वैश्विक हिताय हिंदुत्व सम्मेलने द्वितीय दिवसं वक्ता: किं कथित: आगच्छन्तु ज्ञायन्ति ! वैश्विक हित के लिए हिन्दुत्व कांफ्रेंस में वक्ताओं ने क्या कहा, आइए जानते हैं !

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द्वितीय दिवस का सारांश

वैश्विक हिताय हिंदुत्व सम्मेलनस्य द्वितीय दिवसं प्रथम वक्तायाः रूपे डॉ मिलिंद साठे यतास्ट्रेलियायां विश्वविद्याळयीय प्रवक्तास्ति सः कथित: तत केन प्रकारम् भारतस्य विरुद्धम् विदेशी मीडिया अनृतं प्रसारयति प्रथम तर्हि सः वर्ण जाति रूपे भिन्न भिन्न कृत्वा दुष्प्रचारम् कर्तुमारंभितानि !

वैश्विक हित के लिए हिन्दुत्व कांफ्रेंस के द्वितीय दिवस प्रथम वक्ता के रूप में डॉ मिलिंद साठे जो ऑस्ट्रेलिया में विश्वविद्यालीय प्रवक्ता हैं उन्होंने कहा कि किस प्रकार भारत के खिलाफ विदेशी मीडिया झूठ फैलाती है पहले तो उन्होंने वर्ण जाति रूप को भिन्न भिन्न करके दुष्प्रचार करना प्रारंभ किया !

साभार संगम टाक

संस्कृतं अनुवादिक भाषायाः रूपे न मानित्वा कृतः दुष्प्रचारम् ! इति प्रकारम् शनैः शनैः ईसाई संस्थानि भारते स्वाधिपत्य कर्तुमारंभितानि भारते च् तै: साफल्यं ळब्धवान ! यान् दृष्ट्वा गजवा ए हिन्दम् भारते स्वकार्यमारम्भितं !

संस्कृत को अनुवादिक भाषा के रूप में न मानकर दुष्प्रचार किया ! इस तरह धीरे धीरे मिशनरियों ने भारत पर अपना आधिपत्य करना शुरू किया और भारत में उन्हें अभूतपूर्व सफलता प्राप्त किया ! जिसको देखकर गजवा ए हिन्द ने भारत में अपना कार्य शुरू किया !

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यं प्रत्ये एकः कन्दुकक्रीडक: शोएब अख्तर: केचन दिवस पूर्वम् वार्ता कृतमासीत् ! कांग्रेस दळम् येषां समर्थनम् कृतं, तु यदात: मोदी सर्वकारः २०१४ तमे आगतः तदातः कुप्रचारे अवरोधमवरोधतुमारंभितः ! तू चिन पकिस्तान च यथा देशानि दुष्प्रचारे निरतानि भारतीय विपक्षी दलानि अपिच् येषां बहु सहाय्य ददान्ति यस्मात् मोदी सर्वकारम् निर्वर्तुम् शक्नुतानि !

जिसके बारे में एक क्रिकेटर शोएब अख्तर ने कुछ दिन पहले बात की थी ! कांग्रेस दल ने इनका समर्थन किया, लेकिन जबसे मोदी सरकार २०१४ में आई तब से कुप्रचार पर रोक लगनी शुरू हुई ! लेकिन चीन और पाकिस्तान जैसे देश दुष्प्रचार में लगे रहे और भारतीय विपक्षी दल भी इनका खूब साथ दे रहे हैं जिससे मोदी सरकार को हटा सकें !

मुस्लिम संस्थानि ईसाई संस्थानि च् हिंदुन् मुस्लिम ईसाई च् निर्माणे निरतानि, मार्क्सवादी इच्छन्ति यै: मार्क्सवादी निर्मितानि, कुत्रचित तानि ज्ञायन्ति अयमेव मतकोषानि सन्ति येषां सहाय्येण हिन्दू सर्वकारम् निर्वर्तुम् शक्नोति ! सोशलमीडिया अन्य स्थानै: वा इदम् सदैव दुष्प्रचारे निरतन्ति !

मुस्लिम संस्था और मिशनरी हिंदुओं को मुस्लिम और ईसाई बनाने में सतत लगे हुए हैं, मार्क्सवादी चाहते हैं इन्हें मार्क्स वादी बनाया जाए, क्योंकि वह जानते हैं यहीं वोट बैंक हैं इन्ही की सहायता से हिन्दू सरकार को हटाया जा सकता है ! सोशल मीडिया व अन्य प्लेटफार्मों से यह हमेशा दुष्प्रचार करने में लगे रहते हैं !

द्वितीय क्रमे आदित्य सत्संगी येन सनातन धर्मे एकम् पुस्तकमलिखत् सः कथितुमारंभितः ! सः कथ्यति तत यूरोपियन छठी शताब्द्याम् विचारितं तत भारत बहवः दृढ़ हिन्दू सभ्यतामस्ति ! यं कीदृशं सम्पद्यते तर्हि सर्वप्रथम तः अस्माकं वैदिक सभ्यतायाः ज्ञानम् सम्पादितस्य योजनाम् निर्मितं !

द्वितीय क्रम में आदित्य सत्संगी जिन्होंने सनातन धर्म पर एक पुस्तक लिखी है उन्होंने कहना शुरू किया ! वह कहते हैं कि यूरोपियन ने छठी शताब्दी में विचार किया कि भारत बहुत ही मजबूत हिन्दू सभ्यता है ! इसको कैसे समाप्त किया जाए तो सर्वप्रथम उन्होंने हमारे वैदिक सभ्यता के ज्ञान को समाप्त करने की योजना बनाई !

वैदिक ज्ञानस्य भंडारम् समस्त संस्कृत भाषायामस्ति तेषु एतानि जनानि प्रहारम् कृत:, अस्माकं अतिथि देवो भव इतम् लक्ष्यम् निर्ममानः इदमस्माकं देशे आगतं अस्माभिः च् लुंठिताः अस्माकं सभ्यताम् क्षतिग्रस्ते साफल्यं ळब्धते, इदमेव कारणातस्माभिः येषु स्थानेषु कार्यम् कृतस्यावश्यकतामस्ति !

वैदिक ज्ञान का भंडार समस्त संस्कृत भाषा में है उसी पर इन लोगों ने प्रहार किया, हमारे अतिथि देवो भव को निशाना बनाते हुए यह हमारे देश में आये और हमें लूटा और हमारी सभ्यता को नष्ट करने में सफलता पाई, इसी वजह से हमें इन्हीं जगहों पर कार्य करने की आवश्यकता है !

तृतीय क्रमे अवनीश कुमार सिंह: कथित: हिंदुत्वम् एकस्य जीवनम् जीवनस्य सर्वोत्तम प्रकारमस्ति ! हिन्दू दर्शनम् सर्वप्रथम सर्वोत्तम ज्ञानम् सर्वान् प्रदत्तं, सर्वे भवन्तु सुखिनः इति रूपे अस्माभिः ज्ञानम् ददाति अहिंसा परमो धर्म: इति वार्तायाः व्याख्या पूर्ण रूपेण हिंदुत्वस्य माध्यमेण इव संभवितुम् शक्नुतं हिन्दुत्वम् च् इव यस्य वृहद रूपेण पालितं !

तृतीय क्रम में अवनीश कुमार सिंह ने कहा हिंदुत्व एक जीवन जीने का सर्वोत्तम तरीका है ! हिन्दू दर्शन ने सर्वप्रथम सर्वोत्तम ज्ञान सबको प्रदान किया, सर्वे भवन्तु सुखिनः रूप में हमें ज्ञान देता है अहिंसा परमो धर्म: इस बात की व्याख्या पूर्ण रूप से हिंदुत्व के माध्यम से ही संभव हो सकी है और हिंदुत्व ने ही इसका वृहद रूप से पालन किया है !

चतुर्थ क्रमे डॉ मिनी श्रीवास्तव विधि विशेषज्ञा सनातन धर्मस्य व्याख्या कृतमानः कथिता तत सनातन धर्मम् च् भिन्न भिन्न जातः ! सनातनस्य अर्थं भवति शाश्वतं धर्मस्य च् व्याख्या जनाः भिन्न भिन्न व्याख्यायिताः ! अस्माकं धर्म वैदिकमस्ति यस्य कश्चित आदि नास्ति, अस्माकं धर्मे बहवः नियमा: सन्ति यस्योल्लेखम् वेदेषु इत्यादयेषु कृतं वयं येषां अनुसारम् चरस्य प्रयासम् कुर्वन्ति !

चतुर्थ क्रम में डॉ मिनी श्रीवास्तव विधि विशेषज्ञ ने सनातन धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि सनातन और धर्म भिन्न भिन्न हैं ! सनातन का अर्थ होता है शाश्वत और धर्म की व्याख्या लोगों ने अलग अलग व्याख्यायित किया है ! हमारा धर्म वैदिक है जिसका कोई आदि नहीं है, हमारे धर्म में बहुत सारे नियम हैं जिनका उल्लेख वेदों आदि में किया गया है हम सभी इसी के अनुसार चलने का प्रयास करते हैं !

पंचम क्रमे डॉ के परमेश्वरन् विधि विशेषज्ञ: कथित: तत हिन्दू हिन्दुत्वम् च् सनातन धर्मतः भिन्नम् नास्ति सनातन धर्म एकस्य वैदिक ज्ञानस्य भंडारमस्ति यत् सर्वान् एके मूल शाखायां अर्थतः हिन्दुत्वे संयुक्तवा ध्रीति ! हिंदुत्व यत् समत्वस्य वार्ता करोति, यत् स्पष्ट रूपेण कथ्यति तत सर्वान् समम् सन्ति, कश्चिते कश्चित अन्तरम् नास्ति कुत्रचित हिन्दू धर्म कश्चितं स्वेण द्रुतम् नावगम्यति !

पंचम क्रम में डॉ के परमेश्वरन् विधि विशेषज्ञ ने कहा कि हिन्दू और हिंदुत्व सनातन धर्म से भिन्न नहीं है सनातन धर्म एक वैदिक ज्ञान का भंडार है जो सभी को एक मूल शाखा अर्थात हिंदुत्व में बांधकर रखती है ! हिंदुत्व जो समत्व की बात करता है, जो स्पष्ट रूप से कहता है कि सभी लोग समान हैं, किसी में कोई अंतर नहीं है क्योंकि हिन्दू धर्म किसी को अपने से दूर नहीं समझता है !

षष्टम क्रमे पंकज जायसवाल: वैदिक ज्ञान विशेषज्ञ: वसुधैव कुटुंबकस्य व्याख्या कृतमानः बदित: सनातन धर्म सर्वान् स्व कुटुंबमवगम्यति ! वैज्ञानिक दृष्टिकोणेन दृश्यते तर्हि अस्माकं धर्म (सनातन धर्म) बहवः उत्कृष्टवार्तान् प्रस्तुतं करोति ज्ञानस्यविज्ञानस्य माध्यमेण सनातन धर्मम् सर्वान् बहु केचन दत्तं !

षष्टम् क्रम में पंकज जायसवाल वैदिक ज्ञान विशेषज्ञ ने वसुधैव कुटुम्बकम् की व्याख्या करते हुए बोले सनातन धर्म सभी को अपना परिवार समझता है ! वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो हमारा धर्म (सनातन धर्म) बहुत ही उत्कृष्ट बातों को प्रस्तुत करता है ज्ञान विज्ञान के माध्यम से सनातन धर्म ने सभी को बहुत कुछ दिया है !

खगोलीय ज्ञानम्, पर्यावरणीय ज्ञानम्, वास्तु ज्ञानम्, नियम संयम आचरण इत्यादयः समस्त प्रकारणां शोध सनातन धर्मम् प्रदत्तं यथा सः रासायनिक ज्ञानं असि प्राणि ज्ञानमसि वा भौतिक वा सर्वेषु क्षेत्रेषु सनातन धर्मम् कार्यम् कृतं अतएव सनातन धर्मम् विश्वस्य सर्वोत्कृष्ट धर्ममस्ति !

खगोलीय ज्ञान, पर्यावरणीय ज्ञान, वास्तु ज्ञान, नियम संयम, आचरण इत्यादि समस्त प्रकार के ज्ञानों को सनातन धर्म ने ही प्रदान किया है, समस्त प्रकार के शोध सनातन धर्म ने प्रदान किया चाहे वह रसायन विज्ञान हो या जीव विज्ञान या भौतिक सभी क्षेत्रों में सनातन धर्म ने कार्य किया है अतएव सनातन धर्म विश्व का सर्वोत्कृष्ट धर्म है !

सप्तम् क्रमे जुलेनरेजन साउथ अफ्रीका यत् भगवतः शिवेण बहवः प्रभावितमस्ति सा हिन्दू धर्मम् परिभाषितमानः कथिता हिंदी हिन्दू वा विश्वस्य सर्वोत्तम् भाषा धर्मम् च् स्त: ! हिन्दू धर्म अस्माभिः जीवनम् जीवनम् शिक्षयति अग्रम् बर्धनस्य च् शक्तिं प्रदत्तयति !

सप्तम् क्रम में जुलेन रेजन साउथ अफ्रीका जो भगवान शिव से बहुत ही प्रभावित है उन्होंने हिन्दू धर्म को परिभाषित करते हुए कहा हिंदी या हिन्दू विश्व की सर्वोत्तम भाषा और धर्म है ! हिन्दू धर्म हमें जीवन जीना सिखाता है और आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है !

हिन्दू धर्म यत् सत्प्रेरणा ददाति संभवतः कश्चित धर्म दत्तुम् भविष्यति ! कुत्रचित शिव: विश्वस्य सर्वा: पूजनीय देवेषु श्रेष्ठ: सन्ति यत् स्व बालानां सेवाम् एक: अभिभावक: इव करोति कुत्रचित मया जीवने बहवः लोपिता तु तस्य कृपाया मया सर्वा प्राप्तमपि अभवत् !

हिन्दू धर्म जो सत्प्रेरणा देता है शायद ही कोई धर्म दे पाता होगा ! क्योंकि शिव विश्व के सभी पूजनीय देवों में श्रेष्ठ हैं जो अपने बच्चों की सेवा एक अभिभावक की भांति करते हैं क्योंकि हमने जीवन में बहुत कुछ खोया है पर उनकी कृपा से मुझे सब कुछ प्राप्त भी हुआ है !

अष्टम् अंतिम च् क्रमे पूर्णिमा नाथ एक्टिविस्ट कथिता हिन्दू श्रेष्ठमस्ति ! हिन्दुत्वमेव हिंदुवादमस्ति ! अस्माकं धरायां पंच तत्व: सन्ति धरती, जल, वायु, अग्नि, आकाश यत् हिन्दू धर्म अवगम्यते ! मुस्लिम देशानि सहस्राभिः वर्षाभिः हिन्दुनां धराम् अर्थतः आर्यावतम् क्षतिग्रस्ते निरतं तु अद्यैव इति धराया: केचनापि न कर्तुम् समर्थ: अयम् हिन्दुनां सहनशीलतायाः प्रमाणमस्ति !

अष्टम् और आखिरी क्रम में पूर्णिमा नाथ एक्टिविस्ट ने कहा हिन्दू श्रेष्ठ है, महान है ! हिंदुत्व ही हिन्दूवाद है ! हमारे धरती पर पांच तत्व हैं धरती, जल, वायु, अग्नि, आकाश जो हिन्दू धर्म समझाता है ! मुस्लिम देश हजारों वर्षों से हिंदुओं की धरती अर्थात आर्यावर्त को नष्ट करने में लगे हैं परंतु अभी तक इस धरती का कुछ भी नहीं कर पाएं यह हिन्दुओं की सहनशीलता का प्रमाण है !

संस्कृतं समस्त भाषाणां जननी जन्मदातास्ति अस्य इव भाषाया समस्त भाषा: ज्ञानम् शिक्षिता: यथा आंग्ल भाषाम् पश्यन्तु त्रिकोणमिति ज्यामिति भातृ मातृ इत्यादयः शब्दान् गृहीत्वा स्वशब्दावलिम् पूर्णितं इदम् सर्वाणि शब्द संस्कृत भाषायाः पूर्णार्थका: शब्दानि सन्ति अतएवेदम् प्रमाणितं भविते तत समस्त भाषा: संस्कृत भाषाया इव शब्दानां व्युत्पत्ति शिक्षिता: !

संस्कृत समस्त भाषाओं की माता है जन्मदाता है इसी भाषा से समस्त भाषाओं ने ज्ञान सीखा है जैसे अंग्रेजी को ही ले लो त्रिकोणमिति ज्यामिति भातृ मातृ आदि शब्दों को लेकर अपने शब्दावली को पूरा किया है यह सभी शब्द संस्कृत भाषा के पूर्ण अर्थ वाले शब्द हैं इसलिए यह प्रमाणित हो जाता है कि समस्त भाषाओं ने संस्कृत भाषा से ही शब्दों की व्युत्पत्ति सीखी है !

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