वीथिषु इव न, मंदिरे, गुरुद्वारे अपि नमाज पठनम् अस्तीस्लामी समूहस्य स्वप्नम्, गणेशोत्सवेण राना अयूबम् अभवत् पीड़ा, किं हिंदवः इव ददान्तु धर्मनिरपेक्षतायाः आहुतिम् ? सड़कों पर ही नहीं, मंदिर, गुरुद्वारे में भी नमाज पढ़ना है इस्लामी गिरोह का सपना, गणेश उत्सव से राना अयूब को लगी मिर्ची, क्या हिंदू ही दें सेक्युलरिज्म की आहुति ?

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देशस्य धर्मनिरपेक्षता संकटे सन्ति कुत्रचित् गणेश चतुर्थ्या: रूपे एकमन्य हिंदूत्सव: आगतवान ! कट्टर पंथिन् अनुभवति अद्यपि एव तर्हीति अवसरे हिंदू केवलं प्रत्यक्ष रूपेण मूर्ति पूजनेणाल्पसंख्यकानां भावनामाहतं करोति स्म ! तु इतिदा एता: सीमा उल्लंघिताः !

देश का सेक्युलरिज्म खतरे में हैं क्योंकि गणेश चतुर्थी के रूप में एक और हिंदू त्योहार आ गया है ! कट्टरपंथियों को लग रहा है अभी तक तो इस मौके पर हिंदू केवल सरेआम मूर्ति पूजन से अल्पसंख्यकों की भावना आहत करते थे ! लेकिन इस बार इन लोगों ने हद ही कर दी !

बेंगलूरौ संमुखतः आगत्वा उत्सवम् मानितुं धारवाड़ ईदगाह क्षेत्रम् याचिताः न्यायालयं च् अपि आज्ञाम् दत्तं ततमान्यतु स्वोत्सवं कश्चित केचन नकथिष्यति ! कपिल सिब्बल: यथा वरिष्ठाधिवक्तायाः बहु प्रयत्नानां अनंतरमपि न्यायालयं एकं न शृणोतु ! पीठम् केवलं इति बिंदौ विचारितं !

बेंगलुरु में सामने से आकर त्योहार मनाने के लिए धारवाड़ ईदगाह मैदान माँग लिया और कोर्ट ने भी अनुमति दे दी कि मनाओ अपना पर्व कोई कुछ नहीं कहेगा ! कपिल सिब्बल जैसे वरिष्ठ वकील की बहुत कोशिशों के बाद भी कोर्ट ने एक नहीं सुनी ! बेंच ने बस इस बिंदु पर विचार किया !

यदि शून्य क्षेत्रे यत्र बाइक पार्क इति भवन्ति, तर्हि कालागमने रमजान-बकरीद इति मान्यते तर्हि पुनः तत्र गणेश चतुर्थीति मान्येण कासाधु भविष्यते ! कपिल सिब्बल: अवगम्यतुं रमित: ततेदृशं न भवनीयं, तत स्थानम् ईदगाह इति कथ्यति, ईदगाह ! तु न्यायालयं कश्चित वार्ता न शृणुतं !

अगर खाली पड़े मैदान जहाँ बाइक पार्क होती हैं, तो समय आने पर रमजान-बकरीद मनाया जाता है तो फिर वहाँ गणेश चतुर्थी मनाने से क्या गलत हो जाएगा ! कपिल सिब्बल समझाते रहे कि ऐसा नहीं होना चाहिए, उस जगह को ईदगाह कहते हैं, ईदगाह ! लेकिन कोर्ट ने कोई दलील नहीं सुनी !

अपितूत्सवम् मान्यस्याज्ञाया सह दृढ़ सुरक्षायाः निर्देशम् दत्तवान ! सम्प्रति आरक्षकः प्रतिस्थाने नियुक्त: सन्ति ! अल्पसंख्यक समुदायं आहत: सन्ति तर्हि अपि किं क्रियेत् ! ते सदैवतः कथितुं रमन्ति तत इति देशे तस्य शृणुनम् २०१४ तमस्य अनंतरेणेव न भवति !

उलटा त्योहार मनाने की अनुमति के साथ कड़ी सुरक्षा के निर्देश भी दे दिए ! अब पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात है ! अल्पसंख्यक समुदाय आहत है तो भी क्या करे ! वह हमेशा से कहते रहे हैं कि इस देश में उनकी सुनवाई 2014 के बाद से ही नहीं हो रही है !

अतएव राना अयूब यथा वार्ताकारान् वैदेशी मीडिया इत्यां तस्य स्वरम् निर्मितुं भवति ! इतिदापि धूमिल आशान् अयूबस्याश्रय ळब्धमस्ति ! अयूब यथा तत सदैव मुस्लिमानां हिते स्वरम् उत्थिति ! पुनः तत वीथिषु नमाज पठनस्याधिकारायसि पुनः वा मंदिरे, गुरुद्वारे नमाज कृत्वा भातृत्वस्य उद्धरणदत्तुम् !

इसलिए राना अयूब जैसी पत्रकारों को विदेशी मीडिया में उनकी आवाज बनना पड़ता है ! इस बार भी डूबती उम्मीदों को अयूब का सहारा मिला है !अयूब जैसा कि हर बार मुस्लिमों के हित में आवाज उठाती हैं ! फिर चाहे वो सड़कों पर नमाज पढ़ने के अधिकार के लिए हो या फिर मंदिर, गुरुद्वारे में इबादत करके भाईचारे की मिसाल देने के लिए !

इतिदापि अयूब स्वकार्यम् बहुनिष्ठायां कृतवती ! राना अयूब हिन्दुषु खिन्नता प्रकटिता ततेदम् का नीचतामस्ति, युष्माकं पार्श्व विश्वस्य मेदिनिमस्ति तु ईदगाहागच्छसि गणेश चतुर्थी इति मान्यतुं ! बहु संख्यक समुदाये प्रत्यक्ष खिन्नता न परिलक्षितं अतएव सा स्व ट्वीते कश्चित नाम न नीतमस्ति !

इस बार भी अयूब ने अपना काम बखूबी किया ! राना अयूब ने हिंदुओं पर बौखलाहट निकाली कि ये क्या घटियापना है, तुम्हारे पास दुनिया भर की जमीन पड़ी है लेकिन तुम ईदगाह आ रहे हो गणेश चतुर्थी मनाने ! बहुसंख्यक समुदाय पर प्रत्यक्ष नाराजगी न दिखे इसलिए उन्होंने अपने ट्वीट में कोई नाम नहीं लिया है !

तु हिंदुन् अवगम्यनीयं ततेदम् वार्ता तेभ्यः जनेभ्यः सन्ति, कुत्रचित् तैव जनाः ईदगाह क्षेत्रे गणेश चतुर्थी मान्यतुं अग्रम् अगच्छन् ! राना अयूब स्वतः लेखित्वा व्यक्तं कर्तुं न शक्नोति तत सा का इच्छति तत मुस्लिम: अपि मंदिर परिसरे नमाज पठनस्य याचनां उत्थायेत् !

पर हिंदुओं को समझ जाना चाहिए कि ये बात उन्हीं लोगों के लिए है, क्योंकि वही लोग ईदगाह मैदान में गणेश चतुर्थी मनाने आगे आए हैं ! राना अयूब खुद से लिख कर जाहिर नहीं कर सकतीं कि वो क्या चाहती हैं कि मुस्लिम भी मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की माँग उठाएँ !

तु यदि कश्चितैव तस्या: इति हृदयस्य वार्ताम् स्व ट्वीते लिखितमस्ति तर्हि सा तेन पुनः ट्वीत कृतेन पश्च नास्ति ! यथैव द वायर इत्या: तारुषी शर्मायाः ट्वीत सा त्वरितं पुनः ट्वीत कृतवती कुत्रचित् यस्मिन् इदमेव वार्तासीत् यत् राना स्पष्टरूपे कथितुं इच्छति !

पर अगर किसी ने उनकी इस मन की बात को अपने ट्वीट में लिखा है तो वो उसे रीट्वीट करने से पीछे नहीं हैं ! जैसे द वायर की तारूषी शर्मा का ट्वीट उन्होंने फौरन रीट्वीट किया क्योंकि इसमें यही बात थी जो राना खुले में कहना चाहती हैं !

संभवतः अयूबेच्छति ततदेशे गंगा जमुना सभ्यतायाः (यस्यार्थम् कट्टरपंथीभिः हिंदू स्थलेषु नमाज पठनस्य अधिकारमस्ति) वाहक यथाधुनैव मुस्लिमा: रमन्ति ! तादृशैव तैव जनाः इति अभियानम् अग्रेव गृहीत्वा गच्छेत् ! हिन्दुषु अधिकं भारम् न भवेत् !

शायद अयूब चाहती हैं कि देश में गंगा जमुना तहजीब ( जिसका अर्थ कट्टरपंथियों के लिए हिंदू स्थलों पर नमाज पढ़ने का अधिकार है) के वाहक जैसे अब तक मुस्लिम रहे हैं ! वैसे ही वही लोग इस अभियान को आगे तक लेकर जाएँ ! हिंदुओं पर ज्यादा भार न पड़े !

भवान् इमानि चित्राणि दर्शित: अस्ति का कश्चित प्रकारं देशे शतानि मस्जिद भूतस्यानंतरमपि मुस्लिम समुदायस्य जनाः स्वच्छंद मार्गे, समाजिक पार्क इत्यां, नगरस्य वृहतापणे नमाज पठन्ते ! इयतेव वार्ता: द्रष्टु तर्हि ज्ञातम् भविष्यति समुदायस्य जनाः बहुधा स्व प्रार्थना, हिन्दुनां पूजास्थलस्यार्श्व-पार्श्व तेषां चभ्यांतरम् प्रवेशित्वापि कुर्वन्ति !

आपने ये तस्वीरें देखी हैं क्या किस तरह देश में सैंकड़ों मस्जिद होने के बाद भी मुस्लिम समुदाय के लोग खुली सड़क, सोसायटी के पार्क, शहर के मॉल में नमाज पढ़ लेते हैं ! इतना ही खबरें देखें तो पता चलेगा समुदाय के लोग कई बार अपनी इबादत, हिंदुओं के पूजा स्थल के आस-पास और उसके अंदर घुसकर भी अदा कर देते हैं !

यस्यातिरिक्तं गणपति प्रांगणे गत्वापि समुदायविशेषं नमाज कृतवान ! गुजरातस्य मंदिरेण सह बहुषु मन्दिरेषु इफ्तार इत्या: वार्ता: अपि आगतुं रमन्ति ! हिंदू स्व धार्मिक स्थलम् गृहीत्वौदारचरितं भवति ! तु यदा ईदगाहे गणपति प्रांगण निर्माणस्य याचनां करोति तर्हि तेन न्यायालये रणम् रणितुं भवति !

इसके अलावा गणपति पंडाल में जाकर भी समुदाय विशेष नमाज अदा कर चुका है ! गुजरात के मंदिर समेत कई मंदिरों में इफ्तार की खबरें भी आती रहती हैं ! हिंदू अपने धार्मिक स्थल को लेकर लिबरल होता है ! लेकिन जब ईदगाह में गणपति पंडाल लगाने की माँग करता है तो उसे कोर्ट में लड़ाई लड़नी पड़ती है !

धार्मिक भावना: आहतस्याक्षेप: तस्मिन् उपरि आरोप्यति ! इदम् भावना तदाहतं न भवति यदा पूजास्थले बकरीदस्य काळम् मांसम् क्षिपति ! का केवलं हिन्दुनां स्कंधयो इदृशं भातृत्वं बर्धनस्य भारम् अस्ति ! का केवलं तेन सहिष्णु भूतस्य उपदेशम् दाष्यते !

मजहबी भावनाएँ आहत करने का इल्जाम उस पर लगाया जाता है ! ये भावना तब आहत नहीं होती है जब पूजा स्थल पर बकरीद के समय गोश्त फेंका जाता है ! क्या केवल हिंदुओं के कंधे पर ऐसे भाईचारे को बढ़ाने का दबाव है ! क्या केवल उन्हें सहिष्णु होने की सलाह दी जाएगी !

ईदगाह इदृशमेव स्थानमस्ति यत्र शिशवः कंदुक क्रीड़ाया गृहीत्वा पादकंदुक क्रीडन्ति ! काले-काले भिन्न-भिन्न प्रकारस्य कार्यक्रमानि भवन्ति ! तु हिंदू यस्मिन् प्रांगण निर्माणस्य याचनां करोतु तर्हि केवलं मुस्लिम: न अपितु पुर्णोदारचरित दळम् तस्मिन् अवरोधयति ! तेन तदा स्मरण नागच्छति तत कीदृशं हिन्दुनां रामलीला क्षेत्रस्य प्रयोगम् ताः धरना इत्याद्भिः वर्षाणितः कर्तुं रमन्ति !

ईदगाह ऐसी जगह है जहाँ बच्चे क्रिकेट से लेकर फुटबॉल खेलते हैं ! समय-समय पर तरह-तरह के कार्यक्रम होते हैं ! मगर हिंदू इसमें पंडाल लगाने की माँग कर दे तो केवल मुस्लिम ही नहीं पूरी लिबरल जमात उन पर टूट पड़ती है ! उन्हें तब याद नहीं आता है कि कैसे हिंदुओं के रामलीला मैदान का प्रयोग वो धरना आदि के लिए सालों से करते रहे हैं !

तु हिंदू कदापि तेन केचन कथितुं न गतवान ! का धर्मनिरपेक्षतां रक्षणस्य जिम्मेवारिम् केवलं हिन्दुषु अस्ति तत ताः धर्मस्याहुतिं दत्वा यस्य रक्षणं करोतु ! राम नवम्यां-हनुमान जयंत्यां यात्रा निस्सरणे प्रस्तरम् खादतु पुनः च् इदम् शृणोत् तत तस्योत्तरम् दत्तेन स्थितिमसाधु अभवत् !

लेकिन हिंदू कभी उन्हें कुछ कहने नहीं गया ! क्या सेकुलरिज्म को बचाने की जिम्मेदारी सिर्फ हिंदुओं पर है कि वो धर्म की आहुति देकर इसकी रक्षा करें ! राम नवमी-हनुमान जयंती पर यात्रा निकलने पर पत्थर खाएँ और फिर ये सुनें कि उनके जवाब देने से माहौल बिगड़ा !

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