? मोदी सरकारः पेट्रोले-पीडाज्वाल तैले कर: बर्धित्वा २१.५० लक्ष कोटि रूप्यकाणि अर्जितः,इदम् पणम् कुत्र गतम् ?

भाजपा सरकार ने डीजल पर टैक्स लगाया, उससे साढ़े 3 लाख करोड़ रुपये कमाये ! ये रूपये कहाँ गये ? मोदी सरकार ने पेट्रोल- डीजल पर टैक्स बढ़ा कर 21.50 लाख करोड़ रुपये कमाये,यह पैसा कहाँ गया ?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here