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सोनिया-खड़गे कश्चित न गच्छत: अयोध्या, कदाचित् कांग्रेसाय राम मंदिरम् हिंदुनां न ! सोनिया-खड़गे कोई नहीं जा रहे अयोध्या, क्योंकि कांग्रेस के लिए राम मंदिर हिंदुओं का नहीं !

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इति काळम् पूर्ण विश्वमयोध्याम् प्रति पश्यति, यत्र २२ जनवरी २०२४ तमम् रामललायाः मंदिरे भव्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रमस्यायोजनम् भवितं अस्ति ! अस्मिन् कार्यक्रमे सहस्रान् गणमान्य जनानाहुते !

इस समय पूरी दुनिया अयोध्या की तरफ देख रही है, जहाँ 22 जनवरी 2024 को रामलला के मंदिर में भव्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आयोजन होना है ! इस कार्यक्रम में हजारों गणमान्य लोगों को बुलाया जा रहा है !

तु कांग्रेस दलमधुनास्मिन् कार्यक्रमे सम्मेलनेण निषेध: कृतवत् ! कांग्रेसमेकम् पत्रम् निर्गत्य यं आयोजनम् राजनीतिक इति कथवानकथयत् च् तत अर्ध मंदिरे भवकं प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रमतः अन्तरे रमिष्यति !

लेकिन कांग्रेस पार्टी ने अब इस कार्यक्रम में शामिल होने से ही मना कर दिया है ! कांग्रेस ने एक पत्र जारी कर इस आयोजन को राजनीतिक करार दिया है और कहा कि वो अधूरे मंदिर में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से दूर रहेगी !

दलम् स्पष्टम् कृतवत् तत सोनिया गांधी, कांग्रेसस्याध्यक्ष: मल्लिकार्जुन खड़गे लोकसभायां च् दलस्य नेता अधीर रंजन चौधरी अस्मिन् कार्यक्रमे सम्मिलिता: न भविष्यन्ति ! कांग्रेसस्य महासचिव जयराम रमेशेण पत्रम् निर्गत्य दलस्य निर्णयस्याभिज्ञानम् दत्तवत् !

पार्टी ने साफ कर दिया है कि सोनिया गाँधी, कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे ! कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश द्वारा पत्र जारी कर पार्टी के फैसले की जानकारी दी गई है !

पत्रे अलिखत्, पूर्व मासम्, कांग्रेसाध्यक्ष: मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दलस्य अध्यक्षा सोनिया गांधी एवं लोकसभायां कांग्रेस संसदीय दलस्य नेता अधीर रंजन चौधरीम् राम मन्दिरस्योद्घाटनस्य निमंत्रणम् नयवंत: !

पत्र में लिखा गया है, पिछले महीने, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गाँधी एवं लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी को अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन का निमंत्रण लिया !

पत्रे अग्रमलिखत्, भगवतः रामस्य पूजनम् कोटि भारतीयः कुर्वन्ति ! धर्म मानवस्य व्यक्तिगत विषय: भवितुं अगच्छत्, तु भाजपा आरएसएस च् वर्षभिः अयोध्यायां राममंदिरम् एकं राजनीतिक परियोजनाम् कृतवत् !

पत्र में आगे लिखा गया है, भगवान राम की पूजा-अर्चना करोड़ों भारतीय करते हैं ! धर्म मनुष्य का व्यक्तिगत विषय होता आया है, लेकिन बीजेपी और आरएसएस ने वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर को एक राजनीतिक परियोजना बना दिया है !

स्पष्टमस्ति तत एकस्यार्धनिर्मित मंदिरस्योद्घाटनं केवलं निर्वाचनी लाभोत्थाय क्रियते ! २०१९ तमस्य माननीय सर्वोच्च न्यायालयस्य निर्णयम् स्वीकरत् एवं जनानां आस्थायाः सम्माने मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी एवं अधीर रंजन चौधरी भाजपा आरएसएस चेत्यस्यास्य आयोजनस्य निमंत्रणम् ससम्मानमस्वीकुर्वन्ति !

स्पष्ट है कि एक अर्धनिर्मित मंदिर का उद्घाटन केवल चुनावी लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है ! 2019 के माननीय सर्वोच्च न्यायायल के निर्णय को स्वीकार करते हुए एवं लोगों की आस्था के सम्मान में मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गाँधी एवं अधीर रंजन चौधरी बीजेपी और आरएसएस के इस आयोजन के निमंत्रण को ससम्मान अस्वीकार करते हैं !

कांग्रेस दलम् स्पष्ट रूपे भगवतः रामस्य भव्य मंदिरे प्राण प्रतिष्ठा समारोहम् राजनीतिक पगम् इति अकथयत् ! विशेष वार्ता इदमस्ति ततास्यैव कांग्रेस दलस्य यदा केंद्रे सर्वकारः आसीत्, तदा सर्वोच्च न्यायालये शपथ: नीत्वा सर्वकारः भगवतः रामस्यास्तित्वमेव निषेध: कृतवान् स्म !

कांग्रेस पार्टी ने साफ तौर पर भगवान राम के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह को राजनीतिक कदम करार दे दिया है ! खास बात ये है कि इसी कांग्रेस पार्टी की जब केंद्र में सरकार थी, तब सुप्रीम कोर्ट में शपथ लेकर सरकार ने भगवान राम के अस्तित्व को ही नकार दिया था !

अधुना यद्यपि सर्वोच्च न्यायालयस्याज्ञायाः अनंतरम् सम्पूर्ण विश्वस्य हिन्दुनां इच्छा पूर्णम् अभवन्, तु एकदा पुनः कांग्रेस दलम् स्वपगेण सिद्ध: कृतवान् तत सनातन परंपराया हिन्दुभिः च् कति द्वेष: करोति ! ज्ञापयतु तत समाजवादी दलस्याध्यक्ष: अखिलेश यादव: अपि राम ललायाः प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रमे सम्मेलनेण निषेध: कृतवान् !

अब जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, दुनिया भर के हिंदुओं की इच्छा पूरी हुई, तो एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी ने अपने कदम से साबित कर दिया है कि वो सनातन परंपरा और हिंदुओं से कितनी नफरत करती है ! बता दें कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी राम लला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया है !

लाइव हिंदुस्तानस्यानुरूपम्, अखिलेश यादवम् विहिप इत्यस्य नेता आलोक कुमार: निमंत्रणम् दत्तुं गतवान् स्म, तु अखिलेश यादव: अयम् कथनामंत्रण पत्रम् नयेण निषेध: कृतवान् तत तः आलोक कुमारम् न ज्ञायति, तः अपरिचितेण निमंत्रणम् न नेष्यति ! सः अकथयत् तत यदा भगवतः राम: आहूष्यते, तु तः स्वयं गमिष्यति !

लाइव हिंदुस्तान के मुताबिक, अखिलेश यादव को विहिप के नेता आलोक कुमार निमंत्रण देने गए थे, लेकिन अखिलेश यादव ने ये कहते हुए आमंत्रण पत्र को लेने से मना कर दिया कि वो आलोक कुमार को नहीं जानते हैं, वो किसी ऐरे-गैरे से निमंत्रण नहीं लेंगे ! उन्होंने कहा कि जब भगवान राम बुलाएँगे, तो वो खुद जाएँगे !

यस्मात् पूर्वम् अखिलेश: अकथयत् स्म तत तः कार्यक्रमे सम्मेलनस्याहुते गमिष्यति, यद्यपि अधुना सः निषेध: कृतवान् ! दृष्टिगतमस्ति तत आगत २२ जनवरीम् रामललायाः प्राण-प्रतिष्ठायै तत्परता: तीव्रताया भवन्ति !

इससे पहले अखिलेश ने कहा था कि वो कार्यक्रम में शामिल होने का बुलावा मिलने पर जाएँगे, हालाँकि अब उन्होंने मना कर दिया है ! गौरतलब है कि आगामी 22 जनवरी को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए तैयारियाँ जोरों-शोरों से हो रही हैं !

अस्मिनवसरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदिन् उत्तर प्रदेशस्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: चपि उपस्थितौ रमिष्यतः ! यस्यातिरिक्तं ३००० वीवीआइपी समेतं ७००० जनान् निमंत्रणम् प्रेषितवान् ! न्यासस्य कथनमस्ति ततानुमानतः १५००० जनानां आगमनस्य व्यवस्था: भविष्यति !

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे ! इनके अतिरिक्त 3000 वीआईपी समेत 7000 लोगों को निमंत्रण भेजे गए हैं ! ट्रस्ट का कहना है कि लगभग 15000 लोगों के आने का इंतजाम होगा !

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