श्व: भविष्यन्ति कृषक संगठनै: सह सर्कारस्य सम्भाषणम् ! कल होगी किसान संगठनों के साथ सरकार की बातचीत !

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कृषक संगठनै: सह भवानि स्व दशमानि चक्रस्य सम्भाषणम् सरकारः स्थगितमक्रियते ! अयम् सम्भाषणम् भवतम् स्म तु सम्प्रति अयम् सभाम् विज्ञान भवने २० जनवरी बुधवासरम् भविष्यति !

किसान संगठनों के साथ होने वाली अपनी 10वीं दौर की बातचीत सरकार ने स्थगित कर दी है ! यह बातचीत मंगलवार को होनी थी लेकिन अब यह बैठक विज्ञान भवन में 20 जनवरी बुधवार को होगी !

कृषि मंत्रालयः एकम् कथनं प्रसृत्वा सभाम् स्थगितस्याभिज्ञानम् दत्तमस्ति ! कथने अकथ्यते कृषकसंगठनै: सह सभाम् सम्प्रति १९ जनवरी इत्यस्यापेक्षा २० जनवरी इतम् विज्ञान भवने मध्यान्ह द्वय बादनम् भविष्यति !

कृषि मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बैठक स्थगित होने की जानकारी दी है ! बयान में कहा गया,किसान संगठनों के साथ बैठक अब 19 जनवरी की बजाय 20 जनवरी को विज्ञान भवन में दोपहर दो बजे होगी !

कृषकसंगठनस्य सर्कारस्य च् मध्य पूर्व सम्भाषणम् १५ जनवरी इतम् अभवताम् स्म तु एते सभायाम् व्यवधानस्य निष्कर्षम् न निस्सरन् ! एतस्य सभायाः अनंतरम् केंद्रीय कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर: कथयतु तत कृषकसंगठनै: स्व याचनानां एकम् प्रारूपम् ददायाकथ्यते !

किसान संगठनों और सरकार के बीच पिछली बातचीत 15 जनवरी को हुई थी लेकिन इस बैठक में समस्या का हल नहीं निकला ! इस बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसान संगठनों से अपनी मांगों का एक मसौदा देने के लिए कहा गया है !

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रुपाल्या: कथनमस्ति यदा कृषकाः मया सरलं वार्ता कुर्वन्ति तर्हि भिन्न वार्ता भवति तु यदा एतस्मिन् नेता सम्मिलितं भवन्ते,व्यवधान: सम्मुखम् आगच्छन्ति ! यदि कृषकै: सरलं वार्ता भवति तर्हि त्वरित निष्कर्षम् भवितुम् शक्नोति स्म !

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला का कहना है जब किसान हमसे सीधी बात करते हैं तो अलग बात होती है लेकिन जब इसमें नेता शामिल हो जाते हैं,अड़चनें सामने आती हैं ! अगर किसानों से सीधी वार्ता होती तो जल्दी समाधान हो सकता था !

सः कथयतु तत विभिन्न विचारधार्या: जनः एते आन्दोलने अप्रवेश्यते,अतएव ते स्व प्रकारेण हलमेच्छन्ति तु द्वयो भिन्न-भिन्न विचारयो सन्ति ! अतएव विलम्बम् भवति ! कश्चित न कश्चित हलम् अवश्यमेव निस्सरष्यते !

उन्होंने कहा कि विभिन्न विचारधारा के लोग इस आंदोलन में प्रवेश कर गए हैं,इसलिए वे अपने तरीके से समाधान चाहते हैं ! उन्होंने कहा दोनों पक्ष समाधान चाहते हैं लेकिन दोनों के अलग-अलग विचार हैं ! इसलिए विलंब हो रहा है ! कोई न कोई समाधान जरूर निकलेगा !

पंजाब,हरियाणा उत्तरप्रदेशस्य च् केचन प्रान्तराणां कृषकाः इन्द्रप्रस्थस्य विभिन्न सीमाषु पूर्व बहु सप्ताहेन त्रय कृषि विधेयकानां विरुद्धम् आन्दोलनम् कुर्वन्ति !

पंजाब,हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर पिछले कई हफ्ते से तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं !

केंद्रीय कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर: इत्यानंतरम् डिजिटल इति माध्यमेन एकम् कार्यकर्मम् संबोधितमानः पुनरावृत्यत् तत त्रयाणि कृषि विधेयकानि कृषकेभ्यः लाभदायकः भविष्यन्ति !

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने इस बीच डिजिटल माध्यम से एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दोहराया कि तीनों कृषि कानून किसानों के लिए लाभकारी होंगे !

सः कथयतु पूर्व सरकारा: अपि इदम् विधि आरम्भन् इच्छति स्म तु भारस्य कारणम् इदृशं कर्तुम् नाशक्नुते ! मोदी सरकारः तीक्ष्ण निर्णयम् ग्रहणतु इदम् च् विधेयकम् गृहित्वा आगतः ! यदापि कश्चित साधु कार्यम् भवति तर्हि व्यवधानमपि आगच्छन्ति !

उन्होंने कहा पिछली सरकारें भी ये कानून लागू करना चाहती थीं लेकिन दबाव के कारण वे ऐसा नहीं कर सकीं ! मोदी सरकार ने कड़े निर्णय लिए और ये कानून लेकर आई ! जब भी कोई अच्छी चीज होती है तो अड़चने भी आती हैं !

कृषकः गणतंत्र दिवसस्य दिवसं इन्द्रप्रस्थे हलयंत्रम् यात्रा निस्सरकः सन्ति ! इति प्रस्तावित हलयंत्रम् यात्रायाः विरुद्धमादेश: पारितस्य याचक: प्राथमिक्याम् शृणुन् कृतमानः सर्वोच्च न्यायालय: सोमवासरं कथयतु तत एतेन प्रकरणेन निर्वहस्याधिकार: केंद्र सर्कारस्य पार्श्व अस्ति !

किसान गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकालने वाले हैं ! इस प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के खिलाफ आदेश पारित करने की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि इस मामले से निपटने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है !

न्यायालयः कथयतु तत गणतंत्र दिवसस्य दिवसं कृषकाणाम् प्रस्तावित हलयंत्र यात्रा विधि व्यवस्थायाः विषयमस्ति इन्द्रप्रस्थे केनागमनस्य आज्ञाम् दीयतमस्ति,अस्याम् प्रति निर्णयम् इंद्रप्रस्थ आरक्षकम् कृतमस्ति ! न्यायालयः प्रकरणस्य शृणुन् सम्प्रति बुधवासरम् करिष्यति !

कोर्ट ने कहा कि गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली कानून-व्यवस्था का विषय है और दिल्ली में किसे आने की इजाजत देनी है,इसके बारे में फैसला दिल्ली पुलिस को करना है ! कोर्ट ने मामले की सुनवाई अब बुधवार को करेगा !

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