मोहन भागवत: बदित:,कीदृशं अखंड भारतस्य अंशम् निर्मितुम् शक्नोति पकिस्तानम् ! मोहन भागवत ने बताया,कैसे अखंड भारत का हिस्सा बन सकता है पाकिस्तान !

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुखः मोहन भागवत: अखंड भारतं गृहित्वा वृहद कथनं दत्त: ! आर एस एस प्रमुखः गुरूवासरम् अखंड भारते (अविभाजित भारतं) बलं दत्तमानः कथितः तत अयम् अवधारणा हिंदुस्तान तः भिन्नम् भूता पकिस्तानम् यथा देशेभ्यः लाभयुक्तं भविष्यति !

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अखंड भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है ! आरएसएस प्रमुख ने गुरुवार को अखंड भारत (अविभाजित भारत) पर जोर देते हुए कहा कि यह अवधारणा हिंदुस्तान से अलग होने वाले पाकिस्तान जैसे देशों के लिए लाभकारी होगी !

संस्कृतस्य एकस्य पुस्तकस्य विमोचन अवसरे भागवत: कथितः तत अखंड भारतस्य स्वप्नम् हिंदू धर्मेण साकारम् भवितुम् शक्नोति ! सः कथितः वयं पकिस्तानम् अफगानिस्तानम् च् यथा देशान् स्व मान्यन्ति !

संस्कृत के एक पुस्तक के विमोचन मौके पर भागवत ने कहा कि अखंड भारत का सपना हिंदू धर्म से साकार हो सकता है ! उन्होंने कहा हम पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान जैसे देशों को अपना मानते हैं !

एकम् कालम् तानि मया सहासीत् ! यस्मात् कश्चितानंतरम् न भवितम् तानि केन धर्मस्य पालनम् कुर्वन्ति तानि च् किं खादन्ति ! अयम् उपनिवेशवादम् न सन्ति ! भारतम् वसुधैव कुटुंबकस्य (संपूर्ण विश्व एकम् कुटुंबमस्ति) अवधारणायाम् विश्वासम् करोति !

एक समय वे हमारे साथ थे ! इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे किस धर्म का पालन करते हैं और वे क्या खाते हैं ! यह उपनिवेशवाद नहीं है ! भारत वसुधैव कुटुंबकम् (पूरा विश्व एक परिवार है) की अवधारणा में विश्वास करता है !

समारोहे भागवतेन पृच्छतम् तत किं भारत तः भिन्न भवस्यानंतरम् पकिस्ताने गंधारे (अफगानिस्ताने) च् शांतिम् भवितमेति ! यस्मिन् सः कथितः कुत्रचित तत जीवनस्य ऊर्जा तः (भारत) भिन्नं अभवत् ! वयं अद्यापि तेन पूर्वस्य भांति स्व मानित्वा स्वीकाराय तत्परः सन्ति !

समारोह में भागवत से पूछा गया कि क्या भारत से अलग होने के बाद पाकिस्तान और गंधार (अफगानिस्तान) में शांति हो पाई ! इस पर उन्होंने कहा चूंकि वे जीवन की ऊर्जा (भारत) से अलग हुए ! हम आज भी उन्हें पहले की तरह अपना मानकर अपनाने के लिए तैयार हैं !

आरएसएस प्रमुखः कथितः तत अखंड भारतं संभवमस्ति ! केचन जनाः देशस्य विभाजन तः षड वर्षाणि पूर्व विभाजने आशंकाम् स्पष्टिता: स्म ! जवाहरलाल नेहरू: येन मूर्खाणां स्वप्नम् कथ्यमानः निरस्त: ! अस्यैव प्रकारेण केचनापि भवितुम् शक्नोति !

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि अखंड भारत संभव है ! कुछ लोगों ने देश के बंटवारे से छह महीने पहले विभाजन पर आशंका जाहिर की थी ! जवाहललाल नेहरू ने इसे मूर्खों का सपना कहते हुए खारिज किया ! इसी तरह से कुछ भी हो सकता है !

भागवतस्यानुरूपम् आंग्ल संसदे लॉर्ड वेभेल: कथितः स्म तत ईश: भारतस्य निर्मितम् येन च् कः विभाजितम् कर्तुम् गच्छते ! भागवत: अग्रम् कथितः तत अखंड भारतस्य वार्ता कृतं कश्चितैवे उपनिवेशवादारोपणम् नास्ति !

भागवत के मुताबिक ब्रिटिश संसद में लॉर्ड वेभेल ने कहा था कि ईश्वर ने भारत का निर्माण किया है और इसे कौन विभाजित करने जा रहा है ! भागवत ने आगे कहा कि अखंड भारत की बात करना किसी पर उपनिवेशवाद थोपना नहीं है !

सः कथितः यदा वयं एकत्रितस्य वार्ता कुर्वन्ति तदा वयं शक्त्या: वार्ता न कुर्याम ! अयम् जनानां संलग्नस्य वार्ता भवति ! जनाः सनातन धर्मेण संलग्नयन्ति येन हिंदू धर्म इति कथ्यते ! आरएसएस प्रमुखः शुक्रवासरम् अदिलाबादे एकम् कार्यक्रमं संबोधित कर्ता सन्ति !

उन्होंने कहा जब हम एकजुट होने की बात करते हैं तो हम ताकत की बात नहीं करते ! यह लोगों के जुड़ने की बात होती है ! लोग सनातन धर्म से जुड़ते हैं जिसे हिंदू धर्म कहा जाता है ! आरएसएस प्रमुख शुक्रवार को अदीलाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करने वाले हैं !

सः कथितः एतानि देशानि तत सर्वम् कृतानि, यत् तत कर्तुम् शक्नोति स्म,तु तै: कश्चित हलम् न लभ्धानि ! अस्य एकमात्र हलम् (भारतेण सह) पुनया संलग्नमस्ति यस्मात् च् तस्य सर्वाणि संकटानि हलम् भविष्यति !

उन्होंने कहा इन देशों ने वह सब कुछ किया,जो वह कर सकते थे,लेकिन उन्हें कोई समाधान नहीं मिला ! इसका एक मात्र समाधान (भारत के साथ) फिर से जुड़ना है और इससे उनकी सभी समस्याएं सुलझ जाएंगी !

आरएसएस प्रमुखः कथितः तत तु पुनः एकीकरण मानवीय धर्मेण करणीयम् यत् तस्य अनुसारम् हिंदू धर्म कथ्यते ! सः कथितः तत वसुधैव कुटुंबकम् माध्यमेन भारतम् विश्वे पुनया संपन्नतां शांतिम् च् आनितुम् शक्नोति !

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि लेकिन पुन: एकीकरण मानवीय धर्म के जरिए किया जाना चाहिए जो उनके अनुसार हिंदू धर्म कहा जा जाता है ! उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् के जरिए भारत दुनिया में फिर से खुशहाली और शांति ला सकता है !

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