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ओवैसिन् १५ पलक: भ्रात अधुना पूर्णसभायां आरक्षकम् भर्त्सयत् ! ओवैसी के 15 मिनट वाले भाई ने अब भरी सभा में पुलिस को धमकाया !

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तेलंगानायां ३० नवंबर २०२३ तमं विधानसभा निर्वाचनाय मतदानम् भवितमस्ति ! आदर्शाचार संहिता चलति ! तु यस्य पालितुं कथने विधायक अकबरुद्दीन ओवैसिन् एके पूर्णसभायां आरक्षक निरीक्षकम् भर्त्सयत् ! अकबरुद्दीन: एआईएमआईएम इत्या: प्रमुख: लोकसभा सांसद: च् असदुद्दीन ओवैसिण: भ्रात: !

तेलंगाना में 30 नवंबर 2023 को विधानसभा चुनाव के लिए वोट पड़ने हैं ! आदर्श आचार संहिता लागू है ! लेकिन इसका पालन करने के लिए कहे जाने पर विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने एक भरी सभा में पुलिस निरीक्षक को धमकी दी ! अकबरुद्दीन AIMIM के मुखिया और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भाई हैं !

२१ नवंबर २०२३ तमस्य रात्रि अकबरुद्दीन: एकं सभाम् संबोध्यति स्म ! प्रचाराय निश्चित काळम् रात्र्या: १० वादनमासीत् ! तत्र नियुक्त: आरक्षक निरीक्षकः ओवैसिम् सैनम् कृत्वा ज्ञाप्तवान् तत १० वादनकं सन्ति तेन च् स्व सभा संपादित: कर्तुं भविष्यति ! अस्यैव वार्ताम् गृहीत्वा ते आरक्षकाधिकारिनौ खिन्न: अभवत् !

21 नवंबर 2023 की रात अकबरुद्दीन एक सभा को संबोधित कर रहे थे ! प्रचार के लिए तय समय सीमा रात के 10 बजने को थे ! वहाँ तैनात पुलिस निरीक्षक ने ओवैसी को इशारा कर बताया कि दस बजने वाले हैं और उन्हें अपनी सभा खत्म करनी होगी ! इसी बात को लेकर वे पुलिस अधिकारी पर भड़क उठे !

अकबरुद्दीन ओवैसिन् स्वविधानसभा चंद्रयान गुट्टायाः ललिताबाग क्षेत्रे इदम् सभा करोति स्म ! अस्य घटनायाः चलचित्रम् प्रसृतमस्ति ! यस्मिन् ओवैसिम् कथन् शृणुतुं शक्नोति तत तेनावरोधस्य शक्ति ‘किसी माई के लाल’ इत्यां न ! ते कथ्यति तत यदि सः सैनम् कृतवान् तु आरक्षकम् पलायितुं भविष्यति !

अकबरुद्दीन ओवैसी अपनी विधानसभा चंद्रयानगुट्टा के ललिताबाग इलाके में यह रैली कर रहे थे ! इस घटना का वीडियो वायरल है ! इसमें ओवैसी को कहते हुए सुना जा सकता है कि उन्हें रोकने की हिम्मत किसी माई के लाल में नहीं है ! वे कह रहे हैं कि यदि उन्होंने इशारा कर दिया तो पुलिस वाले को भागना पड़ेगा !

चलचित्रे भवान् द्रष्टुम् शक्नोति तत अकबरुद्दीन ओवैसिन् आरक्षकम् अयम् कथमान: मंचतः अधो गन्तुं कथ्यति तताधुनापि १० वादने ५ पलानि अवशेष: ! ते कथ्यति, निरीक्षक महोदयः, घटिकास्ति मम पार्श्व ! गच्छतु, गच्छतु, गच्छतु ! गुलिकायाः, छुरिकायाः वार्ता श्रुत्वा विचार्यतु तत क्षीण: अभवम् !

वीडियो में आप देख सकते हैं कि अकबरुद्दीन ओवैसी पुलिस वाले को यह कहते हुए मंच से नीचे उतरने को कहते हैं कि अभी 10 बजने में 5 मिनट बाकी हैं ! वे कहते हैं, इंस्पेक्टर साहेब, घड़ी है मेरे पास ! चलिए, चलिए, चलिए ! गोली, चाकू की बात सुनकर सोचे कि कमजोर हो गए हैं !

अधुनापि बहु शक्ति, मा वाधयतु ! वृहतागत्वा स्थातु, इदानीम् पंच पलानि, वदिष्यामि ! वदिष्यामि पंच पलानि ! अग्रम् ते कथ्यति, कश्चित मातु: पुत्र: उत्पन्न: नाभवत् मया अवरोधनाय ! सैनम् कृतवान् तु धावितुं भविष्यति ! धाव्यात् ? अहम् भवता अयमेव कथयामि तत इमे इदृशमेवागच्छन्ति अस्माकं सामंजस्यम् क्षीणकर्तुं ! पटु रमन्तु !

अभी भी बहुत हिम्मत है, छेड़ो मत ! बड़े आके ठहरे, अभी 5 मिनट है, बोलूँगा ! बोलूँगा 5 मिनट ! आगे वे कहते हैं, कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ मुझे रोकने के लिए ! इशारा कर दिया तो दौड़ना पड़ेगा ! दौड़ाएँ ? मैं आपसे यही कह रहा हूँ कि ये ऐसे ही आते हैं हमारे इत्तेहाद को कमजोर करने के लिए ! होशियार रहो !

इमे ज्ञायन्ति तत अकबरुद्दीन औवेसीतः समाघातकर्ता कश्चित न, तु इमे प्रत्याशिन: भूत्वागच्छन्ति ! आगच्छतु, दर्शयते ! त्वम् जयसि अहम् वा ! तादृश: इदम् प्रथमदा न यदा ओवैसी बन्धुनौ इति प्रकारम् आरक्षकम् भर्त्सकः दत्तवन्तौ ! यस्मात् पूर्वम् असदुद्दीन ओवैसिन् उत्तर प्रदेशे निर्वाचनी प्रचारस्य काळं अपि आरक्षककर्मिन: भर्त्सयत् स्म !

ये जानते हैं कि अकबरुद्दीन ओवैसी से मुकाबला करने वाला कोई नहीं है, तो ये लोग कैंडिडेट बनकर आ जाते हैं ! आ जाओ, देख लेते हैं ! तुम जीतते हैं या हम ! वैसे यह पहली बार नहीं है जब ओवैसी बंधुओं ने इस तरह पुलिस को धमकी दी है ! इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान भी पुलिसकर्मियों को धमकाया था !

सः अकथयत् स्म तत योगिण: मठम् गमनस्य अनंतरम् त्वत् कः रक्षिष्यति ? दृष्टिगतमस्ति तत अकबरुद्दीन ओवैसिन् स्वविवादपूर्ण कथनानि गृहीत्वा कुख्यात: रमति ! २०१२ तमे इदृशमेव एके कथने सः हिंदुन् १५ पलेभ्यः आरक्षक: निर्वर्तस्य भर्त्सकः दत्तरासीत् !

उन्होंने कहा था कि योगी के मठ चले जाने के बाद तुम्हें कौन बचाएगा ? गौरतलब है कि अकबरुद्दीन ओवैसी अपने विवादित बयानों को लेकर कुख्यात रहे हैं ! 2012 में ऐसे ही एक बयान में उन्होंने हिंदुओं को 15 मिनट के लिए पुलिस हटा लेने की धमकी दी थी !

सः अकथयत् स्म, जनः मुस्लिमम् विभेति ! मोदिनस्ति, मोदिनस्ति, कश्चित कार्यस्य मोदिन् ! एकदा भाग्यनगरमागच्छतु ज्ञापस्यते ! तसलीमा नसरीन आगतवती, कुत्रास्ति कश्चितं न ज्ञातं ! अहम् २५ कोटिन:, त्वम् १०० कोटिन: न, सम्यक् त्वम् तु अस्माभिः इयत् अधिकमसि, १५ पलानि आरक्षकम् निर्वर्तयतु वयं ज्ञापष्यामः तत केषु कति शक्ति !

उन्होंने कहा था, लोग मुसलमान को डरा रहे हैं ! मोदी है, मोदी है, काहे का मोदी ! एक बार हैदराबाद आ जाओ बता देंगे ! तसलीमा नसरीन आई, कहाँ है किसी को नहीं मालूम ! हम 25 करोड़ हैं, तुम 100 करोड़ है न, ठीक है तुम तो हमसे इतने ज्यादा हो, 15 मिनट पुलिस को हटा लो हम बता देंगे कि किसमें कितना दम है !

एकं सहस्रम् किं ? एकं लक्षम् किं एकं कोटिम् कापुरुषा: मेलित्वापि प्रयत्न: कुर्वन्तु तु अपि एकं उत्पादितुं न शक्नोसि इमे च् अस्माभिः समाघातम् कर्तुं न शक्नोन्ति ! यदा मुस्लिम: शक्तिशालिनभवत् तु येषां कापुरुषाणां सैन्यम् आगच्छति !

एक हजार क्या ? एक लाख क्या एक करोड़ नामर्द मिलकर भी कोशिश कर लें तो भी एक को पैदा नहीं कर सकते हो और ये लोग हमसे मुकाबला नहीं कर सकते हैं ! जब मुसलमान भारी पड़ा तो यह नामर्दों की फौज आ जाती है !

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