25.7 C
New Delhi

राज कारिष्यति राजपूतं इदमासीत् संदेशम्, ४१ वर्षाणाम् इदृशं रमति अभ्यनुनादयन् यात्राम् ! राज करेगा राजपूत यह था संदेश, 41 वर्षों का ऐसा रहा है शानदार सफर !

Date:

Share post:

कश्चितापि रणम् जयाय धैर्यस्यावश्यकतां भवति तेन सहैव चस्त्राणाम् ! यदि कश्चित सैन्यस्य पार्श्वधैर्यमस्त्रं द्वयो च् भविते तदा प्रत्येकाभियाने जयम् निश्चित रूपे भवति !

किसी भी लड़ाई को जीतने के लिए हौसले की जरूरत होती है और उसके साथ ही हथियारों की ! अगर किसी फौज के पास हौसला और हथियार दोनों हो तो हर एक अभियान में जीत निश्चित तौर पर होती है !

भारतीय सैन्यम् विश्वस्य व्यवसायी सैन्येषु तः एकमस्ति तं च् सैन्यस्य शक्त्याम् आईएनएस राजपूतस्य विशेषं योगदानं रमति !

भारतीय फौज दुनिया की पेशेवर फौजों में से एक है और उस फौज की ताकत में आईएनएस राजपूत का खास योगदान रहा है !

४१ वर्षाणि पूर्व १९८० तमे आईएनएस राजपूतं भारतीय नेवी इत्यस्य अंशम् निर्मितं स्व ४१ वर्षस्य च् यात्रायाम् आईएनएस राजपूतं राज कारिष्यति राजपूतस्यादर्श उद्घोषं सर्वांगपूर्णम् अवतरितं !

41 साल पहले 1980 में आईएनएस राजपूत को इंडियन नेवी का हिस्सा बनाया गया और अपने 41 साल के सफर में आईएनएस राजपूत ने राज करेगा राजपूत के आदर्श नारे को मुकम्मल उतारा !

४१ वर्षस्याभ्यनुनादयन् यात्राया सह अधुना आईएनएस राजपूतं स्मारिकासु रमिष्यते, तु तस्मात् संयुक्त सफलतान् यदा वयं उल्लेखम् कुर्याम: तदा देशम् गर्वम् भव्यते !

41 साल के शानदार सफर के साथ अब आईएनएस राजपूत यादों में रह जाएगा, लेकिन उससे जुड़ी कामयाबियों को जब हम जिक्र करते हैं तो देश का सीना चौड़ा हो जाता है !

चत्वारि दशकस्य यात्रायाम् न केवलं देशस्य सेवायाम् पूर्णरूपेण रमितं, अपितु संकटस्य क्षणेषु सहवासिनपि सहाय्य कृतं !

चार दशक के सफर में ना सिर्फ देश की सेवा में जीजान से लगा रहा, बल्कि मुश्किल के क्षणों में पड़ोसियों को भी मदद की !

४१ वर्षस्य सेवायाः अनंतरम् आईएनएस राजपूतं सेवामुक्त ! ४ मई १९८० इतम् भारतीय नेवी इत्यस्य निर्मितं अंशम् बिशाखापत्तनम्, नौसेना डॉकयार्ड इत्ये दाष्यते प्रस्थानम् ! कोविड इत्यस्य कारणेनाधिकारी नाविक: इव च् भविष्यन्ति सम्मिलतानि !

41 साल की सेवा के बाद आईएनएस राजपूत रिटायर ! 4 मई 1980 को इंडियन नेवी का बना हिस्सा विशाखापत्तनम, नौसेना डॉकयार्ड में दी जाएगी विदाई ! कोविड की वजह से अधिकारी और नाविक ही होंगे शामिल !

आईएनएस राजपूतस्य निर्माण यूक्रेने कृतं स्म तेन च् रूसी नाम नादेजनी दत्तम् स्म यस्यार्थम् भवति होप !

आईएनएस राजपूत का निर्माण यूक्रेन में किया गया था और उसे रूसी नाम नादेजनी दिया गया था जिसका अर्थ होता है होप !

आईएनएस राजपूतं निर्माणस्य कार्यम् सितंबर १९७६ तमे आरंभितम् १९७७ तमे च् प्रस्तुतम् कृतवान !

आईएनएस राजपूत को बनाने का काम सितंबर 1976 में शुरु किया गया और 1977 में लांच किया गया !

१९८० तमे नादेजनिम् आईएनएस राजपूतस्य रूपम् जॉर्जियायाम् कैप्टन मोहनलाल हीरानंदानी: तत्कालीन सोवियत संघे भारतस्य राजदूत रमित: आईके गुजराल: च् प्रस्तुतम् कृतौ !

1980 में नादेजनी को आईएनएस राजपूत के तौर जॉर्जिया में कैप्टन मोहनलाल हीरानंदानी और तत्कालीन सोवियत संघ में भारत के राजदूत रहे आईके गुजराल ने कमीशन किया !

कैप्टन रमित: मोहनलाल हीरानंदानी: कमोडोर इत्यस्य पदे पदस्थ: सः च् प्रथम कमांडिंग अधिकारी निर्मित: !

कैप्टन रहे मोहनलाल हीरानंदानी कमोडोर के पद पर आसीन हुए और वो पहले कमांडिंग ऑफिसर बने !

देशस्य सुरक्षाय आईएनएस राजपूतं जिम्मेवारिं दत्तम् तेन बहु निर्वहितं ! श्रीलंकायाम् इंडियन पीस कीपिंग सैन्यस्य रूपे ऑपरेशन अमनस्य अंशम् निर्मितं !

देश की सुरक्षा के लिए आईएनएस राजपूत को जिम्मेदारी दी गई उसे बखूबी निभाया ! श्रीलंका में इंडियन पीस कीपिंग फोर्स के तौर पर ऑपरेशन अमन का हिस्सा बना !

श्रीलंकायाः तटेषु भ्रमणाय ऑपरेशन पवन, मालदीवेण बंधकान् मुक्त कारयते ऑपरेशन कैक्टस लक्षद्वीपे च् ऑपरेशन क्रासनेस्ट इत्ये सम्मिलतानि !

श्रीलंका के तटों पर गश्ती के लिए ऑपरेशन पवन, मालदीव से बंधकों को आजाद कराने में ऑपरेशन कैक्ट्स और लक्षद्वीप में ऑपरेशन क्रासनेस्ट में शामिल रहा !

रक्षामंत्रालयस्यानुरूपम् नौसेनायाः ध्वजं अंतिम कमीशनिंग पेनेंट इतम् आईएनएस इत्येन अवतरिष्यते तेन च् डिकमिशनिंग इत्यस्य प्रतीकं इति कथ्यते !

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक नौसेना के ध्वज और अंतिम कमीशनिंग पेनेंट को आईएनएस से उतार लिया जाएगा और उसे डीकमिशनिंग का प्रतीक कहा जाता है !

४१ वर्षस्य सेवाकाले ३१ कमांडिंग अधिकारिण: स्व जिम्मेवारिम् निर्वहता: ! १४ अगस्त २०१९ तमम् अंतिम कमांडिंग अधिकारिम् जिम्मेवारिम् दत्तम् स्म !

41 वर्ष के सेवाकाल में 31 कमांडिंग अफसरों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई ! 14 अगस्त 2019 को अंतिम कमांडिंग अफसर को जिम्मेदारी दी गई थी !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Related articles

कन्हैया लाल तेली इत्यस्य किं ?:-सर्वोच्च न्यायालयम् ! कन्हैया लाल तेली का क्या ?:-सर्वोच्च न्यायालय !

भवतम् जून २०२२ तमस्य घटना स्मरणम् भविष्यति, यदा राजस्थानस्योदयपुरे इस्लामी कट्टरपंथिनः सौचिक: कन्हैया लाल तेली इत्यस्य शिरोच्छेदमकुर्वन् !...

१५ वर्षीया दलित अवयस्काया सह त्रीणि दिवसानि एवाकरोत् सामूहिक दुष्कर्म, पुनः इस्लामे धर्मांतरणम् बलात् च् पाणिग्रहण ! 15 साल की दलित नाबालिग के साथ...

उत्तर प्रदेशस्य ब्रह्मऋषि नगरे मुस्लिम समुदायस्य केचन युवका: एकायाः अवयस्का बालिकाया: अपहरणम् कृत्वा तया बंधने अकरोत् त्रीणि दिवसानि...

यै: मया मातु: अंतिम संस्कारे गन्तुं न अददु:, तै: अस्माभिः निरंकुश: कथयन्ति-राजनाथ सिंह: ! जिन्होंने मुझे माँ के अंतिम संस्कार में जाने नहीं दिया,...

रक्षामंत्री राजनाथ सिंहस्य मातु: निधन ब्रेन हेमरेजतः अभवत् स्म, तु तेन अंतिम संस्कारे गमनस्याज्ञा नाददात् स्म ! यस्योल्लेख...

धर्मनगरी अयोध्यायां मादकपदार्थस्य वाणिज्यस्य कुचक्रम् ! धर्मनगरी अयोध्या में नशे के कारोबार की साजिश !

उत्तरप्रदेशस्यायोध्यायां आरक्षकः मद्यपदार्थस्य वाणिज्यकृतस्यारोपे एकाम् मुस्लिम महिलाम् बंधनमकरोत् ! आरोप्या: महिलायाः नाम परवीन बानो या बुर्का धारित्वा स्मैक...