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Friday, August 6, 2021

उत्तराखंडे जलप्रलयम्,निर्मयन् संकटम् ! उत्तराखंड में जलप्रलय,बना हुआ है खतरा !

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उत्तराखंडे जोशीमठ जनपदे ग्लेशियर इति त्रोटयेण विनाशैवोत्पादयम् ! अद्यैव यत् सूचनां लभ्धवान तस्यानुरूपम् लगभगम् १५० जनाः लुप्यतुम् बदयन्ति ! ग्लेशियर इति ट्रोटयेण बहु मात्रायाम् वर्षायाः जलमवशेषम् च् आगमनेण तपोवन स्थित: बंधम् ध्वस्तयम् बहु लघु-लघु बंधम् नष्ट भवितम् !

उत्तराखंड के जोशीमठ जिले में ग्लेशियर टूटने से तबाही मची हुई है ! अभी तक जो खबर मिली है उसके मुताबिक करीब 150 लोग लापता बताए जा रहे हैं ! ग्लेशियर टूटने से भारी मात्रा में बारिश का पानी और मलबा आने से तपोवन स्थित बांध ध्वस्त हो गया है और कई छोटे-छोटे पुल नष्ट हो गए हैं !

जलस्य बर्ध्यति प्रवाहम् दृश्यमान: अधो प्रान्तरेषु संकटम् निर्मयन् ! मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावतस्य मीडिया इति सलाहकारः रमेश भट्ट: ट्वीतुम् बदित: !

पानी के बढ़ते प्रवाह को देखते हुए निचले इलाकों में खतरा बना हुआ है ! मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट ने ट्वीट कर बताया !

अलकनंदायाः जलस्तर संकटस्य चिन्हम्- ७५८.३० मीटर,प्रातः ८ बादनम्-७४९.२५ मीटर,मध्यान्ह २ बादनम्-७४९.२४ मीटर, मध्यान्ह ३ बादनम्-७५२.७ मीटर इति चमोली आपदा सुरक्षायाः वार्ता इदमस्ति तत कर्णप्रयागे अलकनंदायाः प्रवाह बहु शांतम् दृश्यते ! अत्र जलस्तरम् समान्यमस्ति ! ईश: सर्वानां रक्षणम् कुर्यात् !

अलकनन्दा का जलस्तर खतरे का निशान- 758.30 मीटर,सुबह 8 बजे- 749.25 मीटर, दोपहर 2 बजे- 749.24 मीटर,दोपहर 3 बजे- 752.7 मीटर चमोली आपदा राहत की खबर यह है कि कर्णप्रयाग में अलकनन्दा का बहाव एकदम शांत दिख रहा है ! यहां जलस्तर सामान्य है ! ईश्वर सबकी रक्षा करें !

अलकनंदायाः पंच सहायक नद्यः सन्ति यत् गढ़वाल क्षेत्रे पंच भिन्नम्भिन्न स्थानेषु अलकनंदाया मेलित्वा पंच प्रयाग इति निर्मयन्ति ! चमोल्यां ऋषिगंगा अलकनंदाया मेलयति !

अलकनंदा की पाँच सहायक नदियाँ हैं जो गढ़वाल क्षेत्र में पांच अलग अलग स्थानों पर अलकनंदा से मिलकर पंच प्रयाग बनाती हैं ! चमोली में ऋषिगंगा अलकनंदा से मिलती है !

अस्यानंतरम् गोविंदघाटे लक्ष्मणगंगा अलकनंदा याम् मेलयति यस्यानंतरम् विष्णुप्रयाग भूमानः नंदप्रयागैवागच्छति ! कर्णप्रयागे पिंडर नदी अलकनंदाया मेलयति ! अलकनंदा नद्या: प्रवाह राज्यस्य त्रयाणि जनपदानि चमोल्यां,रुद्रप्रयागे,पौड़ी इत्ये च् भवति !

इसके बाद गोविंदघाट में लक्ष्मणगंगा अलकनंदा में मिलती है जिसके बाद विष्णुप्रयाग होते हुए नंदप्रयाग तक आती है ! कर्णप्रयाग में पिंडर नदी अलकनंदा से मिलती है ! अलकनंदा नदी का प्रवाह राज्य के तीन जिलों चमोली,रूद्रप्रयाग तथा पौड़ी में होता है !

चमोल्या: अनंतरम् जलम् रुद्रप्रयाग पुनः देवप्रयाग विष्णुप्रयाग च् भूमानः जोशीमठं प्रत्यागच्छति ! जोशीमठे विशेष वार्ता इदमस्ति तत अत्र नद्या: तटम् आवासीय प्रांतम् न्यूनमस्ति ! अस्यानंतरम् कर्णप्रयागमस्ति यत्रे अधो प्रान्तरेषु बहुना जनाः वसन्ति,तत्र संकटम् निर्मयन् !

चमोली के बाद पानी रूद्रप्रयाग फिर देवप्रयाग और विष्णुप्रयाग होते हुए जोशीमठ की तरफ आती है ! जोशीमठ में खास बात यह है कि यहां नदी के किनारे रिहायशी इलाका कम है ! इसके बाद कर्णप्रयाग है जहां पर निचले इलाकों में बहुत से लोग रहते हैं,वहां खतरा बना हुआ है !

कर्णप्रयागात् जलम् श्रीनगरे आगमिष्यति तत्र एकम् बंधमस्ति येन पूर्वेव केचन रिक्त कारयतम् ! वस्तुतः जलम् न्यूनम् नाभवत् अपितु तेन टिहरी बंधे अवरुद्धयतम् यथा-यथा जलस्तरं बर्धिष्यते तदा प्रशासनस्य विवशता भविष्यते तत जलम् अवमुक्तयत् !

कर्णप्रयाग से पानी श्रीनगर में आएगा जहां एक डैम है जिसे पहले ही थोड़ा खाली करवा लिया गया है ! फिलहाल पानी कम नहीं हुआ है बल्कि उसे टिहरी डैम में रोका गया है और जैसे-जैसे जलस्तर बढ़ेगा तो प्रशासन की मजबूरी हो जाएगी कि पानी को छोड़ा जाए !

उपरि क्षेत्रात् यदा जलम् अधो प्रत्यागच्छति तदा तस्य प्रवाह अतितीव्र भव्यते ! इदृशेषु यदि श्रीनगर बंधात् जलम् अवमुक्तष्यते तदा इत्यात् अधो प्रान्तरेषु संकटम् अति बर्धिष्यते !

ऊपरी क्षेत्र से जब पानी नीचे की तरफ आता है तो उसका बहाव और तेज हो जाता है ! ऐसे में अगर श्रीनगर डैम से पानी छोड़ा जाएगा तो इससे निचले इलाकों में खतरा और बढ़ेगा !

वस्तुतः आरामस्य वार्तास्ति तत नंदप्रयागात् अग्रम् अलकनंदा नद्या: प्रवाह समान्यस्ति यत् बंधे जलम् एकत्रितस्य कारणमपि न्यूनम् भवितुम् शक्नोति ! देवप्रयागे अलकनंदायाः भागीरथ्या: च् संगमम् भवति अस्यानंतरम् च् अलकनंदा इति नाम सम्पादित भूत्वा केवलं गंगा इति नाम रम्यते !

हालांकि राहत की खबर है कि नंदप्रयाग से आगे अलकनंदा नदी का बहाव सामान्य है जो डैम में पानी जमा होने के कारण भी कम हो सकता है ! देव प्रयाग में अलकनंदा और भागीरथी का संगम होता है और इसके बाद अलकनंदा नाम समाप्त होकर केवल गंगा नाम रह जाता है !

निश्चित रूपेण जलम् हरिद्वारैव प्राप्तिष्यति यत्र पूर्वेव संकटसूचना संचरितम् ! ऋषिकेशात् अधो प्रांतानि त्वरित रिक्ताकारयतानि अधो च् प्रान्तराणां आवासम् एसडीआरएफ इति आरक्षकः च् स्व हस्तेषू अग्रिह्यते !

निश्चित रूप से पानी हरिद्वार तक पहुंचेगा जहां पहले ही अलर्ट जारी किया गया है ! ऋषिकेश से निचले इलाके तुरंत खाली करा दिए गए हैं और निचले इलाकों के रिजॉर्ट को एस डी आर एफ तथा पुलिस ने अपने हाथों में ले लिया !

ऋषिकेशस्यानंतरम् जलम् हरिद्वार प्राप्यिष्यति तत्र गंगाम् द्वयम् प्रतिनिवृतुम् शक्नोति तत्रात् एकम् बिजनौरम् प्रतिनिवृतुम् शक्नोति यत् रुड़क्या: अतिरिक्त मैदानी प्रान्तरेषु क्षतिम् लभ्धुम् शक्नोति ! द्वितीयास्ति गाजियाबादं प्रति यत् मुरादनगरं प्रति गमिष्यति तम् प्रान्तराणि प्रभावितं करिष्यति !

ऋषिकेश के बाद पानी हरिद्वार पहुंचेगा जहां गंगा को दो तरफ मोड़ा जा सकता है जहां से एक बिजनौर की तरफ मोड़ा जा सकता है जो रूड़की के अलावा मैदानी इलाकों में नुकसान पहुंचा जा सकता है ! दूसरा है गाजियाबाद की तरफ जो मुरादनगर की तरफ जाएगा उस इलाके को इफेक्ट करेगा !

उत्तरप्रदेशस्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: गंगा नद्या: तटम् स्थित सर्वानां जनपदानां जिलाधिकारिन् आरक्षक अधिक्षकानि पूर्ण सतर्कता धृतस्यापि निर्देशम् दत्ता: !

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा नदी के किनारे स्थित सभी जनपदों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को पूरी सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए हैं !

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: उत्तराखंडे बंधस्य ट्रोटनेण उत्पन्नाभवत् परिस्थितिभिः पश्यमानः प्रदेशे संबंधित विभागानि,आधिकारिन् एस डी आर एफ इत्यानि च् सतर्कतायाम् भवस्य निर्देशम् दत्त: !

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड में बांध के टूटने से उत्पन्न हुई परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश में संबंधित विभागों, अधिकारियों और SDRF को हाई-अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है !

https://youtu.be/Jfc9wo2IWek

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