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Friday, August 6, 2021

मुंबई घातस्य पातकी सत्तायाः संरक्षणे पंच तारा आतिथ्यस्य आनंदमुत्थायन्ति-जयशंकर: ! मुंबई हमले के गुनहगार सत्ता के संरक्षण में 5 स्टार आतिथ्य का आनंद उठा रहे हैं-जयशंकर !

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फोटो साभार PTI

भारत भौमवासरम् अकथयत् तत अंतरराष्ट्रीय समुदायम् आतंकम् उचित निश्चिताय तस्य च् महिमामंडन कृतस्य आज्ञाम् न दानीय: !

भारत ने मंगलवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद को उचित ठहराने और उसका महिमामंडन करने की इजाजत नहीं देनी चाहिए !

भारत संभवतः पकिस्ताने निमीळम् दाउद इब्राहिमस्य परोक्ष रूपे निदर्शनम् दत्तमानः संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषदेणाकथयत् तत १९९३ तमस्य मुंबई अग्नियन्त्र विस्फोटभ्यः जिम्मेवारम् पातकी समूहानि न केवलं सर्कारस्य संरक्षणैव न प्राप्तयति अपितु ते पंचतारातिथ्यस्यानंदम् उत्थायन्ति !

भारत ने संभवत: पाकिस्तान में छिपे दाउद इब्राहिम का परोक्ष तौर पर हवाला देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा कि 1993 के मुंबई बम विस्फोटों के लिए जिम्मेदार आपराधिक गिरोहों को न केवल सरकार का संरक्षण ही नहीं मिल रहा बल्कि वे पांच सितारा आतिथ्य का आनंद उठा रहे हैं !

विदेशमंत्री एस जयशंकर: अंकदर्शी प्रकारेण सभाम् संबोधितमानः अकथयत् सर्वात् प्रथम वयं आतंकस्य विरुद्धम् प्रतिघाताय दृढ़ इच्छाशक्ति प्रदर्शष्यते ! इति रणे तु न भवनीयः !

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने डिजिटल तरीके से बैठक को संबोधित करते हुए कहा सबसे पहले हमें आतंकवाद के खिलाफ मुकाबले के लिए दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखानी होगी ! इस लड़ाई में किंतु-परंतु नहीं होना चाहिए !

सः अकथयत् तत आतंकम् कदापि उचित न निश्चितुम् शक्नोति,नैव अस्य गुणगानं कर्तुम् शक्नोति ! सर्वाणि सदस्य राष्ट्रानि आतंकेन संपादाय स्व प्रतिबद्धतानि सुलहस्य च् पालनम् करणीय: !

उन्होंने कहा कि आतंकवाद को कभी भी उचित नहीं ठहराया जा सकता,ना ही इसका गुणगान किया जा सकता है ! सभी सदस्य राष्ट्रों को आतंकवाद से निपटने के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं और समझौते का पालन करना चाहिए !

जयशंकर: प्रस्ताव १३७३ (२००१) इतम् अंगीकृतस्यानंतरं २० वर्षे आतंकेन रणे अंतरराष्ट्रीय सहाय्य आतंकी कृत्यानां च् कारणं अंतरराष्ट्रीय शांतिम् सुरक्षाम् च् संकटम् विषये यूएनएससी इत्यस्य मंत्रिस्तरीय सभाम् संबोधयति स्म !

जयशंकर प्रस्ताव 1373 (2001) को अंगीकृत किए जाने के बाद 20 साल में आतंकवाद से लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और आतंकवादी कृत्यों के कारण अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरा विषय पर यूएनएससी की मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे !

इति मासम् १५ सदस्यीय सुरक्षा परिषदे भारतस्यास्थायी सदस्यस्य रूपे द्वय वर्षस्य कार्यकालस्यारंभस्यानंतरेण मंत्री: प्रथमदा संबोधित: !

इस महीने 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में भारत के अस्थायी सदस्य के तौर पर दो साल के कार्यकाल की शुरुआत के बाद से मंत्री ने पहली बार संबोधित किया !

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