राज्यसभायाम् भावुक: अभवत् पीएम मोदी: !राज्यसभा में भावुक हुए पीएम मोदी !

0
358

राज्यसभायाः चत्वारः सांसदानां गमनस्यावसरे पीएम नरेंद्र मोदी: बहुदा भावुकः अभवत् तस्य नेत्रे अश्रुपूरित: ! पीएम मोदी: विशेषरूपेण नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजादस्य योगदाने बदति स्म !

राज्यभा के चार सांसदों की विदाई के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी कई बार भावुक हुए और उनकी आंखे डबडबा गईं ! पीएम मोदी खासतौर से नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद के योगदान पर बोल रहे थे !

सः कथितः तत वास्तवेव नीतिगत प्रकरणेषु सर्कारस्य रूपे वा तः अस्माकं नित्याम् दोषानि निस्सरयसि तु सद् अयमपि अस्ति तत सः बहु वृहद उपदेश: दत्तवान !

उन्होंने कहा कि भले ही नीतिगत मुद्दों पर या सरकार के तौर पर वो हमारी नीतियों में खामी निकालते रहे हों पर सच यह भी है कि उन्होंने कई बड़े सुझाव दिए !

एकम् विशेषं प्रसंगस्य उल्लेख कृतमानः तत केन प्रकारेण कोरोनायाः विरुद्धम् रणे सः कथितः तत मोदी महाशयः भवान् यद केचन कुर्वन्ति ताः सर्वम् साधु अस्ति तु तै: इदृशं अनुभवन्ति तत सर्वानां दलानां एकम् सम्मिलित गोष्ठिम् करणीया: ! तस्य उपदेशम् न केवलं सः मानित: अपितु व्यवहृत: !

एक खास प्रसंग का जिक्र करते हुए कि किस तरह से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में उन्होंने कहा कि मोदी जी आप जो कुछ कर रहे हैं वो सब ठीक है लेकिन उन्हें ऐसा लगता है कि सभी दलों की एक साझा बैठक करनी चाहिए ! उनके सुझाव को ना सिर्फ उन्होंने माना बल्कि अमल किया !

राज्यसभाम् पीएम नरेंद्र मोदी: यदा भावुकः अभवत् तदा तः जम्मू-कश्मीरस्य अस्य आतंकी घटनाम् उल्लेखम् करोति यस्मिन् गुजरातस्य केचन जनाः लक्ष्यम् अभवत् स्म ! पीएम कथितः तत यदा गुलाम नबी आजाद महाशयः तेन दूरभाष कृतः तदा तस्य स्वरे कम्पनमासीत् तस्य नेत्रे अश्रूणि आसन् !

राज्यसभा में पीएम नरेंद्र मोदी जब भावुक हुए तो वो जम्मू-कश्मीर की इस आतंकी घटना जिक्र कर रहे हैं जिसमें गुजरात के कुछ लोग शिकार हो गए थे ! पीएम ने कहा कि जब गुलाम नबी आजाद साहब ने उन्हें फोन किया तो उनके आंवाज में कंपकपाहट थी उनके आंखों में आंसू थे !

जिह्वया शब्दम् लरखरति स्म ! अयम् सर्वम् शृणुम् स्वयं तस्मै भावुकः पलमासीत् ! कुत्रचित आतंकी घातम् रात्रे अभवत् स्म तं अहम् तत्तकालीन रक्षामंत्री प्रणवमुखर्ज्या: दूरभाषम् कृतः तत यदि शवाय वायूयान उपलब्धयति तर्हि साधु वार्ता भवति ! रक्षामंत्री तेन विश्वासमपि दत्त: !

जुबां से शब्द लड़खड़ा रहे थे ! यह सब सुनना खुद उनके लिए भावुक पल थे ! चुंकि आतंकी हमला रात में हुई थी उनको मैंने तत्तकालीन रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी का फोन किया कि अगर डेड बॉडी के लिए प्लेन मिल जाता तो अच्छी बात होती ! रक्षा मंत्री ने उन्हें भरोसा भी दिया !

एत सर्वस्य मध्य घटनायाः रात्रि एव एकदा पुनः गुलाम नबी आजाद महाशयस्य दूरभाष आगतः तम् कालम् च् तः जम्मू-कश्मीर पत्तने आसन् !

इन सबके बीच घटना वाली रात ही एक बार फिर गुलाम नबी आजाद जी का फोन आया और उस वक्त वो जम्मू-कश्मीर एयरपोर्ट पर थे !

येन प्रकारेण कश्चित मानवः स्व कुटुंबस्य कश्चित सदस्यम् अन्तिम् गमनम् ददाति साधु तादृशैव सः गुजरातस्य हन्यतानि जनानि दत्त: स्म ! तम् पलम् यदा तः स्मरयति तदा अनुभवति तत राजनीतिक प्रतिद्वंदिताया भिन्न तस्य हृदय मानवीय संवेदनाया परिपूर्णम् स्म !

जिस तरह से कोई शख्स अपने परिवार के किसी सदस्य को अंतिम विदाई देता है ठीक वैसे ही उन्होंने गुजरात के मारे गए लोगों को दिया था ! उस पल को जब वो याद करते हैं तो महसूस करते हैं कि राजनीतिक प्रतिद्वंदिता से इतर उनका दिल मानवीय संवेदना से भरा हुआ था !

पीएम मोदी: कथितः तत एकस्य सखायाः रूपे तः गुलाम नबी आजाद महाशयस्यादरयामि ! तः सदने रमतु न रमतु वा तस्मै द्वारम् सदैव आनवृतानि ! येन सहैव अयमपि कथितः तत येन प्रकारेण सः स्वानुभवेण देशस्य कायांतरिते योगदानम् दत्त: !

पीएम मोदी ने कहा कि एक मित्र के रूप में वो गुलाम नबी आजाद जी का आदर करता हूँ ! वो सदन में रहें या ना रहें उनके लिए दरवाजे हमेशा खुले हैं ! इसके साथ ही यह भी कहा कि जिस तरह से उन्होंने अपने अनुभव के जरिए देश के कायाकल्प में योगदान दिया !

ठीक उसी तरह की भूमिका वो निभाते रहेंगे ! इसके साथ यह भी कहा कि उन्होंने कोई भी काम सिर्फ सरकारी नजरिए के हिसाब से नहीं किया बल्कि अपना समझ कर किया !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here