33.1 C
New Delhi

स्वामी विवेकानंदस्याभवत् स्म जन्म, इति दिवसं प्रत्येक वर्षम् मान्यते राष्ट्रीय युवा दिवसं ! स्वामी विवेकानंद का हुआ था जन्म, इस दिन हर साल मनाया जाता है राष्ट्रीय युवा दिवस !

Date:

Share post:

महान संत: दार्शनिक: च् स्वामी विवेकानंदस्य जन्म १२ जनवरी १८६३ तममभवत् स्म ! स्वामी विवेकानंदस्य जयंत्याः उपलक्ष्ये प्रत्येकवर्ष देशम् १२ जनवरिम् राष्ट्रीय युवा दिवसस्य रूपे मान्यति ! विवेकानंद संत रामकृष्ण परमहंसस्य शिष्य: आसीत् !

महान संत और दार्शनिक स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था ! स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में हर वर्ष देश 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाता है ! विवेकानंद संत रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे !

सः वेदांते योगे च् भारतीय दर्शनेण पश्चिमी विश्वस्य परिचयदाता प्रमुख: वृहद व्यक्तित्व: आसीत्, तेन एकोनविंशतिनि सद्या: अंते हिन्दूधर्मम् विश्वस्य प्रमुखेषु धर्मेषु स्थानम् दत्तुम् श्रेयम् गच्छति ! सः स्व गुरो: स्मरणे रामकृष्ण मठस्य रामकृष्ण मिशन इतस्य च् स्थापनाम् कृतवन्तः !

वह वेदांत और योग पर भारतीय दर्शन से पश्चिमी दुनिया का परिचय कराने वाली प्रमुख हस्ती थे, उन्हें 19वीं सदी के अंत में हिंदू धर्म को दुनिया के प्रमुख धर्मों में स्थान दिलाने का श्रेय जाता है ! उन्होंने अपने गुरु की याद में रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन की स्थापना की !

विवेकानंदम् १९८३ तमे अमेरिकायाः शिकागो इत्ये अभवत् विश्व धर्मसंसदे दत्तवान तस्य भाषणस्य कारणेन सर्वातधिकं स्मरते, संपूर्णविश्वस्य धार्मिक नेतृणामुपस्थित्यां यदा विवेकानंद: अमेरिकी बहनों और भाइयों इत्येन सह यत् संबोधनमारंभितः !

विवेकानंद को 1893 में अमेरिका के शिकागो में हुई विश्व धर्म संसद में दिए गए उनके भाषण की वजह से सबसे ज्यादा याद किया जाता है, दुनिया भर के धार्मिक नेताओं की मौजूदगी में जब विवेकानंद ने अमेरिकी बहनों और भाइयों के साथ जो संबोधन शुरू किया !

तर्हि आर्ट इंस्टिट्यूट ऑफ शिकागो इत्ये बहु पलमेव करतलध्वनिमभवत् ! इति धर्मसंसदे सः येन रूपेण हिंदूधर्मस्य परिचयं विश्वेण कारीत:, तस्मात् ते संपूर्ण विश्वे प्रसिद्ध: जात: ! स्वामी विवेकानंदस्य जन्म १२ जनवरी १८६३ तमम् कलिकातायां अभवत् स्म !

तो आर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ शिकागो में कई मिनट तक तालियां बजती रहीं ! इस धर्म संसद में उन्होंने जिस अंदाज में हिंदू धर्म का परिचय दुनिया से कराया, उससे वे पूरे विश्व में प्रसिद्ध हो गए ! स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था !

स्वामी विवेकानंदस्य बाल्यकालस्य नाम नरेंद्र नाथ दत्तरासीत् ! बाल्यकालादेव तस्याभिरुचि अध्यात्मं प्रत्यासीत् ! १८८१ तमे विवेकानंदस्य मेलनम् रामकृष्ण परमहंसेणाभवत् तैवच् तस्य गुरु अभवत् ! स्वगुरु रामकृष्णेन प्रभावित्वा सः २५ वर्षस्य वये सन्यासिनभवत् !

स्वामी विवेकानंद का बचपन का नाम नरेंद्र नाथ दत्त था ! बचपन से ही उनका झुकाव आध्यात्म की ओर था ! 1881 में विवेकानंद की मुलाकात रामकृष्ण परमहंस से हुई और वही उनके गुरु बन गए ! अपने गुरु रामकृष्ण से प्रभावित होकर उन्होंने 25 साल की उम्र में संन्यास ले लिया !

सन्यासनीतस्यानंतरं तस्य नाम स्वामी विवेकानंद: अभवत् ! १९८६ तमे रामकृष्ण परमहंसस्य निधनम् अभवत् स्म ! स्वामी विवेकानंद: १८९७ तमे कलिकातायां रामकृष्ण मिशन इतस्य स्थापनाम् कृतवन्तः स्म ! यस्य एकं वर्षम् अनंतरम् सः गंगा नद्याः तटं बेलूरे रामकृष्णमठस्य स्थापना कृतवन्तः !

संन्यास लेने के बाद उनका नाम स्वामी विवेकानंद पड़ा ! 1886 में रामकृष्ण परमहंस का निधन हो गया था ! स्वामी विवेकानंद ने 1897 में कोलकाता में रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी ! इसके एक साल बाद उन्होंने गंगा नदी के किनारे बेलूर में रामकृष्ण मठ की स्थापना की !

४ जुलै: १९०२ तमम् केवलं ३९ वर्षस्य अल्पायौ विवेकानंदस्य बेलूरमठे निधनमभवत् स्म ! १९८४ तमे भारतसर्वकारः स्वामी विवेकानंदस्य जन्मदिवसं (१२ जनवरी) राष्ट्रीय युवा दिवसस्य रूपे मान्यस्य घोषणाम् कृतः स्म !

4 जुलाई 1902 को महज 39 वर्ष की अल्पायु में विवेकानंद का बेलूर मठ में निधन हो गया था !1984 में भारत सरकार ने स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन (12 जनवरी) को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया था !

१९८५ तमेण प्रत्येक वर्षम् विवेकानंदस्य जयन्तिम् राष्ट्रीय युवादिवसस्य रूपे मान्यते ! विवेकानंद: एकः सद् कर्मयोगिनासीत् तेन च् इति देशस्य युवासु पूर्ण विश्वासमासीत् ! तस्य दृढ़विश्वासमासीत् तत युवा: स्व दृढ़ परिश्रमस्य, समर्पणस्याध्यात्मिक शक्त्या: च् माध्यमेण भारतस्य भाग्यम् परिवर्तितुं शक्नोन्ति !

1985 से हर वर्ष विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है ! विवेकानंद एक सच्चे कर्मयोगी थे और उन्हें इस देश के युवाओं पर पूरा भरोसा था ! उनका दृढ़ विश्वास था कि युवा अपनी कड़ी मेहनत, समर्पण और आध्यात्मिक शक्ति के माध्यम से भारत के भाग्य को बदल सकते हैं !

युवभ्यः तस्य संदेशमासीत्, अहमिच्छामि ततलौहस्य मांसपेशिण: सारलोहस्य च् स्नव: भूता:, यस्य अभ्यांतरं तादृशैव मस्तिष्कं रमति यस्मात् कुलिसं निर्मीति ! इति प्रकारस्य सन्देशानां माध्यमेण सः युवासु प्रारंभिकमूल्यान् स्थापितस्य प्रयत्नम् कृतः !

युवाओं के लिए उनका संदेश था, मैं चाहता हूँ कि लोहे की मांसपेशियां और स्टील की नसें हो, जिसके अंदर वैसा ही दिमाग रहता है जिससे वज्र बनता है ! इस तरह के संदेशों के माध्यम से उन्होंने युवाओं में बुनियादी मूल्यों को स्थापित करने की कोशिश की !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Related articles

पञ्जाबे सर्वाः जी मीडिया चैनल प्रतिबन्धिताः, एषा पत्रिका-स्वातन्त्र्यस्य उपरि आक्रमणं नास्ति वा ? पंजाब में जी मीडिया के सभी चैनल बैन, क्या यह प्रेस...

पञ्जाबे सर्वाः जी न्यूज चैनल प्रतिबन्धिताः सन्ति। चैनल तस्य घोषणा कृता अस्ति ! पञ्जाबे जी-मीडिया इत्यस्य सर्वाः चैनल...

६ जैन साध्व्यः मार्गेण गच्छन्तः आसन्, अल्ताफ् हुसैन् शेखः प्रथमं तान् अनुधावन् ततः पट्ट्या प्रहारं कृतवान् ! सड़क से गुजर रहीं थी 6 जैन...

गुजरातस्य भरूच्-नगरे, अल्ताफ् हुसैन् शेख् नामकः एकः पुरुषः मार्गे गच्छतां जैन साध्वीं आक्रान्तवान्। जैनः साध्वीं आक्रमनात् पूर्वं दीर्घकालं...

फतेहपुरस्य शिव-कवितायो: पुनः गृहागमनस्य कथा ! फतेहपुर के शिव-कविता की घरवापसी की कहानी !

उत्तरप्रदेशस्य फ़तेह्पुर्-नामकस्य उजाड़ेग्रामे, २० वर्षेभ्यः पूर्वं इस्लाम्-मतं स्वीकृत्य वञ्चितः एकः हिन्दु-दम्पती इदानीं हिन्दु-मतं प्रति प्रत्यागतः अस्ति! शिवप्रसादलोधिः, कविता...

वाहिद कुरैशी इत्यनेन मथुरायाः पञ्जाबी बाजार इत्यस्य नाम इस्लामिक बाजार इति परिवर्तितम् ! मथुरा की पंजाबी बाजार के नाम को वाहिद कुरैशी ने बदलकर...

उत्तरप्रदेशस्य मथुरा-जनपदस्य कोसिकलां ग्रामे एकः मुस्लिम्-दुकानदारः विपण्याः नाम परिवर्तितवान्। सः स्वस्य स्थानात् प्रदत्तानां वस्तूनां प्रचारसामग्रीनां च सञ्चिकासु पञ्जाबी-बजार्...