योगीसर्वकारे एतान् प्रतिष्ठितान् लब्धितुं शक्नोति मंत्रिन् पदस्योपहारम् ! भाजपायाः जये रमति महत् भूमिकाम् ! योगी सरकार में इन दिग्गजों को मिल सकता है मंत्री पद का तोहफा ! भाजपा की जीत में रही है अहम भूमिका !

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उत्तरप्रदेशे भाजपायाः शक्तिमत् पुनरागमनमभवत् ! दळम् स्वशक्त्यां २५५ आसनानि जयं, यद्यपि तस्य गठबंधनसहायकान् एकीकृत्वा एनडीए इतम् २७३ आसनानि अलभत् ! इदृशेषु अधुना योगीसर्वकारः कीदृशं भविष्यति सर्वान् प्रतीक्षाम् सन्ति ! अधुना सर्वानां दृष्टिम् यस्मिनस्ति ! स्पष्टमस्ति तत कै: मंत्रिन् पदम् ळब्धिष्यति !

उत्तर प्रदेश में भाजपा की दमदार वापसी हुई है ! पार्टी ने अपने दम पर 255 सीटें जीती हैं, जबकि उसके गठबंधन साथियों को मिलाकर एनडीए को 273 सीटें मिली हैं ! ऐसे में अब योगी सरकार कैसी होगी इसका सबको इंतजार है ! अब सबकी नजर इस पर है ! साफ है कि किन्हें मंत्री पद मिलेगा !

योगीसर्वकारस्य मंत्रिपरिषदस्य गठनम् २०२४ तमस्य रणम् दर्शन् करिष्यते ! इदृशे बहु इदृशान् मुखान् स्थानम् लब्धितुं शक्नोति यत् संगठनेण दळं दृढ़कर्तुं आगताः ! सहैवेदृशान् नवमुखानपि स्थानम् ळब्धितुं शक्नोति, यत् राजनीत्याधिकं प्रशासनिक क्षमतायाः अनुभवम् धृन्ति !

योगी सरकार की मन्त्रिपरिषद का गठन 2024 की लड़ाई को देखते हुए की जाएगी ! ऐसे में कई ऐसे चेहरों को जगह मिल सकती है जो संगठन के जरिए पार्टी को मजबूत करते आए हैं ! साथ ही ऐसे नए चेहरों को भी जगह मिल सकती है, जो राजनीति से ज्यादा प्रशासनिक क्षमता का अनुभव रखते हैं !

यूपी निर्वाचनस्य परिणामेदृशं काळमागतं, यदा लोकसभा निर्वाचनेभ्यः लगभगम् 2 वर्षस्येव काळम् अवशेषे ! इदृशे नवमंत्रिणाम् पार्श्व कार्यकर्तुम् केवलं २ वर्षस्य काळमवशिष्यति ! येन दर्शन् दलाय योगी सर्वकारे ओबीसी, सवर्ण, दलित मतान् एकीकृतस्य अह्वेयताम् भविष्यति !

यूपी चुनाव के परिणाम ऐसे समय आए हैं, जब लोकसभा चुनावों के लिए करीब 2 साल का ही समय बचा है ! ऐसे में नए मंत्रियों के पास काम करने के लिए केवल 2 साल का समय बचेगा ! इसे देखते हुए पार्टी के लिए योगी सरकार में ओबीसी, सवर्ण, दलित वोटरों को साधने की चुनौती होगी !

येन दर्शन् एतेषां जातीनां प्रतिनिधित्वं नवमंत्रिमंडले द्रक्ष्यते ! पूर्वयोगीसर्वकारे ६० मंत्रिण: आसीत् ! येषु तः स्वामी प्रसाद मौर्य:, दारा सिंह चौहान: धर्म सिंह सैनिन् च् निर्वाचनात् पूर्वम् समाजवादी दलस्य सदस्यता: स्वीकृता: स्म ! यस्यातिरिक्तं योगी सर्वकारस्य ११ मंत्रिण: निर्वाचनम् पराजिता: !

इसे देखते हुए इन जातियों का प्रतिनिधित्व नए मंत्रिमंडल में दिखेगा ! पूर्व योगी सरकार में कुल 60 मंत्री थे ! इसमें से स्वामी प्रसाद मौर्य, दारा सिंह चौहान और धर्म सिंह सैनी ने चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था ! इसके अलावा योगी सरकार के 11 मंत्री चुनाव हार चुके हैं !

येषु उपमुख्यमंत्री केशव प्रसादमौर्येण गृहीत्वा, इक्षु मंत्री सुरेश राणा, युवा एवं क्रीड़ा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उपेंद्र तिवारिन्, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदिन्, ग्राम्य विकास राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल: यथा नाम सम्मिलिता: सन्ति ! यस्य अतिरिक्तं योगीसर्वकारे उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा इतिदा निर्वाचनम् न रणितमासीत् !

जिनमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से लेकर, गन्ना मंत्री सुरेश राणा, युवा एवं खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उपेंद्र तिवारी, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री सतीश द्विवेदी, ग्राम्य विकास राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल जैसे नाम शामिल हैं ! इनके अलावा योगी सरकार में उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने इस बार चुनाव नहीं लड़ा था !

तस्य निर्वाचनम् न रणेन संकेतमिदमेवास्ति तत दळं तस्योपयोगम् संगठनाय कर्तुम् शक्नोति ! इदृशे तस्य पुनः उपमुख्यमंत्री निर्माणस्य संभावनां बहु न्यूनं अस्ति ! ओबीसी मुखस्य रूपे स्वामी प्रसाद मौर्य: भाजपायाः सहाय्य त्यजित:, तत्रैव उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य: स्वासनेण पराजित: !

उनके चुनाव नहीं लड़ने से संकेत यही है कि पार्टी उनका इस्तेमाल संगठन के लिए कर सकती है ! ऐसे में उनके दोबारा उप मुख्यमंत्री बनने की संभावना बेहद कम है ! ओबीसी चेहरे के रूप में स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा का साथ छोड़ चुके हैं, वहीं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अपनी सीट नहीं बचा पाए हैं !

इदृशे संभावनामस्ति तत इतिदा ओबीसी मुखस्य रूपे उत्तर प्रदेशस्य भाजपायाः अध्यक्ष: स्वतंत्र देव सिंहम् वृहत् जिम्मेवारिम् दीयेत् ! अस्यैव प्रकारम् उत्तराखंडस्य पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्यापीतिदा दलितमुखस्य रूपे आगराया प्रत्याशी आसीत् ! सा जयित्वागता ! आगरायाः सर्वाणि ९ आसनानि भाजपा जयं !

ऐसे में संभावना है कि इस बार ओबीसी चेहरे के रूप में उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को बड़ी जिम्मेदारी दी जाए ! इसी तरह उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य भी इस बार दलित चेहरे के रूप में आगरा से उम्मीदवार थीं ! वह जीतकर आई है ! आगरा की सभी 9 सीटें भाजपा की झोली में गई है !

इदृशे यस्य पारितोषिक बेबी रानी मौर्यम् ळब्धितुं शक्नोति ! तया सह दलित महिला च् द्वे संलग्ना ! यस्यातिरिक्तं पूर्व आईपीएस अधिकारिन् असीम अरुणम् प्रवर्तन निदेशालये अधिकारिन् रमित: राजेश्वर रावम् तयो प्रशासनिक क्षमताम् दर्शन् मंत्रिमंडले स्थानम् ळब्धितुं शक्नुत: !

ऐसे में इसका इनाम बेबी रानी मौर्य को मिल सकता है ! उनके साथ दलित और महिला फैक्टर दोनों जुड़ा हुआ है ! इनके अलावा पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरूण और ईडी में अधिकारी रह चुके राजेश्वर राव को उनकी प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है !

अस्यैव प्रकारम् नोयडाया लगभगम् १.८० लक्ष मतै: जयित्वागत: रक्षामंत्री राजनाथ सिंहस्य पुत्र पंकज सिंह:, साहिबाबादासनेण २.१४ लक्ष मतै: जयं पंजीकर्ता सुनील शर्मा, बहराइच जनपदस्य महसी आसनेण सततं जेतुं आगतः सुरेश्वर सिंह: देवरियाया च् ब्राह्मण मुखस्य रूपे जयित्वागतः शलभ माणि त्रिपाठिनपि मंत्रिमंडले नवमुखानि भवितुं शक्नोन्ति !

इसी तरह नोएडा से करीब 1.80 लाख वोटों से जीतकर आए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह, साहिबाबाद सीट से रिकॉर्ड 2.14 लाख वोटों से जीत दर्ज करने वाले सुनील शर्मा, महसी सीट से लगातार जीतते आ रहे सुरेश्वर सिंह और देवरिया से ब्राह्मण चेहरे के रूप में जीतकर आए शलभ मणि त्रिपाठी भी मंत्रिमंडल में नए चेहरे हो सकते हैं !

शलभ माणि यस्यपूर्वम् योगीसर्वकारे मीडिया सलाह कार: आसीत् ! सहैव अनुप्रिया पटेल्या: नेतृत्वका अपना दलेण संजय निषादस्य च् निषाद दलेणापि प्रतिनिधित्व ळब्धस्य पूर्णसंभावनामस्ति ! इतिदा ओम प्रकाश राजभरस्य स्थानम् संजय निषादम् तस्य पुत्रम् च् महत् मंत्रालयं ळब्धितुं शक्नोति !

शलभ मणि इसके पहले योगी सरकार में मीडिया सलाहकार थे ! साथ ही अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाले अपना दल और संजय निषाद की निषाद पार्टी से भी प्रतिनिधित्व मिलने की पूरी संभावना है ! इस बार ओम प्रकाश राजभर की जगह संजय निषाद या उनके बेटे को अहम मंत्रालय मिल सकता है !

सहैव अपना दलस्य सम्यक् प्रदर्शनम् दर्शन् महत् मंत्रालयं दत्तुम् शक्नोन्ति ! इतिदा अपना दळम् १२ आसनानि ळब्धं ! यत् तस्याधुनैवस्य सर्वात् सम्यक् प्रदर्शनमस्ति ! पूर्वकार्यकालमिव इतिदापि २ उप मुख्यमंत्रिणो: सिद्धांतम् स्वीकृतुं शक्नोति ! इति प्रतिस्पर्धायां स्वतंत्र देव सिंह: बेबी रानी मौर्या सर्वात् अग्रे दर्शिते !

साथ ही अपना दल के बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए अहम मंत्रालय दिए जा सकते हैं ! इस बार अपना दल को 12 सीटें मिली हैं ! जो उनका अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है ! पहले कार्यकाल की तरह इस बार भी 2 उप मुख्यमंत्री का फॉर्मूला अपनाया जा सकता है ! इस रेस में स्वतंत्र देव सिंह और बेबी रानी मौर्य सबसे आगे दिखते हैं !

स्वतंत्र देव सिंहस्य संगठनतः उपमुख्यमंत्री निर्मयस्य अतएवापि अधिकावसरमस्ति, कुत्रचित् एकः तर्हि सः ओबीसी मुखमस्ति, द्वितीय सः भाजपायाः प्रदेश अध्यक्ष: अपि अस्ति ! अस्यैव प्रकारस्य परिस्थितिसु केशव प्रसाद मौर्य: २०१७ तमे उपमुख्यमंत्रिन् अभवत् स्म ! तत्रैव बेबी रानी मौर्यम् तस्या: अनुभवं दलित मुखस्य च् कारणं उपमुख्यमंत्रिण: पदम् ळब्धितुं शक्नोति !

स्वतंत्र देव सिंह के संगठन से उप मुख्यमंत्री बनने के इसलिए भी ज्यादा चांस है, क्योंकि एक तो वह ओबीसी चेहरा हैं, दूसरा वह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी है ! इसी तरह की परिस्थितियों में केशव प्रसाद मौर्य 2017 में उप मुख्यमंत्री बनाए गए थे ! वहीं बेबी रानी मौर्य को उनके अनुभव और दलित चेहरे के कारण उप मुख्यमंत्री का पद मिल सकता है !

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