इंद्रप्रस्थस्य पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित्या: निधनम् पुत्र्या: लव जिहादे संनिरुद्धं, विधर्मी जामातृणा सर्वाणि लुंठित्वा भातृजायाया सह पलायेनाभवत् स्म ! दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का देहांत बेटी के लव जिहाद में फंसने, विधर्मी दामाद द्वारा सब कुछ लूटकर व भांजी के साथ भागने से हुआ था !

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भारतस्य सर्वाणि हिन्दू व तस्य पुत्र्य: तथा कथित धर्मनिरपेक्ष दळै: संलग्ना: स्थ, इदम् लेखमवश्यं पठन्तु यस्मात् शीला दीक्षित्या: जीवनेण केचन शिक्षतुम् शक्नुतानि !

भारत के सारे हिन्दू व उनकी बेटियाँ तथाकथित सेकुलर दलों से जुड़े हों, यह लेख अवश्य पढ़ें जिससे शीला दीक्षित के जीवन से कुछ सीखा जा सके !

स्वांतिम् काले शीला दीक्षित स्व पुत्री लतिकायाः मुस्लिम भर्ता मोहम्मद इमरानेण ळब्धा कैतवेण कुटिलताया बहु आहता पीड़िता वासीत् !

अपने अंतिम समय में शीला दीक्षित अपनी बेटी लतिका के मुस्लिम पति मोहम्मद इमरान से मिले धोखे व गद्दारी से बेहद आहत व परेशान थी !

यत् मातु-पुत्री द्वययो अर्जिते धनम्-संपत्तिम् गृहित्वा लतिकाम् त्यक्त्वा तस्या: भ्रातृजायाम् च् गृहित्वा पलायित: ! तदा सा स्व पुत्री लतिकायाः भविष्यं गृहित्वा बहु चिंतितावसाद ग्रस्ता चभवत् !

जो माँ-बेटी दोनों की कमाई धन-दौलत लेकर, लतिका को छोड़कर और उनकी भांजी को लेकर भाग गया ! तब वो अपनी बेटी लतिका के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित और अवसादग्रस्त हो गईं !

शीला दीक्षित्या: पुत्री लतिका इमरान मोहम्मदेन १९९६ तमे पाणिग्रहण कृता यत् २० वर्षमनंतरं तस्या: संपूर्ण धनम् गृहित्वा, भूमि गृहम् वा कैतवेण स्वनाम कारित्वा पलायित: !

शीला दीक्षित की बेटी लतिका ने इमरान मोहम्मद से 1996 में विवाह किया जो 20 वर्ष पश्चात 2016 में उसका सारा धन लेकर,जमीन व मकान धोखे से अपने नाम कराकर भाग गया !

वर्ष २०१६ तमे इमरानं लतिकायाः प्राथमिक्याम् अवरुद्धमपि कृतवान ! लतिकारोपमारोपिता तत इमरानस्य कश्चितैव द्वितीय महिलाया संबंधं सन्ति !

वर्ष 2016 में इमरान को लतिका की FIR पर गिरफ्तार भी किया गया ! लतिका ने आरोप लगाया कि इमरान के किसी दूसरी महिला से संबंध हैं !

येन कारणं सः तया ताडितमपि अस्ति ! इदम् कश्चितापि मात्रे चिंतायाः विषयं भवति वृद्धा अवस्थायां च् बालकान् धनम् वा प्रति संलग्नता बहु वृध्यते !

इसीलिए वह उसे मारता-पीटता भी है ! यह किसी भी मां के लिए चिंता का विषय होता है और बुढ़ापे में बच्चों व धन के प्रति लगाव काफी बढ़ जाता है !

इंद्रप्रस्थस्य राजनीतिक वीथिषु यत् चर्चामासीत्, तस्यानुसारं शीला दीक्षित्या: संपूर्ण जीवनस्य अर्जनस्य गणितं तस्या: अयम् मुस्लिम जामातैव ध्रीति स्म, सः समस्त पणम् गृहित्वा, शीलायाः पुत्रिम् त्यक्त्वा तस्या: भ्रातृजायाम् गृहित्वा पलायित: !

दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में जो चर्चा थी,उसके अनुसार शीला दीक्षित की जीवन भर की कमाई का लेखा-जोखा उनका यह मुस्लिम दामाद ही रखता था, वो सारे पैसे लेकर, शीला की बेटी को छोड़कर उनकी भांजी को लेकर भाग गया !

आरक्षकैदम् प्रकरणं गतं तु मुस्लिम जामातृणा अर्जनस्य रहस्यं उद्घाटनस्य भर्त्सयस्य कारणं शीला दीक्षित मूकं रमितैवोचितमवगम्यिता !

पुलिस में यह प्रकरण गया परन्तु मुस्लिम दामाद द्वारा कमाई का राज खोल देने की धमकी (ब्लैकमेलिंग) देने के कारण शीला दीक्षित ने चुप रहना ही ठीक समझा !

सम्प्रति भवन्तः अवगम्यतु शक्नोन्ति कश्चितस्य पुत्रिम् त्यक्त्वा युवा भ्रातृजायाम् गृहित्वा वा कश्चित मुस्लिम जामाता पलायितं, उपरितः संपूर्ण जीवनस्यार्जनमपि नीतं तर्हि पुनः लक्षितं जन: कत्यापि शक्तियुक्तं किं नासि !

अब आप समझ सकते हैं कि किसी की बेटी को छोड़कर व युवा भांजी को लेकर कोई मुस्लिम दामाद भाग जाये, उपर से जीवनभर की कमाई को भी ले जाये तो फिर शिकार व्यक्ति कितना भी शक्तिशाली क्यों ना हो !

असुष्ठुणा आहतं तर्हि भविष्यतीवातत्यामपि आगमिष्यतैव, अतीवाहतं भूत्वावसादग्रस्तं भवितं वृहदामस्य गृहम् भवति ! इदमामैव शीला दीक्षित्या: निधनस्य कारणं निर्मिता !

बुरी तरह से आहत तो होगा ही और टेंशन में भी आ ही जाएगा,इतना आहत होकर अवसादग्रस्त होना बड़ी बीमारी का घर होता है ! यह बीमारी ही शीला दीक्षित की मृत्यु का कारण बनी !

एका हिन्दू ब्राह्मणा तु कांग्रेसी धर्मनिरपेक्ष शक्ति युक्ता मुख्यमंत्री शीला दीक्षित्या: पुत्री लतिकाया प्रथमाज्ञता एके जिहादियी अंधविश्वासं कृत्वा पाणिग्रहणेन कृतैति !

एक हिन्दू ब्राह्मण मगर कांग्रेसी सेक्युलर ताकतवर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की बेटी लतिका द्वारा पहली बेवकूफी एक जेहादी पर अन्धा भरोसा करके विवाह से की गई !

द्वितीयाज्ञतानुभवयुक्ता मुख्यमंत्री मातु शीलाया मुस्लिम जामातृणे अंधविश्वासं कृत्वा स्वार्जनस्य गणितं प्रदत्त्वा कृतैति !

दूसरी बेवकूफी अनुभवी मुख्यमंत्री माँ शीला द्वारा मुस्लिम दामाद पर अन्धा भरोसा करके अपनी कमाई का लेखा-जोखा सौंपकर की गई !

तृतीय सर्वात् वृहदाज्ञता शीलायाः भ्रातृजायाया भगिन्या: वंचक: मुस्लिम भर्तायां पूर्णान्ध भूत्वा तेन सह पलायित्वा कृतैति ! इदृशं बुद्ध्या निरान्धै: जनैः सह इदम् सर्वाणि न भविष्यति तदा किं भविष्यति ?

तीसरी सबसे बड़ी बेवकूफी शीला की भांजी द्वारा बहन के बेवफा मुस्लिम पति पर पूर्ण अँधी होकर उसके साथ भागकर की गई ! ऐसे बिल्कुल ही अक्ल के अंधे लोगों के साथ यह सब नहीं होगा तो क्या होगा ?

अस्यात्यंत गम्भीर्य घटनाया सर्वाणि सनातन बन्धवः, तेषां कुटुंबान् पुत्री: वा शिक्षाम् ग्रहणीयाः तत एकं बहु शक्तियुक्तं कुटुंबेन विश्वासघातं कृत्वा एकः मुस्लिम: तस्या: अस्मितां लवजिहादे कीदृशं क्षतिग्रस्त: !

इस अत्यंत गंभीर घटना से सभी सनातन बंधुओं,उनके परिवारों व बेटियों को शिक्षा लेनी चाहिए कि एक बहुत ही शक्तिशाली परिवार से गद्दारी करके एक मुस्लिम ने उनकी अस्मिता को लवजिहाद में किस प्रकार नष्ट-भ्रष्ट कर दिया !

तया कुत्रैवस्य न धृता ! अस्य घटनायाः सर्वात् वृहद दुर्भाग्यपूर्णम् पक्षमनुभवं वा तदा इदमस्ति तत यदा एक: लघु मुस्लिम: एकस्य राज्यस्य शक्तियुक्ता मुख्यमंत्री !

उन्हें घर का रखा न घाट का ! इस घटना का सबसे बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण पहलू व अनुभव तो यह है कि जब एक अदना-सा मुस्लिम एक राज्य की ताकतवर मुख्यमंत्री !

तस्या: पुत्र्या भ्रातृजायाया वा सहापि अति बृहद षड्यंत्र कृत्वा, तयो: जीवनम् क्षतिग्रस्तं कृत्वा, तस्या: वैयक्तिक, आत्मिक, पारिवारिक, सामाजिक, राजनैतिक मान-प्रतिष्ठाम् मृत्तिकायां मेलयति !

उसकी बेटी व भांजी के साथ भी इतना बड़ा षड्यंत्र करके, उनके जीवन तहस-नहस करके, उनकी वैयक्तिक, आत्मिक, पारिवारिक, सामाजिक, राजनैतिक मान-प्रतिष्ठा को धूल-धूसरित कर देता है !

यद्यपि सा तस्या: दलम् च् हितैषी नेतारः वा तस्य विरुद्धम् केचन न कर्तुम् शक्नोन्ति तदा एकः साधारण जनः किं कर्तुम् शक्नोति !

फिर भी वो और उनका दल व हितैषी नेता उसके विरुद्ध कुछ नहीं कर पाते तो एक आम आदमी क्या कर पायेगा ?

समस्त लेख मीडिया सोशल मीडिया शोधों पर आधारित !

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