अवयस्का अंकितायाः उम्रम् बर्धितं १९ वर्षम् कृतं, डीएसपी नूर मुस्तफाया शाहरुखम् रक्षणस्य प्रयत्नं ! इदृशमेवैकं घटनां उत्तर प्रदेशे अपि ! नाबालिग अंकिता के उम्र को बढ़ा 19 साल किया, DSP नूर मुस्तफा द्वारा शाहरुख को बचाने की कोशिश ! ऐसी ही एक घटना उत्तर प्रदेश में भी !

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दर्शयतु प्रशासने तिष्ठ: एकः मुस्लिम: द्वितीय मुस्लिमस्य कीदृशं सहाय्यं करोति ! झारखंडस्य दुमकायां वार्ता मा कृते जीवितं दग्धित्वा हतवती अंकितायाः प्रकरणे आरक्षकः विस्मितकर्ता रहस्य उद्घाटनम् कृतवान ! झारखंड बाल कल्याण समिति कथितं तत यदा मृतकायाः हननमभवत्, तदा सा अवयस्कासीत् !

देखिये सिस्टम में बैठा एक मुसलमान दूसरे मुसलमान की कैसे मदद करता है ! झारखंड के दुमका में बात नहीं करने पर जिंदा जलाकर मारी गई अंकिता के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है ! झारखंड बाल कल्याण समिति ने कहा कि जब मृतक की हत्या की गई, तब वह नाबालिग थी !

यद्यपि आरक्षकं यस्याभिज्ञानस्योपरांतं तं सूचनासु मृतकं वयस्का दर्शितमासीत् ! सूचनानां अनुसारम्, झारखंडारक्षकः स्व प्राथमिक्यां मृतकायाः उम्र १९ वर्षस्यालिखत् ! वस्तुतः अंकिता स्वकथने स्व उम्र १७ वर्षम् ज्ञापितासीत् !

हालाँकि, पुलिस को इसकी जानकारी होने के बावजूद उसने रिपोर्ट में मृतक को बालिग दिखाया था ! रिपोर्टों के अनुसार, झारखंड पुलिस ने अपनी FIR में मृतक की उम्र 19 वर्ष की लिखी है ! दरअसल, अंकिता ने अपने बयान में अपनी उम्र 17 वर्ष बताई थी !

यस्यानंतरमारक्षकः १७ वर्षम् बर्धित्वा १९ वर्षम् कृतवान स्म ! यद्यपि गुरूवासरं (१ सितंबर २०२२) आरक्षकः स्वीकृत: तत बालिकायाः उम्र तत काळम् १५ वर्षमासीत् ! यस्यानंतरमारोपिणौ विरुद्धे पॉस्को विधेयकस्य धारा: संलग्नितौ !

इसके बाद पुलिस ने 17 साल को बढ़ाकर 19 साल कर दिया था ! हालाँकि, गुरुवार (1 सितंबर 2022) को पुलिस ने माना कि लड़की की उम्र उस समय 15 वर्ष थी ! इसके बाद आरोपितों के खिलाफ POCSO एक्ट की धाराएँ जोड़ीं !

मान्यते तत मृतकायाः उम्रम् बर्धित्वा तया वयस्का सिद्धस्य प्रयत्नम् क्रियते स्म ! येनारक्षकः एकेन प्रकारेणारोपिणौ शाहरुख हुसैनस्य नईम खान अर्थतः छोटो: च् सहाय्य करोति स्म ! ज्ञापयतु ततेति प्रकरणे डीएसपी नूर मुस्तफायारोपिणौ सहाय्यस्य प्रयत्नम् कृतवान स्म !

माना जा रहा है कि मृतक की उम्र को बढ़ाकर उसे बालिग साबित करने की कोशिश की जा रही थी ! इसके जरिए पुलिस एक तरह से आरोपित शाहरुख हुसैन और नईम खान उर्फ छोटू की मदद कर रही थी ! बता दें कि इस मामले में डीएसपी नूर मुस्तफा द्वारा आरोपितों की मदद करने की कोशिश की गई थी !

यद्यपि मृतका बालिका मजिस्ट्रेट इत्या: उपस्थित्यां स्व कथनम् दत्तवती स्म स्वोम्र च् १७ वर्षम् ज्ञापिता आसीत्, यस्योपरांतं कथनकर्ता: अंकितायाः उम्रम् कर्तित्वा तत्र १९ वर्षमलिखन् ! प्रकरण संमुखम् आगमनस्यानंतरमारक्षकः मुख्यालयं दुमकायाः आयुक्तं अन्वेषणस्य निर्देशम् दत्तवान !

हालाँकि मृतक लड़की ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अपना बयान दिया था और अपनी उम्र 17 साल बताई थी, इसके बावजूद बयान वाले अंकिता की उम्र को काटकर वहाँ 19 वर्ष लिखा गया है ! मामला सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने दुमका के डीआईजी को जाँच का निर्देश दिया है !

झारखंड बाल कल्याण समितीति घटनायाः संज्ञानम् नीतमासीत् ! रहस्योद्घाटनम् च् कृतवान स्म तत द्वादशकक्षायां पाठका अंकितावयस्कासीत् ! समिति कथितमासीत् तत मृतकायाः दशम् कक्षायाः अंकपत्रे तस्या: जन्मतिथि २६ नवंबर २००६ ज्ञापितमस्ति ! यस्यानंतरमारक्षकः त्वरिते ज्ञापित: तत बालिकायाः उम्र १५ वर्षमासीत् !

झारखंड बाल कल्याण समिति ने इस घटना का संज्ञान लिया था और खुलासा किया था कि 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली अंकिता नाबालिग थी ! समिति ने कहा था कि मृतका की 10वीं की मार्कशीट में उसकी जन्मतिथि 26 नवंबर 2006 बताई गई है ! इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन में बताया कि लड़की की उम्र 15 साल थी !

ज्ञापयतु तत डीएसपी नूर मुस्तफायाः हिंदूविरोधिण: अनंतरम् इति अभियोगस्य अन्वेषणतः निर्वर्तितः अस्ति ! झारखंडस्य पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी केचनाभिलेखानि प्रस्तुतन् कथित: आसीत् तत तस्य पार्श्व डीएसपी नूर मुस्तफायाः आदिवासी विरोधिण: एवं सांप्रदायिकस्य साक्ष्यानि सन्ति !

बता दें कि DSP नूर मुस्तफा के हिन्दू विरोधी होने के बाद इस केस की जाँच से हटा दिया गया है ! झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कुछ दस्तावेज साझा करते हुए कहा था कि उनके पास डीएसपी नूर मुस्तफा के आदिवासी विरोधी एवं कम्यूनल होने के प्रमाण हैं !

सः अभिज्ञानम् दत्तवान ततादिवासिनां एकः शोषक: जुल्फिकारे एसटी विधेयकस्य प्रकरणम् पंजीकृतं सः च् कारागारापि गतवान, तु डीएसपी नूर मुस्तफा ९० दिवसानि एव चार्जशीट न कृतवान ! यस्याधारे जुल्फिकारम् स्वतंत्रपत्रम् लब्धवान ! डीएसपी नूर मुस्तफा जुल्फिकारस्य कारागारतः निस्सरणस्य केचनमेव कालांतरम् चार्जशीट प्रस्तुतं कृतवान स्म !

उन्होंने जानकारी दी कि आदिवासियों के एक शोषक जुल्फिकार पर ST एक्ट का मामला दर्ज हुआ और वह जेल भी गया, लेकिन DSP नूर मुस्तफा ने 90 दिनों तक चार्जशीट नहीं की ! इसके आधार पर जुल्फिकार को जमानत मिल गई ! डीएसपी नूर मुस्तफा ने जुल्फिकार के जेल से निकल जाने के कुछ ही देर बाद चार्जशीट दाखिल कर दिया था !

उत्तर प्रदेशस्य फर्रुखाबाद जनपदे इदृशमेव मुस्लिमेण मुस्लिमस्य पक्षस्य घटनायाः उल्लेखम् पांचजन्यस्य संवाददाता अंबुज भारद्वाज: स्व ट्विटरे चलचित्रेण सह प्रस्तुतं कृतरस्ति अलिखत् च् दर्शयतु प्रशासने तिष्ठ: एकः मुस्लिम: द्वितीय मुस्लिमस्य कीदृशम् सहाय्य करोति !

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में ऐसी ही मुस्लिम द्वारा मुस्लिम के सपोर्ट की घटना का उल्लेख पांचजन्य के संवाददाता अंबुज भारद्वाज ने अपने ट्विटर पर वीडियो सहित पोस्ट की है और लिखा है, देखिये सिस्टम में बैठा एक मुसलमान दूसरे मुसलमान की कैसे मदद करता है !

हिंदू बालिकाया सह मुस्लिम बालकः दुष्कर्म कृतवान, यदा बालिका मेडिकल कारितुं गतवती तर्हि चिकित्सालयस्य चिकित्सका आसमा बेगम द्वे दिवसे यावत् पितरं-पुत्रिम् चालितौ ! पुनः मेडिकल कारीतुं न करिष्यते ! घटनां फर्रुखाबादस्यास्ति !

हिन्दू लड़की के साथ मुसलमान लड़के ने रेप किया, जब लड़की मेडिकल कराने गयी तो अस्पताल की डॉक्टर आसमा बेगम ने दो दिनों तक बाप-बेटी को दौड़ाया ! फिर मेडिकल कराने के लिए मना करने लगी ! घटना फर्रुखाबाद की है !

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