अफगानिस्ताने तालिबान राज्यमस्ति ! इति सर्वकारं स्वछंदरूपे विश्वस्य केचन देशमेव समर्थनम् ददान्ति येषु चिनम् पकिस्तानम् च् विशेषरूपेण सम्मिलितम् सन्ति ! तालिबानम्, अफगानिस्तानस्य सत्तायां स्थितमवश्यमस्ति तु तस्याभ्यांतरम् गुटबन्दिमपि संमुखमागतं !
अफगानिस्तान में तालिबान राज है ! इस सरकार को खुले तौर पर दुनिया के कुछ देश ही समर्थन दे रहे हैं जिसमें चीन और पाकिस्तान विशेष रूप से शामिल हैं ! तालिबान, अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज जरूर हैं लेकिन उनके अंदर गुटबाजी भी सामने आई है !
भारत सर्वकारः स्वच्छम् कृतवानैकमिदृशं सर्वकारः येन जनमतम् ळब्धम् नासि वैधानिकं भवितुम् न शक्नोति ! इति मध्य नेशनल कॉन्फ्रेंसस्याध्यक्ष: फारूकाब्दुल्ला एकम् विशेषं कथनम् दत्त: येषु सः अफगानिस्ताने भारतीय निवेशस्योद्धरणम् दत्त: !
भारत सरकार ने साफ किया है एक ऐसी सरकार जिसे जनमत हासिल ना हो वैधानिक नहीं हो सकती है ! इस बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने एक खास बयान दिया जिसमें उन्होंने अफगानिस्तान में भारतीय निवेश का हवाला दिया है !
नेशनल कान्फ्रेंसस्याध्यक्ष: फारूकाब्दुल्ला कथित: तालिबान अधुना अफगानिस्ताने सत्तायामस्ति ! अफगानिस्ताने पूर्वशासनस्य काळम् भारतं विभिन्न परियोजनाषु अर्बुदानि व्ययम् कृतं !
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने कहा तालिबान अब अफगानिस्तान में सत्ता में है ! अफगानिस्तान में पिछले शासन के दौरान भारत ने विभिन्न परियोजनाओं पर अरबों खर्च किए !
मया वर्तमान अफगान शासनतः वार्ता करणीय: ! यदा वयं देशे इयत् निवेशित: तर्हि तेन संबंधे किं संकटमस्ति ?
हमें मौजूदा अफगान शासन से बात करनी चाहिए ! जब हमने देश में इतना निवेश कर दिया है तो उनसे संबंध रखने में क्या हर्ज है ?
सूचनायां वर्तमानेवे ज्ञापितं ततेदम् वार्ता सत्यमस्ति तताफगानिस्तानस्य सत्तायां तालिबानं स्थितमस्ति ! तु तस्य बहु अंशेषु परस्परं मतभेदम् वर्तमानमस्ति !
रिपोर्ट में हाल ही में बताया गया है कि यह बात सच है कि अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान काबिज है ! लेकिन उसके कई धड़ों में आपसी मतभेद कायम है !
मुल्ला अब्दुल गनी बरादरम् हैबतुल्ला अंखुदजादां च् गृहीत्वा चित्रम् स्वच्छम् नास्ति ! येन प्रकारेण तालिबानसर्वकारे हक्कानी नेटवर्क इतस्य प्रवेशमस्ति तत विश्वाय साधु संकेतम् न मान्यति !
मुल्ला अब्दुल गनी बरादर और हैबतुल्ला अखुंदजादा को लेकर तस्वीर साफ नहीं है ! जिस तरह से तालिबान सरकार में हक्कानी नेटवर्क का दखल है वो दुनिया के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जा रहा है !
ज्ञाप्यते तत बरादरस्य विचारमयमासीत् तत तालिबानम् केचन सुधारवादिन् पदान् प्रति अग्रम् बर्धनीयम् यस्मात् विश्वस्य शेषदेशानि अफगानिस्तान सर्वकारम् मान्यताम् ददान्तु येन च् गृहीत्वा अफगानी राष्ट्रपतिण: भवने समाघातमपि अभवत् स्म !
बताया जाता है कि बरादर की सोच यह थी कि तालिबान को कुछ सुधारवादी कदमों की तरफ आगे बढ़ना चाहिए जिससे दुनिया के बाकी मुल्क अफगानिस्तान सरकार को मान्यता दें और इसे लेकर अफगानी राष्ट्रपति के महल में झड़प भी हुई थी !