दाऊदस्य सह्योगिम् सन्ति, कापुरुषा: सन्ति केचनान्यतमः सन्ति वा, इमे खान जनाः ? दाऊद के साथी हैं, डरपोक हैं या कुछ और हैं, यह खान लोग ?

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कश्चितैवापि स्तरमेव पतका: इमे खान: भारत देशे भीता: किमर्थं सन्ति ? कुत्रैव यस्य पितु दस्यु दाऊदस्य स्थितिमसाधु तदा न भविताः ? कुत्रैव वास्तवे येषां वास्तविक जीवनेन चलचित्रस्य जवनिकावतरितं तदा न गतवान ?

किसी भी हद तक गिरने वाले यह खान भारत देश में डरते क्यों हैं ? कहीं इनके अब्बा डॉन दाऊद की हालत खराब तो नहीं हो गयी ? कहीं वास्तव में इनके रियल जीवन से फिल्म का पर्दा उतर तो नहीं गया ?

मादकपदार्थस्य मैथुनस्य सद् तः बहुधा देशस्य जनाः परिचितम् भवितानि ! स्वयं चलचित्रस्य कलाकाराः इदम् स्वीकृता: तताभ्यांतरस्य स्थितिम् साधु न सन्ति ! कश्चितं १० क्रमांक भवनात् तदा कश्चितं २० क्रमांक भवनात् क्षिपतुम् साधारणं भवितानि !

नशीले पदार्थ और सेक्स का सच से कई बार देश की जनता रूबरू हो चुकी है ! खुद फिल्म के कलाकार यह स्वीकार कर चुके हैं कि अंदर के हालात अच्छे नहीं हैं ! किसी को 10 मंजिल से तो किसी को 20 मंजिल से फेंक देना आम हो गया है !

स्व परिचयं निर्माणस्य कारणे चरित्रं अंतःकरणं वा विक्रये विवशं क्रियते अन्यथा कश्चित चलचित्रं न लब्धिष्यते ! खानः चलचित्र संस्थानं अभद्रं निर्मितानि !

अपनी पहचान बनाने के चक्कर में चरित्र व जमीर को बेचने पर मजबूर किया जाता है अन्यथा कोई फिल्म नहीं मिलेगी ! खान ने फिल्म इंडस्ट्रीज को गन्दा बना दिया है !

चलचित्रेषु नर्दित्वा-नर्दित्वा, भारत मातु: जय, वंदे मातरम्, जय हिंद, माँ तुझे सलाम इति बदन्ति त्रिवर्णेन च् स्व सुतेनाधिकं प्रीति कुर्वन्ति इमे प्रमाणितं कुर्वन्ति तु वास्तविक जीवने यान् भारत देशे भयमनुभवन्ति !

फिल्मों में चिल्ला-चिल्ला कर, भारत माता की जय, वंदे मातरम्, जय हिंद, माँ तुझे सलाम बोलते हैं और तिरंगे से अपनी औलाद से ज्यादा मोहब्बत करते हैं यह साबित करते हैं लेकिन वास्तविक जीवन में इनको भारत देश में ही डर लगता है !

असुरक्षायाः वातावरणं दृश्यन्ति ! भयस्य कारणं इवाधिकांशतः मुस्लिम कलाकारा: हिन्दुभिः इव पाणिग्रहणं कृताः कुत्रचित भयस्य वातावरणे संनिवेशे च् कन्या पक्ष हिन्दू इति भवस्य ते लाभमोत्थितुम् शक्नुता: !

असुरक्षा का वातावरण दिखता है ! डर के कारण ही अधिकांशतः मुस्लिम कलाकार ने हिन्दू से ही निकाह किया है ताकि भय के वातावरण और माहौल में कन्या पक्ष हिन्दू होने के वह लाभ उठा सके !

हिंदू अभिनेत्र्य: अपि मुस्लिम कलाकारान् प्रति अधिकं सहानुभूति धृन्ति कुत्रचित यासाम बन्धनम् चलचित्रनगर्याम् सन्ति या: निकषा रमस्य लाभम् दासे सहाय्य भविष्यन्ति !

हिंदू अभिनेत्री भी मुस्लिम कलाकारों के प्रति अधिक सहानुभूति रखती हैं क्योंकि इनकी पकड़ फिल्मसिटी में है और इनके करीब रहने का लाभ कैरियर बनाने में कारगर होगा !

अमृता सिंह स्वपुत्रस्योम्रस्य बालकेन पाणिग्रहणं करोति तदा रत्ना पाठक पितु: उम्रस्य नसरुद्दीन शाहेन ! चरित्रस्य कश्चित स्थानैवात्र नास्ति अयमेव कलाकारः भारतस्य परिचयं चलचित्रे निर्मन्ति !

अमृता सिंह अपने बेटे के उम्र के लड़के से शादी रचाती हैं तो रत्ना पाठक पिता के उम्र के बराबर नसरुद्दीन शाह से ! चरित्र का कोई स्थान ही यहां नहीं है और यही कलाकार भारत की पहचान फिल्म में बनते हैं !

भारत देशस्य हिन्दू नागरिकानां भावनायाः हननं कृत्वार्बुदानां संपत्ति अर्जकाः इमे केचन चलचित्री वाणिज्यान् देशे भयमनुभूता: ! वास्तवे इमे कापुरुषा: सन्ति अपराधिना: वा ?

भारत देश के हिन्दू नागरिको की भावनाओं का कत्ल करके अरबों की संपत्ति अर्जित करने वाले यह चन्द फिल्मी व्यापारियों को देश में डर लगने लगा है ! वास्तव में यह डरपोक हैं या अपराधी ?

भीत: तदा तैवास्ति यदा केचनानुचितं कार्यम् कृतानि अनुचित कार्यम् कर्तानां सह्योगम् दत्तानि वा इदृशं च् न सन्ति तदा चलचित्रेषु इमे बहादुर खान इति दर्शिका: वास्तविक जीवने कापुरुषा: सन्ति ? एतान् खान भ्रातृन् भयं कस्मातनुभवन्ति मोदीना-योगिना पुनः वा भारत देशस्य विधिना ?

डरता तो वही है जब कोई गलत कांड करे या गलत करने वालों का साथ दे और ऐसा नहीं हैं तो फिल्मो में यह बहादुर खान दिखने वाले रियल जीवन में डरपोक हैं ? इन खान भाइयों को डर किससे लग रहा है मोदी-योगी से या फिर भारत देश के कानून से ?

यस्य इमे उपहासं कुर्वन्ति ! मर्या तर्हि तदास्ति तत १० वर्षम् भारतदेशस्योप राष्ट्रपति रमित: हामिद अंसारिम् चलचित्री खानानां इव भयम् अनुभूत: !

जिनका यह मजाक उड़ाते हैं ! हद तो तब है कि 10 वर्ष भारत देश का उप राष्ट्रपति रहे हामिद अंसारी को फिल्मी खानों की तरह डर लगने लगा है !

भारत देशे मुस्लिम राष्ट्रपतिण: उप राष्ट्रपतिण: पदे हिन्दूबहुलभारते रमते कदापि हिंदूंन् भयस्य असुरक्षायाः वा संनिवेश: नानुभूतानि तु मोदीना -योगिना यान् भयमनुभूता: !

भारत देश में मुस्लिम राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति के पद पर हिन्दू बहुल भारत में रहने पर कभी हिन्दुओं को डर या असुरक्षा का माहौल नहीं लगा लेकिन मोदी-योगी से इनको डर लगने लगा है !

यान् भयभीतानि अपेक्षितमस्ति कुत्रचित यदा चलचित्रस्य खानानां खान: दाऊद: अपि भयेन कम्पति भयस्य च् छायायाम् जीवति !

इनको भयभीत होना लाजमी है क्योंकि जब फिल्म के खानों के खान दाऊद भी भय से कांप रहा है और डर के साये में जी रहा है !

सत्यमेव जयते इत्यस्य वार्ताकर्ता यत् हिन्दो: भगवतम् अपमानित: यदि एकदापि स्व अल्लाहे अवकुत्सित: तदा कर्बुरे लेटितः !

सत्यमेव-जयते की बात करने वाला जितना हिन्दू के भगवान को अपमानित किया अगर एक बार भी अपने अल्लाह पर उंगली उठाई होती तो कब्र में कबका लेट रहा होता !

मदीयं बंधुत्वस्य विचारे कलंकितकर्ता बिगबॉस अद्यैवाविवाहितमस्ति, तु किं ? कश्चित शारीरिक पीड़ामस्ति केचनान्य वा ? अयमविवाहित भूत्वा अपि अयम् कलाम महोदयस्य स्थानम् ग्रहीतुम् न शक्नुत: !

हमारे भाईचारे की सोच पर कालिख पोतने वाला बिग बॉस आज तक कुँवारा हैं, पर क्यों ? कोई शारिरिक परेशानी है या कुछ और ? यह कुँवारा रहकर भी यह कलाम साहब की जगह नहीं ले सकता !

स्व मातु: उम्रेण पाणिग्रहण कर्ता कश्चित दुग्ध पान कर्ता शिशु नासीत् तत तं ज्ञानम् नागतः विवाहविच्छेद कृत्वा च् करीना कपूरेण पाणिग्रहण कृतः !

अपनी अम्मा की उम्र से शादी करने वाला कोई दूध पीता बच्चा नहीं था कि उसको समझ नहीं आया और तलाक देकर करीना कपूर से शादी कर ली !

चलचित्रानां इमे खानानां चरित्रं राष्ट्रवादिम् च् विचाराणि अस्यैव वार्ताया स्पष्टम् परिलक्ष्यन्ति तत अर्बुदपति इति यान् भारतं निर्मन्ति अंतशय्या च् यान् पकिस्तानस्य भवन्ति !

फिल्मों के इन खानों का चरित्र और राष्ट्रवादी सोच इसी बात से स्पष्ट झलकता है कि अरबपति इनको भारत बनाता है और चिंता इनको पाकिस्तान की होती है !

यान् कापुरुषा: खानम् पकिस्तानम् गमनीयाः स्म तु येन कारणं न गतवान कुत्रचित यान् ज्ञातं सन्ति तत पाकिस्तान स्व बालकानपि विद्यालये उड्डयति ! अस्यर्थं पकिस्तानमपिस्वनावगम्यिता: तस्य च् उद्धरण दत्वा भारतं दुर्नाम कुर्वन्ति !

इन डरपोक खान को पाकिस्तान जाना चाहिए था लेकिन इसलिए नहीं गए क्योंकि इनको पता है कि पाकिस्तान अपने बच्चों को भी स्कूल में उड़ा देता है ! इसका मतलब पाकिस्तान को भी अपना नहीं समझते और उसका हवाला देकर भारत को बदनाम करते हैं !

चलचित्रस्यौटे इमे लव-जिहादस्य फिल्म- जिहादस्य च् नग्न नृत्यं कुर्वन्ति भारतस्य च् मोदिणः योगिण: च् वर्धितौ नाम तयो विचार्यो वर्धितं भारस्य कारणं इमे देशस्य हिंदून् पथभ्रमितं कुर्वन्ति !

फिल्म के आड़ में यह लव-जिहाद और फिल्म- जिहाद का नंगा नाच कर रहे हैं और भारत के मोदी और योगी की बढ़ती साख और इनकी सोच पर बढ़ते दवाब के कारण यह देश के हिन्दुओं को गुमराह कर रहे हैं !

तु यान् इदम् ज्ञातम् भविताः तत वर्तमान शासकस्य एके स्वरे कुत्रैव येषु अपि चलचित्र मुख्तार अंसारी:, अतीक अहमद:, नसीमुद्दीन: आजम खान: यथा च् न निर्मयन्तु !

लेकिन इनको यह ज्ञात हो चुका है कि वर्तमान शासक के एक आवाज पर कहीं इनकी भी फिल्म मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद, नसीमुद्दीन और आजम खान जैसी न बन जाये !

पालघरे साधूनां ताडित्वा-ताडित्वा हनने भारते असुरक्षित संनिवेश: न निर्मितं तु कश्चितैव मौलानाम् ताडित्वा-ताडित्वा हन्यते तदा देशे विधिण: राज सम्पद्यते भारते च् यान् भयम् अनुभूते ? वर्णसंकर नीतिम् देशवासिन् अपि अवगम्यितं !

पालघर में साधुओं की पीट-पीट कर हत्या पर भारत में असुरक्षित माहौल नहीं बनता लेकिन किसी मौलाना को पीट-पीट कर मार दिया जाता तो देश में कानून का राज खत्म हो जाता, और भारत में इनको डर लगने लगता ? दोगली नीति को देशवासी समझ चुके हैं !

अस्य देशे हिन्दुषु अनर्गल प्रलाप कृतं, उत्पात इति कारितं यथा सम्मेलनं कृतं, १५ पले हिंदून् क्षयस्य बुखारी: ओवैसी: यथा नेतृणामातंकेन कश्चितैव चलचित्री खानम् भयम् नानुभूता: ?

इस देश में हिन्दुओं पर गलत बयानबाजी करना, दंगा करवाने जैसा सम्मेलन करना, 15 मिनट में हिंन्दुओं को समाप्त करने की बुखारी और ओवैसी जैसे नेताओं के आतंक से किसी फिल्मी खान को डर नहीं लगता ?

भारतमसुरक्षितं न अनुभूताः ? तु जय श्रीराम, जय परशुराम, भारत मातु: जय, वंदे मातरम इत्यस्य उद्घोषेण भयम् अनुभूता: ! देशं वासस्य योग्य न शेषयति ! लोकतंत्रस्य नामे देशस्य राजनीतिक दल यान् कुटिलान् सदने स्व दलेन सांसदः विधायकः च् निर्मयन्ति !

भारत असुरक्षित नहीं लगता ? लेकिन जय श्री राम, जय परशुराम, भारत माता की जय, वंदे मातरम के नारे से डर लगता है ! देश रहने के लायक नहीं बचता है ! लोकतंत्र के नाम पर देश के राजनीतिक दल इन गद्दारों को सदन में अपने दल से सांसद और विधायक बनाते हैं !

कलायाः नामे वाणिज्यस्य कार्यम् बहु तीव्रेण चरति महाराष्ट्रे यस्यापि सर्वकारः रमितं, सः अत्रस्य वर्णसंकर नित्याकूतं सम्पत्ति अर्जयति यस्य कारणेनात्रस्य येषु अघम् समापने कश्चित संयोगं न त्यागितं !

कला के नाम पर व्यापार का धंधा बड़े धड़ल्ले से चल रहा है और महाराष्ट्र में जिसकी भी सरकार रहे, वह यहाँ की दोगली नीति से अकूत संपत्ति अर्जित करती है जिसकी वजह से यहां का इनके पाप को मिटाने में कोई कसर नहीं छोड़ती !

दिव्या भारती सुशांत सिंह राजपूत: वा यथैव अनेकानि घटनानां दोषिन: अद्यैव ग्रहितुम् न शक्नुता: ! यदा आरक्षका: इवाघकानां सुरक्षा करिष्यन्ते तदा स्वाभाविकमस्ति इमे नग्न नृत्यं करिष्यन्ते कुर्वन्ति च् ! कंगना राणावत चलचित्र नगरे खान कुटुंबानां सत्यं संपूर्ण विश्वम् संमुखम् आनीता !

दिव्या भारती व सुशांत सिंह राजपूत जैसी अनेकों घटनाएं का दोषी आज तक नहीं पकड़ा जा सका ! जब पुलिस ही पापियों की सुरक्षा करने लगे तो स्वाभाविक है यह नंगा नाच करेंगे और कर रहे हैं ! कंगना राणावत ने फिल्मिस्तान में खान खानदान का सच पूरी दुनिया को सामने ला दिया है !

साभार:-ब्रजेश मिश्र उरवार

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