राजस्थान के बाड़मेर में एक साधू की निर्मम पिटाई – हिंदुत्व के ‘कथित ठेकेदार’ क्यों चुप हैं?

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Picture Credit - Indian Express

पिछले दिनों राजस्थान के बाड़मेर का एक वीडियो बड़ा वायरल हो रहा है, जिसमे दिखाया जा रहा है कि एक व्यक्ति, जो शायद नशे में है, वो एक हिन्दू साधू कि निर्ममता से पिटाई कर रहा है । ये वीडियो बड़ा ही निर्मम है, और लोग इसे देख कर उद्वेलित भी हो रहे हैं, कि कैसे एक बुजुर्ग साधू को बड़ी ही बुरी तरह से मारा जा रहा है।

ये मुद्दा है राजस्थान के बाड़मेर जिले के मेलि गांव का, जहाँ पर हरिनाथ समाधी नामक स्थल है। ऐसा बताया जा रहा है कि 3-4 दिन पहले, एक शराबी ने इस समाधी स्थल पर आ कर साधू से बदतमीजी करना शुरू किया , उसके बाद उसने आव देखा ना ताव और साधू को पीटना शुरू कर दिया। वीडियो में दिखाया गया था कि किस निर्ममता से उस शराबी ने साधू को मारा, उनके कपडे तक फाड़ दिए।

आप इस ट्वीट में ये वीडियो देख सकते हैं

कुछ लोगो ने इस घटना कि तुलना मुग़ल शासन से भी की है, और उस दौरान हिन्दुओ पर किये गए अत्याचारों से इस घटना को जोड़ा है। यहाँ पर ये बात तो सभी को मालूम है की राजस्थान में कांग्रेस का शासन है, और वहां पिछले कुछ सालो से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, और सरकार सेकुलरिज्म के नाम पर ऐसी घटनाओ पर चुप्पी रख लेती है।

खैर ये तो भला हो सोशल मीडिया का, कि ये वीडियो सामने आया, उसके बाद लोगो ने सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाया, जिस वजह से वो शराबी जिसका नाम गीलाराम मेघवाल है, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उस पर मार पीट और शान्ति भंग करने कि धाराएं लगा कर गिरफ्तार किया है।

हिन्दू ह्रदय सम्राट और कथित ठेकेदार चुप क्यों?

इस मामले में सबसे बड़ी बात ये भी है, कि हिन्दुओ के कथित ठेकेदार और खुद को हिन्दू ह्रदय सम्राट कि पदवी देने वाले कई दोमुहे लोग इस घटना पर चुप हैं। ये वो लोग हैं जो दिन रात केंद्र सरकार या उत्तर प्रदेश की योग सरकार पर हमलावर हुए रहते हैं।

अगर यही घटना किसी बीजेपी शासित प्रदेश में होती, तो ये हिंदुत्व के ठेकेदार अब तक मोदी को मौलाना घोषित कर देते, उन्हें हिन्दुओ का दुश्मन बना देते, ट्वीट और वीडियो की झड़ी लगा देते, लेकिन इस मामले पर चुप हैं, क्युकी मामला कांग्रेस सरकार में अंतर्गत आता है, और शायद यहाँ चुप रहने का आदेश मिल गया होगा इन लोगो को।

सूत्रों के अनुसार साधू ने ने शराबी को माफ़ भी कर दिया है और कहा है कि इस मुद्दे को यहीं विराम दिया जाए । यहाँ ये कहना मुश्किल है कि ये बयान साधू ने स्वयं मर्जी से दिया है या उन पर कोई दबाव डाला गया है।

खैर हमारा काम है लोगो को जानकारी देना, और उन्हें बताना कि कौन हिंदुत्व से सचमुच लगाव रखता है, और कौन सिर्फ नौटंकी करता है , बाकी तो सब जनता के विवेक पर है ही।

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