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हिंदुसु घातमासीत् हिंसक सम्मर्दस्येच्छा:, गोष्ठ्यां स्वीकृतवान स्म लक्ष्यं, देहली उत्पातेषु आप इत्या: पूर्व पार्षद: ताहिर हुसैने आरोपम् निश्चितं ! हिन्दुओं पर हमला था हिंसक भीड़ का मकसद, मीटिंग में चुन लिया था टारगेट, दिल्ली दंगों में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन पर आरोप तय !

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देहल्या: एकं न्यायालयं २०२० तमस्य हिंदू विरोधिन् उत्पातेषु आम आदमी दलस्य पार्षद: ताहिर हुसैने आरोपम् निश्चितं कृतवान ! न्यायालयं इदम् मानितं अस्ति तत हिंसक सम्मर्दस्य पार्श्व हिंदुसु घातस्य इच्छामासीत् !

दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के हिन्दू विरोधी दंगों में आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन पर आरोप तय कर दिए हैं ! कोर्ट ने यह माना है कि हिंसक भीड़ के पास हिन्दुओं पर हमले का मकसद था !

आरक्षकस्य अनुसंधानाधिकारिणा अस्य हिंसायाः संचित चलचित्र खंडस्यापि अस्मिन् कार्यवाह्यां महत् भूमिकानिर्वहत् ! यस्य चलचित्रखंडस्याधारे न्यायालयं इदम् मानितमस्ति ततोत्पातेषु ताहिर हुसैन: सक्रिय अंशदारी अनिर्वहत् !

पुलिस के जाँच अधिकारी द्वारा इस हिंसा के जमा वीडियो फुटेज भी इस कार्रवाई में अहम रोल अदा किए ! इन फुटेज के आधार पर कोर्ट ने यह माना है कि दंगों में ताहिर हुसैन ने सक्रिय भागीदारी निभाई है !

बार एंड बेंच इत्या: सूचनापत्रस्यानुरूपम् यस्य प्रकरणस्य शृणुनम् कड़कड़डूमा न्यायालयस्य सत्र न्यायाधीश: पुलस्त्य: कुर्वन्ति ! ताहिर हुसैनेण सह रियासत अली, गुलफाम:, शाह आलम:, रशीद शैफी, अरशद कय्यूम:, लियाकत अली, मोहम्मद शादाब, मोहम्मद आबिद: इरशाद अहमद इत्येषु चपि अस्मिनेवाभियोगे आरोपम् निश्चितं अभवन् !

बार एन्ड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले की सुनवाई कड़कड़डूमा कोर्ट के सत्र न्यायाधीश पुलत्स्य कर रहे हैं ! ताहिर हुसैन के साथ रियासत अली, गुलफाम, शाह आलम, रशीद शैफी, अरशद कय्यूम, लियाकत अली, मोहम्मद शादाब, मोहम्मद आबिद और इरशाद अहमद पर भी इसी केस में आरोप तय हुए !

एतेषु उत्पातं उद्दतस्य धारा १४७, अस्त्रभिः सह हिंसायाः धारा १४८, द्वेष प्रसारस्य धारा १५३-ए, विधि व्यवस्था विकृतस्य धारा १८८, सामान्य घातम् प्रदत्तस्य धारा ३२३, लुण्ठनस्य धारा ३९५ आईपीसी इत्या: अनुरूपम् च् आरोपम् निश्चितं अभवन् !

इन सभी पर दंगे भड़काने की धारा 147, हथियारों के साथ हिंसा की धारा 148, नफरत फैलाने की धारा 153-A, कानून व्यवस्था बिगाड़ने की धारा 188, सामान्य चोट पहुँचाने की धारा 323, और डकैती की धारा 395 IPC के तहत आरोप तय हुए हैं !

सर्वेषु आरोपिषु आरोपम् निश्चितं कृतन् न्यायालयं स्वीकृतं तत ताहिर हुसैनस्य गृहे संचितं हिंसक सम्मर्दस्य प्रति सदस्यस्येच्छा: हिंदुन् अधिकाधिकं क्षति प्रदत्तमासन् ! न्यायालयं इदमपि स्वीकृतं तत हिंदुसु घातुं ताहिर हुसैनस्य गृहम् एकस्य बेस इत्या: रूपे प्रयुज्यवान !

सभी आरोपित पर आरोप तय करते हुए कोर्ट ने माना कि ताहिर हुसैन के घर पर जमा हिंसक भीड़ के हर सदस्य का मकसद हिन्दुओं को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुँचाना था ! कोर्ट ने यह भी माना कि हिन्दुओं पर हमले के लिए ताहिर हुसैन के घर को एक बेस के तौर पर प्रयोग किया गया !

आरोपिषु चार्ज फ्रेम कृतन् न्यायालयं अकथयत् तत सर्वा: आरोपिन: पूर्वतः अभवत् गोष्ठ्यां ळब्धेत् लक्ष्ये कार्यम् कुर्वन्ति स्म ! न्यायालयं स्व टिप्पणिकायां इदं अपि ज्ञाप्तवान तत साक्ष्यै: ज्ञातं भवति तत सम्मर्द: ध्वंसनम् अग्निघातम् च् कृतमासीत् !

आरोपितों पर चार्ज फ्रेम करते हुए कोर्ट ने कहा कि सभी आरोपितों पहले से हुई मीटिंग में मिले टारगेट पर काम कर रहे थे ! न्यायालय ने अपनी टिप्पणी में यह भी बताया कि सबूतों से पता चलता है कि भीड़ ने तोड़फोड़ और आगजनी की थी !

न्यायालयस्यानुसारम् ताहिर हुसैनस्य गृहे मतिपूर्वस्य अनुरूपम् संचित हिंसक सम्मर्दे बहूनां पार्श्व गुलिका घातकानि अस्त्राणि अपि आसन् ! अग्रमभवत् टिप्पणिकायां हिंसायाः काळम् ताहिर हुसैनम् स्व छद्यां सक्रिय: ज्ञाप्तवान !

कोर्ट के मुताबिक ताहिर हुसैन के घर पर सोची समझी साजिश के तहत जमा हिंसक भीड़ में कईयों के पास गोली चलाने वाले हथियार भी थे ! आगे हुई टिप्पणी में हिंसा के दौरान ताहिर हुसैन को अपने छत पर सक्रिय बताया गया है !

न्यायालयं उपस्थितं सक्ष्याणां आधारे ताहिर हुसैनस्य अधिवक्तायाः तर्के शक्तिम् न लब्धवान ततारोपिन् स्वयमेव हिंसा नियंत्रितुं आरक्षकम् दूरभाषम् करोति स्म ! ताहिर हुसैने १७ दिसंबर २०२२ तमम् यूएपीए इत्या: अनुरूपम् पंजीकृतं अभियोगमारोपम् निश्चितं भविष्यति !

कोर्ट ने मौजूद सबूतों के आधार पर ताहिर हुसैन के वकील की दलील में दम नहीं पाया कि आरोपित खुद ही हिंसा काबू करने के लिए पुलिस को फोन कर रहा था ! ताहिर हुसैन पर 17 दिसम्बर 2022 को UAPA के तहत दर्ज केस आरोप तय होंगे !

ताहिर हुसैनस्य अधिवक्ता एकं तर्कमन्यापि दत्तवान ततारक्षकः प्राथमिकी पंजीकृते विलंब क्रियेत् ! रक्षणपक्षस्यास्मिन् तर्के न्यायालयस्य मानितमासीत् ततारक्षकः हिंसाम् नियंत्रिते अधिकं केंद्रितमासीत् त: च् कोविड-१९ इत्या: नियमावल्या: पालनमपि करोति स्म !

ताहिर हुसैन के वकील ने एक तर्क और भी दिया कि पुलिस ने FIR दर्ज करने में देरी की ! बचाव पक्ष के इस तर्क पर कोर्ट का मनाना था कि पुलिस हिंसा को काबू करने पर ज्यादा केंद्रित थी और वो कोविड-19 के नियमावली का पालन भी कर रही थी !

इदृशे प्राथमिकी पंजिकृतुं आवश्यकी साक्ष्यकानां कथने विलंब भवितुं अपरिहार्यमस्ति ! न्यायालयं अकथयत् तत केवलं प्राथमिक्यां विलंबस्याधारे ताहिर हुसैनस्य विरुद्धम् संचित बहूनि साक्ष्यानि अदृष्टिगतम् कर्तुं न शक्नोति !

ऐसे में FIR दर्ज करने के लिए जरूरी गवाहों के बयान में देरी होना लाजमी है ! कोर्ट ने कहा कि सिर्फ FIR में देरी के आधार पर ताहिर हुसैन के खिलाफ जमा तमाम सबूतों को अनदेखा नहीं किया जा सकता है !

अस्मिन् प्रकरणे आरक्षकस्य पक्षम् सर्वकारी अधिवक्ता मधुकर पांडेय: धृतवान ! यद्यपि आरोपिन: प्रति तारा नरूला, सलीम मलिक:, दिनेश कुमार तिवारी, जेड बाबर चौहान शवाना च् वादम् अकुर्वन् !

इस मामले में पुलिस का पक्ष सरकारी वकील मधुकर पांडेय ने रखा ! जबकि आरोपितों की तरफ से तारा नरूला, सलीम मलिक, दिनेश कुमार तिवारी, जेड बाबर चौहान और शवाना ने बहस की !

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