अत्यय: गृहीत्वा निर्णयानि कुर्वन्ति मोदी, सर्जिकल स्ट्राइक, ३७०, त्रय तलाक इत्यानि यथा निर्णयानि दृढ़ प्रधानमंत्री इव कर्तुम् शक्नोति:-अमित शाह: ! जोखिम लेकर फैसले करते हैं मोदी, सर्जिकल-एयर स्ट्राइक, 370, तीन तलाक जैसे फैसले मजबूत प्रधानमंत्री ही कर सकता है:-अमित शाह !

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदिण: केंद्र राज्य वा सर्वकारयो प्रमुखस्य रूपे विंशति वर्षम् पूर्णकृते केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह: संसद टीवी इत्येन विशेषं वार्तालापम् कृतः ! सः कथित: तत मोदी महोदयस्य सार्वजनिक जीवनस्य त्र्याणि अंशानि कर्तुम् शक्नुते ! एके भाजपायां आगमनस्यानंतरम् प्रथम कालखंड संगठनात्मक कार्यस्यासीत् !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्र व राज्य सरकार के प्रमुख के रूप में 20 वर्ष पूर्ण करने पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने संसद टीवी से खास बातचीत की है ! उन्होंने कहा कि मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 3 हिस्से किए जा सकते हैं ! एक भाजपा में आने के बाद पहला कालखंड संगठनात्मक काम का था !

द्वितीय कालखंडम् तस्य गुजरातस्य मुख्यमंत्रित्व कालस्यासीत् तृतीयं च् राष्ट्रीय राजनित्यां आगत्वा सः प्रधानमंत्री भवितं ! इमानि त्र्याणि कालखंडानि बहु चुनौतीपूर्णम् रमित: ! यथा यदा तं भाजपायां प्रेषितं, सः संगठनमंत्री भवित: तर्हि तत्कालम् भाजपायाः स्थिति सम्यक् नासीत् !

दूसरा कालखंड उनके गुजरात के मुख्यमंत्रित्व काल का था और तीसरा राष्ट्रीय राजनीति में आकर वो प्रधानमंत्री बनें ! ये तीनों कालखंड बेहद चुनौतीपूर्ण रहे ! जैसे जब उनको भाजपा में भेजा गया, वो संगठन मंत्री बनें तो उस समय भाजपा की स्थिति सही नहीं थी !

शाह: कथित: तत मुख्यमंत्री भवस्यानंतरम् सः बहु धैर्येण सह प्रशासनस्य सूक्ष्मातिसूक्ष्मम् ज्ञानम् अवगम्यितः, विशेषज्ञान् प्रशासनेण सह संयुक्त: सर्वकारस्य च् योजनान् जनाः एव प्रेषित: ! यदा देशे भाजपायाः द्वे आसने आगतः !

शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने बहुत धैर्य के साथ प्रशासन की बारीकियों को समझा, विशेषज्ञों को प्रशासन के साथ जोड़ा और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाया ! जब देश में भाजपा की 2 सीटें आई !

तदा मोदी महोदयः भाजपा गुजरातस्य संगठन मंत्री भवितं १९८७ तः सः संगठनम् संरक्षित: ! तस्य आगमनस्यानंतरम् सर्वात् प्रथम निर्वाचनमहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन इतस्याभवत् प्रथमदा च् तत्र भाजपा स्व शक्त्यां सत्तायां आगतं !

तब मोदी जी भाजपा गुजरात के संगठन मंत्री बनें और 1987 से उन्होंने संगठन को संभाला ! उनके आने के बाद सबसे पहला चुनाव अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का हुआ और पहली बार वहां भाजपा अपने बूते पर सत्ता में आई !

मोदी महोदयः प्रथमदा २००३ तमस्य बजटे समस्त अस्तव्यस्त: योजनान् संतुक्त: संविधानस्य च् अनुसारम् तस्य जनसंख्यायाः अनुसारेण तान् अधिकारं दत्त: ! यूपीए इतस्य सर्वकारे प्रत्येक क्षेत्रे देशस्य अधोपतति स्म, विश्वे देशस्य कश्चित सम्मानम् नासीत् !

मोदी जी ने पहली बार 2003 के बजट में सारी बिखरी हुई योजनाओं को जोड़ा और संविधान के अनुसार उनकी जनसंख्या के हिसाब से उनको अधिकार दिए ! यूपीए की सरकार में हर क्षेत्र में देश नीचे की ओर जा रहा था, दुनिया में देश का कोई सम्मान नहीं था !

नीतिगत निर्णयानि मासानि एव सर्वकारस्य आंतरिक कलहे जुझ्झयति स्म, एकः मंत्री महोदयः तर्हि पंच वर्षाणि एव मंत्रिपरिषदे न आगतः ! इदृशं परिस्थित्यां मोदी महोदयः देशस्य प्रधानमंत्रिण: पद स्वीकृत:, अद्य समस्त व्यवस्थानि स्व स्थाने सम्यक् भवति !

नीतिगत फैसले महीनों तक सरकार की आंतरिक कलह में उलझते रहते थे, एक मंत्री महोदय तो 5 साल तक कैबिनेट में नहीं आए ! ऐसे माहौल में मोदी जी ने देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला, आज सारी व्यवस्थाएं अपनी जगह पर सही हो रही हैं !

मोदी महोदयः अत्यय: गृहीत्वा निर्णयानि कुर्वन्ति, इमानि वार्ता सत्यमस्ति ! अस्माकं लक्ष्यदेशे परिवर्तनमानीतमस्ति ! १३० कोट्याः जनसंख्यायुक्त विश्वस्य सर्वात् वृहद लोकतंत्रम् विश्वे एकम् सम्मानपूर्णम् स्थाने नीतमस्ति !

मोदी जी जोखिम लेकर फैसले करते हैं ये बात सही है ! हमारा लक्ष्य देश में परिवर्तन लाना है ! 130 करोड़ की आबादी वाले विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र को दुनिया में एक सम्मानजनक स्थान पर पहुंचाना है !

त्रय तलाक इत्ये विधि, वन रैंक वन पेंशन प्रारंभस्य कश्चित धीरता न करोति स्म, सर्जिकल एयर वा स्ट्राइक इत्ये सर्वा: मौना: आसन्, धारा ३७० इतम् निर्वर्तस्य कश्चित धीरता न करोति स्म, विभिन्न आर्थिक संशोधनम् यथा निर्णयानि दृढ़ इच्छाशक्ति युक्त प्रधानमंत्री इव कर्तुम् शक्नोति !

तीन तलाक पर कानून, वन रैंक वन पेंशन लागू करने की कोई हिम्मत नहीं करता था, सर्जिकल व एयर स्ट्राइक पर सब चुप थे, धारा 370 को हटाने की कोई हिम्मत नहीं करता था, विभिन्न आर्थिक सुधार जैसे फैसले मजबूत इच्छा शक्ति वाला प्रधानमंत्री ही कर सकता है !

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