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Tuesday, June 15, 2021

शाहरुख खानम् एसए बोबड़े: अयोध्या प्रकरणे निर्मितुम् इच्छति स्म मध्यस्थं ! शाहरुख खान को एस ए बोबड़े अयोध्या केस में बनाना चाहते थे मध्यस्थ !

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अयोध्या प्रकरणस्य हलम् निःसृतं ! राममंदिरस्य भव्य निर्माणस्य कार्यमपि आरंभितं ! एतस्य सर्वस्य मध्य एकम् रोचकं अभिज्ञानम् चलचित्रं अभिनेता शाहरुख खानस्य संबंधे आगतम् !

अयोध्या मामले का समाधान निकल चुका है ! राम मंदिर के भव्य निर्माण का काम भी शुरू हो चुका है ! इन सबके बीच एक रोचक जानकारी फिल्म अभिनेता शाहरुख खान के संबंध में आई !

सर्वोच्च न्यायालयस्य बार एसोसिएशन इत्यस्य अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम सिंह: कथितः तत सीजेआई रमित: एसए बोबड़े: शाहरुख खानम् अयोध्या कलहे मध्यस्थं निर्मितुम् इच्छति स्म ! ज्ञापयन्तु तत २०१४ तमे रंजन गोगोई युक्त पीठे एसए बोबड़े: सदस्य: आसन् !

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सीनियर वकील विक्रम सिंह ने कहा कि सीजेआई रहे एस ए बोबड़े, शाहरुख खान को अयोध्या विवाद में मध्यस्थ बनाना चाहते थे ! बता दें कि 2014 में रंजन गोगोई वाली पीठ में एस ए बोबड़े सदस्य थे !

प्रमुखन्यायाधीशस्य विदाई इति समारोहस्य अवसरे अस्य संबंधे उद्घाटनं अभवत् ! एसए बोबड़े: इच्छति स्म तत शाहरुख खान: अपि अयोध्या भूमि कलहस्य हलस्य मध्यस्थता प्रक्रियायाः अंशमसि !

चीफ जस्टिस के विदाई समारोह के मौके पर इस संबंध में खुलासा हुआ ! एस ए बोबड़े चाहते थे कि शाहरुख खान भी अयोध्या भूमि विवाद के समाधान की मध्यस्थता प्रक्रिया का हिस्सा हों !

विदाईति दिवसम् निवर्तमान प्रधान न्यायाधीश: शरद अरविंद बोबड़े: कथितः तत सः हर्षेण सद्भावेण बहवः साधु स्मारिकाया सह विदा इति नीयन्ति संतोषमस्ति च् तत सः स्वोत्तम कार्यम् कृतः !

विदाई वाले दिन निवर्तमान प्रधान न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे ने कहा कि वह खुशी, सद्भाव और बहुत अच्छी यादों के साथ उच्चतम न्यायालय से विदा ले रहे हैं और संतोष है कि उन्होंने अपना बेहतर काम किया है !

विक्रम सिंह: कथितः तत शाहरुख खान: अपि यस्मै सहमतमासीत् तु इदम् प्रक्रिया अग्रम् न बर्धितुम् शक्नुत: ! यदा अयोध्या प्रकरणस्य श्रुणुनस्य प्रारंभिक चरणे आसीत् तदा तस्यायम् दृढ़ मतमासीत् तत संकटस्य हलं मध्यस्थताया भवितुम् शक्नोति !

विक्रम सिंह ने कहा कि शाहरुख खान भी इसके लिए सहमत थे लेकिन यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी ! जब अयोध्या मामले की सुनवाई के शुरुआती चरण में थे तब उनका यह दृढ़ मत था कि समस्या का समाधान मध्यस्थता के जरिए हो सकता है !

यत्रैव अयोध्या कलहस्य वार्तास्ति, अहम् भवतं स्व न्यायमूर्ति बोबड़े इत्यस्य च् एकम् गोपनीय वार्ताम् बदामि ! यदा सः शृणुनस्य प्रारंभिक चरणे आसीत् सः पृच्छत: स्म तत किं शाहरुख खान: समित्या: अंशम् भवितुम् शक्नोन्ति !

जहां तक अयोध्या विवाद की बात है, मैं आपको अपने और न्यायमूर्ति बोबड़े का एक राज बताता हूँ ! जब वह सुनवाई के शुरुआती दौर में थे उन्होंने पूछा था कि क्या शाहरुख खान समिति का हिस्सा हो सकते हैं !

[mashahare]

कुत्रचित सः ज्ञायति स्म अहम् खानस्य कुटुंबम् ज्ञायामि ! अहम् खानेन इति प्रकरणे चर्चाम् कृतौ सः च् यस्मै सहमतमासीत् ! विक्रम सिंह: कथ्यति तत खान: यत्रैव कथितः तत मन्दिरस्य आधारशिला मुसलमानै: धृतानि मस्जिदस्य आधारशिला हिन्दुभिः !

क्योंकि वह जानते थे कि मैं खान के परिवार को जानता हूँ ! मैंने खान से इस मामले पर चर्चा की और वह इसके लिये सहमत थे ! विक्रम सिंह कहते हैं कि खान ने यहां तक कहा कि मंदिर की नींव मुसलमानों द्वारा रखी जाए और मस्जिद की नींव हिंदुओं द्वारा !

तु मध्यस्थता प्रक्रियासफलं भवितं येन कारणं च् इदम् योजनां परित्यक्तानि ! सांप्रदायिक कलहम् मध्यस्थताया निर्णीतस्य तस्येच्छाम् अतिश्रेष्ठासीत् !

लेकिन मध्यस्थता प्रक्रिया विफल हो गई और इसलिये यह योजना छोड़ दी गई ! सांप्रदायिक तनाव को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने की उनकी इच्छा जबरदस्त थी !

मध्यस्थता समित्याम् उच्चतम न्यायालयस्य पूर्व न्यायाधीश: एफएमआई कलीफुल्ला:, आर्ट ऑफ लिविंग इत्यस्य संस्थापक: श्री रविशंकर: वरिष्ठाधिवक्ता श्रीराम पंचू: आसन् !

मध्यस्थता समिति में उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एफएमआई कलीफुल्ला, आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री रवि शंकर और वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पंचू थे !

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