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Tuesday, June 15, 2021

आगच्छन्तु ज्ञायति तत कोरोनायाम् विशेषज्ञानां मतानि ! आइए जानते हैं कि कोरोना पर विशेषज्ञ की राय !

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देशे सघनितं कोरोना संकटस्य मध्य स्वास्थ्य विशेषज्ञा: एकदा पुनः जनान् बदितानि तत संक्रमणस्यानियंत्रितं तीव्रतां कश्चित प्रकारम् नियंत्रित कर्तुम् शक्नोति !

देश में गहराते कोरोना संकट के बीच स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों ने एक बार फिर लोगों को बताया है कि संक्रमण की बेकाबू रफ्तार को किस तरह काबू किया जा सकता है !

विशेषज्ञा: स्पष्टम् कथितानि तत कोविड-१९ संक्रमणस्य भागास्य द्रैघ्य त्रोटितमावश्यकमस्ति इदृशं च् केवलं द्वयो वस्तुनी-कोविड अनुकूलं सुरक्षौषध्यैव संभवमस्ति ! तानि प्रतिबंधानां तीक्ष्णताया पालने अपि बलम् दत्तानि !

विशेषज्ञों ने साफ कहा कि कोविड-19 संक्रमण की चेन तोड़ना जरूरी है और ऐसा सिर्फ दो चीजों-कोविड अनुकूल व्‍यवहार और वैक्‍सीनेशन से ही संभव है ! उन्‍होंने प्रतिबंधों का सख्‍ती से पालन किए जाने पर भी जोर दिया !

एम्स इत्ये औषधि विभागस्य प्रमुखः डॉ नवनीत विगस्यानुरूपम्, यदि वयं सर्वाणि जिम्मेवारिम् नीतानि कोविड अनुकूलम् च् व्यवहारस्य पालनं कृतानि तदा वयं अग्रिम् त्रिषु सप्ताहेषु देशे धनात्मकता स्तरम् ५ प्रतिशतातपि न्यूनं कर्तुम् शक्नोन्ति !

एम्‍स में मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ नवनीत विग के अनुसार, अगर हम सभी जिम्मेदारी लें और कोविड अनुकूल व्‍यवहार का पालन करें तो हम अगले तीन सप्‍ताह में देश में पॉजिटिविटी रेट 5 प्रतिशत से भी कम कर सकते हैं !

सः कथितः बहु राज्येषु धृतानि प्रतिबंधानां तीक्ष्णताया अनुपालने बलम् दत्तमानः कथित: तत मुंबय्यामस्य लाभम् दर्शनम् लब्धितं, तत्र तीक्ष्ण प्रतिबंधानामनंतरम् धनात्मकता स्तरमल्पयित्वा १४ प्रतिशतम् रमितानि, यद्यपि पूर्वे इदम् २६ प्रतिशतमासीत् !

उन्‍होंने कई राज्‍यों में लगाए गए प्रतिबंधों का सख्‍ती से अनुपालन किए जाने पर जोर देते हुए कहा कि मुंबई में इसका फायदा देखने को मिला है, जहां कड़े प्रतिबंधों के बाद पॉजिटिविटी रेट घटकर 14 प्रतिशत रह गई है, जबकि पूर्व में यह 26 प्रतिशत थी !

तत्रैव मेदांतायाः डॉ नरेश त्रेहन: कथितः तत यदि भवतां आरटी-पीसीआर सूचनां धनात्मक आगच्छति तदा क्लवस्य आवश्यकतां नास्ति, अपितु कश्चितापि स्थानीय भिषकेन संपर्कस्य आवश्यक्तामस्ति, येनापि भवन्तः संपर्कं कर्तुम् शक्नोन्ति !

वही मेदांता के डॉ नरेश त्रेहान ने कहा कि अगर आपकी RT-PCR रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि किसी भी स्‍थानीय डॉक्‍टर से संपर्क करने की आवश्‍यकता है, जिनसे भी आप संपर्क कर सकते हैं !

कोविड-१९ संबंधी नियमम् प्रत्ये सर्वाणि भिषकाः ज्ञायन्ति ते च् तस्यानुसारम् भवतः सुश्रुषोपलब्धम् करिष्यन्ति ! सः इदम् अपि कथित: तत ९० प्रतिशत रुग्णा: गृहैवाममुक्त भवितुम् शक्नोन्ति, यदि तेन यथाकाले सद् औषधि दत्तानि !

कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल के बारे में सभी डॉक्‍टर जानते हैं और वे उसी के अनुसार आपको उपचार मुहैया कराएंगे ! उन्‍होंने यह भी कहा कि 90 प्रतिशत मरीज घर में ही ठीक हो सकते हैं, अगर उन्‍हें सही समय पर सही दवा दी जाए !

कोरोना सुरक्षौषधिम् गृहित्वा भिन्न-भिन्न प्रकारस्य लोकवादान् गृहित्वा स्वास्थ्य व्यवस्थायाः डायरेक्टर जनरल डॉ सुनील कुमार: कथितः तत सुरक्षौषधिम् गृहित्वा बहु प्रकारस्य लोकवादानि चरन्ति !

कोरोना वैक्‍सीन को लेकर तरह-तरह की अफवाहों को लेकर हेल्‍थ सर्विसेज के डायरेक्‍टर जनरल डॉ सुनील कुमार ने कहा कि वैक्‍सीन को लेकर कई तरह की अफवाहें चल रही हैं !

तु अस्य कश्चित गम्भीर्य प्रतिकूल प्रभावम् नास्ति, अपितु इमानि केवलं लघ्वास्ति ! सः बलं दत्वा कथितः तत सुरक्षौषधि कोविड अनुकूलम् व्यवहारमेव च् द्वे इदृशे वस्तुनी स्तः, यस्मात् कोविड संक्रमणस्य भागास्य द्रैघ्य त्रोटने सहाय्य लब्धिष्यति !

लेकिन इसका कोई गंभीर साइड इफेक्‍ट नहीं है, बल्कि ये महज मामूली है ! उन्‍होंने जोर देकर कहा कि वैक्‍सीन और कोविड अनुकूल व्‍यवहार ही दो ऐसी चीजें हैं, जिससे कोविड संक्रमण की चेन तोड़ने में मदद मिलेगी !

तत्रैव एम्स इत्यस्य डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया: एकदा पुनः कथितः तत कोरोना विषाणु संक्रमणस्योपचारे रेमडेसिविर कश्चित मायाजालस्य गोलिका नास्ति !

वहीं एम्स के डायरेक्‍टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने एक बार फिर कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के उपचार में रेमडेसिविर कोई जादू की गोली नहीं है !

इदम् केवलं तानि रुग्णान् दीयते, यत् चिकित्सालये चिकित्साहेतु सन्ति तस्य च् स्थितिम् मॉडरेट इत्येन गम्भीर्यस्य मध्यास्ति तथा यस्य प्राणवायु स्तरम् ९३ तः न्यूनमस्ति !

यह केवल उन्‍हीं मरीजों को दी जाती है, जो अस्‍पताल में भर्ती हैं और जिनकी हालत मॉडरेट से गंभीर के बीच है तथा जिनका ऑक्‍सीजन लेवल 93 से नीचे है !

सः जनेभ्यः प्रार्थनाम् कृतः तत ते प्राणवायु रेमडेसिविर इत्यस्य च् दुरुपयोगं न कुर्वन्तु ! बहवः रुग्णा: गृहैव आइसोलेट इति भूत्वा स्वस्थं भवितुम् शक्नोन्ति !

उन्‍होंने लोगों से अपील की कि वे ऑक्‍सीजन और रेमडेसिविर का दुरुपयोग न करें ! अधिकतर मरीज घर में ही आइसोलेट होकर ठीक हो सकते हैं !

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