हिंदून् विस्मरणस्यामम् सगोत्रमस्ति अतएव स्मरणम् ददामि ! हिन्दुओं को भूलने की बीमारी खानदानी है इसलिए याद दिला रहा हूँ !

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कांग्रेसम्, एकं कैतवम्, वयं हिंदवः विस्मरणे दक्षा: सन्ति, भवन्तः न ज्ञायन्तु तर्हि सम्प्रति ज्ञायन्तु ! १६ जून २०१३ तमम् उत्तराखंड केदारनाथे जलप्रलयं आरंभितं यत् भयावहात्ययः गृहीत्वागतं ! केदारनाथे लगभगम् पंचविंशति सहस्राणि श्रद्धालवः मृतं जाताः स्म !

कांग्रेस, एक धोखा, हम हिन्दू भूलने में माहिर हैं, आप नहीं जानते तो अब जानें ! 16 जून 2013 को उत्तराखंड केदारनाथ में जलप्रलय शुरू हुआ जो भीषण तबाही लेकर आया ! केदारनाथ में लगभग पच्चीस हजार श्रद्धालु मर गये थे !

त्रीणि दिवसानि चरितानीति भयावहप्रलये कांग्रेसस्य सर्वकारः केदारनाथे अवरुद्धा: श्रद्धालो: भक्तानां कश्चित सहाय्य न कृतः ! चतुर्थ दिवसं यदैति भयावह प्रलयस्य वार्ता अंतरराष्ट्रीय मीडिया इतस्य प्रमुखवार्ता: भवितं तदा निर्लज्जकांग्रेसम् सहाय्य प्रेषणस्योद्घोषम् कृतं ! स्मरतु केवलं उद्घोषम् कृतं स्म !

तीन दिन चली इस भीषण तबाही में कांग्रेस की सरकार ने केदारनाथ में फंसे श्रद्धालु भक्तों की कोई मदद नही की ! चौथे दिन जब इस भयंकर तबाही की खबर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बन गई तब निर्लज्ज कांग्रेस ने सहायता भेजने का एलान किया ! ध्यान रहे सिर्फ एलान किया था !

१८ जूनम् एंटोनियो माइनो अर्थतः सोनिया गांधी अमेरिका स्वसुश्रुषा कारयतुं गतासीत् राहुल गांधिन् बैंकॉके आसीत् ! ताभ्यां सूचनां प्रेषितं तदा द्वयौ माता पुत्र २१ जूनम् भारतं प्राप्तौ !

18 जून को एंटोनियो माइनो अर्थात सोनिया गांधी अमेरिका अपना इलाज कराने गई हुई थी और राहुल गांधी बैंकॉक में थे ! उन्हें सूचना भेजी गई तब दोनों मां बेटे 21 जून को भारत पहुंचे !

कांग्रेसं बहु मिथ्याचारित्वापदायां अवरुद्धा: जनानां सहाय्याय बिस्किट इतस्य परिवेष्ठ: जलस्य च् कूपिनां अष्टभारवाहनम् प्रेषितं ! यस्मिन् सोनिया गांध्या: राहुलगांधिण: वृहत्-वृहत् प्ररोचकं स्थापित्वा माता पुत्र तै: ध्वजम् दर्शित्वा प्रेषितं, चित्रमपि अंकितौ यत् वार्तापत्राणां प्रमुखवार्ता: भूतं स्म !

कांग्रेस ने बहुत तामझाम करके आपदा में फंसे लोगों की सहायता के लिये बिस्किट के पैकेट और पानी की बोतलों के आठ ट्रक रवाना किये ! जिन पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बड़े बड़े पोस्टर लगाकर मां बेटे ने उन्हें झंडी दिखाकर रवाना किया, फोटो भी खिंचवाए गये जो अखबारों की सुर्खियां बने थे !

तानि भारवाहनान् न भारशुल्कं दत्तं न डीजल दत्तं स्म ! अष्टदिवसं उन्मार्गगामिन् भूत्वा ता: चालका: तत बिस्किट विक्रित्वा स्वभारशुल्कं नीताः पलायिता: च् !

उन ट्रकों को न किराया दिया गया न डीजल दिया गया था ! आठ दिन भटककर उन ड्राइवरों ने वो बिस्किट बेचकर अपना किराया वसूल किया और निकल लिये !

अद्यैव कश्चित पृच्छनमपि न गतं तत राहतसामग्र्या: काभवत् ! पुनः यदा तत्र शवानि गलनमारंभिष्यते तर्हि महामार्या: संकटम् बर्धितुं दृष्टमार्श्वस्यपार्श्वस्य ग्रामानां जनाः आंदोलनम् कृता: !

आज तक कोई पूछने भी नही गया उस राहत सामग्री का क्या हुआ ! फिर जब वहां लाशें सड़ने लगी तो महामारी का खतरा बढ़ता देख आसपास के गांवों के लोगों ने आन्दोलन किया !

ततापि पंचदशदिवसानंतरम् कृतं, यदा शवै: दुर्गंधम् आगतुं आरंभिष्यते ! बहुग्रामीणा: सामूहिक दाह संस्कारमपि कृतवन्तः तु शवमेव शवम् प्रसृतं दृष्ट्वा जनाः भीता: स्म ! सम्प्रति दर्शितं हिंदूणां शवेषु कीदृशं वणिजमभवत् ?

वह भी पन्द्रह दिन बाद किया, जब लाशों से बदबू आने लगी थी ! कई ग्रामीणों ने सामूहिक दाहसंस्कार भी किये लेकिन शव ही शव फैले देखकर लोग डर गये थे ! अब देखे हिन्दुओ की लाशों पर कैसे व्यापार हुआ ?

तदा कांग्रेसम् तान् शवान् निस्सरणाय एकं विज्ञप्तिम् निःसृतं ! एकं संस्थाग्रमागतं येन एकं शवम् निस्सरणस्य ४६०००० रूप्यकेषु टेंडर इति नीतं स्म, लगभगम् च् १६००० शवानि त्रिषु दिवसेषु निःसृतं स्म !

तब कांग्रेस ने उन लाशों को निकालने के लिये एक विज्ञप्ति निकाली ! एक कम्पनी आगे आई जिसने एक लाश निकालने के 4,60,000 रुपये में टेंडर लिया था, और लगभग 16,000 लाशें तीन दिन में निकाली थी !

सर्वकारः तत संस्थाम् सप्तार्बुद षडत्रिंशति कोट्याः भुगतानम् त्वरितं कृतं स्म ! यद्यपि शवानि ळब्धस्य क्रममासानि एव चरितुं रमितं, पुनः बहु दिवसं कंकाल ळब्धितं !

सरकार ने उस कम्पनी को सात अरब छतीस करोड़ का भुगतान तुरन्त कर दिया था ! हालांकि लाशें मिलने का सिलसिला महीनों चलता रहा, फिर कई दिन कंकाल मिलते रहे !

आम् शवानि निस्सारकं संस्था रॉबर्टवाड्रायाः आसीत् यत् तेन यात्राशुल्कस्योदग्रयानम् गृहीत्वा पूर्णरात्रिम् निर्मितं स्म ! कांग्रेसस्य सर्वकारी सहाय्यस्य नामनि कृतं नाटकमपि स्मरणम् धारिष्यते ! मातु: पुत्रस्य प्रेषितौ बिस्किट अद्यापि न प्राप्तं !

हाँ लाशें निकालने वाली कम्पनी रॉबर्ट वाड्रा की थी जो उसने किराये के हेलीकॉप्टर लेकर रातोंरात बनाई थी ! कांग्रेस की सरकारी सहायता के नाम पर किया नाटक भी याद रखियेगा ! मां बेटे के भेजे बिस्किट आज भी नही पहुंचे हैं !

विश्वस्येतिहासे शवानां इयत् वृहत् बनिजं शृणुम् ळब्धम् ज्ञापिष्यते, ७३६०००००००, सप्तार्बुद षडत्रिंशति कोट्याः च् घोटाला तर्हि संभवतः भवन्तः विस्मृष्यन्ति, कुत्रचित् वयं हिंदवः विस्मरणे दक्षा: सन्ति !

विश्व के इतिहास में लाशों का इतना बड़ा व्यापार सुनने को मिले तो बताइएगा, और 7,36,00 ,00,000 (सात अरब छत्तीस करोड़) का घोटाला तो शायद आप भूल जाएंगे, क्योंकि हम हिन्दू भूलने में माहिर हैं !

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