कानपुर लव जिहाद केस में SIT का बड़ा खुलासा, पाकिस्तान से हो रही करोड़ों की फंडिंग

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Photo credit : Amar ujala

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में पिछले कुछ दिनों में एक के बाद एक लव जिहाद से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। कानपुर में फिजा फातिमा बन चुकी शालिनी यादव मामले के बाद से जिले में देखते ही देखते ऐसे ही एक दर्जन से अधिक मामले सामने आ खड़े हो गए। खबरें आ रही थीं कि हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फँसाने और उन्हें मुसलमान बनाने के लिए पाकिस्तानी संगठन फंडिंग कर रहे हैं। जिसके बाद आईजी मोहित अग्रवाल ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था और एसपी साउथ को इसकी कमान सौंपी थी। वहीं, अब एसआईटी (SIT) जाँच में लव जिहाद के इन मामलों में पाकिस्तानी कनेक्शन को लेकर कई चौकाने वाले खुलासे हुए हैं।

खबरों के अनुसार, जब एसआईटी (SIT) ने मामले की जांच कि तो पता चला कि शहर में पाकिस्तानी संगठन दावते इस्लामी के 50 हजार से अधिक फॉलोवर्स पूरे शहर में घूम-घूमकर मुस्लिम समुदाए के लोगों को इस्लाम धर्म के प्रति कट्टर बनाने और हिंदुओं के प्रति नफरत पैदा करने का काम कर रहे हैं।

एसआईटी के प्रभारी सीओ विकास पांडेय के अनुसार, सभी मामलों की जांच करने के बाद पता चला है कि लव जिहाद के जुड़े सभी आरोपियों का जुड़ाव शहर की ऐसी मस्जिदों से है, जहां पड़ोसी देश पाकिस्तान कट्टरपंथी विचारधारा के संगठन दावते इस्लामी का कब्जा है। शहर के जूही लाल कॉलोनी के सभी मामलों में आरोपितों और उनके परिजनों का जुड़ाव भी एक ही मस्जिद से होने के बाद एसआईटी ने अपनी जाँच का रुख इस ओर मोड़ दिया है।

एसआईटी के जांच में एक और बड़ी बात सामने निकल कर आई है। जांच में पता चला है कि इन इस्लामिक संगठनों को करोड़ों रुपये का चंदा दिया जा रहा है। यह पैसा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एक खाते में जमा किया जाता है। एसआईटी शहर से इस संगठन को दिए जाने वाले चंदे का भी ब्योरा खंगालने में जुटी है। एसआईटी की जांच में लव जिहाद के सभी मामलों में एक जैसी समानता पाई गई है।

बता दें कि, दो महीने पहले कानपुर में लव जिहाद के एक साथ पांच मामले सामने आए थे। बर्रा की शालिनी यादव धर्म परिवर्तन कर फिजा फातिमा बन गई थी और फैसल नाम के युवक से निकाह कर लिया था। पनकी की दो सगी बहनों को आमिर और मोहसिन खान ने धार्मिक पहचान छिपाकर धर्म परिवर्तन कराया था, फिलहाल दोनों जेल में हैं। वहीं कल्याणपुर में की दो बहनों शाहरूख और मो. शाहरूख ने प्रेम जाल में फंसाया था। ये पांचों युवक एक ही कॉलोनी के रहने वाले थे।

एसआईटी ने सबसे पहले एक ही कॉलोनी के रहने वाले युवकों के आपस में संपर्क होने की जांच शुरू की। इस दौरान पता चला कि पांचों आरोपियों का आपस में संपर्क था। जांच में यह बात भी निकलकर सामने आई कि पांचों आरोपियों के परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं। लेकिन युवतियों को प्रेम जाल में फंसाने से लेकर कानूनी लड़ाई के लिए आरोपियों ने पानी की तरह पैसा बहाया है। आरोपीयों ने कानूनी लड़ाई के लिए जिला न्यायालय से लेकर हाईकोर्ट तक महंगे वकीलों की फौज खड़ी कर दी है। अब एसआईटी इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों को यह फंडिंग कहां से हो रही है।

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