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उत्तरप्रदेशे योग्यास्ति तदा संभवमस्ति ! उत्तर प्रदेश में योगी है तो मुमकिन है !

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यदा उत्तरप्रदेशे समाजवादी दलस्य बहु प्रभावं भवति स्म तदा उम्र न भवस्य उपरांतापि आजम खान: स्व पुत्र अब्दुल्लाजमस्यालीक उम्र प्रमाण पत्रं दत्वा विधायकः निर्मयतः तु पराजित: अभवत् बसपायाः प्रत्याशी बहु साक्ष्य संचित: प्रयागराज उच्च न्यायालये च् याचनां कृतः !

जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की तूती बोलती थी तब उम्र नहीं होने के बावजूद भी आजम खान ने अपने पुत्र अब्दुल्ला आजम का फर्जी उम्र प्रमाण पत्र लगवा कर विधायक बनवा दिया लेकिन हारे हुए बसपा के कैंडिडेट कई सुबूत जुटाए और इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपील किया !

उच्च न्यायालय: अन्वेषणं कृतः तदा अभिज्ञाते तत अब्दुल्लाजम: निर्वाचनम् रणस्य उम्रस्य नास्ति तस्य च् उम्र प्रमाणपत्रमलीकमस्ति तदा प्रयागराज उच्च न्यायालय: तस्य विधान सभायाः सदस्यता निरस्तमक्रियते तं आसनम् रिक्तम् घोषितवन्त: !

कोर्ट ने पूरी जांच की तब पता चला कि अब्दुल्लाह आजम चुनाव लड़ने के उम्र के नहीं है और उनकी उम्र प्रमाण पत्र फर्जी है तब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी विधानसभा की सदस्यता खारिज कर दी और उस सीट को रिक्त घोषित कर दिया !

प्रकरणम् सर्वोच्च न्यायालये गतः सर्वोच्च न्यायालयः अपि उच्चन्यायालयस्य निर्णयम् निश्चितं धृत: सर्वोच्च न्यायालय: चत्रैव कथितः तत भवतः विरुद्धमापराधिक प्रकरणे अभियोगम् पंजीकृतम् भवनीयः !

मामला सुप्रीम कोर्ट में गया सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और सुप्रीम कोर्ट ने यहां तक कहा कि आप के खिलाफ क्रिमिनल केस में मुकदमा दर्ज होना चाहिए !

अधुना योगी सर्वकारः येन तत् ६५ लक्ष रूप्यकाणि प्राप्तयति यत् सः अलीकं प्रकारेण विधायकः निर्मे सर्वकारी कोषेण नीत: स्म,अरे भ्रातर: यत् अतीक अहमद:, मुख्तार अंसारी: यथा पातकिन् तस्य कृष्ण सम्राज्य: च् धराभीमेण मर्दयसि !

अब योगी सरकार इनसे वह 65 लाख रुपए वसूल रही है जो इन्होंने फर्जी तरीके से विधायक बनने पर सरकारी खजाने से लिया था,अरे भाइयों जो अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी जैसे अपराधियों और उनके काले साम्राज्य को बुलडोजर से कुचल रहा हो !

येन अतीकाहमदस्य भीतेन दश न्यायाधीशा: प्रकरणम् शृणुवेण निवारित: स्म येन मुख्तार अंसारिण: अतीक अहमदस्य गृहम् उच्चाधिकारिण गमनेण बिभेन्ति स्म यत् आजम खान: जिलाधिकारिम् दासः अवगम्यति स्म !

जिस अतीक अहमद के डर से दस जजों ने केस सुनने से मना किया था जिस मुख्तार अंसारी अतीक अहमद के घर बड़े बड़े अधिकारी जाने से डरते थे जो आजम खां जिलाधिकारी को नौकर समझता था !

इदृशान् जनान् अद्य एकः सैनिक: योग्यता बदयति तदा अस्यैव योगिण: कारणं ! तं योगिण: न्याये क्षणे क्षणे संदेहम् कृतम् युष्माकम् मानसिक क्षीणता न तदा अन्य किं च् !

ऐसे लोगो को आज एक सिपाही औकात बताता है तो इसी योगी के कारण ! उस योगी के न्याय पर क्षण क्षण में संदेह करना तुम्हारा मानसिक क्षीणता नहीं तो और क्या है ?

कति क्षीण स्मरणशक्त्यास्ति युष्माकम् !

कितनी कमजोर याददाश्त है तुम्हारी !

राममंदिर निर्णयस्यानंतरम् उत्तरप्रदेशे यदि बाबा महाशयः न भवितं तदा उत्तरप्रदेशे इंद्रप्रस्थ तः भयावह स्थितिम् भवितं,इंद्रप्रस्थ तः भयावह उत्पातम् भवितं,किं तत्परतासीत् युष्माकम् ? दण्डा:, एनएसए इति विस्मृता: ?

राम मंदिर फैसले के बाद उत्तर प्रदेश में यदि बाबाजी ना होते तो उत्तर प्रदेश में दिल्ली से भयानक स्थिति होती, दिल्ली से भयानक दंगे होते,क्या तैयारी थी तुम्हारी ? लाठियां,NSA भूल गए ?

संक्रमित ष्ठीव्मानः जनाः तेषु उपरि च् पतिताः दण्डा: विस्मृता: ? लक्ष्मणनगरे शाहीनबाग निर्मितमानः जनेषु पतिता: दण्डा: विस्मृता: ? श्री राममंदिर निर्णये कश्चित दुर्वृत्ता: स्व स्वरम् न कर्तुम् प्राप्यताः विस्मृता: ?

संक्रमित थूकते हुए लोग और उन पर पड़ती लाठियां भूल गए ? लखनऊ में शाहीन बाग बनाते हुए लोगों पर पड़ती हुई लाठियां भूल गए ? श्री राम मंदिर फैसले पर कोई गुंडा अपनी चु-चपड़ तक नही कर पाया भूल गए ?

आजम खानेन सह अतीक अहमदस्य मुख्तार अंसारिण: तस्य सहयोगीनां च् स्थितिम् किं कृतैति, दृश्यते न वा ? स्वयमस्य रिपु न निर्मयन्तु !

आजम खान समेत अतीक अहमद मुख्तार अंसारी और उनके गुर्गों की हालत क्या कर रखी है, दिखाई देता है या नहीं ? खुद के दुश्मन मत बनो !

अल्प बहु धैर्यमस्ति विरोधीनां देशद्रोहीनां च् वार्तायाम् आगत्वा त्वरित स्व धैर्यम् त्यजथ वा जातिवादे पतित्वा स्वयमस्यैव रिपु निर्मयथ !

थोड़ा बहुत धीरज है या विरोधियों और देशद्रोहियों की बातों में आकर तुरंत अपना आपा खो देते हो और जातिवाद में फंसकर खुद के ही दुश्मन बन जाते हो !

येन स्वयं श्री राम लला: स्व परिचर्याय नियुक्तं कृतः,त्वम् यथा मूर्ख जनाः तस्य केचन न नष्टम् कर्तुम् पाष्यन्ते ! त्वम् नष्टम् नाशिष्यसि केवलं स्व ! एकम् उक्त्यास्ति,क्रीड़ायाः नाम धैर्यमस्ति !

जिन्हें स्वयं श्री राम लला ने अपनी सेवा के लिए नियुक्त किया हो,तुम जैसे मूर्ख लोग उसका कुछ नहीं बिगाड़ पायेंगे ! तुम बिगाड़ लोगे सिर्फ अपना ! एक कहावत है, पेशेंस इज द नेम ऑफ गेम !

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