कुंडा अर्थम् राजा भैया, भयं, प्रीतिं केचनान्यं च्, का अस्ति वास्तविकताम् ? कुंडा मतलब राजा भैया, डर, प्रेम या कुछ और, क्या है हकीकत ?

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उत्तरप्रदेश विधानसभा निर्वाचने उच्चस्थितिं आसनं भूतं कुंडायां इतिदा रघुराज प्रताप: अर्थतः राजा भैयायाः सम्मानस्य निर्वाचनम् भवितमस्ति ! राजा भैयात्रे १९९३ तः सततं विधायक: सन्ति ! कथ्यते तत सर्वकारः कश्चितस्यासि, कुंडायां राजायाः सत्तां इव रमति !

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हाइप्रोफाइल सीट बनी कुंडा में इस बार रघुराज प्रताप उर्फ राजा भइया के रसूख का इलेक्शन होना है ! राजा भइया यहां पर 1993 से लगातार विधायक हैं ! कहा जाता है कि सरकारें चाहे किसी की हों, कुंडा में राजा की सत्ता ही रही है !

२००२ तमस्यानंतरम् अभवन् त्रिषु निर्वाचनेषु सपा राजायाः विरुद्धम् कश्चित प्रत्याशिनः न अवतरितं स्म, तु इतिदा सपा राजायाः पुरातन महारथिमेव गुलशन यादवं क्षेत्रे अवतरितं ! तत्रे उपस्थिता: जनाः गोपनीयरूपेण कथ्यन्ति तत वर्तमान विधायकेण रणितं कश्चितापि पूर्व निर्वाचनम् इदृशं समाघातम् न दर्शिता: स्म !

2002 के बाद हुए तीन चुनावों में सपा ने राजा के खिलाफ कोई प्रत्याशी नहीं उतारा था, लेकिन इस बार सपा ने राजा के पुराने महारथी को ही गुलशन यादव को मैदान में उतारा है ! वहां पर मौजूद लोग दबी जुबान से कह रहे हैं कि मौजूदा विधायक द्वारा लड़े गए किसी भी पिछले चुनाव ऐसा मुकाबला नहीं देखा गया था !

राजा भैया पूर्व षड् कार्यकालेभ्यः १९९३, १९९६, २००२, २००७, २०१२, २०१७ च् एकस्य निर्दलीय प्रत्याशिण: रूपे सर्वानां तरंगानां आह्वानानां च् समाघातन् जयं ळब्धित: स्म ! पूर्व निर्वाचने तस्य जयस्य अंतरम् लगभगम् १ लक्षतः अधिकं मतानां आसीत् !

राजा भैया ने पिछले छह कार्यकालों 1993, 1996, 2002, 2007, 2012 और 2017 के लिए एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में सभी लहरों और चुनौतियों का सामना करते हुए जीत हासिल की थी ! पिछले चुनाव में उनकी जीत का अंतर करीब एक लाख से ज्यादा वोटों का था !

लगभगम् सर्वानां दलानां सर्वकारेषु रमित: मंत्रिन्, निर्दल निर्वाचनम् रणित्वा राजा भैया कल्याण सिंह:, राजनाथ सिंह:, रामप्रकाश गुप्ता, मुलायम सिंह यादव:, अखिलेश यादव: एवस्य सर्वकारे मंत्रिन् रमितः ! तः वार्तासु तदागच्छतु !

करीब करीब सभी दलों की सरकारों में रहे मंत्री,
निर्दल चुनाव लड़कर राजा भइया कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह, रामप्रकाश गुप्ता, मुलयाम सिंह यादव, अखिलेश यादव तक की सरकार में मंत्री रहे हैं ! वो सुर्खियों में तब आए !

यदा २००२ तमे तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती तेन बंधनम् कृत्वा तस्य विरुद्धमातंक निरोधकाधिनियम स्थापित: स्म ! २००३ तमे मुलायम सिंह यादवस्य सर्वकारनिर्माणस्य त्वरितानंतरम्, तस्य विरुद्धम् पोटाया सह सर्वाणि आरोपम् निर्वर्तितं तस्य च् राजनैतिक स्थानम् बहु बर्धित: !

जब 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने उन्हें गिरफ्तार करवा कर उनके खिलाफ आतंकवाद निरोधक अधिनियम लगाया था ! 2003 में मुलायम सिंह यादव की सरकार बनने के तुरंत बाद, उनके खिलाफ पोटा सहित सभी आरोप हटा दिए गए और उनका राजनीतिक कद रातों रात बढ़ गया !

तस्यानंतरेण तस्य सपाया सह संबंधम् स्थापित: दळं च् तस्य विरुद्धम् २००७, २०१२, २०१७ च् तमानां त्रिषु निर्वाचनेषु प्रत्याशिन: न अवतरितं ! कुंडायां ब्राह्मण:, ठाकुरेण सह यादव:, मुस्लिम: दलितानां वा प्रभाविनः संख्या: अस्ति ! अधुनैव इमे राजाया सह विना कश्चिताशंकाया सह चरति स्म !

उसके बाद से उनका सपा के साथ संबंध बना रहा और पार्टी ने उनके खिलाफ 2007, 2012 और 2017 के तीन चुनावों में उम्मीदवार नहीं उतारा !कुंडा में ब्राह्मण, ठाकुर के साथ यादव, मुस्लिम व दलितों की प्रभावी संख्या है ! अभी तक यह लोग राजा के साथ बिना लागलपेट के साथ चलते थे !

तु इतिदा सपायाः रणेन निर्वाचनी स्थितिम् पृथकं अस्ति ! सपा प्रत्याशिन् गुलशन यादव: कथ्यति तत इतिदा कुंडा एकं नवेतिहासं लिखिष्यति ! अत्र पूर्व बहु वर्षतः कश्चित विकासम् नाभवत् ! कोल्ड स्टोर इति उद्घाटनम् कृतमस्ति ! ब्राह्मण समाजस्य जनाः पलायिता: तै: स्थापितं कृतमस्ति ! अत्रे कश्चित निर्वाचनी रणम् नास्ति !

लेकिन इस बार सपा के लड़ने से चुनावी माहौल अलग है ! सपा प्रत्याशी गुलशन यादव कहते हैं कि इस बार कुंडा एक नया इतिहास लिखेगा ! यहां पिछले कई सालों से कोई विकास नहीं हुआ है ! कोल्ड स्टोर खुलवाना है ! ब्राह्मण समाज के लोग पलायन कर चुके हैं उन्हें स्थापित करना है ! यहां पर कोई चुनावी लड़ाई नहीं है !

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