21.1 C
New Delhi
Tuesday, November 30, 2021

सावरकर: देशभक्तयाः बलिदानस्य च् प्रतीकमासीत्, तेन खलनायक सिद्धस्य प्रयासम् भवति:- शिवसेना ! सावरकर देशभक्ति और बलिदान के प्रतीक थे, उन्हें खलनायक साबित करने के हो रहे हैं प्रयास:- शिवसेना !

Must read

वीर सावरकरम् गृहीत्वा एतानि दिवसानि वादयुद्धैव चरितं ! इति मध्य शिवसेना सावरकरम् गृहीत्वा सामनायां एकम् लेखमलिखत् यस्मिन् सावरकरस्य बहु प्रशंसाम् कृतं !

वीर सावरकर को लेकर इन दिनों एक बहस सी चल पड़ी है ! इस बीच शिवसेना ने सावरकर को लेकर सामना में एक लेख लिखा है जिसमें सावरकर की जमकर तारीफ की गई है !

सामनायां अलिखतिति लेखे कथितं तत दास हिंदुस्थानस्य नायक: रमित: सावरकरं खलनायक: कथस्य पश्चैकम् सुनियोजित कुचक्रमासीत् ! तत कुचक्रस्यानुरूपम् प्रयासमद्यापि निरन्तरं चरति !

सामना में लिखे इस लेख में कहा गया है कि गुलाम हिंदुस्थान के नायक रहे सावरकर को खलनायक ठहराने के पीछे एक सुनियोजित साजिश थी ! उस साजिश के तहत प्रयास आज भी जारी ही हैं !

सामनायां सावरकरस्य प्रशंसन् कथितं, विनायक दामोदर सावरकर: स्वतंत्रता संग्रामे क्रांतिकारिनां मुकुटमणिरासीत् ! स्वतंत्रताया पूर्व तेन वैदेशिक: प्रताड़ित: स्माद्य च् स्वैव जनाः तेन प्रताड़यन्ति !

सामना में सावरकर की तारीफ करते हुए कहा गया है, विनायक दामोदर सावरकर स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों के मुकुट रत्न थे ! आजादी से पहले उन्हें विदेशियों ने प्रताड़ित किया था और आज अपने ही लोग उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं !

सावरकरस्य महान क्रांतिकारी कार्यम्, देशाय दत्तम् तस्य बलिदानम् विस्मृत्वा केचन जनाः सावरकरम् क्षमायाचित्वा मुक्तमिदृशं वीरम् मानयन्ति ! (इदम् एकम् कुचक्रमस्ति !) सावरकरस्य क्षमाम् प्रत्ये दन्त- कथानका: सन्ति, तानि अर्धम् सन्ति !

सावरकर का महान क्रांतिकारी कार्य, देश के लिए दिए गए उनके बलिदान को भूलकर कुछ लोग सावरकर को माफी मांगकर छूटने वाला वीर ऐसा मानते हैं ! (यह एक साजिश है ! ) सावरकर की माफी के बारे में दंत-कथाएं हैं, वे आधी-अधूरी हैं !

सावरकरम् क्रांतिकारी ज्ञापन् इति लेखे कथितं, केचन जनान् परिलक्ष्यति ! येन देशस्य स्वतंत्रतायाः रणाय स्वगाते एकम् घातमपि न गृहीतं, इदृशा: जनाः सावरकरस्योल्लेखं क्षमावीरस्य रूपे कुर्वन्ति !

सावरकर को क्रांतिकारी बताते हुए इस लेख में कहा गया है, कुछ लोगों को लगता है ! जिन्होंने देश की आजादी की लड़ाई के लिए अपने जिस्म पर एक खरोंच भी नहीं लगवाई, ऐसे लोग सावरकर का उल्लेख माफीवीर के रूप में कर रहे हैं !

सावरकर: यथा क्रांतिकारिन: ब्रिटिश साम्राज्य वादस्य विरुद्धम् क्रांतिकारिणां एकम् सैन्यमेव स्थितं स्म ! सावरकरम् प्रतीदम् सम्मानम् समस्त विश्वस्य इतिहासकारेषु इवास्ति ! तानि सावरकरस्य त्यागम्, शौर्यम् क्रांतिकारी कार्यान् च् दर्शितानि !

सावरकर जैसे क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ क्रांतिकारियों की एक फौज ही खड़ी कर दी थी ! सावरकर के प्रति यह सम्मान दुनियाभर के इतिहासकारों में है ही ! उन्होंने सावरकर का त्याग, शौर्य और क्रांतिकारी कार्यों को देखा !

सावरकरस्य प्रशंसन् कथितं, सावरकरम् द्वितीय उम्र बंधनस्य दंडम् दत्तं स्म ! सः कृष्णजलमेवासीत् ! यदि सावरकर: स्व दंडम् पूर्णतः तर्हि तस्य स्वतंत्रता ५० वर्षाणि पूर्णे अर्थतः २३ दिसंबर, १९६० तमम् भवितैति !

सावरकर की तारीफ करते हुए कहा गया है, सावरकर को दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी ! वह काला पानी ही था ! यदि सावरकर ने अपनी सजा पूरी काटी होती तो उनकी रिहाई पचास साल पूरे होने पर अर्थात 23 दिसंबर, 1960 को हुई होती !

अंडमानस्य अन्धयुक्त गह्वरेषु यातना सह्यन् मृतस्य अपेक्षा युक्त्या बाह्य निसृत्वा देशस्य सेवायां प्रयुज्य रमणीय:, इदृश: सावरकर: विचारणमासीत् ! ४ जुलै १९११ तमम् सावरकर: अंडमानस्य सेलुलर कारागारे प्रविष्ट: स्म !

अंडमान की अंधेरी गुफाओं में यातना सहते हुए मरने की बजाय युक्ति से बाहर निकलकर देश की सेवा में लगे रहना चाहिए, ऐसा सावरकर ने सोचा था ! 4 जुलाई, 1911 को सावरकर अंडमान की सेलुलर जेल में दाखिल हुए थे !

३० अगस्तं तेन षड मासाय एकांतवासे धृतं स्म ! (अद्यस्य अंडा सेल इति !) तमेव काळम्, सावरकर: कारागार प्रशासनेणानुरोधम् कर्तुम् आरंभित: ! सावरकरम् हथकड़ी, पादे बेड़ी इति निबद्ध: स्म ! तेन तमेवावस्थायां दीर्घ रज्जु आवर्तनस्य कार्यम् दत्तं !

30 अगस्त को उन्हें छह महीने के लिए एकांतवास में रखा गया था ! (आज का अंडा सेल !) उसी दौरान, सावरकर ने जेल प्रशासन से अनुरोध करना शुरू कर दिया ! सावरकर को हथकड़ी, पैर में बेड़ी डाली गई थीं ! उन्हें उसी अवस्था में मोटा रस्सा घुमाने का काम दिया गया !

सावरकरम् कारागारे कश्चित विशेष सौविध्य नासीत् ! दासतायाः काळम् सावरकर: सर्वानां नायक: आसीत् ! स्वतंत्रतायाः अनंतरेणेव तेन खलनायक: सिद्धस्य प्रयासम् आरंभितं, यत् तत अद्यापि निरन्तरम् चरन्ति !

सावरकर को जेल में कोई विशेष सुविधा नहीं थी !
गुलामी के दौरान सावरकर सभी के नायक थे ! आजादी के बाद से ही उन्हें खलनायक साबित करने के प्रयास शुरू हुए, जो कि आज भी जारी ही हैं !

स्वतंत्रतायाः अमृत महोत्सवे अपि अद्य सावरकर: देशस्य राजनित्या: केंद्रे सन्ति ! सावरकरम् प्रति द्वेष विषम् च् प्रसारस्यानंतरमपि ते जनानां हृदये स्थाई रूपे वासितः !

स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव में भी आज सावरकर देश की राजनीति के केंद्र में हैं ! सावरकर के प्रति द्वेष और विष फैलाने के बाद भी वे लोगों के मन में स्थाई तौर पर बसे हुए हैं !

पूर्णेतिहासे, भविष्ये सावरकरस्य स्थानम् एकस्य नायकस्य रूपे न रमित:, यस्मै एकः विशिष्ट वर्ग: तेन सततं क्षमावीरस्य रूपे अपमानितं करोति !

पूरे इतिहास में, भविष्य में सावरकर का स्थान एक नायक के रूप में न रहे, इसके लिए एक विशिष्ट वर्ग उन्हें लगातार माफीवीर के रूप में अपमानित करता रहा है !

Disclaimer The author is solely responsible for the views expressed in this article. The author carry the responsibility for citing and/or licensing of images utilized within the text. The opinions, facts and any media content in them are presented solely by the authors, and neither Trunicle.com nor its partners assume any responsibility for them. Please contact us in case of abuse at Trunicle[At]gmail.com

- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest article