कुत्रगतं जाट-मुस्लिम मतानि, किम् जेष्यति, ळब्धं त्रीणि वृहत् संकेतानि ! किधर गया जाट-मुस्लिम वोट, कौन मारेगा बाजी, मिले 3 बड़े संकेत !

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अधुनैवोत्तरप्रदेशस्य निर्वाचने सर्वातधिकं चर्चितं यदि कश्चित क्षेत्रम् रमति, तर्हि तत पश्चिमी उत्तर प्रदेशमस्ति ! कृषक आंदोलनस्य सपा आरएलडी गठबंधनम् च्, एआईएमआईएम इतस्य असदुद्दीन ओवैसिण: आजाद समाज दलस्य चंद्रशेखरस्य प्रवेशभिः मतदाता केन मतम् दाष्यन्ति !

अभी तक उत्तर प्रदेश के चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चित अगर कोई इलाका रहा है, तो वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश है ! किसान आंदोलन और सपा- आरएलडी गठबंधन, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी और आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर की एंट्री से वोटर किसे वोट देंगे !

यस्मिन् दृष्टिमासीत् ! भाजपायां २०१७ तमस्य इव प्रथमचरणस्य प्रदर्शनस्य भारमस्ति ! तत्रैव अखिलेश यादवम् जयंत चौधरिण: सहाय्य ळब्धेन जाट- मुस्लिम एकतायाः विश्वासमस्ति ! इदृशेषु प्रथम चरणस्य ५८ आसनेषु सर्वानां हृदये इदमेव प्रश्नमस्ति तत इतिदा मतदानम् कीदृशैवाभवत् !

इसी पर नजर थी ! भाजपा पर 2017 की तरह पहले चरण के प्रदर्शन का दबाव है ! वहीं अखिलेश यादव को जयंत चौधरी का साथ मिलने से जाट- मुस्लिम एकता का भरोसा है ! ऐसे में पहले चरण के 58 सीटों पर सबके मन में यही सवाल है कि इस बार वोटिंग कैसी हुई है !

अस्यैव प्रतिरूपमवगम्यतुं मीडिया,मुजफ्फरनगरस्य, शामल्या:,मेरठस्य,गाजियाबादस्य,नोयडायाः बहु आसनेषु मतदाताभि: वार्ता कृतमस्ति निर्वाचनम् च् अनंतरम्,दलानां आंतरिक सर्वेक्षण किं कथ्यति, येन अपि ज्ञेयस्य प्रयत्नम् कृतमस्ति ! तस्याधारे प्रमुख रूपेण त्रीणि वार्ता संमुखमागतवन्तः !

इसी पैटर्न को समझने के लिए मीडिया ने, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा की कई सीटों पर वोटर से बात की है और चुनाव बाद पार्टियों का आंतरिक सर्वे क्या कहता है, इसे भी जानने की कोशिश की है ! उसके आधार पर प्रमुख रूप से तीन बातें सामने आई हैं !

एकं वार्ता इदमस्ति तत कश्चितापि दळम् गठबंधनम् वा २०१७ तमम् यथा एकपक्षीय जयं एतेषु ५८ आसनेषु ळब्धुम् न दृश्यते ! द्वितीय ओवैसी चंद्रशेखर: च् एतेषु आसनेषु बहु प्रभाव प्रभावयन् न दृश्यत: ! तृतीय महतवार्ता इतिदा मायावत्या तस्या: परंपरागत मतदातापि द्रुतम् गन्तुम् दृश्यते !

एक बात तो यह है कि कोई भी पार्टी या गठबंधन 2017 जैसा एक तरफा जीत इन 58 सीटों पर हासिल करती नहीं दिख रही है ! दूसरी ओवैसी और चंद्रशेखर इन सीटों पर बहुत असर डालते हुए नहीं दिख रहे हैं ! तीसरी अहम बात इस बार मायावती से उनका परंपरागत वोटर भी खिसकता नजर आ रहा है !

इदृशैवाशामासीत् तत कृषक आंदोलनेण सपा- रालोद गठबंधनेण च् जाट मुस्लिम च् मतदाता: एकपक्षीय मतम् करिष्यन्ति ! विभिन्न जनैः मतदान प्रतिरूपेण यत् वार्ता निःसृत्वा संमुखमागतं, तत बहु स्थानेषु यत्र गठबंधनस्य प्रत्याशिण: मुस्लिम: अस्ति !

ऐसी उम्मीद थी कि किसान आंदोलन और सपा- रालोद गठबंधन से जाट और मुस्लिम वोटर एकतरफा वोट करेंगे ! विभिन्न लोगों से वोटिंग पैटर्न से जो बात निकलकर सामने आई है, कि कई जगहों पर जहां गठबंधन का उम्मीदवार मुस्लिम है !

तत्रे इदम् एकता त्रोटन् दृष्टिमागतं ! यस्यातिरिक्तं सुरक्षायां वृहत् संख्यायां च् वीथिणां निर्माणमपि एकपक्षीय मतस्य मध्य स्थितं ! सहैव महिलानां अपि मतम् खंडिता: ! सूत्राणां अनुसारम् स्थानीय स्तरं बहु आसनेषु युवानां वृद्धानां च् अपि अंतरम् दर्शितं !

वहां पर यह एकता टूटती हुई नजर आई है ! इसके अलावा सुरक्षा और बड़ी संख्या में सड़कों का निर्माण भी एक तरफा वोट के बीच खड़ा हुआ है ! साथ ही महिलाओं का भी वोट बंटा है ! सूत्रों के अनुसार स्थानीय स्तर कई सीटों पर युवा और बुजुर्ग का भी फासला दिखा है !

यस्य कारणेनापि एकपक्षीय मतदानम् नाभवत् ! पश्चिमी उत्तर प्रदेशे लगभगम् २६ प्रतिशतम् दलित जनसंख्या: सन्ति ! यस्मिन् ७०-८० प्रतिशतम् जाट जनसंख्या: अस्ति ! यत् तत मायावत्याः वृहत् मत कोषमस्ति !

जिसकी वजह से भी एकतरफा वोटिंग नहीं हुई है !पश्चिमी उत्तर प्रदेश में करीब 26 फीसदी दलित आबादी हैं ! इसमें 70-80 फीसदी जाट आबादी है ! जो कि मायावती का बड़ा वोट बैंक हैं !

मायावत्या: न्यून सक्रियताम् दर्शन् सपा-रालोदे आजाद समाज दळं भाजपाम् च् जाट मतदातायाः सहाय्य ळब्धस्याशामस्ति ! यद्यपि स्थानीय स्तरे वार्तालापेण यत् संमुखमागच्छति तत बसपायाः एकं वृहत् मतकोषम् तस्मात् अन्तरम् कृतं सुरक्षाम् विधि व्यवस्थाम् च् मतदानस्य प्रकरणम् कृतं !

मायावती की कम सक्रियता को देखते हुए सपा-रालोद, आजाद समाज पार्टी और भाजपा को जाट वोटर का साथ मिलने की उम्मीद है ! हालांकि स्थानीय स्तर पर बातचीत से जो सामने आ रही है कि बसपा के एक बड़े वोट बैंक ने उससे दूरी बनाई है और सुरक्षा, कानून व्यवस्था को वोटिंग का मुद्दा बनाया है !

दलानि अधुना स्व स्तर आंकलन कृतवन्तः ! सूत्राणां अनुसारम् यदि भाजपामसि पुनः आरएलडी वा एकपक्षीय जयस्याशां न कुर्वत: ! अर्थतः कश्चितापि दळम् २०१७ यथा प्रदर्शनस्याशाम् नास्ति ! द्वे दले ५०-६० प्रतिशतासनेषु जयस्याशां कुर्वत: ! यद्यपि वास्तविक स्थित्या: ज्ञानम् तर्हि १० मार्चमेव भविष्यति !

पार्टियों ने अभी अपने स्तर आंकलन किए हैं ! सूत्रों के अनुसार चाहे भाजपा हो या फिर आरएलडी एक तरफा जीत की उम्मीद नहीं कर रही है ! यानी किसी भी पार्टी 2017 जैसे प्रदर्शन की उम्मीद नहीं है ! दोनों दल 50-60 फीसदी सीटों पर जीत की उम्मीद कर रहे हैं ! हालांकि वास्तविक स्थिति का पता तो 10 मार्च को ही चल पाएगा !

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