लखीमपुर प्रकरणम् ! कांग्रेस सपा इत्यादिभिः भू दस्युन् रक्षणस्य अजय मिश्रम् निर्वर्तस्य वा भयकर: कुचक्रम् ! लखीमपुर कांड ! कांग्रेस सपा आदि द्वारा भूमाफियाओं को बचाने व अजय मिश्र को हटाने की खतरनाक साजिश !

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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी

लखीमपुर प्रकरणस्य मुख्योद्देश्य, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रम् तस्य पदत: निर्वर्तनमस्ति, कुत्रचित अजय मिश्र: इदृशं कथनम् दत्तमासीत् तत तराय्यां अवैधाधिपत्य धारका: खलिस्तानिनां अफजल गुरो: च् समर्थका: भयाक्रांता: अभवन् स्म !

लखीमपुर काण्ड का मुख्य उद्देश्य, केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र को उनके पद से हटाना है, क्योंकि अजय मिश्र ने ऐसा बयान दिया था कि तराई में अवैध कब्जेधारी खालिस्तानियों और अफजल गुरु के समर्थक भयग्रस्त हो गये थे !

इदृशेषु प्रमुख: राकेश टिकैतेन विचारविमर्शयो अनंतरम् लखीमपुर प्रकरणस्य पटकथा इति लेखितं मम निवेदनमस्ति तत इति लेखम् अवश्यं पठन्तु यदि भवतः इति षड्यंत्रम् षड्यंत्रकारिन् प्रत्ये ज्ञातुमिच्छन्ति !

ऐसे में हाइकमान राकेश टिकैत से विचार विमर्श के बाद लखीमपुर काण्ड कि पटकथा लिखी गई मेरा निवेदन है कि इस लेख को अवश्य पढ़ें यदि आपको इस षड्यंत्र और षड्यंत्रकारियों के बारे में जानना चाहते है !

इमे कृषका: न दुधवा राष्ट्रीय अभ्यारण ब्रह्मऋषि जनपदस्य शतानि-सहस्राणि एकड़ इति भूम्य: अधिपत्यम् कर्तुम्म तिष्ठन्तु भिंडरावालायाः तथा अफजल गुरो: समर्थका: भूदस्यु तथा पकिस्तानस्य एचबी प्रवर्तक: परिलक्षितुम् भवन्ति !

ये किसान नहीं, दुधवा नेशनल पार्क व बहराइच जनपद के सैकड़ों-हजारों एकड़ जमीन कब्जा कर बैठे भिंडरावाला तथा अफजल गुरु के समर्थक भूमाफिया तथा पाकिस्तान के HB एजेंट प्रतीत होते है !

लखीमपुरस्य वास्तविकता यत् मीडिया इति कदापि न ज्ञापिष्यति ! अंततः लखीमपुरे इदृशं किमभवत् यत् इयत् भयावह घटनाम् घटित: ? किं तैव सत्यं अस्ति यत् मीडिया इत्येन ज्ञापयन्ति !

लखीमपुर की हकीकत जो मीडिया कभी नही बताएगा ! आखिर लखीमपुर में ऐसा क्या हुआ जो इतनी विकराल घटना घटित हुई ? क्या वही सच है जो मीडिया द्वारा बताया जा रहा है ?

किं अजय मिश्रस्य पूर्व कथनम् घटनायाः कारक: अस्ति यथा मीडिया, विपक्षम् आन्दोलनजीविन: च् ज्ञापयन्ति सत्यता केचनान्यैवास्ति वा येन गोप्यन्ते ?

क्या अजय मिश्र का पूर्व बयान घटना का कारक है जैसा मीडिया, विपक्ष और आन्दोलनजीवी बता रहे है या सच्चाई कुछ और ही है जिसे छुपाया जा रहा है ?

लखीमपुर घटनाम् गृहीत्वा तैव सिद्धांत व्यवस्थितं क्रियते यत् इंद्रप्रस्थ उपद्रवम् कपिल मिश्रस्य कथनं गृहीत्वा कर्तुम् गतं स्म ! अग्रम् बर्धनेण पूर्व अजय मिश्रस्य तथाकथित विवादपूर्ण कथनमपि ज्ञायन्तु !

लखीमपुर घटना को लेकर वही नरेटिव सेट किया जा रहा है जो दिल्ली दंगो को लेकर कपिल मिश्र के बयान को लेकर किया गया था ! आगे बढ़ने से पहले अजय मिश्र का तथाकथित विवादित बयान भी जान लीजिए !

केचन दिवसपूर्व यदा मिश्र: इति क्षेत्रे प्राप्त: तर्हि तेन सिख कृषकै: कृष्णध्वाजानि दर्शितुम् गतं, यस्मिन् मिश्र: चेतमानः कथित: तत इमानि सर्वाणि अवरुद्धं कुर्वन्तु मया भवतानां कृत्यानि ज्ञातमस्ति शीघ्रैव तीक्ष्ण कार्यवाहिम् भविष्यति ! अस्यैव कथनम् मीडिया विवादपूर्ण कथनम् कथित्वा घटनायाः जिम्मेवारम् ज्ञापयन्ति !

कुछ दिन पूर्व जब मिश्र इस क्षेत्र में पहुंचे तो उन्हें सिख किसानों द्वारा काले झंडे दिखाए गए, इस पर मिश्र ने चेतावनी देते हुए कहा कि ये सब बन्द करो हमे आपकी हरकतें पता है शीघ्र ही कड़ी कार्रवाई होगी ! इसी बयान को मीडिया विवादित बयान कहकर घटना का जिम्मेदार बता रहा है !

तु प्रश्नमिदम् उत्थिति अंततः किमस्ति तत कृत्य यस्मिन् केंद्रीय मंत्री सैनम् कृतः स्म ? किमिदम् आन्दोलनजिवीनां क्षीण ग्रन्थिमस्ति यत् संकुचितं ? यस्मै भवतः घटनास्थलस्य आर्श्वपार्श्वस्य क्षेत्रस्य भौगोलिक डेमोग्राफिक इति च् स्थितिमवगम्यतुम् भविष्यन्ति !

किन्तु प्रश्न ये उठता है आखिर क्या है वो हरकत जिस पर केंद्रीय मंत्री ने इशारा किया था ? क्या ये आन्दोलनजीवियों की कमजोर नस है जो दब गई ? इसके लिये आपको घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र की भौगोलिक और डेमोग्राफिक स्थिति समझना होगा !

भवन्तः दृक्ष्यन्ति इदम् पूर्ण क्षेत्र दुधवा अभ्यारण्य लेगड़ी नानपारा वा इत्यादयः यथा वृहद क्षेत्राणि सन्ति अत्रे शारदा, घर्घर: यथैव नद्य: सन्ति यस्मात् इदम् क्षेत्राणि सिंचित क्षेत्राणि कथ्यते यत् तत कृषि कार्यायादर्शं स्थितिमस्ति !

आप देखेंगे तो ये पूरा क्षेत्र दुधवा फारेस्ट व लेगड़ी नानपारा आदि जैसे वृहद क्षेत्र है यहां पर शारदा, घाघरा जैसी नदिया है जिससे ये क्षेत्र सिंचित क्षेत्र कहलाता है जो कि खेती के लिए आदर्श स्थिति है !

डेमोग्राफी इति पश्यन्तु तर्हि पूर्ण लखीमपुर जनपदे संपूर्ण २.३५% लगभगम् सिख जनसंख्याम् २०.७% इतस्य लगभगम् मुस्लिम जनसंख्याम् स्त: ! २००१ तमे इति जनपदम् अल्पसंख्यक बाहुल्य जनपदम् घोषितवन्तः स्म ! शब्दावल्यां ध्यानम् ददातु अल्पसंख्यक बाहुल्य इति !

डेमोग्राफी देखे तो पूरे लखीमपुर जिले में कुल 2.35% लगभग सिक्ख आबादी और 20.7% के लगभग मुस्लिम आबादी है ! 2001 में इस जिले को अल्पसंख्यक बाहुल्य जिला घोषित किया गया था ! शब्दावली पर ध्यान दे अल्पसंख्यक बाहुल्य !

लखीमपुर जनपदे यथैव २.३५% सिख: सन्ति, तु यत्रेदम् घटनाम् घटितं तत्रार्श्वपार्श्वस्य क्षेत्रे संपूर्ण १५% सिख: सन्ति, सहैव मुस्लिमरपि अयम् तत प्रकारमस्ति यथा पालघरे !

लखीमपुर जिले में भले ही 2.35% सिक्ख हैं, लेकिन जहाँ ये घटना घटी वहां आसपास का क्षेत्र में कुल मिलाकर 15% सिक्ख हैं, साथ ही मुस्लिम भी ये ठीक उसी प्रकार है जैसे पालघर में !

अत्र अधिकत: सिख: नवसिख: (मिशनरीज प्रेरित:) भविता: यस्याकर्षणस्य केंद्रबिंदु रिक्तस्थानम् प्रति अस्ति ! अत्रस्य तथाकथित कृषक: कश्चित निर्धनम् पीड़ितम् कृषक: न सन्ति ! अधिकतरस्य शतानि एकड़े प्रसृतं कृषिगृहमस्ति यत् सः यत् अतिक्रमण कृत्वा स्थापित: !

यहां अधिकतर सिक्ख नवसिक्ख (मिशनरीज प्रेरित) बन चुके है जिनका झुकाव खाली स्थान की तरफ है ! यहां के तथाकथित किसान कोई गरीब मजबूर किसान नही हैं ! अधिकतर के सैकड़ों एकड़ में फैले फार्महाउस है जो उन्होंने अतिक्रमण कर बनाए हैं !

अत्र द्वादशार्द्ध एकड़ भूम्य: सीलिंग इति नियमस्य अंतर्गतमागच्छति, अतएव केन प्रकारेण अत्र शतानि एकड़े कृषिगृहम् स्थापितं ज्ञापनस्य आवश्यकताम् न अस्ति ! अतएव कृषिविधेयकस्य विरोधमस्ति कुत्रचित विधेयकम् निर्धन कृषकेभ्यः इवास्ति यस्मात् धनिका: कृषकान् स्व भूस्वामित्ततः पतितुम् दर्शयन्ति !

यहां साढ़े बारह एकड़ भूमि सीलिंग नियम के अंतर्गत आती है, इसलिए किस तरह से यहां सैकड़ो एकड़ में फार्महाउस बनाए गए बताने की आवश्यकता नही है ! इसलिए कृषि बिल का विरोध है क्योंकि बिल गरीब किसानों के लिए ही है जिससे धन्ना किसानों को अपनी जमीदारी खिसकती दिख रही है !

अतएव यदा केचन दिवस पूर्व मंत्री अजय मिश्र: कथित: तत वयं भवताम् कृत्यानि ज्ञायामि वृहद कार्यवाहिम् भविष्यति, तदात्रस्य बहुबलिन: कृषकेषु उद्दीपनमुत्पादितं ! ध्यानम् रमतु अजय मिश्र: केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अस्ति योगीसर्वकाररपि दस्युनां उपरि भारम् भारितुम् ज्ञायते !

इसलिए जब कुछ दिन पूर्व मंत्री अजय मिश्र ने कहा कि हम आपकी हरकतें जानते है और बड़ी कार्रवाई होगी,तब यहां के बाहुबली किसानो में खलबली मच गई ! ध्यान रहे अजय मिश्र केंद्रीय गृह राज्य मंत्री है और योगी सरकार भी माफियाओं के ऊपर शिकंजा कसने के लिए जानी जाती है !

अतः मंत्रिण: चेतेण आंदोलितं आंदोलनजीविनः स्व प्रमुखान् सूचनां ददान्तु, यै: अवसरम् दर्शित्वा कार्यम् कृतस्य सैनम् दत्ता: कुत्रचित कश्चितापि मूल्ये अजय मिश्रम् मंत्री पदत: निर्वर्तुम् शक्नुतं !

अतः मंत्री की चेतावनी से घबराए आन्दोलनजीवियों ने अपने आकाओं को खबर दी, जिन्होंने मौका देखकर चौका मारने का इशारा दे दिया ताकि किसी भी कीमत पर अजय मिश्र को मंत्री पद से हटवाया जा सके !

संभवतः बहु न्यूनम् जनः ज्ञायन्ति तत इति क्षेत्रे श्राद्धस्य काळम् दंगलस्य आयोजनम् भवति यत् वर्षभिः चरितुमागच्छति ! अजय मिश्रस्य लखीमपुर जनपदे गृहक्षेत्रमस्ति ! ते स्वयं मल्लक: रमन्ति क्षेत्रस्य च् सम्मानित जन: अस्ति ! ते सदैव इति आयोजने गच्छते !

शायद बहुत कम लोग जानते है कि इस क्षेत्र में श्राद्ध के दौरान दंगल का आयोजन होता है जो वर्षो से चला आ रहा है ! अजय मिश्र का लखीमपुर जिले में गृहक्षेत्र है ! वे स्वयं पहलवान रहे हैं और क्षेत्र के सम्मानित व्यक्ति है ! वे अक्सर इस आयोजन में जाते रहे है !

अतः आयोजका: यस्मिन् सम्मिलताय उपमुख्यमंत्री मौर्यम् अजय मिश्रम् चामंत्रितौ ! पूर्व सुनियोजित प्रकारेण सहस्रानां संख्यासु सिखा: मुस्लिमा: च् वायुयान अवतरण स्थानम् अवरुद्धा:, तदा मौर्य: इष्टिका मार्गस्य मार्गात् निःसृतः !

अतः आयोजको ने इसमें शामिल होने के लिए उपमुख्यमंत्री मौर्य और अजय मिश्र को आमंत्रित किया ! पूर्व सुनियोजित तरीके से हजारों की संख्या में सिखों और मुस्लिमों ने हेलीपैड को घेर लिया, तब मौर्य सड़क के रास्ते से निकल गए !

कुत्रचित अराजकतावादिनां लक्ष्यम् तर्हि अजय मिश्र: आसीत् ! यथैव मिश्रस्य सरक: संवेदनपूर्ण स्थानात् निःसृत:, सहस्रानां संख्यासु नवसिखा: अग्रम् चरितं चत्वाराणां वाहनानां अवरोधित्वा पुनः पुनः च् प्रहारम् कृतं !

क्योंकि अराजकतावादियों का निशाना तो अजय मिश्र थे ! जैसे ही मिश्र का काफिला संवेदनशील (पालघर जैसी) जगह से निकला, सैंकड़ो की संख्या में नवसिक्खों ने आगे चल रही चार गाड़ियों को रोककर ताबड़तोड़ हमला कर दिया !

यस्मात् एकेन वाहनावरुद्धेण द्वयो आंदोलनकर्तायो वाहनेण दमित्वा द्वयो च् आंशिक घातेन निधनम् अभवन् खिन्न: अराजका: आंदोलनजीविनः सम्मर्द: वाहनतः बलात् बाह्य कृत्वा ५ जनान् दंडै: घातित्वा अहृदयेन बहु वेदना दत्वा हनितानि !

जिसमें एक गाड़ी पलटने से दो आंदोलनकारियों की गाड़ी से दबकर और दो की धक्का लगने से मौत हो गई ! गुस्साई अराजक आन्दोलनजीवी भीड़ ने गाड़ी से खींचकर 5 लोगों को डंडों से पीट पीटकर, बेरहमी से तड़पा तड़पा कर मार डाला !

कथनस्यावश्यकताम् न तत अयम् सिख तथा मुस्लिम दले द्वयो इव पकिस्तानेण प्रायोजित देशद्रोहिन: तत्वाणि आसन्, येन कांग्रेस, सपा तथा तृणमूल कांग्रेस यथैव भारतीय राजनीतिक दलानां आशीर्वादम् स्पष्ट समर्थनम् च् ळब्धानि सन्ति !

कहने की जरूरत नहीं कि यह सिख तथा मुस्लिम दल, दोनों ही पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित देशद्रोही तत्व थे, जिसे कांग्रेस, सपा तथा तृणमूल कांग्रेस जैसी भारतीय राजनीतिक दलों का आशीर्वाद और खुला समर्थन प्राप्त है !

यथा १७६१ तमे देशविरोधिन् तत्वाणि अहमद शाह अब्दालिम् निमंत्रित्वा पानीपतस्य रणक्षेत्रे मराठानां विनाशम् कारितं स्म, तैव प्रकारम् इतिदा तैव तत्वान् आमंत्रित्वा भाजपायाः केंद्रम् तथा राज्य सर्वकारम् नष्टस्य षड्यंत्रम् रचितानि !

जैसे 1761 में देश विरोधी तत्वों ने अहमद शाह अब्दाली को निमंत्रण देकर पानीपत के मैदान में मराठों का विनाश कराया था, उसी तरह इस बार उन्हीं तत्वों को आमंत्रित करके भाजपा की केंद्र तथा राज्य सरकार को मिटाने का षड्यंत्र रचा गया है !

इति पीड़ायुक्तं घटनायाः अनंतरम् अराजकजीविनः प्लान बी इतस्यानुरूपम् मृतक कुटुंबान् अग्रे कृत्वा टिकैतमाहूतस्य याचनां कृतं, योगी सर्वकारः प्रकरणमवगम्यमानः त्वरित राजनीति कर्तुमागता: विपक्षी गृध्रान् दृगबन्धित्वा टिकैतम् गन्तुम् दत्त: सुलह इति कारित्वा वृहद षड्यंत्रमसफलम् कृतः !

इस दर्दनाक घटना के बाद अराजकजीवियों ने प्लान बी के तहत मृतक परिवारो को आगे कर टिकैत को बुलाने की मांग की,योगी सरकार ने मामला समझते हुए तुरंत राजनीति करने आए विपक्षी गिद्धों को नजरबंद कर, टिकैत को जाने दिया और समझौता करवाकर बड़े षड्यंत्र को असफल कर दिया !

सम्प्रति सम्भवतः भवतः घटनायाः सत्यतावगम्यतुं भविष्यन्ति यत् टूलकिट मीडिया इति न ज्ञापयति नैव च् कश्चित विपक्षम् नैव च् कश्चित विश्लेषका: ! तु षड्यंत्रस्य मुख्यांश कीदृशमपि कृत्वा अजय मिश्रं मंत्रिपदतः निर्वर्तनमस्ति !

अब शायद आपको घटना की सच्चाई समझ आ गई होगी जो टूलकिट मीडिया नही बता रही और ना ही कोई विपक्ष और ना ही कोई विश्लेषणकर्ता ! लेकिन षड्यंत्र का मुख्य हिस्सा कैसे भी करके अजय मिश्र को मंत्रिपद से हटवाना है !

यदि इदृशं अभवत्, तर्हि षड्यंत्रकारीणां जयम् भविष्यति तस्य च् उत्साहमति बर्धिष्यन्ति ! अग्रे गत्वा यस्योष्णता गृहमंत्री अमित शाहस्य त्यागपत्रम् एवापि प्राप्तुम् शक्नोति, कुत्रचितेदम् घटना लिटमस टेस्ट इतीवासीत् !

यदि ऐसा हुआ, तो षड्यन्त्रकारियों की जीत होगी और उनके हौसले और भी बुलंद होंगे ! आगे जाकर इसकी आंच गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे तक भी पहुंच सकती है, क्योंकि ये घटना लिटमस टेस्ट की तरह थी !

योगी सर्वकारायापि अयम् परीक्षायाः काळमस्ति ! वस्तुतः तत लिटमस टेस्ट इति उत्तीर्ण:, तु अराजकवादिसु कार्यवाहिभ्यः प्रसिद्ध योगी महोदयं सम्प्रति इति क्षेत्रे निर्मितं कृषिगृहे अन्वेषणम् तिष्ठनीय: !

योगी सरकार के लिए भी ये परीक्षा की घड़ी है ! फिलहाल वो लिटमस टेस्ट पास कर चुकी है, लेकिन अराजकवादियो पर कार्रवाई के लिए मशहूर योगी जी को अब इस क्षेत्र में बने फार्महाउस पर जांच बैठा देनी चाहिए !

इदम् देशद्रोहीनां टूलकिट इति नामधेयं तरकसतः त्यक्तं एकम् सरमासीत् ! अन्वेषणम् भवितुम् ददान्तु, शीघ्रमेव सत्य संमुखमागमिष्यते ! कृषका: कश्चितस्य हननम् न कर्तुम् शक्नुता: कृषकाणाम् परिधाने यान् भितरघातिन्, देशद्रोहिन् ज्ञायन्तु !

यह देशद्रोहियों की टूल किट नामक तरकस से छोड़ा गया एक तीर था ! जांच होने दीजिए, जल्द ही सच सामने आ जाएगा ! किसान किसी की हत्या नहीं कर सकता किसानों के वेश में इन भितरघातियों, देशद्रोहियों को पहचानिए !

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