बांग्लादेशे पीएम मोदिणः मंदिर दर्शने राजनीतिम् ! बांग्‍लादेश में पीएम मोदी के मंदिर दर्शन पर सियासत !

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: बांग्लादेशस्य द्वय दिवसीय भ्रमणात् पुनरागत: ! बांग्लादेश भ्रमणस्य कालम् सः ईश्वरीपुरग्राम स्थित: प्राचीन जेशोरेश्वरी काली मंदिरे पूजनस्य- अर्चनस्य तदा मतुआ समुदायस्य जनै: अपि मेलनम् कृतः !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्‍लादेश के दो दिवसीय दौरे से लौट आए हैं ! बांग्‍लादेश दौरे के दौरान उन्‍होंने ईश्वरीपुर गांव स्थित प्राचीन जेशोरेश्वरी काली मंदिर में पूजा-अर्चना की तो मतुआ समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की !

यस्य भूमिका बङ्ग निर्वाचनेषु महती अवगम्यते ! बांग्लादेशे पीएम मोदिण: मंदिर दर्शनम् गृहित्वा राजनैतिक घातमपि भवन्ति !

जिनकी भूमिका बंगाल चुनावों में अहम समझी जाती है ! बांग्‍लादेश में पीएम मोदी के मंदिर दर्शन को लेकर सियासी हमले भी हो रहे हैं !

यस्मिन् विदेश सचिवः हर्षवर्धन श्रृंगला: स्वच्छतां दत्त: ! सः कथितः तत पीएम मोदिण: मंदिर दर्शनम् व्यापक संदर्भे दर्शनीयः !

जिस पर विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने सफाई दी है ! उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी के मंदिर दर्शन को व्‍यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए !

प्रधानमंत्री यदा २०१५ तमे बांग्लादेशस्य भ्रमणे प्राप्त: स्म, तदापि सः जेशोरेश्वरी काली मंदिरेण सह-सह ओरकांड्याम् ठाकुरबाड़ी गमनस्य इच्छाम् व्यक्त: स्म, तु बहु कारणेभ्यः इदृशं न भवितः स्म !

प्रधानमंत्री जब 2015 में बांग्‍लादेश के दौरे पर पहुंचे थे, तब भी उन्‍होंने जेशोरेश्वरी काली मंदिर के साथ-साथ ओरकांडी में ठाकुरबाड़ी जाने की इच्‍छा जताई थी, लेकिन कई कारणों से ऐसा हो नहीं पाया था !

सम्प्रति अस्य भ्रमणस्य कालमवसरम् लब्धम् तदा प्रधानमंत्री एतेषु मंदिरेषु गतवान ! सः इदमपि कथितः तत दीर्घकालेन प्रायोजित: स्म ! इदम् भारतस्य-बांग्लादेशस्य संयुक्त ऐतिहासिक -सांस्कृतिक धरोहरस्य संदर्भे अपि महत्वपूर्णम् अस्ति !

अब इस दौरे के दौरान मौका मिला तो प्रधानमंत्री इन मंदिरों में गए ! उन्‍होंने यह भी कहा कि यह लंबे समय से प्रायोजित था और यह भारत-बांग्‍लादेश की साझा ऐतिहासिक- सांस्‍कृतिक विरासत के संदर्भ में भी महत्‍वपूर्ण है !

येन कारणम् येन व्यापक सन्दर्भे दर्शनीयः ! विदेश सचिवस्य अयम् कथनं एतानां कथनानां मध्यागतः, यस्मिन् कथ्यते तत प्रधानमंत्री पश्चिम बङ्गे विधानसभा निर्वाचनम् पश्यमानः एतेषु मंदिरेषु गतः !

इसलिए इसे व्‍यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए। विदेश सचिव का यह बयान इन चर्चाओं के बीच आया है, जिनमें कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को देखते हुए इन मंदिरों में गए !

यदि इदृशं नास्ति तदा सः २०१५ तमे अपि एतेषु स्थानेषु किं न गतः ! विशेषतः पश्चिम बङ्गे सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेसम् अस्य प्रकरणम् गृहित्वा भाजपाया: विरुद्धम् प्रहारयुक्त भावे युक्तमस्ति !

अगर ऐसा नहीं है तो वह 2015 में भी इन स्‍थानों पर क्‍यों नहीं गए ! खास कर पश्चिम बंगाल में सत्‍तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस इस मसले को लेकर बीजेपी के खिलाफ हमलावर तेवर अपनाए हुए है !

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