अंतिमचरणस्य प्रचारे पीएम नरेंद्र मोदिन् हुंकारित:, बहु कुटुंबवादिनः सर्वनाशम् कृतं ! अंंतिम चरण के प्रचार में पीएम नरेंद्र मोदी गरजे, घोर परिवारवादियों ने बंटाधार किया !

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वाराणस्यां पीएम नरेंद्र मोदिन् अंतिमचरणस्य निर्वाचनप्रचारे कथित: मातृभि:, भगिनिभिः, पुत्रिभिः च् यत् सम्मानमाशीर्वाद: च् ळब्धा: तस्मात् तः अभिभूत: ! सः कथित: तत १० मार्चस्यानंतरेण विकासस्य गतिमति तीव्रम् करिष्यते ! प्रदेशे विपक्षि दळम् मोदीविरोधे जनानां विरोधम् कर्तुमारंभयन्ति !

वाराणसी में पीएम नरेंद्र मोदी ने आखिरी चरण के चुनाव प्रचार में कहा कि माताओं, बहन और बेटियों से जो सम्मान और आशीर्वाद मिला है उससे वो अभिभूत हैं ! उन्होंने कहा कि 10 मार्च के बाद से विकास की गति को और तेज की जाएगी ! प्रदेश में विपक्षी दल मोदी विरोध में लोगों का विरोध करना शुरू कर देते हैं !

प्रथम ६ चरणस्य निर्वाचने विपक्षीदलान् जनाः नेति कृता: ! अधुना च् तेनातिपुष्टस्य जिम्मेवारिम् भवतां अस्ति ! अस्माकं ग्रामानां एकं शक्तिमिदमपि अस्ति तत यदा संकटमागच्छति तदा प्रत्येकं कलहं विस्मृत्वैकत्रितं भविते !

पहले 6 चरण के चुनाव में विपक्षी दलों को जनता नकार चुकी है और अब उसे और पुख्ता करने की जिम्मेदारी आप लोगों की है ! हमारे गांवों की एक शक्ति ये भी है कि जब संकट आता है तब हर कोई गिले शिकवे भुलाकर एकजुट हो जाता है !

तु देशस्य संमुखम् कश्चित चेतमागच्छति तर्हिमे बहु कुटुंबवादिन: अपि राजनैतिकहितं अन्वेषणन्ते ! इदं वयं कोरोनायाः काळमपि दर्शित: अद्य च् युक्रेन संकटस्य काळमपि वयं इदमेवानुभवाम: ! अंधविरोधम्, सततंविरोधम्, बहुनिराशाम्, नकारात्मकता इदमेव यस्य राजनीतिक विचारधारां अभवत् !

लेकिन देश के सामने कोई चुनौती आती है तो ये घोर परिवारवादी इसमें भी राजनीतिक हित ढूंढते रहते हैं ! ये हमने कोरोना के दौरान भी देखा और आज यूक्रेन संकट के दौरान भी हम ये ही अनुभव कर रहे हैं ! अंधविरोध, निरंतर विरोध, घोर निराशा, नकारात्मकता यही इनकी राजनीतिक विचारधारा बन चुकी है !

वोकल फॉर लोकल इत्येणापि खिन्नयन्ति कुटुंब वादिन: बहु कुटुंबवादिन: वोकल फॉर लोकल इत्येन अपि खिन्नयन्ति ! संपूर्णविश्वे अद्य योगस्य, आयुर्वेदस्य प्रशंसाम् भूतं, तु इमे बहुकुटुंबवादिन: योगस्य नामनयेणापि परिवर्जयन्ति ! कांग्रेसम् च् यस्मातपि अग्रमस्ति, यत् खादी एके काले कांग्रेसस्य परिचयं भवति स्म, ताः तत खादिम् विस्मृता: !

वोकल फॉर लोकल से भी चिढ़ते हैं परिवारवादी
घोर परिवारवादी वोकल फॉर लोकल से भी चिढ़ते हैं ! पूरी दुनिया में आज योग की, आयुर्वेद की धूम मची है, लेकिन ये घोर परिवारवादी योग का नाम लेने से भी बचते हैं ! कांग्रेस तो इससे भी आगे है, जो खादी एक जमाने में कांग्रेस की पहचान होती थी, वो उस खादी को भूल गए !

अस्माकं इमे विरोधीजनाः सन्ति तै: कदापि भवन्तः एकदापि शृणुताः तत स्वदेशेनिर्मितं वस्तूनि क्रीणन्तु, स्वदेशेनिर्मितं वस्तुनां उपयोगम् कुर्वन्तु, देशेनिर्मितं वस्तूनि बर्धनम् ददान्तु ? यदि इमे भवतां मित्राणि भूता: तर्हीमे भवतां निर्मितं वस्तूनि विक्रयाय बदिता: न वा ? तु येषां मुखे शब्दानि न भूता: !

हमारे ये जो विरोधी लोग हैं उनसे कभी आपने एक बार भी सुना कि अपने देश में बनी हुई चीजें खरीदो, अपने देश में बनी हुई चीजों का उपयोग करो, देश में बनी चीजों को बढ़ावा दो ? अगर ये आपके मित्र होते तो ये आपकी बनी चीजों को बेचने के लिए बोलते की नहीं ? लेकिन इनके मुंह पर ताला लग गया है !

अद्य हिंदुस्तानस्य प्रत्येकक्रोणे, इति निर्वाचने अपि अहम् यत्र-यत्र गत:, तत्र-तत्र मातरः-भगिन्य: यत् आशीर्वाद: दत्ता: ताः एकेनप्रकारेण मातरः-भगिन्य: मम रक्षाकवचमभवन् ! अस्माकं भगिनीनाम् पुत्रीणां रक्षा-सुरक्षाम् प्रथममपि डबल इंजन सर्वकारस्य सर्वोच्च प्राथमिकताम् रमति अग्रमपि च् रमिष्यति !

आज हिंदुस्तान के हर कोने में, इस चुनाव में भी मैं जहां-जहां गया हूँ, वहां-वहां माताओं-बहनों ने जो आशीर्वाद दिया है वो एक प्रकार से माताएं-बहनें मेरा रक्षा कवच बनी हुई हैं ! हमारी बहन बेटियों की रक्षा-सुरक्षा पहले भी डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और आगे भी रहेगी !

अहम् श्व काश्यां जनाः-जनार्दनस्य दर्शनाय निःसृत: स्म ! अहम् श्व यत् दृश्यं वाराणस्यां दर्शित:, बालकाः -वृद्धा:-निर्धना:-धनिका:, प्रत्येकं येन प्रकारेण आशीर्वाद: ददाति, जीवने यस्मात् वृहतर्जनम् का भवति ! यस्मात् वृहत् धनम् काभवति !

मैं कल काशी में जनता-जनार्दन के दर्शन के लिए निकला था ! मैंने कल जो दृश्य बनारस में देखा, बच्चे-बूढ़े-गरीब-अमीर, हर कोई जिस प्रकार से आशीर्वाद दे रहा है, जिंदगी में इससे बड़ी कमाई क्या होती है ! इससे बड़ी पूंजी क्या होती है !

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