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Wednesday, January 19, 2022

नयपालस्य पूर्व प्रधानमंत्री ओली बदित: भारतात् पुनर्नियष्यति लिपुलेख, कालापानी लिंपियाधुरा च् ! नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ओली बोले भारत से वापस लेंगे लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा !

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नयपालस्य पूर्व प्रधानमंत्री मुख्य विपक्षी दळम् च् सीपीएन-यूएमएल इतस्य अध्यक्ष: केपी शर्मा ओली शुक्रवासरम् दृढ़कथनम् कृतः तत यदि तस्य दळम् सत्तायां आगच्छति तर्हि सः भारतात् कालापानी, लिंपियाधुरा लिपुलेख च् क्षेत्रान् वार्तालापेण पुनर्निष्यते !

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और मुख्य विपक्षी दल सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने शुक्रवार को वादा किया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह भारत से कालापानी, लिंपियाधुरा और लिपुलेख क्षेत्रों को बातचीत के जरिए वापस ले लेंगे !

लिपुलेख दर्रा कालापान्या: पार्श्व सूदूरवर्तिन् पश्चिमी विंदुमस्ति, यत् नयपाल भारतयो च् मध्य एकम् कलहयुक्तं सीमा क्षेत्रमस्ति ! भारत नयपाले च् कालापानिम् स्वक्षेत्रस्याभिन्नम् अंगस्य रूपयो दृढ़ कथनम् कुर्वत: !

लिपुलेख दर्रा कालापानी के पास एक सुदूर पश्चिमी बिंदु है, जो नेपाल और भारत के बीच एक विवादित सीमा क्षेत्र है ! भारत और नेपाल दोनों कालापानी को अपने क्षेत्र के अभिन्न अंग के रूप में दावा करते हैं !

भारत यत्र उत्तराखंडस्य पिथौरागढ़ जनपदस्य कालापान्यां दृढ़कथनम् करोति तर्हि नयपाल धारचूला जनपदस्य अंशेषु दृढ़कथनम् करोति !

भारत जहां उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के कालापानी पर दावा करता है तो नेपाल धारचूला जिले के हिस्से पर दावा करता है !

कांठमांडुतः १६० महाल्वम् दक्षिणे चितवने नयपालस्य कम्युनिस्ट दळस्य (एकीकृत मार्क्सवादी- लेनिनवादी) दशमानि साधारण सम्मेलनस्योद्घाट्यन् ओली दृढ़कथनम् कृतः तत यदि तस्य दळम् सत्तायां पुनरागच्छति !

काठमांडू से 160 किलोमीटर दक्षिण में चितवन में नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी- लेनिनवादी) के 10वें आम सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए ओली ने दावा किया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में वापस आती है !

सः लिंपियाधुरा, कालापानी लिपुलेख च् यथा विवादित क्षेत्रान् वार्तालास्य माध्यमेण पुनर्निष्यते ! सः कथित: वयं वार्तालापेण संकटानां समाधानस्य पक्षे सन्ति न तत सहवासिनै: रिपुताभि: !

वह लिंपियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख जैसे विवादित क्षेत्रों को बातचीत के माध्यम से वापस ले लेगी ! उन्होंने कहा हम बातचीत के जरिए समस्याओं के समाधान के पक्ष में हैं, न कि पड़ोसियों से दुश्मनी के जरिए !

ओली विश्वासम् व्यक्त: तत सीपीएन-यूएमएल अग्रिम वर्षम् भवकं साधारण निर्वाचने सर्वात् वृहद राजनीतिक शक्त्या: रूपे अवतरिष्यति !

ओली ने विश्वास जताया कि सीपीएन-यूएमएल अगले साल होने वाले आम चुनाव में सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में उभरेगा !

भवतः ज्ञापयन्तु तत ८ मई २०२० तमम् भारतेन उत्तराखंडस्य धारचूलाया सह लिपुलेख दर्राया संयुक्तकं रणनीतिक रूपेण महत्वपूर्णम् ८० महाल्वं दीर्घ वीथी अनावृतस्यानंतरम् द्विपक्षीय संबंधम् कलहयुक्तं भविते !

आपको बता दें कि 8 मई, 2020 को भारत द्वारा उत्तराखंड के धारचूला के साथ लिपुलेख दर्रे को जोड़ने वाली रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 80 किलोमीटर लंबी सड़क खोलने के बाद द्विपक्षीय संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं !

नयपाल मार्गस्य उद्घाटनस्य विरोधयन् दृढ़कथनम् कृतवान ततेदम् तस्य क्षेत्रेण भूत्वा गच्छति ! केचन दिवसानि अनंतरम्, नयपाल लिपुलेख कालापानी लिंपियाधुरान् च् स्व क्षेत्राणां रूपे दर्शितान् एकम् मानचित्रम् गृहीत्वागतं !

नेपाल ने सड़क के उद्घाटन का विरोध करते हुए दावा किया कि यह उसके क्षेत्र से होकर गुजरती है !कुछ दिनों बाद, नेपाल लिपुलेख कालापानी और लिंपियाधुरा को अपने क्षेत्रों के रूप में दिखाते हुए एक नया नक्शा लेकर आया !

भारतं इति पगे तीक्ष्ण प्रतिक्रियाम् व्यक्तं ! पूर्व वर्षम् जूने, नयपालस्य संसदम् देशस्य नव राजनीतिक मानचित्रम् अनुमतम् दत्तं, यस्मिन् तान् क्षेत्रान् प्रदर्शितं, यत् भारतस्याधीनम् आगच्छन्ति !

भारत ने इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। पिछले साल जून में, नेपाल की संसद ने देश के नए राजनीतिक मानचित्र को मंजूरी दी, जिसमें उन क्षेत्रों को दर्शाया गया है, जो भारत के अधीन आते हैं !

नयपालेण मानचित्रम् प्रस्तुतस्यानंतरम् भारतं तीक्ष्ण प्रतिक्रियाम् व्यक्तयन् येन पक्षपात परिपूर्णम् कार्यवाहिम् ज्ञापितं काठमाण्डूम् च् प्रगेतितं तत क्षेत्रीय दृढ़कथनानां इदृशं कृत्रिम विस्तारम् तेन स्वीकार्यम् न भविष्यति !

नेपाल द्वारा नक्शा जारी करने के बाद, भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे एकतरफा कार्रवाई बताया और काठमांडू को आगाह किया कि क्षेत्रीय दावों का ऐसा कृत्रिम विस्तार उसे स्वीकार्य नहीं होगा !

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